Category: खबरें और राजनीति

  • निजामुद्दीन मरकज के ‘छुपे’ जमातियों पर 10 हजार का इनाम घोषित

    निजामुद्दीन मरकज के ‘छुपे’ जमातियों पर 10 हजार का इनाम घोषित

    कानपुर (उप्र), 20 अप्रैल (भाषा) कानपुर में पिछले तीन दिनों के दौरान कोविड-19 संक्रमण के 60 से ज्यादा मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तबलीगी जमात के ‘छुपे’ हुए सदस्यों के बारे में सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये नकद इनाम का एलान किया है।

    कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने ‘छुपे’ बैठे तबलीगी जमातियों के बारे में सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम का एलान किया है। यह फैसला जिले में पिछले तीन दिन के दौरान कोविड-19 संक्रमण के 60 से ज्यादा मामले सामने आने के बाद लिया गया है।

    अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि तबलीगी जमात के कार्यक्रमों में शामिल होने के बावजूद कुछ जमाती अब भी छुपे हुए हैं। हमने उनसे बार—बार अपील की है कि वे आगे आयें और प्रशासन को अपनी विदेश यात्राओं, तबलीगी जमात कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी, खुद में कोरोना वायरस के लक्षणों वगैरह के बारे में बताएं। क्योंकि यह न सिर्फ उनकी जान का बल्कि खुद से जुड़े अन्य लोगों की जान का भी सवाल है।

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    उन्होंने कहा कि अगर जमाती खुद प्रशासन के सामने आते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। मगर यदि किसी अन्य स्रोत से उनके बारे में जानकारी मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।

    पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि कानपुर में पिछले तीन दिनों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है और संक्रमित व्यक्तियों की कुल तादाद 70 हो गयी है। लगभग सभी मामले या तो जमातियों के हैं, या फिर उनके सम्पर्क में आये लोगों के हैं।

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  • धोनी अब तक के सर्वश्रेष्ठ कप्तान : पीटरसन

    धोनी अब तक के सर्वश्रेष्ठ कप्तान : पीटरसन

    मुंबई, 18 अप्रैल (भाषा) इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन ने कहा है कि दो बार के विश्व कप विजेता महेंद्र सिंह धोनी अब तक के सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं ।

    पीटरसन ने कहा कि धोनी की महानता पर सवाल उठाना असंभव है ।

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    उन्होंने स्टार स्पोटर्स से कहा ,‘‘ अपेक्षाओं के इतने भारी बोझ के बीच उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उस पर सवाल उठाना काफी कठिन है । उनसे इतनी अपेक्षायें रही है और उनके बीच जिस तरह से उन्होंने भारतीय टीम और चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी की है ।’’

    भारत ने धोनी की कप्तानी में 2007 टी20 विश्व कप और 2011 विश्व कप जीता । भारत ने धोनी के कप्तान रहते 2013 चैम्पियन ट्राफी भी जीती थी ।

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  • व्हाट्सएप पर ज्यादा शेयर होने वाले संदेश अब एक ही बार हो सकेंगे फॉरवर्ड

    व्हाट्सएप पर ज्यादा शेयर होने वाले संदेश अब एक ही बार हो सकेंगे फॉरवर्ड

    नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) व्हाट्सएप ने कोरोना वायरस संकट के बीच गलत खबरें और जानकारियां फैलने से रोकने के लिए संदेश फॉरवर्ड (साझा करने) के नियमों में बदलाव किया है। अब व्हाट्सएप पर ज्यादा फॉरवर्ड होने वाले संदेशों को एक बार में एक ही व्यक्ति या समूह को भेजा जा सकेगा।

    इससे पहले व्हाट्सएप में एक बार में संदेश भेजने की सीमा पांच लोगों या समूहों तक सीमित थी।

    इससे पहले फर्जी खबरों को फैलने से रोकने के लिए व्हाट्सएप ने संदेश के साथ यह जानकारी देने की शुरुआत भी की थी कि इसे फॉरवर्ड किया गया है या नहीं।

    फेसबुक के स्वामित्व वाली मेसेंजिंग एप ने कहा कि कोरोना वायरस संकट के बीच आपस में जुड़े रहने के लिए लोग व्हाट्सएप का सक्रियता से उपयोग कर रहे हैं। ऐसे समय में गलत जानकारियों को फैलने से रोकने के लिए उसने यह नया फीचर पेश किया है।

    व्हाट्सएप की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब दुनियाभर के सरकारें फर्जी खबरों से निपटने की चुनौती का सामना कर रही हैं।

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  • कोरोना वायरस: फेसबुक ने महामारी से लड़ने के लिए उपयोगकर्ताओं की आवाजाही के आंकड़े दिए

    कोरोना वायरस: फेसबुक ने महामारी से लड़ने के लिए उपयोगकर्ताओं की आवाजाही के आंकड़े दिए

    पीटीआई-भाषा संवाददाता, सैंन फ्रांसिस्को, सात अप्रैल (एएफपी) फेसबुक ने सोमवार को कहा कि वह उपयोगकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी आवाजाही तथा उनके रिश्तों के बारे में शोधकर्ताओं को जानकारी मुहैया करा रहा है, ताकि इस बात को समझा जा सके कि वायरस संक्रमण आगे कहां फैल सकता है।

    फेसबुक के प्रमुख अधिकारियों के एक्स जिन और लौरा मैकगोर्मन ने एक पोस्ट में लिखा कि सोशल नेटवर्किंग कंपनी ‘‘जनसंख्या आवाजाही’’ को लेकर अपने मैप को उन्नत कर रही है, जिसमें ‘‘इनसाइट मूवमेंट’’ टूल शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें लोगों की निजता को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

    जिन और मैकगोर्मन ने कहा, ‘‘अस्पताल सही संसाधन प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं, और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियां सही दिशानिर्देश चाह रही हैं।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इस बारे में बेहतर जानकारी चाहिए कि क्या निवारक उपाय काम कर रहे हैं और वायरस कैसे फैल सकता है।’’

    पिछले सप्ताह गूगल ने भी इस तरह के कदम की घोषणा की थी, जिसमें कहा गया था कि दुनिया भर में उपयोगकर्ताओं की आवाजाही से संबंधित डेटा प्रदान करेगा, जो सरकारों को कोरोना-19 महामारी को काबू में पाने के लिए लागू किए गए ‘सामाजिक दूरी’ के उपायों के असर का पता लगाने में मदद करेगा।

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  • चीन से भारत को 1.7 लाख पीपीई दान स्वरूप मिले

    चीन से भारत को 1.7 लाख पीपीई दान स्वरूप मिले

    नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) कोरोना वायरस के संक्रमण के इलाज में चिकित्साकर्मियों के इस्तेमाल में आने वाले निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की 1.7 लाख किट चीन से भारत को सोमवार को मिल गयी।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुये बताया कि चीन ने भारत को कोरोना संकट से निपटने के लिये सहायता के रूप में ये किट दी हैं।

    मंत्रालय के अनुसार देश में निर्मित 20 हजार पीपीई की आपूर्ति होने के साथ ही अब अस्पतालों को 1.90 लाख पीपीई की आपूर्ति कर दी जायेगी। देश में पीपीई की मौजूदा उपलब्धता 3,87,473 हो गयी है।

    मंत्रालय के अनुसार राज्यों को केन्द्र सरकार की ओर से अब तक 2.94 लाख पीपीई की आपूर्ति कर दी गयी है। इसके अलावा देश में ही बने दो लाख एन95 मास्क भी अस्पतालों को मुहैया कराये गये हैं। इसके अलावा अन्य स्रोतों से मिले इस श्रेणी के 20 लाख मास्क की पहले ही अस्पतालों को आपूर्ति कर दी गयी है।

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  • कोरोना: सोशल डिस्टेंसिंग क्या है और क्यों है ज़रूरी? ये हैं लक्षण और बचाव

    कोरोना: सोशल डिस्टेंसिंग क्या है और क्यों है ज़रूरी? ये हैं लक्षण और बचाव

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के मकसद से सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर एडवाइज़री जारी की है.

    सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब होता है एक-दूसरे से दूर रहना ताकि संक्रमण के ख़तरे को कम किया जा सके.

    क्यों ज़रूरी है सोशल डिस्टेंसिंग?

    जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.

    कोरोना कैसे फैलता है?

    संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.

    ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

    कोरोना से कैसे बचें?

    इसी कारण कोरोना से बचने के लिए लोगों को एक जगह पर अधिक लोग इकट्ठा न होने देने, एक दूसरे से दूरी बनाए रख कर बात करने या फिर हाथ न मिलाने के लिए कहा जा रहा है.

    भारत सरकार द्वारा जारी सोशल डिसटेंसिंग एडवायज़री के अनुसार जहां-जहां अधिक लोगों के एक दूसरे के संपर्क में आने की संभावना है उस पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिए हैं.



    • सभी शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल, विश्वविद्यालय आदि), जिम, म्यूज़ियम, सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्रों, स्विमिंग पूल और थिएटरों को बंद रखने की सलाह दी है. छात्रों को घरों में रहने की सलाह दी गई और उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई करने को कहा गया है.
    • सरकार ने कहा है कि परीक्षाओं को स्थगित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल चल रही परीक्षाएं ये सुनिश्चित करके करवाई जाएं कि छात्रों के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी हो.
    • प्राइवेट क्षेत्र के संस्थान से कहा गया है कि हो सके तो अपने कर्मचारियों से घर से काम करवाएं.
    • संभव हो तो मिटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए करने पर ज़ोर दिया गया है. बहुत ज़रूरी ना हो तो बड़ी बैठकों को स्थगित करने या उनमें लोगों की संख्या को कम करने की बात की गई है.
    • रेस्त्रां को सलाह दी गई है कि वो हैंडवॉश प्रोटोकॉल का पालन करवाएं और जिन जगहों को लोग बार-बार छूते हैं उन्हें ठीक से साफ करते रहें. टेबल के बीच में कम से कम एक मीटर की दूरी रखें.
    • जो शादियां पहले से तय हैं, उनमें कम लोगों को बुलाया जाए और सभी तरह के गैर-ज़रूरी सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया जाए.
    • एक दूसरे से हाथ मिलाने और गले लगने से बचना चाहिए.
    • किसी भी तरह की गैर – ज़रूरी यात्रा ना करें और बस, ट्रेन, हवाई जहाज़ में यात्रा करते वक्त लोगों से दूरी बनाए रखना ज़रूरी है.
    • कमर्शियल एक्टिविटीज़ में लगे लोग ग्राहकों के साथ एक मीटर की दूरी बनाए रखें. साथ ही प्रशासन बाज़ारों में भीड़ कम करने के लिए कदम उठाएं.
    • सभी अस्पतालों को कोविड-19 से जुड़े ज़रूरी प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए. साथ ही परिवार, दोस्तों, बच्चों को अस्पताल में मरीज़ों के पास जाने न दें.
    • ऑनलाइन ऑडरिंग सर्विस में काम करने वालों को ख़ास तौर पर अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.



    कोरोना वायरस से पीड़ित होने के ये हैं लक्षण और बचाव

    कोरोना वायरस कोविड 19 क्या है और यह कैसे फैलता है? इससे बचने के लिए आप नियमित रूप से और अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोएं.

    कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

    इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है. इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है. बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है.

    वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पाँच दिन लगते हैं. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों में इसके लक्षण बहुत बाद में भी देखने को मिल सकते हैं.

    लक्षण कितने दिन में दिखते हैं?

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है. हालांकि कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि ये समय 24 दिनों तक का भी हो सकता है.

    कोरोना वायरस उन लोगों के शरीर से अधिक फैलता है जिनमें इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं. लेकिन कई जानकार मानते हैं कि व्यक्ति को बीमार करने से पहले भी ये वायरस फैल सकता है.

    बीमारी के शुरुआती लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे ही होते हैं जिससे कोई आसानी से भ्रमित हो सकता है.


    कितना घातक है कोरोना वायरस?

    कोरोना वायरस के संक्रमण के आँकड़ों की तुलना में मरने वालों की संख्या को देखा जाए तो ये बेहद कम हैं. हालांकि इन आंकड़ों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन आंकड़ों की मानें तो संक्रमण होने पर मृत्यु की दर केवल एक से दो फ़ीसदी हो सकती है.

    फ़िलहाल कई देशों में इससे संक्रमित हज़ारों लोगों का इलाज चल रहा है और मरने वालों का आँकड़ा बढ़ भी सकता है.

    कोरोना के आंकड़े

    56,000 संक्रमित लोगों के बारे में एकत्र की गई जानकारी आधारित विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक अध्ययन बताता है कि –

    6 फ़ीसदी लोग इस वायरस के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए. इनमें फेफड़े फेल होना, सेप्टिक शॉक, ऑर्गन फेल होना और मौत का जोखिम था.
    14 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के गंभीर लक्षण देखे गए. इनमें सांस लेने में दिक्क़त और जल्दी-जल्दी सांस लेने जैसी समस्या हुई.
    80 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के मामूली लक्षण देखे गए, जैसे बुखार और खांसी. कइयों में इसके कारण निमोनिया भी देखा गया.

    कोरोना से किसको है ज्यादा खतरा?

    कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बूढ़ों और पहले से ही सांस की बीमारी (अस्थमा) से परेशान लोगों, मधुमेह और हृदय रोग जैसी परेशानियों का सामना करने वालों के गंभीर रूप से बीमार होने की आशंका अधिक होती है.

    कोरोना वायरस का इलाज इस बात पर आधारित होता है कि मरीज़ के शरीर को सांस लेने में मदद की जाए और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए ताकि व्यक्ति का शरीर ख़ुद वायरस से लड़ने में सक्षम हो जाए.

    क्या कोरोना की वैक्सीन बन गयी है?

    कोरोना वायरस का टीका बनाने का काम अभी चल रहा है.

    अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो आपको कुछ दिनों के लिए ख़ुद को दूसरों से दूर रहने की सलाह दी जा सकती है.

    पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने कहा है कि जिन्हें लगता है कि वो संक्रमित हैं वो डॉक्टर, फार्मेसी या अस्पताल जाने से बचें और अपने इलाक़े में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी से फ़ोन पर या ऑनलाइन जानकारी लें.

    विदेश से लौटने वाले क्या करें?

    जो लोग दूसरे देशों की यात्रा कर के यूके लौटे हैं उन्हें सलाह दी गई है कि वो कुछ दिनों के लिए ख़ुद को दूसरों से अलग कर लें.

    दूसरे देशों ने भी इस वायरस से बचने के लिए अपने अपने देशों में स्कूल कॉलेज बंद करने और सर्वजनिक सभाएं रद्द करने जैसे क़दम उठाएं हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी लोगों के लिए एहतियात बरतने के तरीक़ों के बारे में जानकारी जारी की है.

    संक्रमण के लक्षण दिखने पर व्यक्ति को अपने स्थानीय स्वास्थ्य सेवा अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क करना चाहिए. जो लोग बीते दिनों कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं उनकी जांच की जाएगी.

    अस्पताल पहुंचने वाले सभी मरीज़ जिनमें फ्लू (सर्दी ज़ुकाम और सांस लेने में तकलीफ) के लक्षण हैं, स्वास्थ्य सेवा अधिकारी उनका परीक्षण करेंगे.

    परीक्षण के नतीजे आने तक आपको इंतज़ार करने और दूसरों से खुद को दूर रखने के लिए कहा जाएगा.


    कितनी तेज़ी से फैल रहा है कोरोना वायरस?

    रोज़ दुनिया भर में कोरोना वायरस के सैंकड़ों मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन ये भी माना जा रहा है कि अब भी कई मामले स्वास्थ्य एजेंसियों की नज़र से बच गए होंगे.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 123 देशों में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 596,350 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इसके कारण अब तक 27,343 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

    इस वायरस के संक्रमण के सबसे अधिक मामले चीन, इटली, ईरान और कोरिया में सामने आए हैं.

    Source: https://www.bbc.com/hindi/international-51863689
    https://www.bbc.com/hindi/india-51955829

  • फिल्म्स टुडे और नाना नानी फाउंडेशन के ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स ने सितारों को दिया सम्मान

    फिल्म्स टुडे और नाना नानी फाउंडेशन के ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स ने सितारों को दिया सम्मान

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    अमीषा पटेल, उदित नारायण, धीरज कुमार, प्रेम चोपड़ा और अन्य ने ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स प्राप्त किया.

    नाना नानी फाउंडेशन के संस्थापक श्याम सिंघानिया और फिल्म टुडे के संस्थापक और संपादक राजेश श्रीवास्तव ने पहले ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स में फ़िल्मी सितारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया. महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी अवार्ड फंक्शन में मुख्य अतिथि थे.

    Dream Achievers Awards

    जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त मेजर जनरल), बोलके जिंगुबाई (सामाजिक कार्यकर्ता), ऋचा चड्डा (अभिनेत्री), पद्मश्री डॉ. सोमा घोष (शास्त्रीय गायक), शाहिदा गांगुली (एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, एसीपी), दीपक गुप्ता (कवि), पाखी हेगड़े ( अभिनेत्री), धीरज कुमार (अध्यक्ष क्रिएटिव आई लिमिटेड), वासु मंथेना (सामाजिक कार्यकर्ता), उदित नारायण, अमिशा पटेल, सुमित्रा पाटिल (उप आयुक्त जीएसटी), राजू कारिया, प्रेम चोपड़ा, डा सामंत सामाजिक कार्यकर्ता चुंबन विश्वविद्यालय, सिन्धुताई सपकाल (सामाजिक कार्यकर्ता), ब्रह्मानंद सिंह (निदेशक), संग्राम सिंह (भारतीय पहलवान और अभिनेता), ज्योतिका तंगरी (गायक), राम शंकर (गायक), हेमंत टांटिया (संयुक्त आयुक्त कस्टम), स्नेहा शंकर (गायक), सुरेंद्र पाल और अन्य ने इस पुरस्कार में भाग लिया.

    Dream Achievers Awards

    नाना नानी फाउंडेशन एक पब्लिक चैरिटी ट्रस्ट है जो मुंबई में नाना नानी पार्क का देखभाल करती है और सीनियर सिटीजन का भी ख्याल रखती है. फिल्म्स टुडे मैगज़ीन ने भी इस साल दस वर्ष पूरे कर लिये हैं.

    गैलरी देखें:

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  • सूरत एयरपोर्ट पर हर दिन 150 बार करनी पड़ती है फायरिंग, जानिए इसकी वजह

    सूरत एयरपोर्ट पर हर दिन 150 बार करनी पड़ती है फायरिंग, जानिए इसकी वजह

    सूरत एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority) ने बताया कि सूरत एयरपोर्ट (Surat Airport) के आसपास एरिया में कई झींगा तालाब हैं. जिसकी वजह से विमानों (Flight) के टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है.

    सूरत. गुजरात (Gujarat) के सूरत एयरपोर्ट (Surat Airport) के आसपास झींगा तालाबों के होने की वजह से विमानों (Flight) को बर्ड (bird) हिट का खतरा बना रहता है. यहां हजारों की संख्या में पक्षी आ जाते हैं. जिसकी वजह से कोई बड़ा हादसा हो सकता है. एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority) अब इन बर्ड हिट से बचने के लिए जोन गन्स (Gun) का इस्तेमाल कर रही है. विमानों के टेक ऑफ और लैंडिंग के पहले हर बार जोन गन्स से फायरिंग की जाती है. इससे पक्षी उड़ जाते हैं. हर दिन इस तरह करीब 150 बार फायरिंग की जाती है.

    150 Times Bombs Firing before Take Off and Landing of Aircraft at Surat Airport
    Image Credits: The Straits Times

    एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority) ने बताया कि सूरत एयरपोर्ट (Surat Airport) के आसपास एरिया में कई झींगा तालाब हैं. जिसकी वजह से भारी संख्या में पक्षी एयर स्पेस में मंडराते रहते हैं. इससे विमानों के टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के पास झींगा तालाब एक मुसीबत हैं. हमने इस बारे में कई बार एन्वायरमेंटल मीटिंग के दौरान कलेक्टर से चर्चा की थी, उन्हें इस समस्या से अवगत कराया गया है.

    एक दिन में की जाती है 150 बार फायरिंग
    उन्होंने बताया कि विमानों की लैंडिंग के दौरान उस दिशा में फायरिंग की जाती है जहां ज्यादा पक्षी दिखते हैं. इसके अलावा हर मिनट पर फायरिंग की जाती है. सुबह 6 बजे से लेकर 11.30 बजे तक करीब 80 बार फायरिंग की जाती है. वहीं, दोपहर 3 बजे से शाम 7.30 बजे तक 60 से 70 बार फायरिंग होती है. उसके बाद जब रात होने लगती है तो बर्ड हिट का खतरा कम हो जाता है.

    150 Times Bombs Firing before Take Off and Landing of Aircraft at Surat Airport
    Image Credits: The Telegraph

    रनवे के दोनों तरफ लगाई 5 गन्स
    सूरत एयरपोर्ट पर मई 2017 के बाद से उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. इससे बर्ड हिट का खतरा ज्यादा रहता है. इससे निजात पाने के लिए जोन गन्स का इस्तेमाल किया जाता है. एयरपोर्ट के दोनों तरफ 5 गन लगाई गई हैं. इसके अलावा वाइब्रेटर का भी इस्तेमाल किया जाता है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसके लिए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की मदद मांगी थी. इसका उद्देश्य एयरपोर्ट परिसर में बढ़ रही घास पर रोक लगाना है और उनमें पनपने वाले कीटों को खत्म करना था.

    गन्स पर हर साल खर्च होते हैं 2 लाख
    सूरत एयरपोर्ट पर लगी इन पांचों जोन गन्स की कीमत 4 लाख रुपये है. इनमें एक गन इक्विपमेंट की कीमत 80 हजार रुपये है. इन्हें सिलेंडर लगाकर चलाया जाता है. एक सिलेंडर 20 दिन चलता है. इस काम में हर महीने 7 हजार रुपये का खर्च आता है. मेंटनेंस भी जोड़ लिया जाए तो एक गन पर हर महीने 10 हजार रुपये से ज्यादा का खर्च आता है.

    Source: https://hindi.news18.com/news/nation/150-times-bombs-firing-before-take-off-landing-of-aircraft-at-surat-airport-nodrk-2517169.html

  • दिल्ली में लीजिए कई फ्लेवर में ताजी बीयर का लुफ्त, कनॉट प्लेस में खुला पहला Beer ATM

    दिल्ली में लीजिए कई फ्लेवर में ताजी बीयर का लुफ्त, कनॉट प्लेस में खुला पहला Beer ATM

    दिल्ली में ताजी बीयर का पहला एटीएम (माइक्रोब्रुअरी) खुल गया है। कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में अग्निशमन विभाग के कार्यालय के सामने की तरफ एम ब्लॉक के एक बीयर बार में खुले इस एटीएम में ताजी बीयर मिलती है। आबकारी नियमों के मुताबिक, इसका खुलने का समय दोपहर एक बजे से रात एक बजे तक है।

    इस एटीएम में बीयर कई तरह के फ्लेवर में बीयर मिलती है। खास बात यह है कि यह बीयर गेहूं और जौ से बनाई जाती है इसमें किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं होता।

    दिल्ली सरकार ने दी थी मंजूरी

    2017 में दिल्ली सरकार ने इस योजना को मंजूरी दी थी। मगर योजना इसलिए उलझ गई कि मास्टर प्लान 2021 में इस तरह के बीयर ब्रुअरी (ताजी बीयर बनाने की जगह) लगाने का कोई प्रावधान नहीं था। डीडीए बोर्ड ने मास्टर प्लान में बदलाव कर सितंबर 2018 में इसके लिए अनुमति दी। इसी प्रक्रिया के तहत करीब ढाई माह पहले पहला लाइसेंस कनाट प्लेस के लिए मिला है।

    ताजी बीयर के लिए जो योजना बनाई गई है उसके अनुसार होटल, रेस्तरां और क्लब में तकरीबन 500 लीटर क्षमता वाले माइक्रो ब्रुअरी के साथ वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा।

    Delhi's First Beer ATM Open in Connaught Place
    Credits: ourstate.com

    आखिरी अड़चन हुई दूर

    बताया जा रहा है कि इस योजना को लागू करने के लिए 2010 से कोशिश की जा रही थी। लेकिन जमीन को लेकर सख्त प्रावधान इसके आड़े आ रहे थे। डीडीए के पास भू उपयोग बदलाव के लिए यह मसौदा भेजा गया था। दिल्ली सरकार ने गुरुग्राम व बेंगलुरु की तर्ज पर यह योजना तैयार की है। इस प्रावधान की मंजूरी मिलने के बाद आबकारी विभाग के तय नियमों के मुताबिक माइक्रो ब्रुअरीज खोली जा सकेंगी।

    तीन अन्य लोगों ने भी किया आवेदन

    इसे खोलने के लिए आबकारी विभाग के पास तीन अन्य लोगों ने भी आवेदन किया है। जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसका लाइसेंस उन्हें ही मिलेगा। जिनके पास 650 वर्ग फीट भूतल पर जगह होगी। इसके अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण (डीपीसीसी) कमेटी से स्वीकृति लेनी अनिवार्य है।

    Source: Dainik Jagran

  • दुनिया की पहली रोबोट नागरिक सोफिया भारत आई, बोली- मेरे अंदर भी भावनाएं हैं

    दुनिया की पहली रोबोट नागरिक सोफिया भारत आई, बोली- मेरे अंदर भी भावनाएं हैं

    इंदौरः इंदौर की एमराल्ड इंटरनेशनल स्कूल में चल रही 51 वीं राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को विश्व की पहली रोबोट नागरिक सोफिया के साथ बातचीत का एक सेशन रखा गया था. फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से विश्व के प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की. सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है. सोफिया के अनुसार वह क्लाइमेट चेंज को लेकर सोशल मीडिया से भी जानकारी लेती रहती है.

    Sophia First Humanoid Robot Citizen in India

    सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है.

     

    क्लाइमेट चेंज पर सोफिया ने कहा कि विश्व के सभी देशों की सरकारों को अपनी नीति और आइडियाज में दोनों में बदलाव लाने की आवश्यकता है. इंदौर में चल रही राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में रोबोट सोफिया के साथ एक सेशन रखा गया था, जिसमें फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से दुनिया में चल रहे प्रमुख मुद्दों पर बात की और सोफिया ने बड़ी ही संजीदगी के साथ इन सभी सवालों के जवाब भी दिए.

     

    वीडियो देखें:

    https://www.youtube.com/watch?v=el1Me3YF99w

     

    जब उत्तरा सिंह ने सोफिया से पूछा कि क्या उनमें फीलिंग्स हैं, तो सोफिया नाराज हो गई और उत्तरा से कहा की आप मेरी फिलिंग को हर्ट कर रही हैं. मेरी अंदर भी भावनाएं हैं. सोफिया से पूछा गया कि क्लाइमेंट चेंज के लिए सरकारों को अपनी नीति या आइडियाज में से किसे बदलना चाहिए तो सोफिया का कहना था की सरकारों को दोनों में बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि दोनों ही एक दूसरे पर प्रभाव डालते है.

     

    वीडियो देखें:

     

    सोफिया से जब कहा गया की भारतीय लोग डांस काफी पसंद करते हैं, तो सोफिया ने बोला कि डांस तो मुझे भी पसंद है, लेकिन रोबोटिक. कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग देशों से आए बच्चों ने भी सोफिया से कई सवाल किए, जिसके सोफिया ने जवाब दिए. कॉन्फ्रेंस के इस सेशन का छात्रों के साथ उनके शिक्षकों ने भी खूब आनंद लिया.

     

    ये वीडियो भी देखें:

     

    Source: https://zeenews.india.com/hindi/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/sofia-worlds-first-robotic-citizen-arrived-in-indore-and-attended-international-conference-said-i-also-have-feelings/581484