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क्या कोई समय चुरा सकता है? आइये देखते हैं, कैसे करते हैं लोग समय की चोरी

आपने लोगों को टाइम पास करते सुना होगा, समय काटते, समय बर्बाद करते सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी सुना है की लोग समय की चोरी भी करते हैं. हाँ जी आपने सही सुना, बहुत सारे लोग करते हैं समय की चोरी. हो सकता है आप में से भी कुछ लोग समय चुराते हों.

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आपने लोगों को टाइम पास करते सुना होगा, समय काटते, समय बर्बाद करते सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी सुना है की लोग समय की चोरी भी करते हैं.

 

हाँ जी आपने सही सुना, बहुत सारे लोग करते हैं समय की चोरी. हो सकता है आप में से भी कुछ लोग समय चुराते हों.

 

आइये देखते हैं कैसे….

 

क्या कभी आप सरकारी ऑफिस में गए हैं? वहाँ पर कितने कर्मचारी अपना काम करते दिखते हैं, या फिर अपनी कुर्सी पर मिलते हैं? समझ लीजिये जो काम नहीं कर रहा है वह समय की चोरी कर रहा है.

 

सरकार उनको 8 या 9 घंटे काम करने की तनख्वाह देती है लेकिन क्या वो अपना काम ईमानदारी से करते हैं?

 

यह हाल सिर्फ सरकारी ऑफिसों का ही नहीं है बल्कि प्राइवेट सेक्टर में भी लोग जम कर समय चुराते हैं.

 

लोग कैसे कैसे तरीके आजमाते हैं समय चुराने के लिए:

 

  1. लंच टाइम या ब्रेक को लम्बा खींचना: अगर कोई कर्मचारी रोज-रोज लंच टाइम ख़त्म होने के बाद भी सीट पर नहीं मिलता है तो समझ लीजिये वो समय चुरा रहा है. सरकारी स्कूल हों या सरकारी ऑफिस, शायद ही कोई समय चोरी न करता हो.

 

  1. दूसरे कर्मचारी की उपस्थिति लगाना: इसे अंग्रेजी में Buddy Punching कहते हैं. अगर कोई कर्मचारी देरी से आता है तो दूसरा सहयोगी उसकी उपस्थिति लगा देता है. यह भी समय चोरी का उपाय है. इस तरह की समय चोरी को कम करने के लिए प्राइवेट सेक्टर जहां सीसीटीवी कैमरा और फिंगर प्रिंट सेंसर का उपयोग करने लगे हैं वहीँ सरकारी ऑफिसों में भी इस तरह की इलेक्ट्रॉनिक मशीनो का उपयोग शुरू हो गया है. लेकिन सरकारी ऑफिस में अगर ये मशीन अगर एक बार खराब हुई तो उसे ठीक होने में भी कई साल लग सकते हैं. क्यूंकि मशीन ठीक करने वाले भी तो समय चुराते हैं.

 

  1. कंपनी के डाटा/इंटरनेट को दूसरे कामों में खर्च करना: आजकल सोशल मीडिया का दौर है और हर कोई फेसबुक और व्हाट्सएप्प चला रहा है. लेकिन इन निजी कामों को भी लोग कंपनी के इंटरनेट से ही करते हैं, और साथ ही कंपनी जिस काम के लिए उन्हें सैलरी दे रही है उस काम के बजाय फेसबुक चलाते हैं. इस तरह की समय चोरी कम करने के लिए कंपनी आजकल कर्मचारियों के कम्प्यूटर पर सोशल साइट्स को ब्लॉक कर रही हैं.

 

  1. ऑफिस में गप्पे मारना: अगर कोई कर्मचारी ऑफिस के समय में गप्पे मार रहा है तो इसका सीधा मतलब है वह दोगुना समय चोरी कर रहा है, अपना तो कर ही रहा है साथ ही एक और कर्मचारी को अपने साथ गप्प मारकर समय चोरी करवा रहा है. इस तरह का माहौल दूसरे कर्मचारियों की एकाग्रता भंग करता है जो काम कर रहे होते हैं.

 

  1. टाइम कार्ड भूलना या खो जाना: समय चोरी रोकने के लिए टाइम कार्ड का इस्तेमाल आजकल चलन में है. लेकिन कुछ घाघ लोग इसकी भी काट निकाल लेते हैं. वह हर दूसरे दिन “टाइम कार्ड घर भूल आया” या “टाइम कार्ड खो गया” जैसे बहाने बनाते हैं.

 

  1. काम को समय पर पूरा न करना: अगर किसी कर्मचारी के सामने फाइलों का ढेर लगा है तो इसका मतलब सिर्फ यह नहीं है की वह बहुत काम करता है, इसका एक मतलब ये भी हो सकता है कि वो बिलकुल काम न करता हो. या फिर समय चोरी कर आज के काम को कल पर छोड़ता हो और कुछ समय पश्चात् न किया कुआ काम उसके मेज पर फाइलों के ढेर के रूप में दिखाई देने लगता है.

 

  1. मीटिंग के बहाने समय चुराना: बेमतलब की मीटिंग को लम्बा खींचकर भी समय चोरी करते हैं लोग.

Time Theft

  1. ऑफिस के समय को निजी कामों में खर्च करना: अगर इमरजेंसी को छोड़ दे तो भी लोग ऑफिस टाइम में लोग खूब फ़ोन पर बाते करते हैं या फिर अपना निजी काम करते हैं. प्राइवेट ऑफिसों में तो कई जगह फ़ोन को ऑफिस के गेट पर ही जमा करवा लिया जाता है.

 

  1. उस कर्मचारी की सहायता करना जिसे सहायता कि जरूरत न हो: किसी काम को अगर एक कर्मचारी कर रहा है और जानबूझ कर दूसरा कर्मचारी उस काम में पहले कर्मचारी कि सहायता कर रहा है तो इसका साफ़ मतलब है कि वो भी समय चोरी कर रहा है.

 

Source: http://rmagazine.com/time-theft-10-ways-employees-stretch-time-at-work/

Image Source: komiclogic.com, mynbc5.com

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