Author: Surendra Rajput

  • 10 ग्रह जहां जाने से पहले आपकी रूह काँप जायेगी

    10 ग्रह जहां जाने से पहले आपकी रूह काँप जायेगी

    अनंत अंतरिक्ष की गहराइयों को जानने की उत्सुकता हर किसी की रहती है. इसके रहस्यों की कई कहानियां आपने पढ़ी और सुनी होंगी. हमारी पृथ्वी से बाहर क्या क्या हो रहा है, जब हमें पता लगता है तो उसे जानने के बारे हमारा मन बेचैन हो उठता है. पृथ्वी के बाहर जीवन है या नहीं, या पृथ्वी जैसे दूसरे ग्रह तक जाने में कितना समय लगेगा. हमारी पृथ्वी का एक साल दूसरे ग्रह के कितने दिन के बराबर होता है… आदि. जब समाचारों में पढ़ते हैं की अमुक ग्रह पृथ्वी से 10 या 20 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है जहां पानी हो सकता है, तो सोचने पर मजबूर होना पड़ता है की अगर उस ग्रह पर पानी होगा भी तो कितने साल लगेंगे वहाँ तक पहुंचने में.

    अगर हम अपने सौर मंडल (Solar System) की बात करें तो 9 ग्रहों (Planets) के साथ 200 से भी ज्यादा चन्द्रमा और छुद्र ग्रह (Asteroids) हैं. पृथ्वी को छोड़कर अगर किसी और ग्रह की बात करें तो सब पथरीले और खतरनाक ग्रह (Dangerous Planets) हैं जहां पर रहने की बात तो दूर वहाँ जाने के नाम से ही रूह काँप जायेगी.

    चलिए छोड़िये, अंतरिक्ष तो अनंत है, इसके बारे में जितनी बात की जाए वो कम है.

    आइये बात करते हैं 10 ग्रहों के बारे में और वहां के वातावरण के बारे में. सोचिये अगर हम इन ग्रहों पर पहुँच भी जाएँ तो हमारी क्या दशा होगी..

    1. Venus

    dangerous planets

    वीनस को पृथ्वी का जुड़वाँ कहा गया है लेकिन असलियत में यह पृथ्वी जैसा नहीं है. वीनस का वायुमंडल ग्रीनहाऊस गैसों (Greenhouse gas) से भरा है. इन गैसों की वजह से यह ग्रह नरक के सामान है. पृथ्वी का वायुमंडल सूरज की गर्मी को फैलाता है जबकि वीनस में यह बात उलटी हो जाती है. ग्रीनहाऊस गैसों की वजह से यह बहुत ही गर्म हो जाता है. रूस का अंतरिक्ष यान (Satellite) वीनस के वायुमंडल में नहीं झाँक पाया क्यूंकि सूर्य की रौशनी वहां के वायुमंडल में परावर्तित हो जाती है. लेकिन जब वह यान सतह पर पहुंचा तो केवल 127 मिनट तक ही सिग्नल भेज पाया और गर्मी में पिघल गया. एक ख़ास बात और, वीनस का दिन उसके एक साल से भी ज्यादा लम्बा होता है. यह अपनी धुरी पर 243 पृथ्वी के दिन में एक चक्कर लगता है जबकि सूर्य की परिक्रमा करने में इसे 225 पृथ्वी के दिन लगते हैं.

    यहां पर अगर जीवन की बात करें तो आप यहां की जहरीली हवा में न तो सांस ले पाएंगे और अपने खुद के वजन के दबाव में पीस जाएंगे, फिर भी अगर आप बच गए तो इतने तापमान में आप हवा बन जाएंगे या फिर तेज़ाब की बारिश में घुल जाएंगे. या यूँ कहें की वहाँ पर पिज़्ज़ा बनने में 7 सेकंड लगेंगे लेकिन आप 7 सेकंड तक पिज़्ज़ा खाने लायक नहीं होंगे.

    1. CoRoT-7b

    dangerous planets

    दिन के समय इस ग्रह का तापमान पत्थरों को पिघलकर भाप में बदल देता है.वैज्ञानिकों के अनुसार इस ग्रह पर कोई गैस (भाप, कार्बन डाइऑक्साइड या नाइट्रोजन) नहीं है बल्कि पत्थरों की भाप है. यहां पर बारिश के रूप में पत्थरों की वर्षा होती है जो लावा जैसे गर्म सतह पर गिरती है. अब आप अनुमान लगा सकते हैं की इस ग्रह पर जीवन कैसा होगा.

    1. Pluto

    dangerous planets

    अब प्लूटो को ग्रह की श्रेणी से निकल दिया गया है. यहां का मौसम ठंडा है का मतलब यह नहीं है की सिर्फ बर्फीला है. यहां के मौसम इतना ठंडा है की सभी गैसें जम कर बर्फ बन गयी हैं और यह मौसम यहां के साल भर (पृथ्वी के 248 साल) रहता है. यहां का खुले हुए आसमान से सिर्फ उतनी ही गर्मी मिलती है जितनी की पृथ्वी पर चन्द्रमा से. यहां के -228 डिग्री से -238 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान में आप तुरंत जम जाएंगे.

    1. Jupiter

    dangerous planets

    जुपिटर ग्रह पर पृथ्वी के आकर से भी बड़े बड़े तूफ़ान आते हैं और 400 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलती हैं, जिसकी वजह से जो बिजली चमकती है वो पृथ्वी पर चमकाने वाली बिजली से 100 गुना ज्यादा ऊर्जायुक्त होती है. यहाँ के महासागर द्रव धातुई हाइड्रोजन से बने हैं जो 25000 मील गहरे हैं. पृथ्वी पर जहाँ हाइड्रोजन गैस रंगहीन और पारदर्शी है वहीँ जुपिटर पर बाहरी वातावरण में तो हाइड्रोजन पृथ्वी की तरह ही है लेकिन जैसे आप नीचे जाते है तो ग्रह के भयंकर दबाव की वजह से हाइड्रोजन द्रव धातु के रूप में परिवर्तित हो जाती है जो बिजली और गर्मी की सुचालक होती है. धातु होने की वजह से यह रौशनी को शीशे की तरह परावर्तित करती है. अगर आप इस ग्रह पर जाते हैं तो आप अपने शरीर के दाब से ही पीस जाएंगे या फिर बिजली गिरने से आप की मौत हो सकती है.

    1. WASP-12b

    dangerous planets

    यह ग्रह अब तक खोजै गया सबसे गर्म ग्रह (Hottest Planets Till Now) है. इसका तापमान लगभग 2200 डिग्री सेल्सियस है और यह ग्रह अपने सूर्य की परिक्रमा सबसे नजदीक से करता है. इस वजह से इसकी सतह का ताप हमारे सूर्य के तापमान से सिर्फ आधा है या लावा के तापमान से दोगुना है. यह अपने सूर्य से सिर्फ 3400000 किलोमीटर दूर है और पृथ्वी के एक दिन में ही पूरी परिक्रमा लगा लेता है. अब यहां जाने की तो सोचना ही मत.

    1. Mars

    dangerous planets

    मार्स (मंगल) ग्रह पर धुल भरे तूफ़ान कभी भी बन सकते हैं और कुछ ही दिनों में पूरे ग्रह को धुल भरी आँधियों से ढक लेते हैं. यहां उठने वाले तूफान हमारे सौर मंडल के सबसे बड़े और खतरनाक तूफानों में से हैं. यहां उठने वाले तूफान पृथ्वी के माउन्ट एवेरेस्ट जितने ऊंचे और रफ़्तार 300 किमी प्रति घंटे तक होती है. अब आप समझ सकते हैं की यहां पर जीवन कितना कठिन हो सकता है.

    1. COROT exo-3b

    dangerous planets

    अब तक खोजे जाने वाले ग्रहों में इस ग्रह का घनत्व सबसे ज्यादा है, और यह एक दूसरे तारे की परिक्रमा करता है. यह आकार में तो जुपिटर (बृहस्पति) जितना ही बड़ा है लेकिन इसका द्रव्यमान जुपिटर का 20 गुना है. इसका घनत्व पारे के घनत्व का दोगुना है. इसके घनत्व से आप अंदाजा लगा सकते हैं की इस ग्रह पर घूमना कितना कठिन है क्यूंकि यहाँ पर हमारा वजन पृथ्वी के मुकाबले 50 गुना ज्यादा होगा. मतलब हम अपने शरीर के वजन से दबकर चूर – चूर हो जाएंगे या यु मान लीजिये की आपके सीने पर एक हाथी जितना वजन हो जाएगा.

    1. 51 Pegasi b

    dangerous planets

    इसे बेलेरोफोन नाम से पुकारते हैं. यह गैस का गुब्बारा ज्यादातर हाइड्रोजन और हीलियम से बना है और आकार में पृथ्वी का 150 गुना है.समस्या यह है की यह अपने तारे के ताप से तप रहा है और इसका तापमान लगभग 1000 डिग्री सेल्सियस है. यह हमारी पृथ्वी के मुकाबले अपने सूरज से 100 गुना ज्यादा नजदीक है. इसके वातावरण के तापमान के अंतर के कारण यहां पर 1000 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलती हैं और इतनी गर्मी की वजह से यहां पानी की भाप भी नहीं है. लेकि यहां बारिश भी होती है वो भी गर्म लोहे की. जैसे पृथ्वी पर पानी भाप बनकर बादल बनाते हैं और बारिश करते हैं वैसे ही यहां पर लोहा भी भाप बनकर बादल बनाते हैं और पिघले लोहे की बारिश करते हैं. अब अगर यहां जाना हो तो एक अच्छा सा छाता लेकर जरूर जाएँ.

    1. Neptune

    dangerous planets

    नेप्चून ग्रह पर हर समय आंधी और तूफ़ान आते रहते हैं. पृत्वी जितने बड़े चक्रवात 1500 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से घूमते हैं. आपको ज्ञात हो की यह स्पीड साउंड बैरियर को तोड़ने की स्पीड से भी दोगुनी है. अब आप इतनी तेज हवाओं में भी खड़े हो सके तो अनोखी बात होगी. और अगर खड़े नहीं रह सके तो इन आँधियों में आप पूरे ग्रह पर भटकते रहेंगे.

    लेकिन आश्चर्य की बात यह है की इतने तेज तूफ़ान और चक्रवात उत्पन्न करने के लिए ऊर्जा कहाँ से आती है. जबकि यह ग्रह सूर्य से बहुत ही अधिक दूरी पर है और आतंरिक गर्मी भी बहुत ही कम है.

    1. Carbon Planet

    dangerous planets

    आपको तो पता ही होगा की अपनी पृथ्वी पर ऑक्सीजन की अधिकता और कार्बन का अनुपात बना हुआ है जो जीवन का जरूरी आधार है. जबकि हमारी आकाशगंगा के केंद्र में कार्बन की बहुतायत है जिससे ग्रह बनने की प्रक्रिया पृथ्वी बनने के अनुरूप नहीं है. इन कार्बन ग्रहों पर सुबह का आकाश एकदम साफ़ और नीला होता है. जबकि धरातल पर कच्चे तेल और तारकोल के समुद्र दिखाई देंगे. जबकि बारिश के रूप में आसमान से पेट्रोल और डीज़ल जैसी बरसात होती है. चलो एक अच्छी बात ये है की कार्बन से बने होने की वजह से यहाँ हीरों की भरमार है. अब अगर तारकोल और पेट्रोल में नहाने की इच्छा हो तो यहां जरूर जाइये.

    नोट: यहां दी गयी इमेज और जानकारी पठनीय बनाने हेतु वैज्ञानिक दृष्टिकोण से थोड़ी भिन्न हो सकती है. सटीक जानकारी के लिए आप https://en.wikipedia.org की सहायता ले सकते हैं.

    Img Source: http://listverse.com/2013/05/14/10-terrifying-planets-you-dont-want-to-visit/

    Featured img: http://hdwallpaperfx.com

  • रेप के दोषी राम रहीम – अंधभक्तों का धार्मिक उन्माद, हिंसा और मौतें, सरकारी सम्पत्तियों का नुकसान

    रेप के दोषी राम रहीम – अंधभक्तों का धार्मिक उन्माद, हिंसा और मौतें, सरकारी सम्पत्तियों का नुकसान

    पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के डेरा चीफ राम रहीम को रेप का दोषी करार देने के बाद उनके समर्थक हिंसा पर उतर आए हैं। पंचकूला हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है और 250 लोग घायल हुए हैं। पंचकूला में हुई हिंसा में 100 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है। अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद समर्थकों ने मीडियाकर्मियों पर भी हमले किए हैं। इस बीच राम रहीम के फैसले के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश सीमा पर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

    खबरों के मुताबिक, कोर्ट परिसर के बाद डेरा अनुयायियों ने टाइम्स नाउ समेत 3 न्यूज चैनलों की ओबी वैन तोड़ दी है। कुछ ओबी वैन में आग लगा दी गई है। फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियों में आगजनी की गई है। पंजाब के दो रेलवे स्टेशनों में आग लगाने की खबरें आ रही हैं। इसके अलावा, शिमला हाइवे पर भी कारों को रोककर तोड़फोड़ की गई है। पंजाब और हरियाणा में कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। सरकारी भवनों में हिंसक प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी है।

    Rape Case on Ram Rahim, Violence, Injured and Deaths

    Read: http://navbharattimes.indiatimes.com/state/punjab-and-haryana/chandigarh/ram-rahim-verdict-many-people-killed-injured-shifted-to-a-hospital-in-sector-6-of-haryana/articleshow/60222258.cms

    पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को रेप का दोषी करार दिए जाने के बाद हुई हिंसा में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई डेरा की संपत्तियों को जब्त कर किया जाए।

    साध्वी से रेप के मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद उनके समर्थक जगह-जगह हिंसा और आगजनी कर रहे हैं। पंचकूला की सीबीआई अदालक के फैसले के बाद से ही हरियाणा समेत पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और यूपी में उग्र डेरा समर्थक जगह-जगह हिंसा कर रहे हैं। तनाव के मद्देनजर दिल्ली के 11 जिलों में 8 सितंबर तक धारा 144 लगा दी गई है। गाजियाबाद में डीएम ने शनिवार को सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा मेरठ, हापुड़ और बागपत में सीबीएसई के सभी स्कूल शनिवार को बंद रहेंगे। नोएडा में भी सभी प्राइवेट स्कूल शनिवार को बंद रहेंगे।

    पंचकूला में उग्र डेरा समर्थकों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। तनाव के मद्देनजर हरियाणा के पंचकूला, सिरसा और कैथल में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पंजाब में भी कुछ जगहों पर कर्फ्यू लगाया गया है। नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के 5 जिलों में एहतियातन धारा 144 लगाई गई है।

    Read: http://navbharattimes.indiatimes.com/metro/delhi/crime/section-144-imposed-in-11-disticts-of-delhi-all-schools-of-ghaziabad-to-remain-closed-on-saturday/articleshow/60224911.cms

    रेप के दोषी राम रहीम का बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने किया बचाव

    रेप के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद जहां उनके समर्थक उपद्रव कर रहे हैं, वहीं बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने गुरमीत का बचाव किया है। उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने पूरे प्रकरण को भारतीय संस्कृति को बदनाम करने की साजिश बताया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने भी इशारो-इशारों में राम रहीम का बचाव किया है।

    रेप के दोषी गुरमीत के बचाव में साक्षी ने कहा कि कोर्ट करोड़ों भक्तों की बात नहीं सुन रहा है, सिर्फ एक शिकायतकर्ता की बात सुन रहा है। बीजेपी सांसद ने सीधे-सीधे कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक शिकायतकर्ता सही है या करोड़ों भक्त। साक्षी महाराज ने यह भी कहा कि कोर्ट ने सीधे-सादे राम रहीम को बुला लिया, नुकसान के लिए कोर्ट भी जिम्मेदार है।

    BJP MP Sakshi Maharaj Supports Ram Rahim

    बीजेपी के एक और नेता राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने भी बिना नाम लिए राम रहीम का बचाव किया है। स्वामी ने ट्वीट किया, ‘साधुओं के लिए नया खतरा: राजनेता और आश्रमों में रहने वाले स्वामीजी को जेल भेजकर आश्रम की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। साधुओं को अपने उत्तराधिकारियों को आगे बढ़ाना चाहिए।’

    बता दें कि साध्वी से रेप के मामले में पंचकूला की सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराया। सजा का ऐलान 28 अगस्त को होगा। गुरमीत को दोषी ठहराए जाने के बाद डेरा समर्थकों ने पंचकूला में हिंसा शुरू कर दी। हिंसा में 30 लोगों के मारे जाने और 250 से ज्यादा के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। पंचकूला से करीब 1,000 डेरा समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। पंजाब के संगरूर, बठिंडा और मोगा शहर में जबकि हरियाणा के सिरसा, पंचकूला और कैथल में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दिल्ली के सभी जिलों और पश्चिमी यूपी के 5 जिलों में धारा 144 लगा दिया गया है।

    डेरा समर्थकों ने अलग-अलग जगहों पर करीब 100 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। हिंसा पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए डेरा सच्चा सौदा की संपत्ति को जब्त करने और उससे नुकसान की भरपाई का आदेश दिया है।

    Read: http://navbharattimes.indiatimes.com/india/bjp-mp-sakshi-maharaj-defends-rape-convict-gurmeet-ram-rahim/articleshow/60224286.cms

    राम रहीम: डेढ़ दशक में इस तरह अंजाम तक पहुंचा केस

    साध्वी से रेप केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आखिरकार शुक्रवार को अदालत ने दोषी ठहरा दिया। 28 अगस्त को राम रहीम को सजा भी सुना दी जाएगी। नीचे देखिए साल 2002 से 2017 तक इस केस ने लिए कैसे-कैसे मोड़…

    Rape Case on Ram Rahim, Violence, Injured and Deaths

    1. अप्रैल 2002: तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को डेरा सच्चा सौदा की महिला अनुयायी के यौन शोषण की शिकायत वाली गुमनाम चिट्ठी मिली।
    2. मई 2002: हाई कोर्ट ने सिरसा डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज को चिट्ठी में लगाए गए आरोपों की जांच का निर्देश दिया।
    3. सितंबर 2002: जिला अदालत द्वारा यौन शोषण की आशंका जताए जाने के बाद हाईकोर्ट ने केस CBI को सौंप दिया।
    4. दिसंबर 2002: CBI ने गुरमीत राम रहीम के खिलाफ रेप और पीड़ित को धमकाने का केस दर्ज किया।
    5. जुलाई 2006: साध्वी ने बयान दर्ज कराया।
    6. जुलाई 2007: CBI ने अंबाला कोर्ट में चार्जशीट दायर की जिसमें राम रहीम पर 1999 से 2001 के बीच 2 साध्वियों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया।
    7. सितंबर 2008: CBI की विशेष अदालत ने राम रहीम के खिलाफ धारा 376 (रेप) और 506 (पीड़ित को धमकी) के तहत आरोप तय किए।
    8. सितंबर 2008: CBI कोर्ट ने राम रहीम पर आरोप तय किए।
    9. फरवरी 2009: एक साध्वी ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया।
    10. सितंबर 2010: दूसरी साध्वी ने भी कोर्ट में बयान दर्ज कराया।

    Read: http://navbharattimes.indiatimes.com/chronology-of-rape-case-against-gurmeet-ram-rahim/listshow/60223922.cms

  • पेड़ों से ढकी यह इमारत बनने से पहले ही आकर्षण का केंद्र बनी हुई है

    पेड़ों से ढकी यह इमारत बनने से पहले ही आकर्षण का केंद्र बनी हुई है

    ज्यादातर बनी हुई इमारतें ही लोगो के आकर्षण का केंद्र होती हैं, लेकिन यह अनोखी इमारत बनते हुए भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यह इमारत चीन के शंघाई शहर में बन रही है और इसकी अनोखी वास्तुकला की वजह से हजारों लोग इसको देखने आ रहे हैं.

    1000 Trees Covered Most Attractive Building

    इस इमारत का नाम ही रखा गया है: 1000 Trees, और इस इमारत की छतों और खम्भों पर पूरे पेड़ उगाये गए हैं जिसकी वजह से यह पूरी इमारत हरी-भरी दिखाई देती है.

    यह बिल्डिंग शंघाई के प्रसिद्ध M50 आर्ट एन्क्लेव के पास बन रही है और इसका काम अपने अंतिम चरण में है. यह बिल्डिंग 15 एकड़ में बनाई जा रही है. इसमें खम्भों को छुपाने के बजाये इन्हें छत पर निकाल कर उसके ऊपर पेड़ लगाए गए हैं.

    1000 Trees Covered Most Attractive Building

    इस इमारत को घर, ऑफिस, होटल और स्कूल के रूप में यूज किया जाएगा.
    16 मंजिला यह इमारत 50 मीटर ऊंची है और इसे अगले वर्ष तक आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

    1000 Trees Covered Most Attractive Building

    Source & Image Credits:

    https://www.lonelyplanet.com/news/2017/08/18/china-shanghai-1000-trees-complex-m50-art-enclave/

  • पानी के अंदर म्यूजिक बनाने वाला दुनिया का पहला अनोखा बैंड

    पानी के अंदर म्यूजिक बनाने वाला दुनिया का पहला अनोखा बैंड

    संगीत किसको नही पसंद है? जी है हम बात कर रहे है अलग अलग तरह के संगीत प्रेमियो की जिन्होंने संगीत के लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया हैऐसे ही संगीत प्रेमी बैंड की बात हम यहाँ कर रहे है जिन्होंने पानी के अंदर म्यूजिक बनाया है

    बिटवीन म्यूजिक (Between Music) एक ऐसा बैंड है जिन्होंने पानी के अंदर म्यूजिक बनाया है, इस तकनीक को खोजने में लगभग 10 साल लगे है, ये बैंड डेनमार्क देश में है जिहोने ने ये करिश्मा कर दिखाया है, इन्होंने पानी के अंदर संगीत बनाने के लिए कुछ खास तरह के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट भी तैयार किये है

    ये दुनिया के सबसे अनोखा बैंड मन जाता है क्योंकि ये बैंड सिर्फ म्यूजिक बनाते ही नही पानी के अंदर गाते भी हैबिटवीन म्यूजिक ग्रुप डेनमार्क के लैला स्कॉवमंड और रोबर्ट कार्ल्ससोन द्वारा चलाया जाता हैएकवासोनिक इस म्यूजिक ग्रुप का सबसे खास प्रोजेक्ट है

    इस ग्रुप के इस अनोखे संगीत ने संगीत प्रेमियो को एक अलग तरह का ही संगीत दिया है यही वजह है की इस संगीत ग्रुप को लोगो ने बहुत सराहा है

  • कैलिफ़ोर्निया ने पानी शुद्ध करने के लिए आविष्कार किया अनोखा यन्त्र

    कैलिफ़ोर्निया ने पानी शुद्ध करने के लिए आविष्कार किया अनोखा यन्त्र

    कैलिफ़ोर्निया ने पानी शुद्ध करने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाला नया यन्त्र आविष्कार किया है, ये यन्त्र सौर उर्जा के मदद से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फिल्टेरेशन प्रोसेस से पानी को शुद्ध करेगा

    द पाइप (The Pipe) नामक ये यन्त्र सालाना 4.5 बिलियन लीटर्स पानी शुद्ध करने के साथ साथ 10000 Mwh की ऊर्जा भी उत्पन्न करेगा जिससे कैलिफ़ोर्निया में पानी की होने वाला कमी की पूर्ति की जा सकेगी और साथ ही साथ उत्पन्न हुए ऊर्जा का भी उपयोग किया जा सकेगा

    Solar Powered Water Filtrations Pipe

    इस यन्त्र की मदद से कैलिफ़ोर्निया सरकार पानी की होने वाला कमी को दूर कर सकेगी और लोगो को शुद्ध पानी मुहैया करा पायेगीकैनेडियन इंजीनियरिंग फर्म ‘अब्दोलज़ीज़  खलीली एंड एसोसिएट्स ने इस पाइप का डिजाईन तैयार किया है, जिसको सैंटा मोनिका शहर में होने वाले लैंड आर्ट जनरेटर इनिशिएटिव नाम के एक डिजाईन कम्पटीशन में सबमिट भी कर दिया गया है

    Solar Powered Water Filtrations Pipe

    खलीली  के इंजीनीयरस के अनुसार ये यन्त्र एक साल में 10,000 MWh ऊर्जा उत्पन्न करेगा और साथ ही 4.5 बिलियन लीटर्स पीने का पानी भी तैयार करेगाइस यन्त्र से पाई निकलने वाले पाइप को सीधे शहर के मुख्य वाटर पाइप से जोड़ा जायेगा, जो सीधे लोगो के घरो तक पहुचाया जायेगा, इस पानी को फ़िल्टर करके पीने के काम में लाया जा सकेगा

    https://www.youtube.com/watch?v=kk86bsayzEQ

  • जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे – एक प्रेरणादायक कहानी

    जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे – एक प्रेरणादायक कहानी

    बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय.

    आप लोगों में से कई ने “नमक का दरोगा” नाम की कहानी तो पढ़ी होगी. जिसमे ईमानदारी और किसी भी तरह की रिश्वत स्वीकार न करने के बावजूद नौकरी से हाथ धोना पड़ता है. लेकिन ईमानदारी का फल अंत में मीठा ही मिला.

    इसी तरह की एक कहानी है, आइये इस कहानी से कुछ सीख लें.

    एक बार जब एक सफल बिजनेसमैन बूढा हो गया तो उसने अपने बिज़नेस को योग्य हांथों में सौपने की सोची, जो उसके बिज़नेस को पूरी ईमानदारी से आगे बढाए.

    इस काम के लिए उसने अपने बच्चों या फिर कंपनी के डाइरेक्टरों को चुनने के बजाय कुछ अलग करने की सोची. उसने अपनी कंपनी के सभी नौजवान कर्मचारियों को अपने पास बुलाया.

    उसने कहा: अब मेरे रिटायरमेंट और नए मालिक को चुनने का वक्त आ गया है, और मै चाहता हूँ की वो आप में से कोई हो.

    इस बात को सुनकर सभी कर्मचारी आश्चर्यचकित रह गए. बूढ़े मालिक ने आगे कहा: मैं आप सबको एक-एक बीज दे रहा हूँ, यह बहुत ही स्पेशल बीज है. मैं चाहता हूँ की आप सब इस बीज को बोयें और देखभाल करें. आज से ठीक एक साल बाद आपने इस बीज से क्या उगाया है वो दिखाएं. तब मैं आपके पौधे देखूंगा और अगले CEO का निर्णय करूँगा.

    उनमे एक कर्मचारी जिसका नाम जिम था, उसे भी सबकी तरह एक बीज मिला. जब शाम को वह घर पहुंचा तो उसने पूरी कहानी अपनी पत्नी को सुनाई. यह सुनकर पत्नी भी बहुत खुश हुई और एक गमला लाई, उसमे मिटटी और खाद आदि डालकर उसमे बीज बो दिया. रोज वो दोनों उस गमले में पानी डालते और पौधे के उगने की प्रतीक्षा करते. लगभग तीन हफ्ते के बाद उसके ऑफिस के कुछ कर्मचारी अपने पौधे के उगने और उनके बढ़ने की बाते करने लगे.

    जिम रोज की तरह गमले को देखता लेकिन उसमे किसी पौधे का कोई नामो-निशान तक नहीं था.
    धीरे-धीरे महीने गुजरने लगे. सभी अपने-अपने पौधों के बढ़ने की बाते करते थे. लेकिन उसके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं था. जिम अपने साथियों से इस बारे में कोई बात नहीं करता था.

    लेकिन वह अपने गमले खाद पानी डालना कभी नहीं भूलता था, पता नहीं कब एक छोटा सा पौधा निकल आये.
    आखिकार एक साल पूरा हुआ, सभी कर्मचारी पाने -अपने पौधे लेकर आये.

    वहीँ जिम ने अपनी पत्नी से कहा की वह खाली गमला ले जाकर क्या करेगा? लेकिन उसकी पत्नी ने कहा की ईमानदार रहो और जो कुछ भी हुआ वह बताना. जिम घबरा रहा था क्यूंकि यह उसके जीवन का सबसे शर्मिंदगी वाला दिन था, लेकिन उसकी पत्नी की बात भी सही थी. जब वह अपना खाली गमला लेकर ऑफिस पहुंचा तो देखा की उसके सभी साथी तरह तरह के पौधे के साथ वहाँ पर थे. सभी के पौधे सुन्दर थे, और सब उसके खाली गमले की वजह से उस पर हंस रहे थे.

    तभी मालिक वहां पहुंचा और सबका स्वागत किया और बोलै की आप सबने बहुत ही अच्छे तरह से पौधे उगाये, आज आपमें से कोई एक इस कंपनी का CEO बनेगा. यह सुनकर जिम ने अपना खाली गमला अपने पीछे छुपा लिया.

    तभी अचानक मालिक की नजर सबसे पीछे खड़े जिम को अपने खाली गमले को छुपाते हुए पर पड़ी तो उसने उसे आगे बुलाया. जिम डर गया और सोचा की आज पौधा न उगने की वजह से उसकी नौकरी तो गयी.
    जब जिम आगे आया तो मालिक ने उससे पूंछा, क्या हुआ तो उसने पूरी कहानी बता दी.

    मालिक ने जिम के सिवा सबको बैठने को कहा और घोषणा की, अपने नए CEO का स्वागत करें, उसका नाम है “जिम”.

    जिम को अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ. क्यूंकि वह तो एक बीज भी नहीं उगा सका था.
    सब के सब आश्चर्य में थे की ऐसा कैसे हो सकता है.

    तब मालिक ने कहा, एक साल पहले यहां पर सभी को मैंने एक-एक बीज दिया था और कहा था की इस बीज को बोना और खाद पानी देना और आज मुझे वापस लाकर दिखाना. लेकिन मैंने सबको उबले हुए बीज दिए थे. वो सब मरे हुए बीज थे और उनसे पौधे उगना असंभव था.

    जिम के सिवा आप सब पौधे लेकर आये. जब आपने देखा की पौधे नहीं उग रहे हैं तो आपने बीज बदल दिए. केवल जिम ने ईमानदारी से साहस दिखाया और खाली गमला जिसमे मेरा बीज था, लेकर आया. इसलिए जिम है आपका नया CEO.

    अगर आप ईमानदार है, तो विश्वास जीतेंगे.
    अगर आपमें अच्छाई है, तो आप दोस्ती जीतेंगे.
    अगर आपमें मानवता है, तो आप महानता जीतेंगे.
    अगर आप धैर्यवान हैं, तो आप संतोषी होंगे.
    अगर आप कठिन परिश्रम करते हैं, तो जरूर सफल होंगे.
    अगर आप दयावान होंगे, तो सबसे सामंजस्य बिठा पाएंगे.
    अगर आपका ईश्वर पर विश्वास हैं, तो आप फसल काट पाएंगे.

    इसलिए आप पर निर्भर करता है की आप आज जो बोयेंगे वही बाद में काटेंगे.

  • घूमने जा रहे हैं? इन जगहों पर जरूर जाएँ

    घूमने जा रहे हैं? इन जगहों पर जरूर जाएँ

    अपना देश भारत बहुत ही सुन्दर है. कुछ जगहें तो इतनी सुन्दर हैं की आप का मन बस वहीँ बस जाने का करेगा. आइए जाने अपने देश की ख़ूबसूरत घूमने लायक जगहों के बारे में.

    Image Source: India Travel Guide

  • वरुण प्रुथी का रक्षा बंधन पर दिल को छू लेने वाला विडियो

    वरुण प्रुथी का रक्षा बंधन पर दिल को छू लेने वाला विडियो

    रक्षा बंधन भाई और बहन के प्यार और निष्ठा का त्यौहार होता है इस दिन हर भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देते है।पर असल में वचन का पता तब चलता है जब वही भाई किसी और की बहन को छेड़ते है। असल में भाई वही होते है जो अपनी बहन के साथ साथ दुसरो की भी बहनो की रक्षा करते है।

    वरुण प्रुथी के द्वारा फिल्माया गया ये विडियो एक सत्य घटना पर आधारित है जो एक ऐसे ही भाई की कहानी दिखता है। जिसने दूसरे की बहन को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

    मैं यह यकीन के साथ कह सकता हू की इस विडियो को देखने के बाद आप शर्म से डूब जायेगे।

  • क्या आप प्लास्टिक के नकली चावल खा रहे हैं? इन पांच तरीकों से पता लगाएं

    क्या आप प्लास्टिक के नकली चावल खा रहे हैं? इन पांच तरीकों से पता लगाएं

    हम सब ने फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर चीन के नकली प्लास्टिक के चावल बनते हुए देखे होंगे. यह चावल दुनिया भर के बाजारों में एक वायरस की तरह फैल चुका है. अब आप सब ही सोचिये कि यह प्लास्टिक का चावल खाने वालों का क्या हाल होगा. देखने में यह चावल बिलकुल असली चावल की तरह होता है और पकाने के बाद असली चावल की तरह ही मुलायम हो जाता है. यह हाल तब है जब चीन विश्व में सबसे ज्यादा चावल का उत्पादन करता है.

    कैसे बनता है यह नकली चावल:

    एक कोरियन न्यूज़ के अनुसार बहुत सी चीनी कम्पनियाँ नकली चावल बनाने और बेचने के धंधे में लिप्त हैं. यह चावल प्लाटिक और आलू के स्टार्च को मिलकर बनाया जाता है. इसमें उबले हुए चावल का फ्लेवर मिलकर उसे असली चावल कि तरह महक प्रदान की जाती है. इन नकली चावलों को असली चावलों के साथ मिलाकर, असली चावल की कीमत पर बेंचा जाता है.

    देखें प्लास्टिक से चावल कैसे बनते हैं:

    https://www.youtube.com/watch?v=eRlTAbVrXqI

    किसान और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वालों को इस तरह की समस्या न के बराबर है क्यूंकि वह अपने खेतों का उत्पादित असली चावल ही खाते हैं. लेकिन शहरों में रहने वालों को इस समस्या से कभी भी दो-चार होना पड़ सकता है.

    अब सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इन नकली प्लास्टिक के चावल को कैसे पहचाना जाए.

    आइये ये सरल से टिप्स आजमाइए और असली और नकली चावल में अंतर कीजिये.

    #1. पानी से पता लगाएं:

    एक गिलास में पानी लीजिये और थोड़े से चावल उसमे डालिये. असली चावल गिलास की तली में बैठ जाएंगे और प्लास्टिक के चावल पानी में तैरते रह जाएंगे.

    #2. आग से पहचान:

    थोड़े से चावलों को माचिस या लाइटर से जलाएं. अगर चावल नकली होंगे तो प्लास्टिक जैसी जलने की बदबू आएगी.

    #3. फफूंदी से पहचान:

    थोड़े से चावल पकाओ और उन्हें एक बोतल में बंद करके दो तीन दिन के लिए रख दो. अगर चावल असली होंगे तो उनमे फफूंदी लग जायेगी और सड़ने की बदबू आएगी, और अगर न तो फफूंदी लगे और न ही चावल सड़ें तो समझ जाइये कि जो चावल आप खरीद कर लाये हैं वो प्लास्टिक के नकली चावल हैं.

    #4. उबालकर पता लगाओ:

    नकली चावल का पता उन्हें उबालकर भी लगाया जा सकता है. अगर चावल प्लास्टिक के हैं तो उबालते समय बर्तन में एक मोटी परत सी बनाएंगे.

    #5. गरम तेल में पकाने से:

    गरम खौलते हुए तेल में प्लास्टिक के चावल डालने से वो पिघल जाएंगे और बर्तन कि तली में एक मोटी परत के रूप में जम जाएंगे.

    देखें प्लास्टिक के चावल की पहचान कैसे करे:

  • अंग्रेजों से आज़ाद भारत तक निर्माण कार्य

    अंग्रेजों से आज़ाद भारत तक निर्माण कार्य

    हर दूसरे दिन तरह-तरह की ख़बरों के बीच कुछ ख़बरें पुल गिरने और इमारतें गिरने की होती हैं जिनमे कई लोग हताहत हो जाते हैं.

    मुझे समझ नहीं आता है कि पुल गिरते क्यों हैं. कमी कहाँ है और किसमे है? दोष किसे दूँ और शर्म किस पर करूँ

    जहां तक मैं अपने (बात आपकी भी है) बारे में बात करू तो मैंने बहुत सारे पुल बनते हुए देखे हैं और उनमे से कई सारे गिरते हुए भी. कहीं न कहीं, कोई न कोई कमी तो है.

    लेकिन एक बात सोचने वाली है (इस बात पर आप लोग शायद मुझे अंग्रेजों का गुलाम या फिर देशद्रोही कहने लगे पर मुझे कोई हर्ज नहीं है, जो सच है वो सच है. झूठी शान में क्या रखा है.) जो इमारतें या पुल मैंने बनते हुए नहीं देखे हैं (अंग्रेजों के जमाने के ) वो अपनी उम्र गुजरने के सालो बाद भी सीना ताने खड़े हैं और हमारी नयी तकनीकों और उच्च निर्माण सामग्री को मुंह चिढ़ा रहे हैं.

    सोचिये वजह क्या है?

    एक छोटा सा पॉइंट – शायद अंग्रेजों ने सोचा हो कि हमें यहां हमेशा रहना है. उन्होंने सड़कें, पुल, रेलवे और इमारतें बनवाई. उनकी बनवाई इमारतों में आज भी रेलवे स्टेशन, फैक्ट्रियां और सरकारी ऑफिस जैसे दिल्ली की संसद, कनाट प्लेस और बहुत सारे राज्यों की विधान सभाएं चल रही हैं. लेकिन आज़ादी के बाद बनी सैकड़ों इमारतें ध्वस्त हो चुकी हैं, पुल गिरते हैं और बनते हैं.

    पहले सड़क बनती है फिर सीवर और पानी की लाइन डालने के लिए नयी बनी सड़क खोद दी जाती है. क्या भारत के प्लानर और इंजीनियर इतने मुर्ख हैं जो एक काम को सही से प्लान नहीं कर सकते. कर सकते हैं, लेकिन उनका प्लान सड़क बनाने से पहले पैसे बनाने का होता है. पहले घटिया सामग्री की सड़क बनाओ, फिर सीवर लाइन डालने के लिए खोद डालो. लो जी बन गए पैसे.

    आज के राजनेताओं के बैंक खातों में दिन दूनी रात चौगुनी गति से धन बढ़ता है, आय से अधिक , वो भी भारत के नहीं, स्विस बैंक के खातों में. ये किसका पैसा है? हमारा और आपका. जिसे सरकार रोजाना टैक्स बढाकर अपनी कमाई बढाती है और उसे राजनेता और सरकारी अफसर मिल बैठ कर हजम कर जाते है.

    वैसे लोकतंत्र के चार स्तम्भ बताये गए है लेकिन कोई भी अपना काम ईमानदारी से नहीं करता है. नेताओं को आप जानते है, पुलिस की कार्यशैली से आप परिचित होंगे, मीडिया काम खबर की जगह बिकाऊ ख़बरों ने लिया है. न्याय विभाग के हालात ये हैं की गरीब आदमी न्याय की आस लगाए मर जाता है और पैसे वाले बड़े बड़े लोग तारीख दर तारीख केस आगे बढ़ाते हैं या फिर फाइलों को ऊपर से नीचे या नीचे से ऊपर घुमाते हैं. इतने केस न्याय का इन्तजार कर रहे हैं की उनके फाइलों से कमरे भरे पड़े हैं. एक बार कोई फाइल ढेर में नीचे पहुँच गयी तो इन्तजार कीजिये दसियों साल का. या फिर इंतजाम कीजिये पैसों का.

    जिस राष्ट्र का लोकतंत्र ही भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त हो, जनता को कोई मतलब ही न हो, उस राष्ट्र का भगवान् ही मालिक है.

    शायद किसी ने ठीक ही कहा है-

    दस हजार, दस लाख मरे,
    पर झंडा ऊंचा रहे हमारा.
    ..
    गांधीजी का नाम बेचकर,
    बतलाओ कब तक खाओगे.

    यम को भी दुर्गन्ध लगेगी,
    नरक भला कैसे जाओगे..

    Image Source: NDTV