Category: खबरें और राजनीति

  • पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में नहीं बल्कि बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है

    पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में नहीं बल्कि बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है

    सबसे पहले तो प्रिय मालिक को देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की बहुत बहुत बधाई.

    पहलवान प्रिया मलिक के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बारे में बहुत सारे वायरल पोस्ट फैल रहे हैं। हाँ, ये सच है उसने स्वर्ण पदक जीता है लेकिन टोक्यो ओलंपिक में नहीं। हकीकत यह है कि प्रिया मलिक ने बुडापेस्ट में कैडेट वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है।

    मीराबाई चानू द्वारा महिला भारोत्तोलन वर्ग में टोक्यो ओलंपिक में भारत का पहला रजत पदक जीतने के बाद, सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हो गया है जिसमें दावा किया गया है कि पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता है।

    प्रिया मलिक को बधाई देने के लिए ट्विटर और फेसबुक जैसी विभिन्न सोशल मीडिया साइटों पर बहुत सारे लोग संदेश साझा कर रहे हैं, इन कैप्शन के साथ, “remember the name #PriyaMalik congratulations for winning gold in wrestling #Olympics #Cheer4India #Tokyo2020”

    विभिन्न एंटी-फेक न्यूज वेबसाइटों ने पाया है कि पहलवान प्रिया मलिक ने गुरुवार 22 जुलाई को बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में 73 किलोग्राम विश्व खिताब में स्वर्ण पदक जीता है। लेकिन टोक्यो ओलंपिक में भारत ने भारोत्तोलन में केवल एक रजत पदक जीता है।

    प्रिया मलिक ने 22 जुलाई को बेलारूस की पहलवान को हराकर 73 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता था।

    प्रिया मलिक हरियाणा के मोखरा गांव से हैं, जिसने कुश्ती में भारत की पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक को दिया है।

    भारत ने अब तक टोक्यो ओलंपिक में भारोत्तोलन में केवल एक रजत पदक जीता है। इसलिए, टोक्यो ओलंपिक में पहलवान प्रिया मलिक के स्वर्ण पदक जीतने का दावा करने वाला वायरल पोस्ट भ्रामक है।

  • टोक्यो ओलंपिक: मीराबाई चानू पर हुई धनवर्षा, सीएम बिरेन सिंह ने की एक करोड़ रुपये नकद देने की घोषणा

    टोक्यो ओलंपिक: मीराबाई चानू पर हुई धनवर्षा, सीएम बिरेन सिंह ने की एक करोड़ रुपये नकद देने की घोषणा

    मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने 49 किलोग्राम कैटेगिरी की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। वह भारत की तरफ से टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

    मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि टोक्यो ओलंपिक के दूसरे दिन रजत पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली सेखोम मीराबाई चानू को राज्य सरकार एक करोड़ रुपये की नकद राशि देगी। बता दें कि 49 किलोग्राम कैटेगिरी की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मीराबाई चानू ने रजत पदक अपने नाम किया। वह भारत की तरफ से टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

    मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने रजत पदक जीतने के लिए मीराबाई चानू को बधाई दी। सीएम ने कहा, ‘हम भारतीयों को आप पर गर्व है। मणिपुर राज्य के लोग 2020 टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों के पदक जीतने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।’ वहीं, मीराबाई ने पदक जीतने के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री से वीडियो कॉल पर बात करते हुए कहा, ‘यह भविष्य में और अधिक पदक जीतने की शुरुआत है। आगामी वर्षों में मैं स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करूंगी।’

    मुख्यमंत्री ने मीराबाई के साथ बातचीत में कहा, ‘मैंने बैठक में यह खबर दी कि मीराबाई चानू ने रजत पदक जीतकर ओलंपिक में भारत का खाता खोला है। यह खबर सुनने के बाद अमित शाह जी बहुत खुश हुए और माइक हाथ में लेकर उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गौरवशाली क्षण है।’ इस दौरान सीएम ने कहा, ‘अब आप रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में टिकट नहीं लेंगी। मैं आपके लिए एक विशेष पद आरक्षित कर रहा हूं। मैं शाम को केंद्रीय गृह मंत्री से मिल रहा हूं। मेरे पास आपके लिए एक सरप्राइज है।’

    Source: Amar Ujala

  • एक सवाल, सवाल क्यों नहीं करते? सवाल करो, पूंछो – हिंदी कविता

    एक सवाल, सवाल क्यों नहीं करते? सवाल करो, पूंछो – हिंदी कविता

    यह कविता मुझे एक पुरानी किताब में मिली. अच्छी लगी तो पोस्ट कर दी. कृपया इस पर विचार जरूर करें.
    सिर्फ दूसरों की मन की बाते मत सुनिए. आपके मन में जो हो वो कहिये. सवाल करिये. पूँछिये, ऐसा क्यों है.

    Ask Questions

    जो हल चलाता है उसके हिस्से में सदा छप्पर ही क्यों आता है?
    जो गोदामों में गेहूं, सरसों भरता है, उसके कोठी बंगले क्यों बन जाते हैं?

    Ask Questions

    शहरों में खूब रौशनी है फिर गाँवों में अँधियारा क्यों है?
    शहरों में चौड़ी सड़के हैं, गाँवों में संकरी गालियां क्यों हैं?
    क्यों रामू, कमरू और हरिया शहर भागते हैं?

    Ask Questions

    पानी कम क्यों हो रहा है? जंगल कौन काट रहा है?
    कटे पेड़ कहाँ जा रहे हैं?

    गाँव के बच्चों का दूध कहाँ जा रहा है?
    आदमी – आदमी के बीच इतना फर्क क्यों है?

    Ask Questions

    कुछ की तोंद इतनी फूली क्यों है?
    हाड तोड़ मेहनत के बाद भी, बहुतों के पेट पिचके क्यों हैं?

    Ask Questions

    जो पत्थर काटते हैं, रिक्शा खींचते हैं, लोहा कूटते हैं,
    उन्हें साफ़ – सुथरे घरों में रहने का हक़ क्यों नहीं है?

    Ask Questions

    इतनी बड़ी दुनिया में कितनी चीजें हैं, कितनी घटनाएं हैं?
    सब कुछ जानने के लिए, सबके बारे में सवाल करो!!

    साभार: अनजान

  • कुंवारे लड़के इस मंदिर से चुरा ले जाते हैं माता पार्वती की मूर्ति को, साल में 1-2 महीने ही रह पाती हैं शिव जी के साथ

    कुंवारे लड़के इस मंदिर से चुरा ले जाते हैं माता पार्वती की मूर्ति को, साल में 1-2 महीने ही रह पाती हैं शिव जी के साथ

    माता पार्वती की मूर्ति चुराने का अजब कारण

    भारत में अनेक प्रकार की रीति रिवाज, परंपरा और मान्यताएं हैं। लेकिन राजस्थान में एक ऐसी मान्यता है कि जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बताते हैं जिसमें शादी के लिए लोग मंदिर से मूर्ति की चोरी करते हैं। मान्यता है कि जिन लड़कों की शादी में कोई परेशानी आ रही है या फिर कुंडली दोष है तो वह मंदिर से माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाए तो उसकी शादी हो जाती है।

    कमाल की बात तो यह है कि मूर्ति चोरी होने पर कोई पुलिस केस भी नहीं होता है। यूं तो शादी नहीं होने पर लोग भगवान और देवी-देवताओं की शरण में जाकर मन्नत मांगते हैं. लेकिन राजस्थान में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां लोग इसके लिए मूर्ति चुराकर भागने का अनोखा तरीका अपनाते हैं. मान्यता है कि इस मंदिर से मूर्ति चुराते ही युवक की जल्द ही शादी हो जाती है. फिलहाल, सावन के आने पहले ही इस मंदिर में देवी की एक मूर्ति गायब है. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी कुंवारे ने मूर्ति को घर में छुपा रखा है.

    आइए जानते हैं इस मंदिर और परंपरा के बारे में..

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    हो जाती है जल्द शादी

    यह अनोखा मंदिर राजस्थान के बूंदी जिले के हिंडोली कस्बे में स्थित है। यहां रामसागर झील किनारे रघुनाथ घाट मंदिर से अगर कोई कुंवारा लड़का माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाए तो उसकी शादी जल्द हो जाती है।

    महीनों गायब रहती हैं माता पार्वती

    यही कारण है कि कुंवारे लड़के रात में चुपचाप मूर्ति उठा ले जाते हैं। इसी कारण शिव मंदिर में रहते हैं और माता पार्वती महीने भर तक गायब रहती हैं। सालभर में मुश्किल से एक महीने के लिए मूर्ति मंदिर में रहती है। मंदिर में महादेव (शिवलिंग) के बगल में ही पार्वतीजी की मूर्ति स्थापित है। पर महादेव जोड़े के साथ कम ही नजर आते हैं, क्योंकि कुंवारे पहले से ताक में रहते हैं। फिलहाल, सावन के पहले से पार्वतीजी महादेव से बिछुड़ी हुई हैं। वे किसी कुंवारे के घर होम क्वारैंटाइन में हैं।

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    ऐसे में समय में भी ले गए मूर्ति

    आपको जानकर हैरानी होगी लॉकडाउन के समय में भी किसी ने मूर्ति को चुरा लिया है। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते इस बार अक्षय तृतीया जैसे मुहूर्त पर भी शादियां नहीं हुईं। अगर लॉकडाउन नहीं टूटा तो शादियां भी नहीं होंगी और जुलाई से चार महीने के लिए देव सो जाएंगे।

    सालभर होती रहती है मूर्ति चोरीइस स्थिति में उम्मीद कम ही है कि महादेव के पास माता पार्वती वापस आ पाएंगी। स्थानिय पुजारी ने बताया है कि इस मंदिर में सालभर ऐसा होता रहता है। बहुत ही कम समय होता है कि मंदिर में शिव और पार्वती एकसाथ दर्शन देते हैं।

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    नहीं होती पुलिस शिकायत

    पिछले 35 साल से मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा दे रहे रामबाबू पाराशर बताते हैं कि अब तक 15-20 बार पार्वतीजी की मूर्ति चोरी हो चुकी है। चुराने वालों की शादियां भी हो चुकी हैं। हमें चोरी का पता चल भी जाता है तो भी किसी को टोकते नहीं। चुराई हुई मूर्ति महीनों तक छिपाकर रख देते हैं और संयोग यह है कि सभी चुराने वाले कुंवारों की शादियों भी हो चुकी हैं। साथ ही इस परंपरा के तहत कोई भी पुलिस से शिकायत दर्ज नहीं करता।

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    इस बार करना पड़ सकता है इंतजार

    मंदिर में मूर्ति चुराने का कार्य अधिकतर रात के समय अंधेरे में किया जाता है। शादी के बाद जब मूर्ति वापस मंदिर में आ जाती है, उसके बाद कोई दुसरा कुंवारा लड़का मूर्ति को चुरा ले जाता है। कतार में लगे कुंवारों को इस बार लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।”

     

    Source: https://navbharattimes.indiatimes.com/astro/photo/unmarried-boys-steal-the-murti-of-mata-parvati-from-this-temple-78508/6/

  • BSP सुप्रीमो के एक दांव से बढ़ी विपक्षी दलों की परेशानी, चलेगा ‘ब्राह्मण भाईचारा’ अभियान, दिलाएंगे 2007 की याद

    BSP सुप्रीमो के एक दांव से बढ़ी विपक्षी दलों की परेशानी, चलेगा ‘ब्राह्मण भाईचारा’ अभियान, दिलाएंगे 2007 की याद

    बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) बूथ स्तर पर ब्राह्मण वोटरों को साधने की तैयारी कर रही है। बीएसपी (BSP) बूथ स्तर पर ब्राह्मण भाईचारा अभियान की चलाने जा रही है। बीएसपी कार्यकर्ता ब्राह्मण परिवारों के घर-घर जाकर 2007 की याद दिलाएंगे। मायावती (Mayawati) के इस दांव ने विपक्षी पार्टियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    सुमित शर्मा, कानपुर
    यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ब्राह्मण वोट कार्ड (Brahmin Vote Card) चल कर विपक्षी पार्टियों को चारो खाने चित्त करने का प्लान बनाया है। बीएसपी को विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में सबसे से कमजोर पार्टी माना जा रहा था। बीएसपी ने अयोध्या में प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठ कर चुनावी शंखनाद करने के साथ ही विधानसभा चुनाव में जोरदार वापसी की है। वहीं बीएसपी कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा का संचार देखने को मिल रहा है। बीएसपी बूथ स्तर पर ब्राह्मण-भाईचारा अभियान की शुरूआत करने जा रही है।

    बीएसपी सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) को राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। बहुजन समाज पार्टी में मायावती के अलावा कोई दूसरा बड़ा चेहरा नहीं है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती के अड़ियल रवैए की वजह से सभी सहयोगी उनका साथ छोड़कर चले गए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर और लालजी वर्मा सरीखे नेता बसपा को बोझ लगने लगे थे। विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के निष्कासन का असर प्रदेश के समस्त जिलों में देखने को मिलने लगा था। पार्टी को जमीनी स्तर पर गहरा धक्का लगा है। लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती के एक दांव ने विरोधियों को चारो खाने चित्त करते हुए, पार्टी में नया जोश भर दिया है।

    बहन जी का संदेश देंगे
    बीएसपी नेता ने नाम नहीं खोलने की शर्त पर बताया कि कानपुर मंडल में 27 विधानसभा सीटें हैं। बीएसपी कार्यकर्ता बूथों में जाकर ब्राह्मण-भाईचार अभियान की शुरूआत करेंगे। बूथ स्तर पर ब्राह्मण परिवारों को बहनजी का संदेश देंगे। ब्राह्मणों का मान सम्मान सिर्फ बहुजन समाज पार्टी में है। बीजेपी, कांग्रेस, सपा समेत अन्य दलों ने सिर्फ ब्राह्मण वर्ग का इस्तेमाल किया है। बहुजन समाज और ब्राह्मण भाईचारा ही प्रदेश को विकास के पथ पर ले जा सकता है।

    2007 की दिलाएंगे याद
    उन्होंने बताया कि बूथ स्तर पर ब्राह्मण वोटरों के घर-घर जाकर, बीएसपी में ब्राह्मणों की भागीदारी के संबंध में बताएं। उन्हे 2007 के विधानसभा चुनाव की याद दिलाएंगे। 2007 में ब्राह्मण वोटरों के सहयोग से बीएसपी की सरकार बनी थी, बहनजी के कार्यकाल में प्रदेश का विकास चारो तरफ विकास हुआ था। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बहन जी पांचवी का बार मुख्यमंत्री बनना तय है। यूपी में बीजेपी की सरकार है, इस कार्यकाल में ब्राह्मणों को नजरंदाज किया।

    बेकसूर बेटी को बीएसपी दिलाएगी न्याय
    बिकरू कांड में बेकसूर खुशी दुबे (Khushi Dubey) को जेल में डाल दिया। खुशी पर गंभीर धाराओं में मुकदमें दर्ज किए गए। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) अपराधी था, तो उसे पकड़कर अदालत के सामने पेश करते। विकास दुबे समेत उसके 6 साथियों को एनकांउटर में मार दिया गया। यह ब्राह्मणों के साथ अत्याचार है। खुशी दुबे का केस अभी तक ब्राह्मणसभा लड़ रही थी। लेकिन अब बीएसपी खुशी दुबे का केस लड़ेगी।

    ब्राह्मण वोटरों को साधने में जुटी पार्टियां
    उत्तर प्रदेश में 16 फीसदी ब्राह्मण हैं, जो किसी भी राजनीतिक पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने का दम रखते हैं। बीएसपी सुप्रीमो ने मायावती को 2007 में ब्राह्मण वोट बैंक ने सत्ता तक पहुंचाया था। यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बहुत ही कम समय बचा है। एसपी, बीएसपी और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां इस बात को जानती हैं कि ब्राह्मण वोट बैंक एक बड़ा हिस्सा प्रदेश सरकार से नाराज है। इसका फायदा उठाते हुए सभी राजनीतिक दल ब्राह्मण वोटरों को साधने में जुटे हैं।

    Source: Navbharat Times

  • ये इमारतें देखकर हिल जाएंगे आप – दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब इमारतें

    ये इमारतें देखकर हिल जाएंगे आप – दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब इमारतें

    दुनिया का हर बड़ा शहर अपनी ऊंची-ऊँची इमारतों के लिए मशहूर है. लेकिन हम यहां आपके लिए लाये हैं देश और दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब इमारतें.
    इन्हें देखिये और मुस्कराइए की आप भारत में हैं.

    जूते के आकार का चर्च, ताइवान

    Amazing and Funny Buildings
    स्थानीय सरकार ने चिआई, ताइवान में सिंड्रेला के ऊँची एड़ी वाले जूते के आकार में 55 फीट ऊंची (16.8 मीटर) और 36 फीट चौड़ी (11 मीटर) कांच चर्च बनाया। चर्च के डिजाइन, जिसे 686,000 अमेरिकी डॉलर की लागत से दो महीने में बनाया गया था, स्थानीय महिला की कहानी से प्रेरित है, जिसकी शादी उसके पैरों के ख़राब होने के बाद तोड़ दी गयी थी। यह 8 फरवरी, 2016 को जनता के लिए खोला गया।

    स्टोन हाउस, पुर्तगाल

    Amazing and Funny Buildings
    यह फ्लिंटस्टोन-प्रेरित घर 1 9 74 में चार अलग-अलग पत्थरों के साथ बनाया गया था। घर के भीतर बिजली के बिना, मकान मालिक मोमबत्ती की रोशनी का उपयोग करते हैं।

    अपसाइड डाउन हाउस, पोलैंड

    Amazing and Funny Buildings
    Szymbark में शैक्षिक और क्षेत्रीय संवर्धन केंद्र के लिए बनाया गया, यह संरचना माउंट Wiezyca पर स्थित है।

    टॉयलेट हाउस, दक्षिण कोरिया

    Amazing and Funny Buildings
    सियोल के दक्षिण में 24 मील (40 किमी) दक्षिण में सुवन में यह स्टील और कांच के शौचालय के आकार का घर है, जिसका स्वामित्व दक्षिण कोरियाई स्वच्छता कार्यकर्ता सिम जे-डक है और इसे वर्ल्ड टॉयलेट एसोसिएशन के लॉन्च के लिए बनाया गया था।

    हवाई जहाज घर, नाइजीरिया

    Amazing and Funny Buildings
    अबूजा का घर अपनी पत्नी के लिए एक शहरी योजनाकार द्वारा डिजाइन किया गया था, जो बहुत यात्रा करना पसंद करती थी। वह एक हवाई जहाज जैसा कुछ बनाना चाहता था। नतीजा: एक डिज़ाइन दिखा रहा है जैसे एक एयरलाइनर घर के ऊपर उतरा है।

    शिप हाउस, क्रोएशिया

    Amazing and Funny Buildings
    एक जहाज की तरह बनाया गया, यह घर सिस्ता वेलिका में स्थित है और एक बार एक संपन्न रेस्तरां था।

    कान्सास सिटी पब्लिक लाइब्रेरी, अमेरिका के सामुदायिक बुक्सहेल्फ

    Amazing and Funny Buildings
    कान्सास सिटी डाउनटाउन की एक उल्लेखनीय और प्रसिद्ध विशेषता, सामुदायिक बुकशेल्फ़ में साइनबोर्ड माइलर से बने पुस्तक कताई शामिल हैं। बीस पुस्तक के शीर्षक का प्रतिनिधित्व किया गया है।

    क्यूब हाउस, नीदरलैंड्स

    Amazing and Funny Buildings
    कलाकार पिट ब्लॉम ने रॉटरडैम और हेल्मंड में अभिनव घरों के इस संग्रह का निर्माण किया। इमारतों को इस विचार के आधार पर डिजाइन किया गया था कि प्रत्येक घर में पेड़ दर्शाया जाता है, और सभी घर एक साथ जंगल का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    दार अल-हाजर, यमन

    Amazing and Funny Buildings
    दर अल-हाजर रॉक महल यमन की सबसे प्रतिष्ठित जगहों में से एक है। राजधानी साना से नौ मील (15 किमी) स्थित है और वादी धार की घाटी को देखकर एक संकीर्ण चट्टान शिखर पर उच्च बनाया गया है, यह यमन के पूर्व शासक इमाम याह्या मोहम्मद हामिद एड-दीन का ग्रीष्मकालीन महल था।

    बबल पैलेस, फ्रांस

    Amazing and Funny Buildings
    ले पालाइस बुल्स, या द बबल पैलेस, फ्रांसीसी रिवेरा में थेउले-सुर-मेर में एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है, जो भूमध्य सागर को देखता है। फ्यूचरिस्टिक हवेली, घूर्णन वाले फर्श वाले गोलाकार कमरे, फ्रेंच-इतालवी फैशन डिजाइनर पियरे कार्डिन और वास्तुकार एंटी लोवाग द्वारा डिजाइन की गई है।

    वूडन स्काईस्क्रेपर्स, रूस

    Amazing and Funny Buildings
    रूस के अर्खांगेलस्क में यह 144 फुट (43 मीटर) लकड़ी का घर लकड़ी के बने दुनिया में सबसे ऊंचा माना जाता है। स्थानीय उद्यमी और गैंगस्टर, निकोले सूटागिन ने जापान और नॉर्वे में लकड़ी के बने विभिन्न घरों से प्रेरित होने के बाद इस संरचना का निर्माण किया।

    मगरमच्छ घर, आइवरी कोस्ट

    Amazing and Funny Buildings
    अजीब मुस्कुराते हुए सरीसृप संरचना मे खिड़कियां और बिस्तर है मगर अंदर से खोखला हैं। कलाकार मुसा कालो द्वारा डिजाइन किया गया, यह घर पूरी तरह से रहने योग्य है औरअबिजन पड़ोस का एक बड़ा आकर्षण है।

    कुंस्टहाउस ग्राज़, ऑस्ट्रिया

    Amazing and Funny Buildings
    विश्व प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स पीटर कुक और कॉलिन फोरनियर द्वारा डिजाइन किया गया, संग्रहालय में पारदर्शी त्वचा और कम्प्यूटरीकृत प्रकाश व्यवस्था के साथ एक बायोमोर्फिक आकार है। ग्राज़, ऑस्ट्रिया का एक शानदार प्रतीक, यह दुनिया भर के आगंतुकों और कला प्रेमियों को आकर्षित करता है।

    एंटरप्राइज़, चीन

    Amazing and Funny Buildings
    “स्टार ट्रेक” श्रृंखला के प्रशंसक लियू डीजियन ने प्रतिष्ठित यूएसएस एंटरप्राइज़ स्पेसशिप के आकार में अपनी कंपनी, नेटड्रैगन वेबसाइट्स का मुख्यालय बनाया।

    वॉल्ट डिज़्नी कॉन्सर्ट हॉल, अमेरिका

    Amazing and Funny Buildings
    द्वारा डिजाइन किया गया था। यह लगभग 2,265 लोगों को समायोजित कर सकता है। संरचना में एक शास्त्रीय जूते बॉक्स है, जिसमें हॉल एक बड़े संगीत कार्यक्रम की विशेषता है।

    Atomium, Belgium/एटमियम, बेल्जियम

    Amazing and Funny Buildings
    मूल रूप से 1 9 58 ब्रसेल्स वर्ल्ड मेले के लिए बनाया गया यह संरचना 335 फीट (102 मीटर) है, और इंजीनियर एंड्रे वाटरकीन और आर्किटेक्ट एंड्रे और जीन पोलाक द्वारा डिजाइन किया गया था। वर्तमान में इसे एक प्रदर्शनी हॉल के रूप में उपयोग किया जाता है और इसमें एक रेस्तरां भी है।

    क्रुक्ड हाउस, पोलैंड

    Amazing and Funny Buildings
    2004 में निर्मित, यह इमारत रेजीडेंट वाणिज्यिक परिसर का हिस्सा है। डिज़ाइनर, स्ज़ोटान्स्सी और ज़ैलेस्की ने इस अनूठी संरचना को संकल्पना देते हुए परी कथाओं से अपनी प्रेरणा ली।

    डांसिंग हाउस, चेक रिपब्लिक

    Amazing and Funny Buildings
    नेशनल-नेडरलैंड इमारत, जिसे डांसिंग हाउस उपनाम दिया गया था, आर्किटेक्ट्स Vlado Milunić और फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया था। इसका ऐतिहासिक महत्व है और 1 99 6 में निर्माण के लिए इसकी अवधारणा के बाद चार साल लग गए।

    रिप्लीज बिलीव इट और नॉट म्यूजियम, कनाडा

    Amazing and Funny Buildings
    इस इमारत का डिजाइन मताधिकार का सुंदर प्रतीकात्मक है और यह विचित्र और अविश्वसनीय है।

    गुगेनहेम संग्रहालय, स्पेन

    Amazing and Funny Buildings
    यह संग्रहालय वास्तुकार फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया था। गेहरी के मुताबिक इमारत के मुखौटे पर वक्र यादृच्छिक दिखने के लिए बनाए गए थे, और “प्रकाश पकड़ने के लिए डिजाइन किए गए थे।” संरचना की तरह, घरों में संग्रह अत्याधुनिक हैं।

    Source: https://bit.ly/3hQdMUW

    अभी तो बहुत कुछ बाकी है, देखते जाइये:

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    अब कुछ निराले घर हमारे देश के

    Amazing and Funny Buildings

    बंटवारे में इतनी ही जगह मिली तो क्या करते.

    Amazing and Funny Buildings

    काम जगह का अच्छा सदुपयोग.

    Amazing and Funny Buildings

    इस आर्किटेक्ट को एक सलाम तो बनता है.

    Amazing and Funny Buildings

    वाह क्या मुजस्सिमा बनाया है.

    Amazing and Funny Buildings

    इस कारीगर के तो हाथ चूम लेने चाहिए.

    Amazing and Funny Buildings

    रबर है तो ड्यूरेबल तो होगी ही.

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    अब हो जाए कुछ पानी की टंकियों की बात.

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    Amazing and Funny Buildings

    साभार: सभी इमेज गूगल के सौजन्य से.

  • जगन्नाथ मंदिर 25 जुलाई को जनता के लिए खुलेगा

    जगन्नाथ मंदिर 25 जुलाई को जनता के लिए खुलेगा

    पुरी, 16 जून (भाषा) पुरी का प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर 25 जुलाई को जनता के लिए खुलेगा। यह जानकारी प्राधिकारियों ने बुधवार को दी।

    मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने कहा कि यह निर्णय श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर 15 जून तक भक्तों के लिए बंद था, जिसे 25 जुलाई तक बढ़ा दिया गया।

    रथ यात्रा उत्सव पूरा होने के दो दिन बाद मंदिर जनता के लिए खुलेगा।

    भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ 23 जुलाई को नौ दिवसीय रथयात्रा उत्सव के बाद मंदिर लौटेंगे।

    उन्होंने कहा, ‘‘भक्तों को दो दिन बाद मंदिर में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा।’’

    कुमार ने कहा कि हालांकि, एसजेटीए 24 या 25 जुलाई को फिर से बैठक करेगा और मौजूदा स्थिति के आधार पर जनता को अनुमति देने पर फैसला करेगा।

    24 जून को स्नान यात्रा (स्नान उत्सव) और 12 जुलाई को रथ यात्रा राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार भक्तों के बिना, कोविड-19 दिशानिर्देशों के पालन के साथ आयोजित की जाएगी।

    कुमार ने कहा कि रथ यात्रा सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में सेवादारों की भागीदारी से होगी।

    उन्होंने कहा कि उत्सव में भाग लेने वाले सेवकों को टीकाकरण की दोनों खुराकों का प्रमाण पत्र या कोविड निगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

    जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि त्योहार के दौरान पुरी में निषेधाज्ञा लागू की जाएगी।

    एसजेटीए ने एक अलग बैठक में जगन्नाथ मंदिर में आठ दरवाजों पर चांदी की परत चढ़ाने के लिए दो समितियों का गठन करने का भी निर्णय लिया। उनमें से एक तकनीकी समिति होगी और दूसरी सेवादारों का प्रतिनिधित्व करेगी।

     

    कुमार ने कहा कि एक दानदाता चांदी प्रदान करेगा। कुमार ने कहा कि लगभग दो टन धातु का उपयोग होने की संभावना है।

    पीटीआई-भाषा संवाददाता

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • कोविशील्ड की खुराकों के बीच अंतराल को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है: अरोड़ा

    कोविशील्ड की खुराकों के बीच अंतराल को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है: अरोड़ा

    नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के कोविड-19 संबंधी कार्यसमूह के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा है कि आंशिक टीकाकरण तथा पूर्ण टीकाकरण की प्रभावशीलता के बारे में सामने आ रहे साक्ष्यों पर विचार किया जा रहा है और यह मंथन भी चल रहा है कि क्या भारत को कोविड-19 रोधी टीके कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतराल को घटाकर फिर से चार से आठ हफ्ते कर देना चाहिए।

    कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतराल

    अरोड़ा ने कहा कि कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतराल को 4-6 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने का फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया था और इस बारे में एनटीएजीआई के सदस्यों के बीच कोई मतभेद नहीं थे।

    उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 और टीकाकरण परिवर्तनशील हैं। कल को यदि टीका निर्माण तकनीक (वैक्सीन प्लेटफॉर्म) में कहा जाता है कि टीके की खुराकों के बीच अंतराल कम करना लोगों के लिए फायदेमंद है चाहे इससे महज पांच या दस फीसदी ही अधिक लाभ मिल रहा हो तो समिति गुण-दोष के आधार तथा ज्ञान के बूते पर इस बारे में फैसला लेगी। वहीं दूसरी ओर, यदि ऐसा पता चलता है कि वर्तमान फैसला सही है तो हम इसे जारी रखेंगे।’’

    खुराकों के बीच अंतराल कम करना

    स्वास्थ्य मंत्रालय के वक्तव्य के मुताबिक अरोड़ा ने डीडी न्यूज को बताया कि टीके की खुराकों के बीच अंतर बढ़ाने का आधार ‘‘एडेनोवेक्टर टीकों’’ से जुड़े बुनियादी वैज्ञानिक कारण थे।

    अप्रैल माह के अंतिम हफ्ते में ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी ‘पब्लिक हैल्थ इंग्लैंड’ ने आंकड़े जारी कर बताया था कि टीके की खुराक के बीच 12 हफ्ते का अंतराल होने पर इसकी प्रभावशीलता 65 से 88 फीसदी के बीच रहती है।

    खुराकों के बीच अंतराल बढ़ा

    अरोड़ा ने कहा, ‘‘इसी वजह से वे अल्फा स्वरूप के प्रकोप से बाहर आ सके। वहां टीके की खुराकों के बीच अंतर 12 हफ्ते रखा गया था। हमारा सोचना था कि यह एक अच्छा विचार है और इस बात के बुनियादी वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं कि अंतराल बढ़ाने पर एडेनोवेक्टर टीके बेहतर परिणाम देते हैं। इसलिए टीके की खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते करने का 13 मई को फैसला लिया गया।

    उन्होंने कहा कि कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच अंतराल को बढ़ाने का निर्णय वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर पारदर्शी तरीके से लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में समूह के सदस्यों के बीच कोई मतभेद नहीं था।

    सरकार ने 13 मई को कहा था कि उसने कोविड-19 कार्यकारी समूह की अनुशंसाओं को स्वीकार करते हुए कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच के अंतराल को 6-8 सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह कर दिया है।

    बयान के मुताबिक अरोड़ा ने कहा कि कनाडा, श्रीलंका और कुछ अन्य देशों के उदाहरण भी हैं जहां एस्ट्राजेनेका टीके के लिए 12 से 16 हफ्ते का अंतराल रखा गया है।

    उन्होंने बताया, ‘‘खुराकों के बीच अंतर बढ़ाने का जब हमने फैसला लिया उसके दो से तीन दिन बाद ब्रिटेन से खबरें आईं कि एस्ट्राजेनेका टीके की एक खुराक से महज 33 फीसदी बचाव ही होता है जबकि दो खुराकों से 60 फीसदी तक बचाव होता है। मई माह के मध्य से ही यह विचार विमर्श चल रहा है कि क्या भारत को खुराकों के बीच अंतराल फिर से चार से आठ हफ्ते कर देना चाहिए।’’

    आंशिक टीकाकरण की पूर्ण टीकाकरण से तुलना

    उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ में हुए एक अध्ययन का जिक्र किया जिसमें आंशिक टीकाकरण की पूर्ण टीकाकरण से तुलना की गई। इस अध्ययन में स्पष्ट रूप से बताया गया कि आंशिक टीकाकरण और पूर्ण टीकाकरण दोनों की प्रभावशीलता 75 फीसदी है। यह अध्ययन अल्फा स्वरूप के संबंध में किया गया था जो पंजाब, उत्तर भारत और दिल्ली में पाया गया था।

    अरोड़ा ने बताया कि सीएमसी वेल्लोर में हुए अध्ययन के परिणाम भी इसके समान ही हैं जिसमें बताया गया कि कोविशील्ड के आंशिक टीकाकरण से 61 फीसदी तक बचाव हो सकता है और दो खुराकों से 65 फीसदी तक बचाव होता है।

    पीटीआई-भाषा संवाददाता

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

     

  • ट्विटर को डिजिटल मीडिया संबंधी नए आईटी नियमों का पालन करना होगा: उच्च न्यायालय

    ट्विटर को डिजिटल मीडिया संबंधी नए आईटी नियमों का पालन करना होगा: उच्च न्यायालय

    दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि यदि डिजिटल मीडिया संबंधी नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों पर रोक नहीं लगाई गई है तो ट्विटर को इनका पालन करना होगा।

    इस टिप्पणी के साथ ही न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने अधिवक्ता अमित आचार्य की याचिका पर केंद्र और सोशल मीडिया मंच ट्विटर को नोटिस जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

    आचार्य ने अपनी याचिका में दावा किया है कि ट्विटर ने नियमों का पालन नहीं किया है।

    दूसरी ओर, ट्विटर ने अदालत के समक्ष दावा किया कि उसने नियमों का पालन किया है और एक शिकायत निवारण स्थानीय अधिकारी नियुक्त किया है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दावे को गलत ठहराया।

    अदालत ने कहा, ‘‘यदि इन (नियमों) पर रोक नहीं लगाई गई है, तो उन्हें इसका पालन करना होगा।’’

    आचार्य ने वकील आकाश वाजपेयी और मनीष कुमार के जरिए दर्ज कराई गई याचिका में कहा कि जब उन्होंने कुछ ट्वीट के बारे में शिकायत दर्ज करवाने का प्रयास किया, तब उन्हें सरकारी नियमों का अनुपालन कथित रूप से नहीं किए जाने के बारे में पता चला।

    सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के स्थायी वकील रिपुदमन सिंह भारद्वाज ने अदालत से कहा कि ट्विटर ने नियमों का पालन नहीं किया है।

    याचिका में कहा गया है कि ट्विटर ने शिकायत निवारण स्थानीय अधिकारी नियुक्त करने संबंधी केंद्र के आईटी कानून के नियम का पालन नहीं किया है। इसमें अनुरोध किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को इस नियम का अविलंब पालन करने का निर्देश दिया जाए।

    याचिका में कहा गया है कि नए आईटी नियम 25 फरवरी को प्रभाव में आए तथा केंद्र ने ट्विटर समेत सभी सोशल मीडिया मंचों को इनका पालन करने के लिए तीन महीने का वक्त दिया था।

    याचिका में कहा गया कि यह अवधि 25 मई को समाप्त हो गई लेकिन ट्विटर ने इस मंच पर ट्वीट से जुड़ी शिकायतों को देखने के लिए आज तक शिकायत निवारण स्थानीय अधिकारी की नियुक्ति नहीं।

    याचिका में केंद्र को भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि वह आईटी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करे।

    ट्विटर ने हाल में नए आईटी नियमों की आलोचना की थी और कहा था कि ये नियम ‘‘मुक्त और खुली सार्वजनिक बातचीत को रोकते हैं।’’

    इस पर प्रतिक्रिया में केंद्र ने कहा था कि ट्विटर भारत को बदनाम करने के लिए निराधार और झूठे आरोप लगा रहा है।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म कई बार अश्लील सामग्री प्रसारित करते हैं: न्यायालय

    कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म कई बार अश्लील सामग्री प्रसारित करते हैं: न्यायालय

    उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘ओवर दी टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म’ पर कई बार किसी न किसी तरह की अश्लील सामग्री दिखाई जाती है और इस तरह के कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए एक तंत्र की आवश्यकता है।

    न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह सोशल मीडिया के नियमन संबंधी सरकार के हालिया दिशा-निर्देशों के बारे में शुक्रवार को जानकारी दें। इसी दिन अमेजन प्राइम की इंडिया प्रमुख अर्पणा पुरोहित की याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी।

    पीठ ने कहा, ‘‘संतुलन कायम करने की आवश्यकता है क्योंकि कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री भी दिखाई जा रही है।’’

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.