Author: Surendra Rajput

  • तांबे और पीतल के बर्तन क्यों पड़ते हैं काले?

    तांबे और पीतल के बर्तन क्यों पड़ते हैं काले?

    तांबे के बर्तन में पानी पीना बहुत ही स्वास्थ्यप्रद है क्यूंकि यह शरीर में तांबे की कमी को पूरा करता है. तांबे के बर्तन में रखा पानी पूरी तरह शुद्ध माना गया है और यह कई तरह की बीमारियों के कीटाणुओं को नष्ट कर देता है.

    यह पानी कैंसररोधी तत्वों से भरपूर होता है. रोजाना यह पानी उपयोग करने से पेट की कई समस्याओं से निजात मिल सकती है. तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से किडनी और लिवर स्वास्थ्य रहते हैं.

    तांबे के बर्तन में पानी को 16 घंटे तक रखने के बाद आश्चर्यजनकरूप से बैक्टीरिया ख़त्म हो जाते हैं.

    तांबे या पीतल के बर्तन कीमत में अधिक होने साथ इनका सावधानीपूर्वक रखरखाव किया जाता है. ताम्बा या पीतल पानी के साथ रासायनिक क्रिया करते हैं जो इसका औषधीय गुण है लेकिन इसी वजह से इनका रंग काला पड जाता है.

    हमारे घरों में आजकल स्टील के बर्तन ही मिलते हैं क्यूंकि इनको साफ़ करना आसान होता है और ये तांबे और पीतल से ज्यादा चमकदार होने के साथ ही सस्ते होते हैं. लेकिन कुछ दशक पहले तक घरों में ताम्बा और पीतल के बर्तन आम बात हुआ करती थी. किन्तु सफाई में असुविधा की वजह से ये बर्तन रोजमर्रा के उपयोग से दूर होते चले गए.

    ताम्बा शुद्ध धातु है जबकि पीतल ताम्बा (70%) और जस्ता (30%) की मिश्र धातु है. ये बर्तन वातावरण की नमी को सोख कर ऑक्सीडेशन कर लेते हैं और इन पर काले हरे रंग परत जैम जाती है. ये अम्लधर्मी होने के कारण साबुन या डिटर्जेंट से साफ़ करने के बाद फिर से काले पड जाते हैं. इन बर्तनो को धोकर कपडे से अच्छी तरह पोंछ कर सुखना चाहिए. इससे बर्तनों पर चमक अधिक दिन तक बनी रहती है.

    इन कमियों की वजह से ही तांबे और पीतल के बर्तनो का उपयोग काम होता गया लेकि अब लोगों में इनके औषधीय गुणों की जानकारी होने से फिर से लोग इनका उपयोग शुरू कर रहे हैं.

  • अब चार धाम यात्रा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड टूरिज़्म के मोबाइल एप्प पर उपलब्ध है

    अब चार धाम यात्रा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड टूरिज़्म के मोबाइल एप्प पर उपलब्ध है

    जैसा की आप जानते है की चारधाम यात्रा 18 अप्रैल से शुरू हो चुकी है. यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 18 अप्रैल को खुल गए हैं. जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को खुल जाएंगे.

    हिन्दू धर्म में चार धाम यात्रा का बहुत ही महत्त्व है यही कारण है चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है. भारी भीड़ के कारण रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लम्बी लम्बी कतारें लग जाती है और काफी समय यात्रा रजिस्ट्रेशन कराने में ही खर्च हो जाता है.

    चारधाम आने वाले यात्रियों की इस असुविधा को देखते हुए उत्तराखंड पर्यटन मंत्रालय और गढ़वाल मंडल विकास निगम ने अपने एप्प “एक्स्प्लोर आउटिंग (Explore Outing)” में ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन की सुविधा आरम्भ कर दी है.

    आप इस एप्प को उत्तराखंड टूरिज्म की वेबसाइट (http://uttarakhandtourism.gov.in/ > For Travelers > Explore Outing Mobile App) पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं या फिर सीधे Google Play Store में Explore Outing सर्च करके अपने फ़ोन में इनस्टॉल कर सकते हैं.

    Char Dham Yatra Online Registration

    इनस्टॉल करने के बाद चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन ( Char Dham Registration )में सभी मेम्बर्स की डिटेल्स भरें और फ़ोन कैमरा से फोटो खींच कर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

    चार धाम यात्रा की अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें:

    केदारनाथ धाम यात्रा 2018

    बद्रीनाथ धाम यात्रा 2018

    गंगोत्री धाम यात्रा 2018

    यमुनोत्री धाम यात्रा 2018

  • बैंकों का 9000 करोड़ लेकर फरार विजय माल्या 62 की उम्र में गर्लफ्रेंड पिंकी लालवानी से करने जा रहे हैं तीसरी शादी

    बैंकों का 9000 करोड़ लेकर फरार विजय माल्या 62 की उम्र में गर्लफ्रेंड पिंकी लालवानी से करने जा रहे हैं तीसरी शादी

    शराब कारोबारी और भारतीय बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर भागे विजय माल्या तीसरी शादी करने जा रहे हैं। 62 की उम्र में सिर पर सेहरा सजाने को तैयार विजय माल्या की दुल्हन बनेंगी गर्लफ्रेंड पिंकी लालवानी। विजय माल्या के बारे में तो आप बहुत कुछ जानते हैं आइए आपको बताते हैं कौन हैं पिंकी लालवानी और कितना पुराना है इनका रिश्ता…

    Vijay Mallya 3rd Time Ready to Marry With Pinky Lalwani at the Age of 62

    पिंकी लालवानी विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस में एयरहोस्टेस रह चुकी हैं।

    पिंकी और विजय माल्या की मुलाकात 2011 में हुई थी। तब माल्या ने उन्हें किंगफिशर एयरलाइंस में जॉब ऑफर की।

    Vijay Mallya 3rd Time Ready to Marry With Pinky Lalwani at the Age of 62

    किंगफिशर एयलाइंस में आने के बाद जल्द ही पिंकी और माल्या के बीच काफी नजदीकी बढ़ गई थी। दोनों अक्सर साथ दिखते रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों काफी समय से लिव इन रिलेशनशिप में हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक मिड मार्च में माल्या और पिंकी ने एनिवर्सरी मनाई थी।

    Vijay Mallya 3rd Time Ready to Marry With Pinky Lalwani at the Age of 62

    माल्या इस समय लंदन में प्रत्यपर्ण केस का सामना कर रहे हैं और पिंकी उनके साथ कोर्ट में भी दिखी थीं।

    माल्या की पहली शादी 1986 में समीरा तयाबजी से हुई थी वह भी एयरहोस्टेस थीं। इसके बाद 1993 में उन्होंने रेखा माल्या से दूसरी शादी की, वह अभी भी कानूनी रूप से उनकी पत्नी हैं। माल्या अब पिंकी के साथ तीसरी शादी करेंगे।

    Vijay Mallya 3rd Time Ready to Marry With Pinky Lalwani at the Age of 62

    पहली दो शादियों से माल्या के तीन बच्चे हैं। बेटे का नाम सिद्धार्थ है और लीना-तान्या उनकी दो बेटियां हैं।

     

    News Source: https://navbharattimes.indiatimes.com

  • क्या पूरा होगा दिवास्वप्न? हिंदी कविता

    क्या पूरा होगा दिवास्वप्न? हिंदी कविता

    धीरे से, कोई आहट न हुई

    फिर आज तोड़ दी गयी आशंकाएं

    इस बदरंग जमाने में

    कुचल दी गयी संवेदनाएं

    फिर धकेले गए

    निराशा भरे गर्त के अंधेरों में

    आज फिर वह

    लौटा दी गयी अपने घर

    दुर्भाग्य! वहां भी वह हो गयी कोई और

    कल तक जहां

    खिलते और गूंजते थे अपने स्वर

    शब्द, अब उस दहलीज पर

    बरबस ही कर्कश सुनाई देने लगे

    अपना घर…

    जहाँ ईश्वर ने भेजा

    समझा, जाना है कहीं और

    फिर जहाँ समाज ने भेजा

    समझाया गया, हूँ कोई और

    आखिर कब तक…

    सिलसिला यहीहोगा

    और हर बार एहसास होगा

    स्त्री होने के अपराध का.

    बंधनो से मुक्ति का दिवास्वप्न

    क्या कभी पूरा होगा?

    Image Source: http://onlineeducare.com/

     

    ऐश्वर्य राणा, कोटद्वार

  • कार्दाशेव स्केल के अनुसार ब्रह्माण्ड में हम किस लेवल की विकसित सभ्यता पर हैं?

    कार्दाशेव स्केल के अनुसार ब्रह्माण्ड में हम किस लेवल की विकसित सभ्यता पर हैं?

    हम सबने अभी तक मानव सभ्यताओं के बारे में पढ़ा है, जैसे पुरापाषाण युग, नवपाषाण युग, ताम्र पाषाण युग, कांस्य युग और सिंधु घाटी सभ्यता आदि आदि… अब इन सभ्यताओं के विकास के क्रम में बांटा गया है  जैसे वो क्या खाते थे, क्या पहनते थे, कैसे रहते थे आदि.. यही मानव के विकास का क्रम था.. मानव विकास में आज हम आधुनिकतम हैं क्यूंकि हम अपने से पिछली पीढ़ी के मुकाबले बहुत सारी खोज कर चुके हैं, रहने-खाने के नए जुगाड़ ढूंढ चुके हैं. मानव चन्द्रमा पर कदम रख चुके हैं और मंगल ग्रह पर पहुंचने की तैयारी है. मानव निर्मित अंतरिक्ष यान सौर मंडल की परिधि को पार कर ब्रह्माण्ड के रहस्यों को खोजने आगे बढ़ चुका है. मानव ने ऊर्जा प्राप्त करने के नए तरीके ढूंढें जैसे पेट्रोलियम, सौर ऊर्जा,पवन ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा. ये है मानव के विकास का क्रम. और भविष्य में मानव और कितना विकास करेगा इसके बारे में बहुत सी परिकल्पनाएं हैं.

    लेकिन अगर हम मानव विकास के क्रम को छोड़ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में विकास की बात करें तो….. तो इसके लिए हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत सारी रिसर्च की. इसमें से एक रिसर्च है वैज्ञानिक कार्दाशेव की. इन्होने सभ्यता को मापने के लिए एक पैमाना तैयार किया है, आइये जानते हैं कार्दाशेव और उनकी थ्योरी के बारे में.

    क्या है कार्दाशेव पैमाना:

    कार्दाशेव स्केल सभ्यता मापने का पैमाना है जो तकनीकी उन्नति के आधार पर है. सोवियत संघ के अंतरिक्ष वैज्ञानिक कार्दाशेव ने 1964 में यह परिकल्पना पेश की जो ऊर्जा के खपत और उत्पादन के आधार पर है. यह स्केल हाइपोथेटिकल (काल्पनिक, Log) है और ब्रह्माण्ड में ऊर्जा की खपत के आधार हमें यह जानकारी प्रदान करती है की हम किस श्रेणी की सभ्यता में जी रहे हैं.

    सभ्यता के प्रकार:

    Kardashev Scale: Advance Civilization in Universe

    1. ग्रहीय सभ्यता:

    यह प्रथम प्रकार की सभ्यता है जो अपने ग्रह की हर तरह की ऊर्जा का दोहन करने में सक्षम है. ये अपने ग्रह के सम्पूर्ण प्राकृतिक ऊर्जा श्रोतो को कंट्रोल करते हैं जैसे, ज्वालामुखी, भूकंप, तूफ़ान आदि. ये अपने पडोसी तारे/सूर्य से भी कुछ ऊर्जा ग्रहण करने और संग्रह करने में सक्षम हैं.

    Kardashev Scale: Advance Civilization in Universe

    1. अन्तर्ग्रहीय सभ्यता:

    दूसरे प्रकार की यह सभ्यता अपने सूर्य या तारे की सम्पूर्ण ऊर्जा का उपयोग करने में सक्षम है. ये बहुत बड़े स्ट्रक्चर जैसे Dyson Sphere से अपने सूर्य को घेर कर उसकी सम्पूर्ण ऊर्जा उत्सर्जन का उपयोग कर लेते हैं. यह उसी प्रकार है जैसे हम सौर ऊर्जा का कुछ हिस्सा सोलर प्लेट के जरिये उपयोग में लाते हैं. ये अपने सूर्य की फ्यूज़न एनर्जी की निगरानी करते हैं. इस तरह की सभ्यता बहुत सारे ग्रहों का अधिग्रहण करने में सक्षम है. उनके पास ऊर्जा का इतना भण्डार है की इन्हे निकट भविष्य में ऊर्जा की कमी का कोई खतरा नहीं है. बिलकुल वैसे ही जैसे हमारी पृथ्वी पर पेट्रोलियम और कोयले के निकट भविष्य में ख़त्म होने का खतरा मंडरा रहा है और हमें सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के दोहन करने के लिए नए तरीकों की खोज करने की जरूरत पड़ रही है.

    उदहारण के लिए हॉलीवुड फिल्म “स्टार वार्स, स्टार ट्रेक की सीरीज” और “मास इफ़ेक्ट” देखें.

    Kardashev Scale: Dyson Sphere

    1. अंतरसौरमण्डलीय सभ्यता:

    तीसरे प्रकार की सभ्यता के लोग एक सौरमंडल से दूसरे सौरमंडल अर्थात अपने आकाश गंगा की यात्रा  कर सकने में सक्षम हैं. ये एक तारे से लेकर दूसरे तारे तक ऊर्जा संग्रहीत करते हैं और दूसरे सौरमंडल के ग्रहों पर अपनी कालोनियां बनाते हैं. ये सिर्फ जीव नहीं होते हैं बल्कि साइबोर्ग (आधे जीव और आधे रोबोट) होते हैं जो सभ्यता के मामले में बहुत ही अत्याधुनिक हैं. उनकी तुलना में अभी हम बहुत ही पिछड़े हैं.

    ये साइबोर्ग अपने जैसे साइबोर्ग बना सकते हैं और एक गैलेक्सी में एक ग्रह से दूसरे ग्रह पर कब्ज़ा करके अपनी कालोनियां बढ़ाते हैं.

    Kardashev Scale: Advance Civilization in Universe

    तीसरे प्रकार से भी उन्नत सभ्यता:

    कार्दाशेव के अनुसार चौथे प्रकार की सभ्यता तीसरे प्रकार की सभ्यता से भी बहुत ज्यादा आधुनिक है इसलिए उन्होंने चौथे प्रकार की सभ्यता के बारे में कुछ नहीं बताया. लेकिन कुछ वैज्ञानिकों जैसे, मिशिओ काकू, रोबर्ट जुबरिन और कार्ल सागन ने चौथे प्रकार की सभ्यता को इस स्केल में जोड़ा है जो इस प्रकार हैं.

    Kardashev Scale: Advance Civilization in Universe

    1. अंतर आकाशगंगीय सभ्यता:

    यह अत्यंत ही उन्नत सभ्यता है और यह अपनी आकाशगंगा की सम्पूर्ण ऊर्जा का उपयोग करते हैं. इतने उन्नत प्रकार के जीव हो सकता है किसी बहुत ही बड़े ब्लैक होल में रहते हों और हो सकता है वो स्पेस -टाइम को कंट्रोल कर सकते हों.

    1. इस प्रकार के जीव हमारी सोच से परे हैं. ये बहुत सारी आकाश गंगाओं की सम्पूर्ण ऊर्जा का उपयोग करते हैं और ये इतनी उन्नत सभ्यता के हैं की गैलेक्सी की गति, स्पेस-टाइम आदि को अपने अनुसार प्रभावित कर सकते हैं. इन्हें हम भगवान मान सकते हैं

    हम इस स्केल पर कहाँ हैं:

    इस स्केल पर इतने विकसित सभ्यताएं हैं की उनके आगे हम कहीं नहीं टिकते हैं. अभी हम इस स्केल पर शून्य से भी नीचे हैं. अभी हम अपने सूर्य की पृथ्वी पर आने वाली कुल ऊर्जा का हजारवां हिस्सा भी उपयोग में नहीं ला पा रहे हैं और अभी भी हम पेड़-पौधों और जानवरों की ऊर्जा पर निर्भर हैं. अभी भी हम पृथ्वी के प्राकृतिक ऊर्जा श्रोतों जैसे पेट्रोलियम और कोयले पर निर्भर हैं. हो सकता है अभी हमें प्रथम प्रकार की सभ्यता तक पहुंचने में 100 से 200 साल तक का समय लग जाए ये फिर इससे भी ज्यादा.

  • श्री गणेश जी के वॉलपेपर डाउनलोड करे फ्री में

    श्री गणेश जी के वॉलपेपर डाउनलोड करे फ्री में

    श्री गणेशाय नमः

    श्री गणेश जी (Shri Ganesh Ji) हिन्दू धर्म के मुख्य देवता हैं. कोई भी शुभ कार्य करने से पहले श्री गणेश जी की पूजा की जाती है इसलिए उन्हें प्रथम पूज्य भी कहा जाता है. श्री गणेश जी भगवन शंकर और माता पार्वती के पुत्र हैं. उनका वाहन डिंक नाम का चूहा है. हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहा जाता है.

    Hindu God Ganesha Free Wallpapers

    श्री गणेश जी का परिवार

    श्री गणेश जी के दो विवाह हुए थे, उनकी पत्नियों के नाम रिद्धि और सिद्धि हैं. गणेश जी के दो पुत्र भी हुए जो शुभ और लाभ कहलाते हैं. गणेश जी के बड़े भाई का नाम कार्तिकेय और बहन का नाम अशोकसुन्दरी है.

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    गणेश चतुर्थी

    श्री गणेश जी का जन्म भद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी के दिन माना जाता है. हर साल उनके जन्म की तिथि पर गणेशोत्सव का पर्व मनाया जाता है। जो 10 दिनों तक चलता है.

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    Shri Ganesh Wallpaper

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    अगर आपको गणेश जी के ये वॉलपेपर अच्छे लगे हों तो इसे फेसबुक आदि पर शेयर जरूर करें.

  • तुरंत इन 42 चीनी ऐप्स को फोन से डिलीट करें क्यूंकि ये हैं सरकार की  ‘खतरनाक एप्स’ की लिस्ट में

    तुरंत इन 42 चीनी ऐप्स को फोन से डिलीट करें क्यूंकि ये हैं सरकार की ‘खतरनाक एप्स’ की लिस्ट में

    पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने अपने जवानों द्वारा इंस्टेंट मेसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर एक और एडवाइज़री जारी की है। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने एक बयान में कहा, ‘विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, चीनी डिवेलपर्स द्वारा बनाए गए कई ऐंड्रॉयड/आईओेस ऐप्स के कथित तौर पर जासूसी करने और मैलेशियस वेयर होने का पता चला है। हमारे सैनिकों द्वारा इन ऐप्स के इस्तेमाल से डेटा की सुरक्षा संबंधी समस्या हो सकती है।’ जानें इन 42 चीनी ऐप्स के नाम:

     

    1 :- ► वीवो Weibo,
    2 :- ► वीचैट WeChat
    3 :- ► शेयरइट SHAREit
    4 :- ► ट्रू कॉलर Truecaller
    5 :- ► यूसी न्यूज़ UC News
    6 :- ► यूसी ब्राउज़र UC Browser
    7 :- ► ब्यूटीप्लस BeautyPlus
    8 :- ► न्यूज़ डॉग NewsDog
    9 :- ► वीवा विडियो क्यूयू विडियो इंक VivaVideo- QU Video Inc
    10 :- ► पैरेलिल स्पेस Parallel Space
    11 :- ► एपीयूएस ब्राउज़र APUS Browser
    12 :- ► पर्फेक्ट क्रॉप Perfect Corp
    13 :- ► वाइरस क्लीनर Virus Cleaner (Hi Security Lab)
    14 :- ► सीएम ब्राउज़र CM Browser
    15 :- ► मी कम्युनिटी (शाओमी), Mi Community
    16 :- ► डीयू रिकॉर्डर, DU recorder
    17 :- ► वॉल्ट हाइड Vault-Hide – NQ Mobile Security
    18 :- ► यूकैम मेकअप YouCam Makeup
    19 :- ► मी स्टोर, Mi Store
    20 :- ► कैचक्लियर डीयू ऐप्स स्टूडियो CacheClear DU apps studio

    21 :- ► डीयू बैटरी सर्वर, DU Battery Saver
    22 :- ► डीयू क्लीनर, DU Cleaner
    23 :- ► डीयू प्रिवेसी DU Privacy
    24 :- ► 360 सिक्योरिटी, 360 Security
    25 :- ► डीयू ब्राउज़र DU Browser
    26 :- ► क्लीन मास्टर- चीता मोबाइल Clean Master – Cheetah Mobile
    27 :- ► बायदू ट्रांसलेट Baidu Translate
    28 :- ► बायदू मैप, Baidu Map
    29 :- ► वंडर कैमरा – बाइडू इंक Wonder Camera, – Baidu Inc
    30 :- ► इ यस फाइल एक्स्प्लोरर ES File Explorer,
    31 :- ► फोट वंडर Photo Wonder,
    32 :- ► क्यूक्यू इंटरनैशनल, QQ International
    33 :- ► क्यूक्यू म्यूज़िक, QQ Music
    34 :- ► क्यूक्यूमेल, QQ Mail
    35 :- ► क्यूक्यू प्लेयर, QQ Player,
    36 :- ► क्यूक्यू न्यूज़फीड, QQ NewsFeed
    37 :- ► वी सिंक WeSync,
    38 :- ► क्यूक्यू सिक्योरिटी सेंटर, QQ Security Centre
    39 :- ► सेल्फी सिटी SelfieCity,
    40 :- ► मेल मास्टर Mail Master
    41 :- ► मी विडियो कॉल Mi Video call-Xiaomi
    42 :- ► क्यूक्यू लॉन्चर QQ Launcher

    Source: https://navbharattimes.indiatimes.com

  • इस बस स्टैंड पर बस का इन्तजार करने का है अपना एक अलग मजा

    इस बस स्टैंड पर बस का इन्तजार करने का है अपना एक अलग मजा

    बस का इन्तजार करना भला किसे अच्छा लगता है, लेकिन यहां पर लोग मजे लेकर बस का इन्तजार करते हैं.

    यह अनोखा बस स्टैंड बनाया गया है लन्दन के न्यू ऑक्सफ़ोर्ड स्ट्रीट पर. यहां पर लोग अविश्वसनीय चीजें देख कर बस का इन्तजार छोड़ कर चौंक जाते हैं. यह बस स्टैंड ‘Unbelievable’ ऑगमेंटेड रियलिटी का एक उदहारण है जिसे पेप्सी मैक्स ने बनाया है.

    इस बस स्टैंड पर खड़े लोगों को अचानक अपनी आँखों पर विश्वास नहीं होता है. कभी उड़न तश्तरी,  कभी रोबोट तो कभी ऐसी अविश्वसनीय चीजें आपके सामने होंगी की आपको वो सब हकीकत में होता हुआ लगेगा.

    पेप्सी मैक्स ने इस बस शेल्टर की एक तरफ की दीवार को ऐसी स्क्रीन में बदल दिया है की उसके दूसरे तरफ की चीजें भी आपको साफ़ – साफ़ दिखाई देंगी और इसी बीच उस स्क्रीन पर ऐसी अविश्वसनीय चीजें होंगी की आपको लगेगा की ये वास्तविकता में शीशे के दूसरी तरफ हो रही हैं. जबकि यह सिर्फ आपकी आँखों  का धोखा है.

    यह स्क्रीन एक बार तो आपको अवश्य उल्लू बना देगी लेकिन जब आप दोबारा इसे देखेंगे तो मुस्कराये बिना न रह पाएंगे.

    https://youtu.be/Go9rf9GmYpM

  • मर्डर के इस केस को सुनने के बाद जज भी चक्कर में पड़ गए

    मर्डर के इस केस को सुनने के बाद जज भी चक्कर में पड़ गए

    इस केस के बाद जज भी चक्कर खा गया..

     

    एक रेगिस्तान में जहां पानी का नमो-निशान तक नहीं था, दो बन्दों A और B ने अलग-अलग C का मारने का प्लान बनाया.

     

    A ने C के पानी के गिलास में जहर मिला दिया. B ने बाद में आकर गिलास में नीचे छेद कर दिया.

     

    C प्यास से मर गया. अब बताओ C को किसने मारा?

     

    A की दलील थी की जहर का पानी तीसरे ने पिया ही नहीं.

     

    B का कहना है की उसने जहर से बचाने के लिए गिलास में छेद किया.

     

    वो दोनों ही सही हैं,

     

    लेकिन C तो मर गया. दोषी कौन?

  • चलो पकौड़ा बेचा जाए

    चलो पकौड़ा बेचा जाए

    आजकल पकौड़े की बड़ी धूम है. पकौड़ा बेचना कम से कम बेरोजगारी से तो अच्छा ही है. वैसे भी खाना खिलाना पुण्य का काम है. कमाई में भी ठीक ठाक है. पढ़ लिखकर बेरोजगारी से बिना पढ़े कम इन्वेस्टमेंट में अच्छी कमाई कर सकते हैं.

    मोदीजी के इस बयान के बहुत बड़े मायने हैं. एक तो बेरोजगारी की समस्या से मुक्ति, लोगों की भूख मिटेगी, लोग दूसरों की नौकरी करने के बजाय अपना रोजगार खड़ा कर सकेंगे.

    मोदीजी चाय बेचकर प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो हो सकता है कोई पकोड़ा बेचने वाला सांसद विधायक बन जाए. इसलिए चाय नहीं तो पकोड़ा तो बेच ही सकते हैं.

    दुनिया ऐसे उदाहरणों से भरी पड़ी है जिसमे चाय पकोड़े, पूड़ी सब्जी, नमकीन और मिठाइयां बेचने वाले लोगों का सैकड़ों करोड़ का बिजनेस है.

    MDH वाले दद्दा को कौन नहीं जानता, इनकी शुरुआत ऐसे ही छोटी सी दूकान से हुई. निरमा पाउडर वाले करसन भाई कभी साइकिल पर अपना पाउडर बेचते थे. हल्दीराम की कभी छोटी सी मिठाई और नमकीन की दूकान थी.

    लेकिन लेकिन लेकिन….

    जब मैं अपने गाँव और कसबे के चाट- पकौड़े वालों, समोसे वालों और चाय बेचने वालों को देखता हूँ तो लगता है पूरे जीवन में उन्होंने कभी नए कपडे नहीं पहने होंगे. और ये सच भी है, पकौड़े बेचकर जैसे तैसे घर का खर्चा चलता है, बच्चे सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ते हैं जहां ने फीस का झंझट और न ही किताबों का (सब कुछ सरकार देती है), साथ ही पढाई का भी ज्यादा झंझट नहीं क्यूंकि सुबह सुबह बच्चे और घर की औरतें पकौड़े बनाने का सामान तैयार करते हैं.

    फिर इसके बाद भी पुलिस वाले, कमेटी, नगर पालिका वाले और लोकल के गुंडे मवाली या तो फ्री में खा जाते हैं या फिर जो कुछ कमाया उसमे से अपना हिस्सा मांगने आ पहुँचते हैं.

    खैर जो भी हो हमारे नेता ने कहा है तो अच्छे के लिए ही कहा होगा.

    लगे हाथ व्हाट्सएप्प पर वायरल ये कविता भी पढ़ लीजिये:

    चलौ पकौड़ा बेंचा जाय

    चलौ पकौड़ा बेंचा जाय ।

    पढै लिखै कै कौन जरूरत

    रोजगार कै सुन्दर सूरत

    दुइ सौ रोज कमावा जाय ।

    दिन भर मौज मनावा जाय

    कुछौ नही अब सोंचा जाय

    चलौ पकौड़ा बेंचा जाय ।।

       लिखब पढब कै एसी तैसी

       छोलबै घास चरऊबै भैसी

       फीस फास कै संकट नाही

       इस्कूलन कै झंझट नाही

       कोऊ कहूँ न गेंछा जाय

       चलौ पकौड़ा बेंचा जाय ।।

    चाय बेंचि कै पीएम बनिहौ

    पक्का भवा न डीएम बनिहौ

    अनपढ रहिहौ मजे मा रहिहौ

    ठेलिया लइकै घर घर घुमिहौ

    नीक उपाय है सोंचा जाय

    चलौ पकौड़ा बेंचा जाय ।।

         रोजगार कै नया तरीका

         कितना सुंदर भव्य सलीका

         का मतलब है डिगरी डिगरा

         फर्जिन है युह सारा रगरा

         काहे मूड़ खपावा जाय

         चलौ पकौड़ा बेंचा जाय ।।

    मन कै बात सुना खुब भैवा

    उनकै बात गुना खुब भैवा

    आजै सच्ची राह देखाइन

    रोजगार कै अर्थ बताइन

    ठेला आऊ लगवा जाय

    चलौ पकौड़ा बेंचा जाय ।।

    Image Source: https://thewire.in

    Poem Source: Whatsapp