Author: Surendra Rajput

  • दोबारा धूम मचाने आ गया है नया नोकिया 3310

    दोबारा धूम मचाने आ गया है नया नोकिया 3310

    अपने जमाने का बेहतरीन मोबाइल फ़ोन नोकिया 3310 दोबारा मार्किट में तहलका मचाने आ रहा है. नोकिया का 3310 मोबाइल जो अपने स्नेक गेम की वजह से भी पॉपुलर हुआ था. अब MCW (Mobile World Congress) 2017 में नोकिया द्वारा की गयी घोषणा के अनुसार दोबारा कुछ नए फीचर के साथ वापस आ रहा है. 17 साल बाद बड़ी  स्क्रीन, इन्टरनेट कनेक्टिविटी, कैमरा और फ्लैश के साथ इसका पुनर्जन्म हुआ है.

    क्या आप जानते हैं: नोकिया 3310 के कुल 12 करोड़ 60 लाख हैंडसेट बिके हैं.

     

    नए 3310 में 22 घंटे के टॉकटाइम और एक महीने के स्टैंडबाय की 1200 mAh की पावरफुल बैटरी आ रही है. अगर स्नेक गेम की बात करें तो या केवल फेसबुक मेसेंजर के द्वारा ही खेलने को मिल पायेगा.

     

    अगर रंगों की बात करें तो यह चार रंगों में उपलब्ध है: ग्लॉसी लाल, पीला और मैटी फिनिश के साथ नीला और ग्रे. इसकी कीमत भारत में लगभग 3500 रुपये होगी.

     

    अगर फ़ोन की मजबूती की बात करें तो नोकिया फिर से अपने पुराने फ़ोन वाली ही मजबूत बॉडी के साथ आ रहा है.

    New Nokia 3310 is Comeback with Big Battery, Dual Sim and Camera

    नया 3310 मार्किट में HMD Global कंपनी द्वारा लांच किया गया है, इस कंपनी ने पिछले साल नोकिया ब्रांड के राइट्स खरीदे थे.

     

    कीमत कितनी होगी:

    नए नोकिया 3310 की कीमत आपके बजट में है, इसकी कीमत भारत में लगभग 3500 रुपये के लगभग होगी. वास्तविक कीमत तो इसके भारत में लांच होने के बाद ही पता चलेगी.

     

    डिस्प्ले कैसा होगा:

    पुराने फ़ोन में जहाँ ब्लैक एंड वाइट डिस्प्ले था वहीँ अब नए 3310 में कलर डिस्प्ले  है. इसमें 120 ppi का 2.4 इंच का कलर डिस्प्ले है. इसके Polarise कर्व स्क्रीन में आप धूप में भी इसको अच्छी तरह से चला पाएंगे.

    New Nokia 3310 is Comeback with Big Battery, Dual Sim and Camera

    कैमरा:

    इस फ़ोन में आपको फ्लैश के साथ 2 मेगापिक्सेल का कैमरा मिलेगा लेकिन सेल्फी कैमरा की कमी खलेगी.

     

    सिम कार्ड:

    नया 3310 ड्यूल माइक्रो सिम को सपोर्ट करेगा. दोनों सिम GSM होंगे.

     

    गेम:

    जिसने भी पुराने 3310 फ़ोन को चलाया होगा उसे अभी भी स्नेक गेम याद होगा. तो नए 3310 में भी आपको कलर बैकग्राउंड के साथ नया या कहें पुराना स्नेक गेम खेलने को मिलेगा.

     

    बैटरी:

    बैटरी के मामले में यह फ़ोन भी पुराने 3310 को टक्कर देगा. इसमें 1200 mAh की बैटरी है जो आपको 22 घंटे का टॉकटाइम और एक महीने का स्टैंडबाय टाइम देगी.

    New Nokia 3310 is Comeback with Big Battery, Dual Sim and Camera

    कब मिलेगा यह फ़ोन:

    भारत में यह फ़ोन मई-जून में लांच किया जाएगा.

     

    और क्या-क्या है नए नोकिया 3310 में:

    इस फ़ोन में माइक्रो USB कनेक्टिविटी, 2G इन्टरनेट, और ब्लूटूथ 3.0 कनेक्टिविटी मिलेगी.

    पुराने 3310 में जहां 48×84 पिक्सेल का रेसोल्यूशन था वहीँ नए 3310 में 240×320 पिक्सेल का QVGA कलर डिस्प्ले मिलेगा. फ़ोन में इंटरनल मेमोरी सिर्फ 16 MB है लेकिन इसे मेमोरी कार्ड से 32 GB तक बढ़ा सकते हैं. इस फ़ोन में आप FM रेडियो का लुत्फ़ भी ले सकते हैं.

     

    कुछ बातें पुराने नोकिया 3310 के बारे में:

    नोकिया 3310 सितम्बर 2000 में लांच हुआ था. बिना कैमरे वाले इस फ़ोन का स्क्रीन रेसोल्यूशन केवल 48×84 पिक्सेल था. इसमें 1000mAh की बैटरी थी और वजन 133 ग्राम था. यह फ़ोन केवल एक सिम को सपोर्ट करता था और कोई कनेक्टिविटी ऑप्शन भी नहीं था. आप इस फ़ोन से केवल काल और टेक्स्ट मेसेज को सेंड और रिसीव कर सकते थे.

    Old Nokia 3310

    नोकिया कंपनी के बारे में:

    अपने जमाने की सबसे बड़ी फ़ोन निर्माता कंपनी के बुरे दिन Android और iPhone मार्किट में आने के बाद से शुरू हुए. वर्ष 2014 में इसे microsoft ने खरीद  लिया. फिर वर्ष 2016 में इसके कुछ हिस्से को HMD Global ने खरीदा और नोकिया ब्रांड के अन्तर्गत ही स्मार्टफोन बनाना शुरू किया.

     

    पुराने और नए नोकिया 3310 की तुलना
    Nokia 3310 (2017) Nokia 3310
    कब लांच हुआ Feb-17 Sep-00
    साइज़ (mm) 115.60 x 51.00 x 12.80 113.00 x 48.00 x 22.00
    वजन (g) 133
    बैटरी (mAh) 1200 1000
    किन किन रंगों में Warm Red (Glossy), Dark Blue (Matte), Yellow (Glossy), Grey (Matte)
    डिस्प्ले  
    स्क्रीन साइज़  (इंच में ) 2.4
    टचस्क्रीन No No
    स्क्रीन रेसोलुशन 240×320 pixels 48×84 pixels
    हार्डवेयर
    इंटरनल मेमोरी 16MB
    मेमोरी बढ़ सकती हैं या नहीं Yes No
    माइक्रो SD सपोर्ट (GB) 32
    कैमरा
    मुख्य कैमरा 2-megapixel No
    फ्लैश Yes No
    कनेक्टिविटी
    ब्लूटूथ Yes, v 3.00 No
    हेडफोन 3.5mm
    FM Yes No
    कितनी सिम लगा सकते हैं 2 1

     

  • अंतरिक्ष विज्ञानियों को मिले पृथ्वी के 7 भाई बहन, जीवन की संभावना!

    अंतरिक्ष विज्ञानियों को मिले पृथ्वी के 7 भाई बहन, जीवन की संभावना!

    अपनी पृथ्वी से 40 प्रकाश वर्ष दूर पृथ्वी के जैसे ही 7 ग्रह मिले हैं. वैज्ञानिकों को पूरी सम्भावना है की वहां पर जीवन और पृथ्वी जैसा वातावरण हो सकता है.

     

    नासा के खगोल वैज्ञानिकों ने एक छोटे और डूबते हुए तारे के चारो ओर परिक्रमा करते हुए सात ग्रह ढूंढ निकाले हैं. ये ग्रह पृथ्वी से मात्र 40 प्रकाश वर्ष की दूरी पर हैं. नेचर मैगजीन में इसकी जानकारी प्रकाशित की गयी है.

    सम्भावना व्यक्त की गयी है की इन ग्रहों पर पानी और वातावरण हो सकता है, और वहाँ पर जीवन की भी सम्भावना है. ये सारे ग्रह लगभग पृथ्वी के आकर के हैं.

     

    ये एक्सोप्लैनिट्स की संरचना काफी उलझी हुई है और इनकी जमीन पथरीली  होने की सम्भावना है, और इनमे से कुछ ग्रहों पर समुद्र भी हो सकते हैं. ये ग्रह एक मरते हुए छोटे तारे TRAPPIST-1 की परिक्रमा कर रहे हैं.

    यह केवल शुरुआत है और इन ग्रहों की और ज्यादा जानकारी जुटाने में कई दशक भी लग सकते हैं. और अगर वहाँ पर जीवन के प्रमाण मिल भी गए तो हमको वहाँ पहुँचने में कई लाख या हजारों साल लग जाएंगे.

     

    गूगल ने भी इस आज अपने डूडल को स्पेस  की इसी थीम पर बनाया है.

    7 Planets Similar to Earth Found in Space at 40 Light Years Distance

    सबसे ख़ास बात यह है की आज से पहले कभी भी पृथ्वी के आकार के इतने ग्रह एक तारे का चक्कर लगाते हुए नहीं मिले. ये ग्रह गैस के गोले न होकर धातुई चट्टानें के बने हो सकते हैं और कुछ पर समुद्र हो सकते हैं. यहां का तापमान जीवन के अनुकूल माना जा रहा है. अब केवल वहां के वातावरण की जानकारी प्राप्त करनी है जिसमे वहाँ पर कौन कौन सी गैसें हैं तथा ऑक्सीजन अगर है तो कितनी मात्रा में है.

     

    इन ग्रहों पर सूर्य, हमारी पृथ्वी के सूर्य से करीब 10 गुना तक बड़ा दिखाई देगा. इंफ्रारेड की अधिकता की वजह से आँखों की देखने की छमता पृथ्वी से बिलकुल ही अलग होगी तथा वहाँ के रंगों और पृथ्वी के रंगों में भी अंतर हो सकता है.

     

    वैज्ञानिकों ने 1992 से अब तक लगभग 3500 ग्रह खोजे है जो 2600 से अधिक सूर्यों की परिक्रमा करते हैं.

    प्रकाश वर्ष क्या है:

    जिन लोगों ने विज्ञानं का अध्ययन किया होगा उनको प्रकाश वर्ष के बारे में जानकारी होगी. लेकिन यदि आप प्रकाश वर्ष के बारे में नहीं जानते है तो आइये हम आपको बताते हैं.

    7 Planets Similar to Earth Found in Space at 40 Light Years Distance

    प्रकाश वर्ष सुनने में सुनने में समय के सामान लगता है, लेकिन यह बहुत बड़ी दूरियां नापने की यूनिट है.

    1 प्रकाश वर्ष = 1 वर्ष में प्रकाश के द्वारा चली गयी दूरी

    1 सेकंड में प्रकाश द्वारा चली गयी दूरी = 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड  

     

    अब आप समझ सकते हैं की अगर आप 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से चलते हैं तो आपको उन ग्रहों तक पहुँचने में 40 साल लग जाएंगे.

    7 Planets Similar to Earth Found in Space at 40 Light Years Distance

    और पढ़ें:  

    http://navbharattimes.indiatimes.com/nasa-discovers-earthlike-seven-new-plantes-20-major-points/listshow/57305141.cms

    http://edition.cnn.com/2017/02/22/world/new-exoplanets-discovery-nasa/

    https://www.theguardian.com/science/2017/feb/22/thrilling-discovery-of-seven-earth-sized-planets-discovered-orbiting-trappist-1-star

     

    फोटो क्रेडिट:

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  • सावधान! अब एटीएम से निकल रहे हैं “चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया” के नोट

    सावधान! अब एटीएम से निकल रहे हैं “चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया” के नोट

    आज दो हजार के नए नोट की जगह जब चूरन वाले “चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया” के नोट एटीएम से निकलने लगे तो लोग आश्चर्यचकित रह गए. 6 फरबरी को दिल्ली के संगम विहार इलाके में ऐसी ही घटना हुई.

     

    दिल्ली के संगम विहार में रहने वाले रोहित ने जब तिगड़ी स्थित स्टेट बैंक के एटीएम से आठ हज़ार रुपये निकाले तो दो हजार के नए नोट देखकर उसका मुंह खुला का खुला रह गया, क्योंकि ये दो हजार के नोट असली नहीं वरन चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया के चूरन छाप नोट थे.

     

    रोहित ने इसकी सूचना जब पुलिस को दी तो पुलिस ने वेरिफिकेशन करने के लिए उस एटीएम से रुपये निकाले तो उन्हें भी वही चूरन छाप नोट मिले.

     

    पुलिस ने मामले की तस्दीक करते हुए एटीएम में पैसे डालने वाली कंपनी “ब्रिंक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड” के एक कर्मचारी मोहम्मद ईशा को गिरफ्तार किया है. पुलिस अब मामले की जाँच में जुटी है की कहीं इस तरह की हरकत अन्य किसी एटीएम में भी न की गयी हो.

     

    फोटो क्रेडिट: hindustantimes.com

  • ISRO ने किया एक रॉकेट से रिकॉर्डतोड़ 104 उपग्रहों का प्रक्षेपण – दुनिया हैरान

    ISRO ने किया एक रॉकेट से रिकॉर्डतोड़ 104 उपग्रहों का प्रक्षेपण – दुनिया हैरान

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO ने बुधवार को एक नयी उपलब्धि हासिल करके पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया. भारत ने PSLV-C37 रॉकेट के जरिये एक बार में 104 उपग्रह लांच किये और यह संख्या अब तक की सबसे अधिक है. इससे पहले का रिकार्ड रूस के नाम है. रूस ने 2014 में एक राकेट से 37 उपग्रह लांच किये थे. बताते चलें कि इन 104  सैटेलाइट में 96 अमेरिका के थे. इस तरह अमेरिका ने भी भारत कि टेक्नोलॉजी का लोहा मान लिया है. यह सैटेलाइट लांच श्रीहरिकोटा केंद्र से किया गया है.

     

    यह सैटेलाइट लांच 17000 मील प्रति घंटे कि रफ़्तार से किया गया और हर कुछ सेकण्ड्स में उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित किया गया. यह मिशन बहुत ही खतरा भरा था क्योंकि इतने सारे उपग्रहों को बहुत तेजी के साथ उनकी कक्षा में स्थापित करना रिस्की था और अगर ये उपग्रह गलत कक्षा में स्थापित हो जाते तो उनके दूसरे उपग्रहों के साथ टकराने की सम्भावना भी हो सकती थी.

     

    Image Source: space.com

  • यह सीट है ख़ास, जिस पार्टी का प्रत्याशी जीता उसी पार्टी की सरकार बनी

    यह सीट है ख़ास, जिस पार्टी का प्रत्याशी जीता उसी पार्टी की सरकार बनी

    कासगंज विधान सभा सीट उत्तर प्रदेश की ऐसी सीट है की यहां से 1974 से जिस भी पार्टी का उम्मीदवार जीता है वो ही पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. लेकिन 1996 में भाजपा ने यह सीट जीती थी और सबसे बड़ी पार्टी भी बनी थी लेकिन सपा और बसपा ने मिलकर सरकार बनाई थी.

     

    यहां लगभग 65000 लोध, 42000 ब्राह्मण और लगभग 40000 दलित समेत कुल वोटर 3.44 लाख हैं.

     

    1974 से अब तक का कासगंज सीट का सफरनामा:

     

    • 1974, 1980, 1985 में कांग्रेस से मनपाल सिंह जीते और कांगेस की सरकार बनी.
    • 1977 में इमरजेंसी के बाद जनता पार्टी की लहर में नेतराम सिंह जीते.
    • 1989 में जनता पार्टी के गोवर्धन सिंह जीते और मुलायम सिंह यादव सीएम बने.
    • 1991 में नेतराम सिंह जीते और बीजेपी की सरकार बनी.
    • 1996 में कल्याण सिंह जीते और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन सपा-बसपा की सरकार बनी.
    • 2002 में सपा के मनपाल सिंह जीते और पार्टी की सरकार बनी.
    • 2007 में बसपा से हसरत उल्लाह जीते और मायावती की सरकार बनी.
    • 2012 में मनपाल फिर जीते और सपा की सरकार बनी.
    • 2017 इस चुनाव में भाजपा के देवेंद्र सिंह राजपूत की कांटे की टक्कर से सपा के हसरत उल्ला शेरवानी से है
  • क्या आप जानते हैं? दुनिया की सबसे लंबी कार 100 फ़ीट लंबी और 26 पहियों वाली थी

    क्या आप जानते हैं? दुनिया की सबसे लंबी कार 100 फ़ीट लंबी और 26 पहियों वाली थी

    हो सकता है आप जे ओहरबर्ग का नाम न जानते हों, लेकिन उनके काम को जानने वाले बहुत हैं. इनके द्वारा डिजाइन की गयी कारे कई फिल्मों में धूम मचा चुकी हैं, जैसे जनरल ली, नाईट राइडर की किट, बैक टू द फ्यूचर की डेलोरेन और स्टार स्काई एंड हच की फोर्ड ग्रान टोरिनो.

    World's Longest Limo 100 Feet Long and Have 26 wheels

    लेकिन उनकी बनाई हुई एक नायब कृति आजकल पार्किंग में पड़ी धुल फांक रही है. ये है 100 फ़ीट लंबी, 26 पहियों वाली “अमेरिकन ड्रीम” लिमोजिन कार जो बीच में से दो भागों में बंट सकती थी. इतना ही नहीं, इसमें एक हेलिपैड, एक जकूज़ी, और कई केबिन भी थे.

     

    आइये इस कार से जुडी हुई कुछ बातों को जानें.

     

    सन 1980 के आखिरी महीनों में ओहरबर्ग के दिमाग में दुनिया की सबसे लंबी कार बनाने का आईडिया आया. तब उन्होंने 1970 मॉडल की कैडिलैक एल्डोराडो कार से अमेरिकन ड्रीम लिमोजिन बनाना शुरू किया. इस कार को बनाने में कितनी मेहनत लगी होगी इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं क्योंकि, एक साधारण कार को 100 फ़ीट लंबी बनाना और दर्जनों पहिये लगाना आम बात नहीं है.

    World's Longest Limo 100 Feet Long and Have 26 wheels

    और इतने सारे चेंज करने के बाद इसे मॉडल न बनाकर चलाना भी था. इसमें पीछे की तरफ हेलिपैड और जकूज़ी होने की वजह से पीछे की तरफ पहियों की संख्या बढ़ाई गयी थी.

     

    अब 100 फ़ीट लंबी लिमो को चलाना भी आसान काम नहीं था. सड़क पर इसको मोड़ना लगभग नामुमकिन था. इसलिए इसे दो भागों में बनाया गया था जिसे जरूरत पड़ने पर ट्रेन के डिब्बे की तरह जोड़ा जा सकता था.

     

    उपर्युक्त कारणों की वजह से इसे सामान्य कारों की तरह चलाया नहीं जा सका और वास्तव में इसका कोई यूज नहीं हुआ. क्योंकि इसे सड़क पर ले जाने का मतलब अपने आपको और साथ ही दूसरों को परेशानी में डालना था.

    World's Longest Limo 100 Feet Long and Have 26 wheels

    इसी वजह से इतनी शानदार गाडी आज कबाड़ हालात में कड़ी हुई है. इसके ज्यादातर हिस्से गायब हो चुके हैं. काम शब्दों में कहें तो यह गाडी मर चुकी है.

     

    लेकिन कुछ ख़बरों के अनुसार इसे दोबारा जिन्दा करने की कोशिशें जारी हैं. न्यू यॉर्क के ऑटोसम में यह गाडी अभी खड़ी हैं जहां पर छात्र इस गाड़ी के फैब्रिकेशन पर पढ़ाई कर रहे हैं.

     

    लेकिन कुछ भी हो, इस गाडी को चलती हालात में देखना अपने आपमें एक सुखद अनुभव होगा.

     

     

    आजकल यह गाडी यहां खड़ी है (पेड़ों के नीचे):

    Source: http://www.autotrader.com/car-news/the-sad-fate-of-the-worlds-longest-limo-259630

    https://www.yahoo.com/news/longest-car-world-dead-coming-back-life-153047264.html

  • हमारे देश में हुनर की कमी नहीं है, बस सरकारें सहयोग नहीं करती हैं

    हमारे देश में हुनर की कमी नहीं है, बस सरकारें सहयोग नहीं करती हैं

    हुनर की बात करें तो क्या हमारे देश में हुनर की कमी है? हम ओलम्पिक जैसी प्रतियोगिताओं में क्यों पदक के लिए पलकें बिछाये रहते हैं? जबकि होनहार रोजी रोटी के चक्कर में सडकों पर अपना हुनर दिखाने को मजबूर हैं.

    https://www.youtube.com/watch?v=Bfs6ZJIMalw



  • मोदी की मेहनत पर पानी: इनके पास 4.7 करोड़ रुपये के नए नोट कहाँ से आये?

    मोदी की मेहनत पर पानी: इनके पास 4.7 करोड़ रुपये के नए नोट कहाँ से आये?

    जहां तक दावों का सवाल है तो प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री जेटली दोनों ने नोट बंदी की स्कीम भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद पर चोट करने के लिए की थी. इसमें सबसे ज्यादा सपोर्ट भी आम जनता ने किया था. और सबसे ज्यादा कष्ट भी आम जनता ही झेल रही है.

     

    पहले बैंकों के बाहर आम जनता पुराने नोट जमा कराने और नोट बदलने के लिए लाइन में लगी रही फिर अपने ही पैसे को बैंकों और एटीएम से दो-दो और चार-चार हजार करके निकालने के लिए अभी तक लाइन में लगी है.

     

    रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने तो यहां तक कहा है की पैसे की कोई कमी नहीं है और बैंक से 24000 प्रति सप्ताह और एटीएम से 5000 प्रति सप्ताह कैश निकाल सकते हैं.

     

    लेकिन सच्चाई सभी को मालूम है, ज्यादातर एटीएम में पैसा ही नहीं डाला जा रहा है, कुछ जगहों पर 2000 के नोट मिलने शुरू हुए हैं, 500 के नोट सिर्फ कुछ गिने चुने एटीएम से मिल रहे हैं. बैंकों की हालात तो और भी बदतर है. सीमित कैश और भारी भीड़ के चलते बहुत कम बैंक ही अपने ग्राहकों को प्रति सप्ताह 24000 रुपये दे पा रहे हैं. ज्यादातर बैंक अधिक से अधिक लोगों को सहूलियत पहुंचाने के लिए 4000 या 6000 रुपये प्रति दिन दे रहे हैं.

     

    ऐसे में आतंकवादियों के पास से आये दिन नए नोटों की गड्डियां मिलना व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाता है. रोज पुराने नोटों से ज्यादा नए नोटों की खेप पकडे जाने की खबरे सुनने में आ रही हैं.

     

    ताजा मामले में बेंगलुरु में दो लोगों के पास से करीब पांच करोड़ के नए नोट बरामद हुए हैं. इनकम टैक्स वालों में एक इंजिनियर और एक ठेकेदार को 4.7 करोड़ के नए नोटों और 30 लाख के पुराने नोटों के साथ गिरफ्तार किया है. यह अब तक की सबसे ज्यादा नए नोटों के रकम की बरामदगी है. इससे पहले निजामुद्दीन स्टेशन, दिल्ली से एक कार से 27 लाख के नए नोट बरामद हो चुके हैं. इसी तरह पंचकूला हरियाणा से 8 लाख के नए नोट बरामद हो चुके हैं.

     

    अब सवाल यह उठता है की इतनी मात्रा में नए नोट बैंको से बाहर कैसे आये. लोग एक-एक पाई को मोहताज हो रहे हैं और बैंककर्मियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचारी अपने काले धन को सफ़ेद करने में कामयाब हो रहे हैं.

     

    फोटो साभार: http://indianexpress.com/

  • दिन भर की खोजबीन: नोट बंदी के बाद क्या क्या हुआ?

    दिन भर की खोजबीन: नोट बंदी के बाद क्या क्या हुआ?

    ताजा खबर:

     

    नमक को लेकर अफवाह: मारपीट, कुछ जगह कीमत 200/- के पार:

    यूपी और दिल्ली में नोट बंद होने के बाद अफवाहों का बाजार गर्म रहा. शाम को अचानक अफवाह उडी की देश में नमक की कमी हो गयी है. इसका जिसको भी पता चला वो ही नमक खरीदने दौड़ पड़ा. इस वजह से कालाबाजारी करने वालों ने 200 से 400 रुपये तक नमक बेंच डाला. कानपुर में नमक को लेकर पथराव की सूचना मिली है. इस वजह से कई जगह बाजार बंद होने की खबरे हैं.

     

     

    १४ नवम्बर तक पुराने नोटों को चला सकते हैं:

    सरकार ने कैश की कमी को देखते हुए पुराने 1000 और 500 के नोटों को चलाने की 11 नवम्बर की सीमा को बढ़ाते हुए इसे 14 नवम्बर कर दिया है. बैंकों और एटीएम के बाहर भारी भीड़ और कैश की कमी को देखते हुए पुराने नोटों को हॉस्पिटल, पेट्रोल पम्प और हवाई अड्डे आदि जगहों पर 14 तारीख तक प्रयोग कर सकते हैं.

     

    इस समस्या को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देशभर में नैशनल हाईवे पर 14 नवम्बर तक टोल न लेने का फैसला किया है.

     

    एटीएम पर अभी कुछ दिन भीड़ रहेगी:

    अभी कुछ दिन तक एटीएम में कैश की कमी की समस्या रहेगी क्योंकि एटीएम में अभी तक 100, 500 और 1000 के तीन क्रेट होते थे. लेकिन अब 100, 500 और 2000 के क्रेट होंगे. इसलिए जब तक सॉफ्टवेयर और बाकी चीजें अपडेट नहीं हो जाती हैं तब तक ये समस्या रहेगी.

     

    नोट बंदी की वजह से हुई कुछ मौतें:

    गाजियाबाद के लोनी में 10 साल के बच्चे की अस्पताल न पहुँच पाने की वजह से मौत हो गयी.

    कानपूर के पनकी में एक युवक ने 2.5 करोड़ में अपनी जमीन का सौदा किया जिसमे बयाने के तौर पर 70 लाख रुपये 1000 और 500 के नोटों में मिले. लेकिन नोट बंद होने की खबर सुनकर उसे दिल का दौर पड़ा और उसकी मौत हो गयी.

     

    राहुल गाँधी ने लाइन में लगकर बदले 4000 रुपये.

    1000 और 500 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद मोदी के ट्विटर फॉलोवर में 3 लाख की कमी.

  • काला धन पर सर्जीकल स्ट्राइक: 1000 और 500 के नोट आज रात से बंद

    काला धन पर सर्जीकल स्ट्राइक: 1000 और 500 के नोट आज रात से बंद

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज देश को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने काला धन रखने वालों पर प्रहार करते हुए आज रात से ही 1000 और 500 के नोट बंद करने का एलान किया है. 30 दिसंबर तक पुराने नोट बैंकों में बदले जाएंगे और इसके बाद पहचान पत्र दिखा कर 31 मार्च 2017७ तक ये पुराने नोट बदल सकेंगे.

     

    प्रधानमंत्री के इस कदम के दूरगामी प्रभाव देखे जा रहे हैं. देश में जो काला धन और नकली नोटों को बंद करने के लिए इससे अच्छा उपाय हो भी नहीं सकता था. रिजर्व बैंक और प्रधानमंत्री के इस कदम की किसी को कानो कान भनक तक नहीं लगी.

    New 2000 Note

    प्रधानमंत्री ने कहा की अब हम भृष्टाचार में 100वें स्थान से 76वें स्थान पर पहुँच पाए हैं.

     

    10 नवम्बर से नए 500 और 2000 के नोट जारी कर दिए जाएंगे.

     

    रिजर्व बैंक के नए गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है की नकली नोटों से सिर्फ आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ती है. जनता असली और नकली नोटों में फर्क नहीं कर पाती है और उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने यह भी कहा की इससे किसी की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की सेंध नहीं लगाईं गयी है.

    Surgical Strike on Black Money: Notes of 1000 and 500 are Closed from Today Midnight

    भ्रष्टाचार की बीमारी को कुछ वर्ग विशेष के लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए फैला रखा है: पीएम मोदी

    सीमा पार के हमारे शत्रु जाली नोटों के जरिये अपना धंधा भारत में चलाते हैं और यह सालों से चल रहा है जो हमारे देश की इकोनॉमी के लिए अत्यंत घातक है.

     

    भृष्टाचार और काला धन देश के लिए नासूर बन गया है. प्रधानमंत्री के इस कदम से काला धन रखने वालों और चुनाव में काला धन खर्च करने वालों में खलबली मच गयी है.

     

    9 औऱ 10 नवंबर को कुछ एटीएम बंद रहेंगे। शुरु में कुछ दिनों तक 2000 रुपये से अधिक की राशि नहीं निकाली जा सकेगी: पीएम मोदी

    New 500 Note

    किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस से पुराने 1000 और 500 के नोट बदले जा सकेंगे. 11 नवम्बर को आधी रात तक ये नोट पेट्रोल पम्प और सीएनजी स्टेशनों पर चलाये जा सकेंगे.

     

    11 नवम्बर तक ही रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और हवाई अड्डों पर इन नोटों का संचालन होगा.

     

    100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, 5 रुपये, 2 रुपये और 1 रूपया का नोट और सभी सिक्के नियमित हैं और लेन देन के लिए उपयोग हो सकते हैं

     

    एडिटर के विचार:

     

    इस सर्जिकल स्ट्राइक का किस पर कितना असर होगा? आम जनता को कितनी परेशानी होगी? जहां तक मेरा मानना है, आम जनता को केवल 2-4 दिन तक परेशानी उठानी पड़ सकती है. क्योंकि साधारणतयः सामान्य लोग घरों में 2-4 हजार रुपये ही घरों में रखते हैं. अगर उनके पास छुट्टे रुपये नहीं हैं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इमरजेंसी में भी परेशानी उठानी पड़ सकती है. लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी तो उन लोगों को होने वाली है जिनके पास भारी मात्रा में बड़े नोट घर में रखे हुए हैं. इनमे नेता, छोटे और बड़े बिजनेसमैन शामिल हैं. अगर वह इनकम टैक्स नहीं देते हैं तो उनके लिए बड़ी परेशानी पैदा होने वाली है.

     

    सभी जानते हैं की चुनावों में बड़ी मात्रा में काला धन जो की बड़े नोटों के रूप में होता है, का अवैध रूप से वोट खरीदने में प्रयोग होता है. अब उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं तो इस सर्जिकल स्ट्राइक का असर राजनीतिक पार्टियों पर गंभीर रूप से पड़ने वाला है.

     

    बड़े बिल्डर और प्रोपर्टी डीलर भी इस घोषणा से सदमे में आ सकते हैं. क्योंकि प्रोपर्टी का ज्यादातर कारोबार कैश के रूप में बड़े नोटों से ही होता है.