लोकसभा (Parliament) का मतदान ख़त्म हो चुका है. अब 23 मई तक एग्जिट पोल (Exit Polls) की धूम रहेगी. असल रिजल्ट आएंगे 23 मई तक, हो सकता है एग्जिट पोल के अनुसार या कुछ चौकाने वाले. अभी तक के सर्वे के अनुसार भाजपा (BJP) पूर्ण बहुमत में दिखाई दे रही है.
एग्जिट पोल के नतीजे सिर्फ कयास भर हैं क्यूंकि कई बार एग्जिट पोल के आंकड़े मैच किये हैं तो कई बार ये आंकड़े असल रिजल्ट के आस पास भी नहीं फटक पाए हैं.
लेकिन ये सिर्फ एग्जिट पोल के सर्वे हैं और सभी पार्टियां अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहीं है. प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत प्रत्याशी जहां नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) हैं वहीँ राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के साथ – साथ मायावती (Mayawati) और ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) भी अपने दावे कर रहीं हैं. अब किसको कितनी सीटें मिलेगी वो तो 23 मई को ही पता चलेगा.
नई दिल्ली (जेएनएन)। चुनाव आयोग ने रविवार को 2019 के लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। 17वां लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई तक 7 चरणों पूरा किया जाएगा। 23 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह पहली बार है जब चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हम इस खबर में ऐसी 9 बातें बता रहे हैं जिसे उम्मीदवार अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर नहीं कर पाएंगे।
1- सभी उम्मीदवारों को नॉमिनेशन फाइलिंग के वक्त अपने फेसबुक, ट्विटर के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी।
2- फेसबुक या ट्विटर पर पोस्ट किए जाने वाले किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को पहले प्रमाणित कराना होगा।
3- कोई भी असत्यापित राजनीतिक विज्ञापन गूगल, फेसबुक, ट्विटर या यूट्यूब पर पोस्ट नहीं किया जा सकता है।
4- उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्चे में सोशल मीडिया विज्ञापन पर भी खर्च किए गए सभी खर्चों को शामिल कर दिखाना होगा।
5- कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार अपने प्रचार अभियान के लिए सोशल मीडिया पर किसी भी रक्षाकर्मी की तस्वीरें साझा नहीं कर सकता है।
6- चुनाव आयोग के मुताबिक अगर कोई भी उम्मीदवार सोशल मीडिया के नियमों का उल्लंघन करता है तो ऐसी शिकायतों का संज्ञान लेने के लिए एक शिकायत अधिकारी नियुक्त किया गया है।
7- अभद्र भाषा, फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं की जा सकती हैं, अगर कोई उम्मीदवार ऐसा करता है तो फेसबुक, गूगल, ट्विटर उसपर कार्रवाई कर सकते हैं।
8- फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर पोस्ट किए जाने वाले सभी राजनीतिक विज्ञापनों को विशेष रूप से आईटी के द्वारा हाइलाइट किया जाएगा।
हालांकि, व्हाट्सएप से संबंधित कोई विशेष दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय समाचार और वित्तीय समाचार एजेंसियों में से एक रायटर ने 2018 की सर्वश्रेष्ठ तस्वीरें प्रस्तुत कीं। आज हम “स्पोर्ट” श्रेणी में तस्वीरें देखेंगे।
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26 अगस्त, 2018 को मैकलारेन के फर्नांडो अलोंसो और सैबर के चार्ल्स लेक्लर। REUTERS / Francois Lenoir
McLaren’s Fernando Alonso and Sauber’s Charles Leclerc crash at the first corner during the F1 Belgian Grand Prix, August 26, 2018. REUTERS/Francois Lenoir
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15 जुलाई, 2018 को मॉस्को के लुज़निकी स्टेडियम में विश्व कप में अपनी जीत का जश्न मनाते हुए फ्रांसीसी उस्मान डेम्बेले, प्रेस्नेल किम्पेम्बे और अल्फोंस अरेला। REUTERS / Michael Dalder
France’s Ousmane Dembele, Presnel Kimpembe and Alphonse Areola celebrate winning the World Cup at the Luzhniki Stadium in Moscow, July 15, 2018. REUTERS/Michael Dalder
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15 जुलाई 2018 को टूर डे फ्रांस के 9 वें चरण के दौरान ब्रिटेन से स्काई फोर्स चालक क्रिस फ्रॉम दुर्घटनाग्रस्त हो गये। REUTERS / Benoit Tessier
Team Sky rider Chris Froome of Britain crashes during stage 9 of the Tour de France, July 15, 2018. REUTERS/Benoit Tessier
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जापान के नाओमी ओसाका 22 जनवरी, 2018 को ऑस्ट्रेलियाई ओपन में रोमानिया के सिमोन हालेप के खिलाफ चिल्लाते हुए। RREUTERS / David Gray
Naomi Osaka of Japan in action against Simona Halep of Romania at the Australian Open, January 22, 2018. REUTERS/David Gray
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इज़राइली राष्ट्रीय टीम 4 अगस्त, 2018 को ग्लासगो में यूरोपीय चैंपियनशिप में सिंक्रनाइज़ तैराकी में प्रदर्शन करती हुई। REUTERS / Stefan Wermuth
Team Israel competes in synchronized swimming at the European Championships in Glasgow, August 4, 2018. REUTERS/Stefan Wermuth
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10 जनवरी, 2018 को डकार रैली के दौरान एडुआर्ड निकोलेव और रूस के सह-पायलट यवगेनी याकोवले अपने कामाज़ ट्रक पर। RREUTERS / Franck Fife
Eduard Nikolaev and co-pilot Evgeny Yakovlev of Russia work on their Kamaz truck during the Dakar Rally, January 10, 2018. REUTERS/Franck Fife
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सिमोना बेयल्स 17 अगस्त, 2018 को बोस्टन में यूएस आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में बैलेंस बीम पर प्रतिस्पर्धा करती हुई। REUTERS / Brian Snyder
Simone Biles competes on the balance beam at the U.S. Gymnastics Championships in Boston, August 17, 2018. REUTERS/Brian Snyder
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन 15 जुलाई, 2018 को मास्को में फ्रांस और क्रोएशिया के बीच विश्व कप फाइनल में टीम का उत्साहवर्धन करते हुए। Sputnik / Alexey Nikolsky / REUTERS
French President Emmanuel Macron reacts during World Cup final between France and Croatia in Moscow, July 15, 2018. Sputnik/Alexei Nikolsky/Kremlin via REUTERS
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9 अगस्त, 2018 को ग्लासगो में यूरोपीय चैंपियनशिप में वार्म-अप के दौरान जर्मनी से जेनी मियरिंग। REUTERS / Stefan Wermuth
Jenny Mensing of Germany during warm ups at the European Championships in Glasgow, August 9, 2018. REUTERS/Stefan Wermuth
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वेल्स के जेम्मा फ्रेज़ेल 11 अप्रैल, 2018 को ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रमंडल खेलों में लयबद्ध जिमनास्टिक में प्रतिस्पर्धा करते हुए। REUTERS / David Gray
Gemma Frizelle of Wales competes in rhythmic gymnastics at the Commonwealth Games in Australia, April 11, 2018. REUTERS/David Gray
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यूक्रेन की राष्ट्रीय टीम ग्लासगो में 4 अगस्त 2018 को यूरोपीय चैंपियनशिप में सिंक्रनाइज़ तैराकी में प्रदर्शन करती हुई। REUTERS / Stefan Wermuth
Team Ukraine competes in synchronized swimming at the European Championships in Glasgow, August 4, 2018. REUTERS/Stefan Wermuth
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केवी स्वाल्बार्ड के चालक दल, नॉर्वेजियन बेड़े अनुसंधान संस्थान के नॉर्वेजियन बेड़े के वैज्ञानिकों और वैज्ञानिकों द्वारा गठित, 22 मार्च, 2018 को फुटबॉल खेलता हुए। Marius Vagenes Villanger / Kystvakten / Sjoforsvaret / NTB Scanpix for REUTERS
KV Svalbard’s crew, formed by Norwegian Navy privates and scientists from the Norwegian Institute of Marine Research, play soccer while protected from polar bears by armed guards off Greenland, March 22, 2018. Marius Vagenes Villanger/Kystvakten/Sjoforsvaret/NTB Scanpix via REUTERS
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जर्मनी के बिग-वेव सर्फर सेबस्टियन स्टुडनर 18 जनवरी, 2018 को पुर्तगाल के नाज़े में प्रिया डो नॉर्ट में एक बड़ी लहर पर सर्फिंग करते नजर आए। REUTERS / Rafael Marchante
Big wave surfer Sebastian Steudtner of Germany drops in on a large wave at Praia do Norte in Nazare, Portugal, January 18, 2018. REUTERS/Rafael Marchante
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2 जुलाई, 2018 को सिएना में पालियो में दौड़ से पहले एक इतालवी काराबेनियरी अधिकारी अपने घोड़े को एक परेड के दौरान गिरा देता है। REUTERS / Stefano Rellandini
An Italian Carabinieri police officer falls down from his horse during their parade prior to the Palio of Siena horse race, July 2, 2018. REUTERS/Stefano Rellandini
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10 नवंबर, 2018 को लंदन में शरद ऋतु इंटरनेशनल ऑफ़ रग्बी यूनियन के दौरान न्यूजीलैंड के साथ एक खेल में इंग्लैंड से सैम अंडरहिल। REUTERS / Dylan Martinez
England’s Sam Underhill makes a tackle against New Zealand during the Rugby Union Autumn Internationals in London, November 10, 2018. REUTERS/Dylan Martinez
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एक पुलिसकर्मी ने प्रदर्शनकारी पर काली मिर्च स्प्रे छिड़का, जबकि एक अन्य प्रदर्शनकारी टूर डी फ्रांस के 24 जुलाई, 2018 के 16 चरणों के दौरान रेस डायरेक्टर की कार के सामने खड़ी थी। REUTERS / Stefan Mae
A police officer pepper sprays a protester as another protester stands in front of the race director’s car during stage 16 of the Tour de France, July 24, 2018. REUTERS/Stephane Mahe
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डगलस कोरिन्थियन के साथ साओ पाउलो में लियो डुआर्टे फ्लामेंगो, 26 सितंबर 2018। REUTERS / Paulo Whitaker
Corinthians’ Douglas in action with Flamengo’s Leo Duarte in Sao Paulo, September 26, 2018. REUTERS/Paulo Whitaker
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मिनी एक्स-रेड पायलट ऑरलैंडो टेरानोवा और सह-पायलट बर्नार्ड ग्रू, 6 जनवरी, 2018 को लीमा से पिस्को, पेरू तक डकार रैली के पहले चरण में। REUTERS / Andres Stapff
Mini X-Raid team driver Orlando Terranova and copilot Bernard Graue during the Dakar Rally first stage from Lima to Pisco, Peru, January 6, 2018. REUTERS/Andres Stapff
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इटालियन पायलट फ्रीक ट्रिकोलोरी 14 अक्टूबर, 2018 को ट्राइस्टे, इटली के बंदरगाह के सामने बार्सिलोना रेगाटा के शुरू होने से पहले उड़ते हुए। REUTERS / Alessandro Garofalo
The Italian Frecce Tricolori aerobatic squad performs before the start of the Barcolana regatta in front of the Trieste harbor, Italy, October 14, 2018. REUTERS/Alessandro Garofalo
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9 जून, 2018 को पेरिस में संयुक्त राज्य अमेरिका के स्लोवेन स्टीवंस के खिलाफ फ्रेंच ओपन के फाइनल के दौरान रोमानिया के टेनिस खिलाड़ी सिमोन हालेप। REUTERS / Benoit Tessier
Tennis player Simona Halep of Romania during the final of the French Open against Sloane Stephens of the U.S. in Paris, June 9, 2018. REUTERS/Benoit Tessier
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16 फरवरी, 2018 को दक्षिण कोरिया के फेनचेन में विंटर ओलंपिक में महिलाओं की फ़्रीस्टाइल जिम्नास्टिक में महिलाओं की फ़्रीस्टाइल प्रतियोगिताओं के दौरान चीन की जू मेन्गताओ का कहर बरपा था। REUTERS / Issei Kato
Xu Mengtao of China crashes during Freestyle Skiing, Women’s Aerials Finals at the Pyeongchang Winter Olympics in South Korea, February 16, 2018. REUTERS/Issei Kato
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17 नवंबर, 2018 को लंदन में एटीपी फाइनल में स्विस रोजर फेडरर के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में अलेक्जेंडर ज्वेरेव (जर्मनी)। Reuters / Andrew Couldridge
Alexander Zverev of Germany during his semi-final match against Switzerland’s Roger Federer at the ATP Finals in London, November 17, 2018. Action Images via Reuters/Andrew Couldridge
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17 फरवरी, 2018 को दक्षिण कोरिया के पखेंचखेन में शीतकालीन ओलंपिक में व्यक्तिगत पुरुषों की स्की कूद प्रतियोगिताओं के दौरान रूस के ओलंपिक एथलीट अलेक्सी रोमाशोव। REUTERS / Kai Pfaffenbach
Alexey Romashov, an Olympic athlete from Russia, during the Men’s Large Hill Individual Trial Round Ski Jumping at the Pyeongchang Winter Olympics in South Korea, February 17, 2018. REUTERS/Kai Pfaffenbach
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4 नवंबर, 2018 को क्लीवलैंड में केंसास सिटी से किकर सिटी चीफ हैरिसन बुकर मैदान से कबूतरों के झुंड को उड़ाते हुए। Scott R. Galvin, USA TODAY Sports
A flock of pigeons fly away as Kansas City Chiefs kicker Harrison Butker kicks to the Cleveland Browns in Cleveland, November 4, 2018. Scott R. Galvin-USA TODAY Sports
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27 जून, 2018 को बर्लिन में ब्रैंडेनबर्ग गेट पर खुले क्षेत्र में, दक्षिण कोरिया के खिलाफ विश्व कप मैच में जर्मन प्रशंसक। REUTERS / Hannibal Hanschke
Germany fans react as they watch their World Cup match against South Korea at a public viewing area at Berlin’s Brandenburg Gate, June 27, 2018. REUTERS/Hannibal Hanschke
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डेनमार्क की कैरोलिना वोज्नियाकी 27 जनवरी, 2018 को ऑस्ट्रेलियन ओपन में रोमानिया के सिमोन हालेप के खिलाफ एकल फाइनल जीतने का जश्न मनाती हुई। REUTERS / Toru Hanai
Caroline Wozniacki of Denmark celebrates winning the singles final against Simona Halep of Romania at the Australian Open, January 27, 2018. REUTERS/Toru Hanai
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28 अगस्त, 2018 को जकार्ता में एशियाई खेलों में अंतिम महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ के बाद इंडोनेशिया की ओडेक्टा एलविना नायबाओ गिर गईं। REUTERS / Darren Whiteside
Odekta Elvina Naibaho of Indonesia collapses after the women’s 5000m final at the Asian Games in Jakarta, August 28, 2018. REUTERS/Darren Whiteside
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11 नवंबर, 2018 को ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना में अल्बर्टो जे। आर्मंडो स्टेडियम में रिवर प्लेट के खिलाफ लिबर्टाडोरेस कप फाइनल के पहले चरण के दौरान बोका जूनियर्स प्रशंसक टीम का समर्थन करते हैं। REUTERS / Marcos Brindicci
Boca Juniors fans cheer their team during the first leg of the Copa Libertadores Final against River Plate at Alberto J. Armando Stadium in Buenos Aires, Argentina, November 11, 2018. REUTERS/Marcos Brindicci
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जापान के सोयोका हानवा ने 21 अगस्त, 2018 को जकार्ता में एशियाई खेलों के दौरान लॉग पर प्रतिस्पर्धा की। REUTERS / Katal McNaughton
Soyoka Hanawa of Japan in action on the balance beam during the Asian Games in Jakarta, August 21, 2018. REUTERS/Cathal Mcnaughton
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19 मई, 2018, ह्यूस्टन, टेक्सास के 46 वर्षीय सीन बेजेकने गोल्फ में स्ट्राइक करते हुए, बैकग्राउंड में हवाई, को किलौआ ज्वालामुखी का धुंआ उठता हुआ। REUTERS / Terray Sylvester
Sean Bezecny, 46, of Houston, Texas, takes a golf swing as ash erupts from the Halemaumau Crater during ongoing eruptions of the Kilauea Volcano in Hawaii, May 19, 2018. REUTERS/Terray Sylvester
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12 मई, 2018 को रियो डी जनेरियो में UFC 224 के दौरान एक लड़ाई में ब्राजील के विटोर बेल्फ़र्ट और उनके हमवतन लिओटो माचिडा। REUTERS / Ricardo Moraes
Vitor Belfort of Brazil and compatriot Lyoto Machida in action during UFC 224 in Rio de Janeiro, May 12, 2018. REUTERS/Ricardo Moraes
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बर्नले के सैम वोक्स ने अपना पहला गोल किया, जब न्यूकैसल यूनाइटेड के कार्ल डार्लो ने 31 जनवरी, 2018 को न्यूकैसल के सेंट जेम्स पार्क में प्रीमियर लीग मैच में गेंद को पकड़ने की कोशिश की। Reuters / Lee Smith
Sam Vokes of Burnley scores their first goal as Newcastle United’s Karl Darlow attempts to save it in a Premier League match at St James’ Park, Newcastle, January 31, 2018. Action Images via Reuters/Lee Smith
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1 अक्टूबर, 2018 को डेनवर के ब्रोंकोस स्टेडियम में चौथे क्वार्टर में कैनसस सिटी प्रमुखों और डेनवर ब्रोंकोस क्वार्टरबैक से क्रिस कॉनली। Ron Chenoy, USA TODAY Sports
Kansas City Chiefs wide receiver Chris Conley stiff arms Denver Broncos defensive back Chris Harris in the fourth quarter at Broncos Stadium in Denver, October 1, 2018. Ron Chenoy-USA TODAY Sports
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12 मई, 2018 को हैम्बर्ग, जर्मनी में गनबर्गर और बोरुसिया मोन्चेंग्लादबैच के बीच मैच के दौरान दंगा पुलिस लाइन के मैदान में जब दंगा हुआ, तो हैम्बर्ग के प्रशंसकों ने मिसाइलों को आग लगा दी और मैदान पर बम फेंक दिए। REUTERS / Morris Mac Matzen
Hamburg fans let off flares and throw smoke bombs on the pitch as riot police line up across the field during the match between Hanburger and Borussia Moenchengladbach in Hamburg, Germany, May 12, 2018. REUTERS/Morris Mac Matzen
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26 मार्च, 2018 को नानिंग में चीनी कप के तीसरे स्थान के लिए मैच के दौरान चेक गणराज्य से चीन और व्लादिमीर डारिडा के लियू इमिन। REUTERS / Stringer
Liu Yiming of China and Vladimir Darida of the Czech Republic in action during the China Cup Third Place Match in Nanning, March 26, 2018. REUTERS/Stringer
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19 अप्रैल, 2018 को सैन सेबेस्टियन, स्पेन में रियल सोसिएडैड के खिलाफ लड़ाई में एटलेटिको मैड्रिड शाऊल नेथज़। REUTERS / Vincent West
Atletico Madrid’s Saul Niguez in action against Real Sociedad in San Sebastian, Spain, April 19, 2018. REUTERS/Vincent West
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मियामी डॉल्फिन के माइक हेसकी 25 अक्टूबर, 2018 को मैच में कलाबाजी करते हुए। Shanna Lockwood-USA TODAY Sports
Miami Dolphins tight end Mike Gesicki goes airborne after a tackle by Houston Texans strong safety Kareem Jackson (not pictured), October 25, 2018. Shanna Lockwood-USA TODAY Sports
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5 अप्रैल, 2018 को पुर्तगाल के लिस्बन में कैंपो पेक्वेनो क्षेत्र में बुलफाइट के दौरान फोर्डडोस मोंटमोर समूह के सदस्य प्रदर्शन करते हुए। REUTERS / Rafael Marcant
Members of Montemor forcados group perform during a bullfight at Campo Pequeno bullring in Lisbon, Portugal, April 5, 2018. REUTERS/Rafael Marchante
आतंकी ठिकानों पर बम बरसाने वाले फाइटर प्लेन मिराज-2000 ने सेंट्रल मध्य कमान से उड़ान भरी थी। ग्वालियर एयरबेस पर मिराज-2000 और सुखोई का अड्डा है। चर्चा यह है कि पीओके जाने वाले विमानों को ईधन सप्लाई देने वाले विमान आगरा से गए थे।
सेंट्रल मध्य कमान में आगरा व ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन शामिल हैं। आगरा में एएन-32, आइएल-78 सहित अन्य विमान हैं। जबकि ग्वालियर एयरबेस में सुखोई, मिराज जैसे विमान हैं। आतंकी ठिकानों पर बम बरसाने के लिए फाइटर प्लेन मिराज की अहम भूमिका रही है। इधर आइएल-78 हवा में ईंधन भरने के काम आता है। एयर स्ट्राइक के लिए बालाकोट के लिए एक साथ कई प्लेन ने उड़ान भरी। इसके बाद भारत-पाक बार्डर पर तेल वाहक विमानों से हवा में ईंधन भरा गया। तब जाकर विमानों ने ठिकानों पर बम से हमला किया।
सोमवार-मंगलवार मध्य रात्रि आगरा एयरफोर्स स्टेशन से भी करीब चार-पांच विमानों ने उड़ान भरी। विमानों की गडग़ड़ाहट से खेरिया, अर्जुन नगर, शहीद नगर, केदारनगर, शाहगंज व उसके आसपास के क्षेत्रों में कई लोगों की नींद खुल गई। क्षेत्रीय निवासियों की मानें तो अन्य दिनों के मुकाबले बड़ी संख्या में विमान उड़े हैं। सभी ने एक के बाद एक उड़ान भरी है। इसी प्रकार वापसी भी हुई है। ताजनगरी के आसमान पर सुबह ढाई घंटे तक विमानों की आवाजाही रही। चूंकि यह अति गोपनीय कार्रवाई थी इसलिए एयरफोर्स अफसर अधिकारिक रूप से इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
मिराज की ‘शक्ति’ के पीछे बैटल क्राई:
आतंकी ठिकानों की तबाही की फुलप्रूफ प्लानिंग की गई थी। फाइटर प्लेन मिराज-2000 (Mirage 2000)को ‘शक्ति’ प्रदान करने वाला बैटल क्राई (आइएल-78 विमान ) है। यह तेलवाहक विमान है। जो हवा से हवा में फाइटर प्लेन को आसानी से ईंधन दे सकते हैं। इससे प्लेन लंबे समय तक उड़ान भर सकता है।
आगरा एयरफोर्स स्टेशन आइएल-78 विमानों का अड्डा है। भारतीय उप महाद्वीप में सबसे पहले यहीं पर तेलवाहक विमान आए थे। वर्ष 2003 में 78 स्क्वाड्रन का गठन किया गया था। फिर मिड एयर रिफ्यूलिंग स्क्वाड्रन (मार्स) बना। मार्स की खासियत यह है कि यह रात में भी विमानों को ईंधन दे सकता है। आतंकी ठिकानों को तबाह करने में अगर फाइटर प्लेन को ईंधन की जरूरत पड़ती तो ऐसे में मार्स को लगाया गया था। यह आगरा से भेजे गए थे। सूत्रों के अनुसार एक विमान एक साथ तीन फाइटर प्लेन को ईंधन देने की क्षमता रखता है।
यूं भरा जाता है ईंधन:
हवा से हवा में किसी विमान को ईंधन देना आसान नहीं होता है। आइएल-78 की रफ्तार के बराबर फाइटर प्लेन चलता है। फिर यह विमान के आसपास चक्कर लगाने लगता है। तेल वाहक विमान से एक नोजल फाइटर प्लेन की तरफ बढ़ती है। नोजल कुछ ही मिनट में टैंक को फुल कर देती है।
चंबल के बीहड़ में होता है ट्रायल:
आसमान में उड़ते हुए विमान को ईंधन देने का ट्रायल चंबल के बीहड़ में किया जाता है। हर दिन विमानों को तेल देते हुए देखा जा सकता है।
भारत-पाक बॉर्डर पर भरा गया तेल:
आतंकी ठिकानों पर तबाही मचाने से पूर्व फाइटर प्लेन मिराज को ईंधन दिया गया। यह ईंधन भारत-पाक बार्डर के आकाश में ही दिया गया। इसके लिए तेलवाहक विमानों का प्रयोग किया गया। सूत्रों के अनुसार फाइटर प्लेन द्वारा उड़ान भरने में सबसे अधिक तेल खर्च होता है। ठिकानों को तबाह करने से पूर्व बॉर्डर पर मिराज में तेल भरा गया। जिससे प्लेन देर तक बम वर्षा कर सुरक्षित वापस आ सकें।
कितना ताकतवर है फाइटर जेट मिराज?
पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत ने कार्रवाई की है. फाइटर जेट मिराज 2000 के जरिए पाकिस्तान पर 1000 किलो के बम गिराए गए हैं. अभियान में 12 मिराज 2000 का इस्तेमाल किया गया था.
आइए जानते हैं, कितना ताकतवर है भारत का मिराज 2000 जेट…
मिराज 2000 को फ्रांस के डसॉल्ट कंपनी ने बनाया है. यह मल्टीरोल एयरक्राफ्ट है. फ्रांस के एयर फोर्स में इसे 1984 में ही शामिल किया गया था. इस एयरक्राफ्ट में 9 प्वाइंट होते हैं जहां हथियार रखे जा सकते हैं.
ये एयरक्राफ्ट हाई फायरिंग गन से लेकर मिसाइल तक से लैस है. डबल सीटर और सिंगल सीटर, इसके दोनों वर्जन हैं. इसके दोनों विंग पर भी वीपन सिस्टम मौजूद होते हैं.
यह हवा से सीधे हवा में वार कर सकता है, साथ ही हवा से सीधे जमीन पर भी हमला कर सकता है. इस फाइटर जेट के एयर टू एयर मिसाइल सिस्टम का रेंज 60 किलोमीटर तक है.
एक ही समय में यह एयरक्राफ्ट 4 मिका मिसाइल, 2 मैजिक मिसाइल, 3 ड्रॉप टैंक्स के साथ लैस हो सकता है. मिराज 2000 लेजर गाइडेड बम भी गिरा सकता है.
आतंकी ठिकानों पर हमले में कितना नुकसान पहुंचा है, इसका अभी ठीक-ठीक आंकलन किया जाना बाकी है. कश्मीर में एलओसी पर तनाव की स्थिति हो रही है. एयरफोर्स बेस में हाई एक्टिविट देखी जा रही है.
मंगलवार तड़के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर लिखा, ‘भारतीय वायु सेना ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया. पाकिस्तान वायु सेना ने तुरंत कार्रवाई की. भारतीय विमान वापस चले गए.
बहुत साल हो गए, मैं कालेज करने दूसरे शहर गया. फिर प्राइवेट नौकरी करने कभी दिल्ली तो कभी गुरुग्राम, कभी सूरत तो कभी मुंबई या फिर नॉएडा या बंगलोर. समय बदला काफी कुछ डिजिटल हो गया.
एक देश एक पहचान हो गयी. आधार कार्ड बना जो मोबाइल से लेकर पैन कार्ड और बैंक अकाउंट से जुड़ गया. देश में रोमिंग ख़त्म हो गयी और मेरा एक मोबाइल अब पुरे देश में मेरे साथ सफर करने लगा. बैंक अकाउंट ऑनलाइन हुए तो मैं कहीं से भी पैसा ट्रांसफर करने लगा भले ही मेरा खाता मेरे गाँव का ही क्यों न हो. मैं उसी पुराने पैन कार्ड से इनकम टैक्स भरने लगा जो मेरे गाँव से बना था. अब तो पासपोर्ट का वेरिफिकेशन भी उसी शहर में होने लगा जहां मैं नौकरी कर रहा हूँ.
सब कुछ मोबाइल हो गया लेकिन एक चीज मोबाइल नहीं हुई वो है हमारा और आपका वोट. इस एक वोट को मोबाइल न करने की वजह से करोडो लोग भारतीय संविधान के मतदान के अधिकार से वंचित रह जाते हैं.
पोस्टल बैलट है पर केवल सरकारी नौकरी वालों के लिए. NRI जो विदेशों में रह रहे हैं वो भी प्रॉक्सी वोटिंग से वोट कर सकते हैं, जबकि इनकी संख्या गिनी चुनी है.
करोडो लोग पढाई लिखाई और नौकरी के चक्कर में अपना घर छोड़ देते है जो छुट्टी न मिलने या महगे किराए के चलते अपना वोट डालने नहीं आ पाते हैं. क्या उनके लिए “मेरा वोट मेरा अधिकार” नहीं है. इन जैसे लोगो के वोट न देने की वजह से मतदान प्रतिशत 50 – 60 प्रतिशत रहता है और कुल वोट का 20 से 25 प्रतिशत वोट पाकर लोग माननीय बन जाते हैं.
2014 के आम चुनाव में 81.45 करोड़ मतदाता लिस्ट में थे जिसमे 2.31 करोड़ matdaata 18 -19 साल के थे. इस चुनाव में वोट प्रतिशत था 66.38% जो अब तक का सर्वाधिक मतदान है जिसमे NDA (भाजपा गठबंधन जिसमे भाजपा ने 31.3% वोट पाकर 282 सीट जीती) ने 38.5% वोट पाकर 336 सीटें जीतीं. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है की जितने वोट भाजपा गठबंधन को मिले थे लगभग उतने ही 28.1 करोड़ लोगों ने वोट नहीं किया था.
क्यों? इतने लोगों ने वोट क्यों नहीं किया?
कहा जाता है की इतने लोग वोट करने घरों से नहीं निकले जबकि इनमे से ज्यादातर लोग तो घरों पर थे ही नहीं. वो अपनी रोजी-रोटी के चक्कर में किसी और राज्य या किसी और शहर में थे. सिर्फ एक नियम की वजह से की आपको वोट डालने के लिए आपको खुद वोट डालने उस बूथ पर जाना पड़ेगा जहां पर आपका वोट है.
इतनी बड़ी गिनती को आप नजरअंदाज नहीं कर सकते.
इसलिए हम सबको अपने वोटिंग के अधिकार को मोबाइल करने के लिए इस टाइम्स ऑफ़ इंडिया की इस पेटिशन पर साइन करें ताकि चुनाव आयोग हमारे वोट को वहाँ भी डालने की अनुमति प्रदान करे जहां हम प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama) जिले में स्थित अवंतिपोरा इलाके में आतंकियों ने सीआरपीएफ जवानों के एक काफिले पर बड़ा हमला किया है। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए हैं और कई अन्य घायल हैं। गुरुवार शाम हुई वारदात के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
जम्मू-कश्मीर पुलवामा जिले में गुरुवार शाम हुए एक बड़े आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए हैं। शहीद जवानों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। उरी में सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर में यह सुरक्षाबलों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। गुरुवार को श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर स्थित अवंतिपोरा इलाके में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले को निशाना बनाया। इस हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अलर्ट जारी किया गया है।
बताया जा रहा है कि आदिल अहमद डार नाम के आतंकी ने इस काफिले पर हमले की साजिश रची थी। आदिल पुलवामा के काकापोरा इलाके का रहने वाला है।
सीआरपीएफ (CRPF) की 54वीं बटैलियन के जवानों को इस हमले में आतंकियों ने निशाना बनाया। पीटीआई के मुताबिक विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी लेकर आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले की बस में टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि काफिले की जिस बस को आतंकियों ने निशाना बनाया, उसमें 39 जवान सवार थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीआरपीएफ के जिस काफिले पर हमला किया गया, उसमें 70 वाहन शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर गुरुवार को हुआ यह हमला आतंकी हमले की पहली वारदात नहीं है। एक साल पहले 15 फरवरी 2018 को भी आतंकियों ने पुलवामा के पंजगाम स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक कैंप पर हमला किया था। इस वारदात के दौरान आतंकियों ने सीआरपीएफ के शिविर पर हमला कर कैंप में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन जवानों की सतर्कता के कारण कामयाब नहीं हो सके थे।
योगी सरकार ने विधानसभा में गुरुवार को यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया। आम चुनाव से पहले आए इस बजट में पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। 4.79 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट में 21,212 करोड़ की नई योजनाओं का ऐलान हुआ है। यह बजट वर्ष 2018-2019 के बजट के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक है। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के वादे के साथ काम कर रही है। हम भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने वंदे मातरम् कहकर अपना भाषण खत्म किया।
यूपी के बजट में पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक सौगातों की बारिश
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 1194 करोड़, गोरखपुर में मेट्रो
बुंदेलखंड में पाइप पेयजल परियोजना के लिए 3,000 करोड़
ग्रेटर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के लिए 800 करोड़ प्रस्तावित
यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट विधानसभा में पेश किया। आम चुनाव से पहले आए यूपी के इस बजट में पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। 4.79 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट में 21,212 करोड़ की नई योजनाओं का ऐलान हुआ है। बजट में पूर्वांचल के दो बड़े शहरों गोरखपुर और वाराणसी में मेट्रो के लिए घोषणाएं की गईं, वहीं बुंदेलखंड का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले झांसी शहर में भी मेट्रो के लिए बजट आवंटित हुआ है। इसके साथ ही लखनऊ के लिए भी योगी सरकार के बजट में कई सौगातें दी हैं।
Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath and Finance Minister Rajesh Agarwal with the budget briefcase. The state finance minster will table the budget today in UP Assembly. pic.twitter.com/PsiCOtcVnL— ANI UP (@ANINewsUP) 7 February 2019
यूपी सरकार ने गुरुवार को पेश बजट में कानपुर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज सहित सात जिलों को मेट्रो रेल का तोहफा दिया है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। बजट में कानपुर और आगरा मेट्रो रेल परियोजनायों के लिए 175-175 करोड़ रुपये प्रस्ताव किया गया है। बजट में वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज एवं झांसी में मेट्रो रेल परियोजनाओं के प्रारंभिक कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
पूर्वांचल पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 1194 करोड़, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 1,000 करोड़ रुपये। पावरलूम बुनकरों को रियायती दर पर बिजली मुहैया कराने के लिए 150 करोड़ का बजट। यूपी हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्स्टाइल्स ऐंड गारमेंट पॉलिसी के तहत 50 करोड़। विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़। वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में मेट्रो प्रॉजेक्ट के शुरुआती कार्य के लिए 150-150 करोड़ का इंतजाम। इलाहाबाद हाई कोर्ट में मल्टि लेवल पार्किंग के लिए 150 करोड़ का इंतजाम। वाराणसी में लहर तारा तालाब कबीर स्थल एवं गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर का सुदृढ़ीकरण किया जाना प्रस्तावित। वनटांगिया ग्रामों में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना हेतु 5 करोड़ की व्यवस्था। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ के लिए 63 लाख की व्यवस्था। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के लिए 21 करोड़ 51 लाख का इंतजाम। मिर्जापुर में इंजिनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 8 करोड़। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत गंगा तट से विश्वनाथ मंदिर तक सौन्दर्यीकरण के लिए 207 करोड़। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में वैदिक विज्ञान केन्द्र की स्थापना हेतु 16 करोड़ रुपये। प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम का विकास किया जाना प्रस्तावित। चंदौली की कनहर सिंचाई परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। मिर्जापुर की बाणसागर परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
बुंदेलखंड बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और पानी के संकट से जूझ रहे गांवों में पाइप पेयजल योजना के लिए 3,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 1,000 करोड़ रुपये, डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण में 500 करोड़ रुपये का बजट। विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ के बजट की व्यवस्था। झांसी में मेट्रो रेल परियोजना के शुरुआती कार्य के लिए 150 करोड़ रुपये का इंतजाम। बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए 2019-20 में 810 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के लिए 907 करोड़ रुपये का बजट। संजय गांधी पीजीआई में अलग-अलग कार्यों के लिए 854 करोड़ रुपये। डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए 396 करोड़ रुपये का प्रस्ताव। कैंसर संस्थान लखनऊ के विस्तार और विकास के लिए 248 करोड़ रुपये प्रस्तावित। माननीय अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ की स्थापना के लिए 50 करोड़। लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ में अटल सुशासन पीठ स्थापना हेतु 2 करोड़ रुपये। आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित 6 लेन एक्सप्रेस-वे (ग्रीनफील्ड) प्रॉजेक्ट के लिए 100 करोड़। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ की स्थापना के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था। बिजली पासी के किले का विकास प्रस्तावित।
मथुरा ब्रज तीर्थ में सुविधाओं के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। नई डेयरी की स्थापना के लिए 56 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। मथुरा-वृन्दावन के बीच ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए 8.38 करोड़। वृंदावन शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
अयोध्या अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए इस साल के बजट से 200 करोड़ प्रस्तावित। अयोध्या के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 101 करोड़ का बजट प्रस्ताव।
एनसीआर/नोएडा ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे एयरपोर्ट के लिए 800 करोड़ का बजट। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम प्रॉजेक्ट के लिए 400 करोड़।
कानपुर मेट्रो रेल प्रॉजेक्ट के शुरुआती काम के लिए 175 करोड़ रुपये का बजट आवंटित। माननीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में डीएवी कॉलेज, कानपुर में सेन्टर ऑफ एक्सिलेन्स की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था। हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (HBTU), कानपुर के लिए 11 करोड़।
World Wrestling Entertainment (WWE) is the professional wrestling TV show. It is privately controlled by media and the sports entertainment companies dealing with professional wrestling. The company was previously known as Titan sports. The wrestling is combined with a little bit of acting and theatre to make it more interesting.
WWE promotes under three brands: RAW, Smack Down, ECW. There are three main championships that are held: the heavy weight championship, WWE championship, and the ECW championship.
In 1980, Vincent Kennedy McMahon founded Titan Sports, Inc. the present WWE is lot different from the earlier version. WWE started Wrestle Mania, First time in 1985. From then to now, viewers wait for the event every year where big WWE stars wrestle for the championship belts. But as the time has changed the WWE too have changed a lot. It has now become bloody and abusive. Many players cheat to win the titles. Despite all this many WWE stars have earned a lot of name and fame and have promoted this new form of sports entertainment across the world.
The new generation stars are popular in every corner of the world. Some of the famous WWE stars of the current generation include John Cena, Batista, Randy Orton, triple H, Shawn Michael, Kevin Owens, Dean Ambrose, The Undertaker, AJ Styles, Roman Reigns, Brock Lesnar are a few to name. A lot more wrestlers are working hard to make the sport much more popular.
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना की तैयारी पूरी कर ली गई है. 11 दिसम्बर को विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना होगी जिसमें कई नेताओं की किस्मत दांव पर लगी है. कहा जा रहा है कि चुनाव की मतगणना में इस बार पहले की तुलना में ज्यादा वक्त लग सकता है.
इसकी वजह है चुनाव आयोग का वह आदेश जिसमें साफ कहा गया है कि हर राउंड के बाद रिटर्निंग ऑफिसर जब तक उस राउंड का सर्टिफिकेट जारी नहीं करेंगे तब तक अगला राउंड शुरू नहीं हो सकेगा. वहीं, इस बार मतगणना के समय न वेबकास्टिंग होगी और न ही मतगणना हॉल में वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग होगा. सिर्फ सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी. चुनाव आयोग ने कांग्रेस की आपत्ति के बाद रविवार देर रात यह निर्णय लिया है.
दरअसल, कांग्रेस ने वेबकास्टिंग में जियो की जगह बीएसएनएल नेटवर्क का इस्तेमाल करने की मांग की थी. साथ ही इस बात पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी कि वेबकास्टिंग के काम का ठेका गुजरात की कंपनी संघवी इन्फोटेक को क्यों दिया गया. कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल निर्वाचन सदन पहुंचा और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) मध्यप्रदेश को आपत्ति दर्ज कराई. फिर देर रात वेबकास्टिंग न कराने का निर्णय लिया.
मालूम हो कि मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी. एल. कांताराव के मुताबिक, पूरे मध्यप्रदेश में मतगणना के लिए लगभग 15 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इस बार एमपी का परिणाम देरी से आने की संभावना जताई जा रही है. कांताराव के मुताबिक, मध्यप्रदेश के सभी मतगणना केंद्रों में 11 दिसम्बर को सुबह 8 बजे एक साथ मतों की गिनती शुरू हो जाएगी. सबसे पहले पोस्टल बैलेट यानी डाक मतपत्रों और सर्विस वोटों को गिना जाएगा. माना जा रहा है कि इसमें 30 मिनट का वक्त लगेगा.
इसके बाद यानी की सुबह 8.30 से 9 बजे के बीच EVM खोली जाएंगी. इसके बाद ईवीएम के वोटों की मतगणना शुरू होगी. सीईओ वी. एल.कांताराव के मुताबिक मतगणना वाले दिन हर विधानसभा के लिए कुल 14 टेबल लगाई जाएंगी. माना जा रहा है कि औसत 19 राउंड तक मतों की गिनती जाएगी