भारत एक ऐसा देश है जहां पर पुत्र प्राप्ति के लोग न जाने क्या क्या करते हैं और पुत्री को बोझ की तरह देखते हैं, वहीं राजस्थान के पिपलांत्री नामक गाँव में पुत्री जन्म को एक उत्सव की तरह मनाते हैं और उसे यादगार बनाने के लिए 111 फलदार वृक्षों का रोपण करते हैं. इस गाँव का यह लड़की बचाओ अभियान अपनी तरह का अनूठा है और पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है.
इस गाँव के लोग पुत्री जन्म के समय 21000 रुपये और परिवार द्वारा 10000 रुपये (कुल 31000 रुपये) 20 साल के लिए फिक्स डिपॉजिट करते हैं ताकि शादी के लायक होने पर पैसे की कमी आड़े न आये.
साथ ही लड़की के माता पिता द्वारा एक एफिडेविट भी साइन कराया जाता है जिसमे लड़की की उचित शिक्षा, और जब तक उम्र न हो तब तक शादी न करने और लड़की के जन्म के समय लगाए गए पौधों की उचित देख रेख करना आवश्यक है.

इसलिए यहां के लोग सिर्फ पेड़ लगाते भर ही नहीं हैं बल्कि उनकी उचित देख भाल भी करते हैं. पेड़ों को दीमक आदि से बचाने के लिए पेड़ों के आस पास एलो-वेरा (घृतकुमारी) के पौधे भी लगाते हैं. ये पेड़ -पौधे और खासकर एलो-वेरा यहां के कई परिवारों के लिए जीविका के साधन भी बन गए हैं.
राखी के दिन इस गाँव में अजब माहौल होता है, राखी के दिन लडकियां पौधों को राखी बांधती हैं.
यह अपने आप में अनूठी परंपरा इस गाँव के श्याम सुन्दर पालीवाल ने शुरू की थी जब उनकी पुत्री छोटी उम्र में ही चल बसी थी. पिछले 6 सालों में यहां पर लगभग 2.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं.

गाँव वालों का कहना है की यहां पर पिछले 7-8 सालों से कोई भी पुलिस केस नहीं हुआ है.
आखिर में, इस गाँव की परंपरा सिर्फ इस गाँव तक ही न रहकर पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में होनी चाहिए. आओ हम सब इस परम्परा का हिस्सा बने और पूरी धरती को हरा भरा बनाएं.
Image Source:
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