Category: खबरें और राजनीति

  • कोरोना वायरस: फेसबुक ने महामारी से लड़ने के लिए उपयोगकर्ताओं की आवाजाही के आंकड़े दिए

    कोरोना वायरस: फेसबुक ने महामारी से लड़ने के लिए उपयोगकर्ताओं की आवाजाही के आंकड़े दिए

    पीटीआई-भाषा संवाददाता, सैंन फ्रांसिस्को, सात अप्रैल (एएफपी) फेसबुक ने सोमवार को कहा कि वह उपयोगकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी आवाजाही तथा उनके रिश्तों के बारे में शोधकर्ताओं को जानकारी मुहैया करा रहा है, ताकि इस बात को समझा जा सके कि वायरस संक्रमण आगे कहां फैल सकता है।

    फेसबुक के प्रमुख अधिकारियों के एक्स जिन और लौरा मैकगोर्मन ने एक पोस्ट में लिखा कि सोशल नेटवर्किंग कंपनी ‘‘जनसंख्या आवाजाही’’ को लेकर अपने मैप को उन्नत कर रही है, जिसमें ‘‘इनसाइट मूवमेंट’’ टूल शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें लोगों की निजता को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

    जिन और मैकगोर्मन ने कहा, ‘‘अस्पताल सही संसाधन प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं, और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियां सही दिशानिर्देश चाह रही हैं।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इस बारे में बेहतर जानकारी चाहिए कि क्या निवारक उपाय काम कर रहे हैं और वायरस कैसे फैल सकता है।’’

    पिछले सप्ताह गूगल ने भी इस तरह के कदम की घोषणा की थी, जिसमें कहा गया था कि दुनिया भर में उपयोगकर्ताओं की आवाजाही से संबंधित डेटा प्रदान करेगा, जो सरकारों को कोरोना-19 महामारी को काबू में पाने के लिए लागू किए गए ‘सामाजिक दूरी’ के उपायों के असर का पता लगाने में मदद करेगा।

    डिस्क्लेमर-यह आर्टिकल न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • चीन से भारत को 1.7 लाख पीपीई दान स्वरूप मिले

    चीन से भारत को 1.7 लाख पीपीई दान स्वरूप मिले

    नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) कोरोना वायरस के संक्रमण के इलाज में चिकित्साकर्मियों के इस्तेमाल में आने वाले निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की 1.7 लाख किट चीन से भारत को सोमवार को मिल गयी।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुये बताया कि चीन ने भारत को कोरोना संकट से निपटने के लिये सहायता के रूप में ये किट दी हैं।

    मंत्रालय के अनुसार देश में निर्मित 20 हजार पीपीई की आपूर्ति होने के साथ ही अब अस्पतालों को 1.90 लाख पीपीई की आपूर्ति कर दी जायेगी। देश में पीपीई की मौजूदा उपलब्धता 3,87,473 हो गयी है।

    मंत्रालय के अनुसार राज्यों को केन्द्र सरकार की ओर से अब तक 2.94 लाख पीपीई की आपूर्ति कर दी गयी है। इसके अलावा देश में ही बने दो लाख एन95 मास्क भी अस्पतालों को मुहैया कराये गये हैं। इसके अलावा अन्य स्रोतों से मिले इस श्रेणी के 20 लाख मास्क की पहले ही अस्पतालों को आपूर्ति कर दी गयी है।

    डिस्क्लेमर-यह आर्टिकल न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

     

  • कोरोना: सोशल डिस्टेंसिंग क्या है और क्यों है ज़रूरी? ये हैं लक्षण और बचाव

    कोरोना: सोशल डिस्टेंसिंग क्या है और क्यों है ज़रूरी? ये हैं लक्षण और बचाव

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के मकसद से सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर एडवाइज़री जारी की है.

    सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब होता है एक-दूसरे से दूर रहना ताकि संक्रमण के ख़तरे को कम किया जा सके.

    क्यों ज़रूरी है सोशल डिस्टेंसिंग?

    जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.

    कोरोना कैसे फैलता है?

    संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.

    ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

    कोरोना से कैसे बचें?

    इसी कारण कोरोना से बचने के लिए लोगों को एक जगह पर अधिक लोग इकट्ठा न होने देने, एक दूसरे से दूरी बनाए रख कर बात करने या फिर हाथ न मिलाने के लिए कहा जा रहा है.

    भारत सरकार द्वारा जारी सोशल डिसटेंसिंग एडवायज़री के अनुसार जहां-जहां अधिक लोगों के एक दूसरे के संपर्क में आने की संभावना है उस पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिए हैं.



    • सभी शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल, विश्वविद्यालय आदि), जिम, म्यूज़ियम, सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्रों, स्विमिंग पूल और थिएटरों को बंद रखने की सलाह दी है. छात्रों को घरों में रहने की सलाह दी गई और उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई करने को कहा गया है.
    • सरकार ने कहा है कि परीक्षाओं को स्थगित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल चल रही परीक्षाएं ये सुनिश्चित करके करवाई जाएं कि छात्रों के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी हो.
    • प्राइवेट क्षेत्र के संस्थान से कहा गया है कि हो सके तो अपने कर्मचारियों से घर से काम करवाएं.
    • संभव हो तो मिटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए करने पर ज़ोर दिया गया है. बहुत ज़रूरी ना हो तो बड़ी बैठकों को स्थगित करने या उनमें लोगों की संख्या को कम करने की बात की गई है.
    • रेस्त्रां को सलाह दी गई है कि वो हैंडवॉश प्रोटोकॉल का पालन करवाएं और जिन जगहों को लोग बार-बार छूते हैं उन्हें ठीक से साफ करते रहें. टेबल के बीच में कम से कम एक मीटर की दूरी रखें.
    • जो शादियां पहले से तय हैं, उनमें कम लोगों को बुलाया जाए और सभी तरह के गैर-ज़रूरी सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया जाए.
    • एक दूसरे से हाथ मिलाने और गले लगने से बचना चाहिए.
    • किसी भी तरह की गैर – ज़रूरी यात्रा ना करें और बस, ट्रेन, हवाई जहाज़ में यात्रा करते वक्त लोगों से दूरी बनाए रखना ज़रूरी है.
    • कमर्शियल एक्टिविटीज़ में लगे लोग ग्राहकों के साथ एक मीटर की दूरी बनाए रखें. साथ ही प्रशासन बाज़ारों में भीड़ कम करने के लिए कदम उठाएं.
    • सभी अस्पतालों को कोविड-19 से जुड़े ज़रूरी प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए. साथ ही परिवार, दोस्तों, बच्चों को अस्पताल में मरीज़ों के पास जाने न दें.
    • ऑनलाइन ऑडरिंग सर्विस में काम करने वालों को ख़ास तौर पर अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.



    कोरोना वायरस से पीड़ित होने के ये हैं लक्षण और बचाव

    कोरोना वायरस कोविड 19 क्या है और यह कैसे फैलता है? इससे बचने के लिए आप नियमित रूप से और अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोएं.

    कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

    इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है. इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है. बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है.

    वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पाँच दिन लगते हैं. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों में इसके लक्षण बहुत बाद में भी देखने को मिल सकते हैं.

    लक्षण कितने दिन में दिखते हैं?

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है. हालांकि कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि ये समय 24 दिनों तक का भी हो सकता है.

    कोरोना वायरस उन लोगों के शरीर से अधिक फैलता है जिनमें इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं. लेकिन कई जानकार मानते हैं कि व्यक्ति को बीमार करने से पहले भी ये वायरस फैल सकता है.

    बीमारी के शुरुआती लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे ही होते हैं जिससे कोई आसानी से भ्रमित हो सकता है.


    कितना घातक है कोरोना वायरस?

    कोरोना वायरस के संक्रमण के आँकड़ों की तुलना में मरने वालों की संख्या को देखा जाए तो ये बेहद कम हैं. हालांकि इन आंकड़ों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन आंकड़ों की मानें तो संक्रमण होने पर मृत्यु की दर केवल एक से दो फ़ीसदी हो सकती है.

    फ़िलहाल कई देशों में इससे संक्रमित हज़ारों लोगों का इलाज चल रहा है और मरने वालों का आँकड़ा बढ़ भी सकता है.

    कोरोना के आंकड़े

    56,000 संक्रमित लोगों के बारे में एकत्र की गई जानकारी आधारित विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक अध्ययन बताता है कि –

    6 फ़ीसदी लोग इस वायरस के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए. इनमें फेफड़े फेल होना, सेप्टिक शॉक, ऑर्गन फेल होना और मौत का जोखिम था.
    14 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के गंभीर लक्षण देखे गए. इनमें सांस लेने में दिक्क़त और जल्दी-जल्दी सांस लेने जैसी समस्या हुई.
    80 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के मामूली लक्षण देखे गए, जैसे बुखार और खांसी. कइयों में इसके कारण निमोनिया भी देखा गया.

    कोरोना से किसको है ज्यादा खतरा?

    कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बूढ़ों और पहले से ही सांस की बीमारी (अस्थमा) से परेशान लोगों, मधुमेह और हृदय रोग जैसी परेशानियों का सामना करने वालों के गंभीर रूप से बीमार होने की आशंका अधिक होती है.

    कोरोना वायरस का इलाज इस बात पर आधारित होता है कि मरीज़ के शरीर को सांस लेने में मदद की जाए और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए ताकि व्यक्ति का शरीर ख़ुद वायरस से लड़ने में सक्षम हो जाए.

    क्या कोरोना की वैक्सीन बन गयी है?

    कोरोना वायरस का टीका बनाने का काम अभी चल रहा है.

    अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो आपको कुछ दिनों के लिए ख़ुद को दूसरों से दूर रहने की सलाह दी जा सकती है.

    पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने कहा है कि जिन्हें लगता है कि वो संक्रमित हैं वो डॉक्टर, फार्मेसी या अस्पताल जाने से बचें और अपने इलाक़े में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी से फ़ोन पर या ऑनलाइन जानकारी लें.

    विदेश से लौटने वाले क्या करें?

    जो लोग दूसरे देशों की यात्रा कर के यूके लौटे हैं उन्हें सलाह दी गई है कि वो कुछ दिनों के लिए ख़ुद को दूसरों से अलग कर लें.

    दूसरे देशों ने भी इस वायरस से बचने के लिए अपने अपने देशों में स्कूल कॉलेज बंद करने और सर्वजनिक सभाएं रद्द करने जैसे क़दम उठाएं हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी लोगों के लिए एहतियात बरतने के तरीक़ों के बारे में जानकारी जारी की है.

    संक्रमण के लक्षण दिखने पर व्यक्ति को अपने स्थानीय स्वास्थ्य सेवा अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क करना चाहिए. जो लोग बीते दिनों कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं उनकी जांच की जाएगी.

    अस्पताल पहुंचने वाले सभी मरीज़ जिनमें फ्लू (सर्दी ज़ुकाम और सांस लेने में तकलीफ) के लक्षण हैं, स्वास्थ्य सेवा अधिकारी उनका परीक्षण करेंगे.

    परीक्षण के नतीजे आने तक आपको इंतज़ार करने और दूसरों से खुद को दूर रखने के लिए कहा जाएगा.


    कितनी तेज़ी से फैल रहा है कोरोना वायरस?

    रोज़ दुनिया भर में कोरोना वायरस के सैंकड़ों मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन ये भी माना जा रहा है कि अब भी कई मामले स्वास्थ्य एजेंसियों की नज़र से बच गए होंगे.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 123 देशों में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 596,350 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इसके कारण अब तक 27,343 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

    इस वायरस के संक्रमण के सबसे अधिक मामले चीन, इटली, ईरान और कोरिया में सामने आए हैं.

    Source: https://www.bbc.com/hindi/international-51863689
    https://www.bbc.com/hindi/india-51955829

  • फिल्म्स टुडे और नाना नानी फाउंडेशन के ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स ने सितारों को दिया सम्मान

    फिल्म्स टुडे और नाना नानी फाउंडेशन के ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स ने सितारों को दिया सम्मान

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    अमीषा पटेल, उदित नारायण, धीरज कुमार, प्रेम चोपड़ा और अन्य ने ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स प्राप्त किया.

    नाना नानी फाउंडेशन के संस्थापक श्याम सिंघानिया और फिल्म टुडे के संस्थापक और संपादक राजेश श्रीवास्तव ने पहले ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स में फ़िल्मी सितारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया. महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी अवार्ड फंक्शन में मुख्य अतिथि थे.

    Dream Achievers Awards

    जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त मेजर जनरल), बोलके जिंगुबाई (सामाजिक कार्यकर्ता), ऋचा चड्डा (अभिनेत्री), पद्मश्री डॉ. सोमा घोष (शास्त्रीय गायक), शाहिदा गांगुली (एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, एसीपी), दीपक गुप्ता (कवि), पाखी हेगड़े ( अभिनेत्री), धीरज कुमार (अध्यक्ष क्रिएटिव आई लिमिटेड), वासु मंथेना (सामाजिक कार्यकर्ता), उदित नारायण, अमिशा पटेल, सुमित्रा पाटिल (उप आयुक्त जीएसटी), राजू कारिया, प्रेम चोपड़ा, डा सामंत सामाजिक कार्यकर्ता चुंबन विश्वविद्यालय, सिन्धुताई सपकाल (सामाजिक कार्यकर्ता), ब्रह्मानंद सिंह (निदेशक), संग्राम सिंह (भारतीय पहलवान और अभिनेता), ज्योतिका तंगरी (गायक), राम शंकर (गायक), हेमंत टांटिया (संयुक्त आयुक्त कस्टम), स्नेहा शंकर (गायक), सुरेंद्र पाल और अन्य ने इस पुरस्कार में भाग लिया.

    Dream Achievers Awards

    नाना नानी फाउंडेशन एक पब्लिक चैरिटी ट्रस्ट है जो मुंबई में नाना नानी पार्क का देखभाल करती है और सीनियर सिटीजन का भी ख्याल रखती है. फिल्म्स टुडे मैगज़ीन ने भी इस साल दस वर्ष पूरे कर लिये हैं.

    गैलरी देखें:

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  • सूरत एयरपोर्ट पर हर दिन 150 बार करनी पड़ती है फायरिंग, जानिए इसकी वजह

    सूरत एयरपोर्ट पर हर दिन 150 बार करनी पड़ती है फायरिंग, जानिए इसकी वजह

    सूरत एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority) ने बताया कि सूरत एयरपोर्ट (Surat Airport) के आसपास एरिया में कई झींगा तालाब हैं. जिसकी वजह से विमानों (Flight) के टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है.

    सूरत. गुजरात (Gujarat) के सूरत एयरपोर्ट (Surat Airport) के आसपास झींगा तालाबों के होने की वजह से विमानों (Flight) को बर्ड (bird) हिट का खतरा बना रहता है. यहां हजारों की संख्या में पक्षी आ जाते हैं. जिसकी वजह से कोई बड़ा हादसा हो सकता है. एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority) अब इन बर्ड हिट से बचने के लिए जोन गन्स (Gun) का इस्तेमाल कर रही है. विमानों के टेक ऑफ और लैंडिंग के पहले हर बार जोन गन्स से फायरिंग की जाती है. इससे पक्षी उड़ जाते हैं. हर दिन इस तरह करीब 150 बार फायरिंग की जाती है.

    150 Times Bombs Firing before Take Off and Landing of Aircraft at Surat Airport
    Image Credits: The Straits Times

    एयरपोर्ट अथॉरिटी (Airport Authority) ने बताया कि सूरत एयरपोर्ट (Surat Airport) के आसपास एरिया में कई झींगा तालाब हैं. जिसकी वजह से भारी संख्या में पक्षी एयर स्पेस में मंडराते रहते हैं. इससे विमानों के टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के पास झींगा तालाब एक मुसीबत हैं. हमने इस बारे में कई बार एन्वायरमेंटल मीटिंग के दौरान कलेक्टर से चर्चा की थी, उन्हें इस समस्या से अवगत कराया गया है.

    एक दिन में की जाती है 150 बार फायरिंग
    उन्होंने बताया कि विमानों की लैंडिंग के दौरान उस दिशा में फायरिंग की जाती है जहां ज्यादा पक्षी दिखते हैं. इसके अलावा हर मिनट पर फायरिंग की जाती है. सुबह 6 बजे से लेकर 11.30 बजे तक करीब 80 बार फायरिंग की जाती है. वहीं, दोपहर 3 बजे से शाम 7.30 बजे तक 60 से 70 बार फायरिंग होती है. उसके बाद जब रात होने लगती है तो बर्ड हिट का खतरा कम हो जाता है.

    150 Times Bombs Firing before Take Off and Landing of Aircraft at Surat Airport
    Image Credits: The Telegraph

    रनवे के दोनों तरफ लगाई 5 गन्स
    सूरत एयरपोर्ट पर मई 2017 के बाद से उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. इससे बर्ड हिट का खतरा ज्यादा रहता है. इससे निजात पाने के लिए जोन गन्स का इस्तेमाल किया जाता है. एयरपोर्ट के दोनों तरफ 5 गन लगाई गई हैं. इसके अलावा वाइब्रेटर का भी इस्तेमाल किया जाता है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसके लिए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की मदद मांगी थी. इसका उद्देश्य एयरपोर्ट परिसर में बढ़ रही घास पर रोक लगाना है और उनमें पनपने वाले कीटों को खत्म करना था.

    गन्स पर हर साल खर्च होते हैं 2 लाख
    सूरत एयरपोर्ट पर लगी इन पांचों जोन गन्स की कीमत 4 लाख रुपये है. इनमें एक गन इक्विपमेंट की कीमत 80 हजार रुपये है. इन्हें सिलेंडर लगाकर चलाया जाता है. एक सिलेंडर 20 दिन चलता है. इस काम में हर महीने 7 हजार रुपये का खर्च आता है. मेंटनेंस भी जोड़ लिया जाए तो एक गन पर हर महीने 10 हजार रुपये से ज्यादा का खर्च आता है.

    Source: https://hindi.news18.com/news/nation/150-times-bombs-firing-before-take-off-landing-of-aircraft-at-surat-airport-nodrk-2517169.html

  • दिल्ली में लीजिए कई फ्लेवर में ताजी बीयर का लुफ्त, कनॉट प्लेस में खुला पहला Beer ATM

    दिल्ली में लीजिए कई फ्लेवर में ताजी बीयर का लुफ्त, कनॉट प्लेस में खुला पहला Beer ATM

    दिल्ली में ताजी बीयर का पहला एटीएम (माइक्रोब्रुअरी) खुल गया है। कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में अग्निशमन विभाग के कार्यालय के सामने की तरफ एम ब्लॉक के एक बीयर बार में खुले इस एटीएम में ताजी बीयर मिलती है। आबकारी नियमों के मुताबिक, इसका खुलने का समय दोपहर एक बजे से रात एक बजे तक है।

    इस एटीएम में बीयर कई तरह के फ्लेवर में बीयर मिलती है। खास बात यह है कि यह बीयर गेहूं और जौ से बनाई जाती है इसमें किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं होता।

    दिल्ली सरकार ने दी थी मंजूरी

    2017 में दिल्ली सरकार ने इस योजना को मंजूरी दी थी। मगर योजना इसलिए उलझ गई कि मास्टर प्लान 2021 में इस तरह के बीयर ब्रुअरी (ताजी बीयर बनाने की जगह) लगाने का कोई प्रावधान नहीं था। डीडीए बोर्ड ने मास्टर प्लान में बदलाव कर सितंबर 2018 में इसके लिए अनुमति दी। इसी प्रक्रिया के तहत करीब ढाई माह पहले पहला लाइसेंस कनाट प्लेस के लिए मिला है।

    ताजी बीयर के लिए जो योजना बनाई गई है उसके अनुसार होटल, रेस्तरां और क्लब में तकरीबन 500 लीटर क्षमता वाले माइक्रो ब्रुअरी के साथ वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा।

    Delhi's First Beer ATM Open in Connaught Place
    Credits: ourstate.com

    आखिरी अड़चन हुई दूर

    बताया जा रहा है कि इस योजना को लागू करने के लिए 2010 से कोशिश की जा रही थी। लेकिन जमीन को लेकर सख्त प्रावधान इसके आड़े आ रहे थे। डीडीए के पास भू उपयोग बदलाव के लिए यह मसौदा भेजा गया था। दिल्ली सरकार ने गुरुग्राम व बेंगलुरु की तर्ज पर यह योजना तैयार की है। इस प्रावधान की मंजूरी मिलने के बाद आबकारी विभाग के तय नियमों के मुताबिक माइक्रो ब्रुअरीज खोली जा सकेंगी।

    तीन अन्य लोगों ने भी किया आवेदन

    इसे खोलने के लिए आबकारी विभाग के पास तीन अन्य लोगों ने भी आवेदन किया है। जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसका लाइसेंस उन्हें ही मिलेगा। जिनके पास 650 वर्ग फीट भूतल पर जगह होगी। इसके अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण (डीपीसीसी) कमेटी से स्वीकृति लेनी अनिवार्य है।

    Source: Dainik Jagran

  • दुनिया की पहली रोबोट नागरिक सोफिया भारत आई, बोली- मेरे अंदर भी भावनाएं हैं

    दुनिया की पहली रोबोट नागरिक सोफिया भारत आई, बोली- मेरे अंदर भी भावनाएं हैं

    इंदौरः इंदौर की एमराल्ड इंटरनेशनल स्कूल में चल रही 51 वीं राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को विश्व की पहली रोबोट नागरिक सोफिया के साथ बातचीत का एक सेशन रखा गया था. फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से विश्व के प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की. सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है. सोफिया के अनुसार वह क्लाइमेट चेंज को लेकर सोशल मीडिया से भी जानकारी लेती रहती है.

    Sophia First Humanoid Robot Citizen in India

    सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है.

     

    क्लाइमेट चेंज पर सोफिया ने कहा कि विश्व के सभी देशों की सरकारों को अपनी नीति और आइडियाज में दोनों में बदलाव लाने की आवश्यकता है. इंदौर में चल रही राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में रोबोट सोफिया के साथ एक सेशन रखा गया था, जिसमें फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से दुनिया में चल रहे प्रमुख मुद्दों पर बात की और सोफिया ने बड़ी ही संजीदगी के साथ इन सभी सवालों के जवाब भी दिए.

     

    वीडियो देखें:

    https://www.youtube.com/watch?v=el1Me3YF99w

     

    जब उत्तरा सिंह ने सोफिया से पूछा कि क्या उनमें फीलिंग्स हैं, तो सोफिया नाराज हो गई और उत्तरा से कहा की आप मेरी फिलिंग को हर्ट कर रही हैं. मेरी अंदर भी भावनाएं हैं. सोफिया से पूछा गया कि क्लाइमेंट चेंज के लिए सरकारों को अपनी नीति या आइडियाज में से किसे बदलना चाहिए तो सोफिया का कहना था की सरकारों को दोनों में बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि दोनों ही एक दूसरे पर प्रभाव डालते है.

     

    वीडियो देखें:

     

    सोफिया से जब कहा गया की भारतीय लोग डांस काफी पसंद करते हैं, तो सोफिया ने बोला कि डांस तो मुझे भी पसंद है, लेकिन रोबोटिक. कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग देशों से आए बच्चों ने भी सोफिया से कई सवाल किए, जिसके सोफिया ने जवाब दिए. कॉन्फ्रेंस के इस सेशन का छात्रों के साथ उनके शिक्षकों ने भी खूब आनंद लिया.

     

    ये वीडियो भी देखें:

     

    Source: https://zeenews.india.com/hindi/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/sofia-worlds-first-robotic-citizen-arrived-in-indore-and-attended-international-conference-said-i-also-have-feelings/581484

  • भारत के 7 ऐसे रहस्य, जो अब भी हैं अनसुलझे, किसी के पास नहीं है कोई जवाब

    भारत के 7 ऐसे रहस्य, जो अब भी हैं अनसुलझे, किसी के पास नहीं है कोई जवाब

    यूएफओ(UFO) या एलियन(Aliens) से जुड़ी खबरें तो आपने कई बार पढ़ी होंगी। लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसी घटनाएं और बातें दुनियाभर में हुई हैं, जिनको लेकर काफी रहस्य बना। कुछ ऐसी रहस्यमय जगहें भी दुनिया में हैं जिनकी खासियतों के बारे में साइंस के पास भी कोई जवाब नहीं है है। आज हम आपको भारत की ऐसी ही कुछ रहस्यमय जगहें और घटनाओं के बारे में बता रहे हैं। इनको लेकर अब तक सवाल बने हुए हैं… 

    Image Credits: The Daily Beast
    1. जोधपुर के आकाश में तेज धमाका

    18 दिसंबर, 2012 को जोधपुर के आकाश में एक अनोखी घटना घटी। जोधपुर(Jodhpur) के आकाश में एयरप्लेन क्रैश होने जैसी आवाज सुनाई दी। ऐसे लग रहा था जैसे कि कोई भयानक विस्फोट हुआ हो। लोग इस तेज आवाज से काफी परेशान हो गए थे। 

    बाद में यह साफ हो गया कि उस समय जोधपुर के आकाश में कोई प्लेन उड़ नहीं रहा था और न ही कोई विस्फोट हुआ था। जोधपुर में हुई घटना की चर्चा भारत के बाहर भी कई देशों में हुई थी।

    Image Credits: Quora
    1. सम्राट अशोक की 9 रहस्यमय लोगों की सोसाइटी

    इतिहास की रहस्यमय बातों में सम्राट अशोक की 9 लोगों की एक सोसायटी भी है। इसे The Nine Unknown के नाम से भी जाना जाता है।

    सम्राट अशोक ने 273 ई.पू. में इस कथित शक्तिशाली लोगों की सोसाइटी की नींव रखी थी। इस सोसाइटी का निर्माण कलिंग के युद्ध में एक लाख से अधिक लोगों की मौत के बाद हुआ था।

    कहा जाता है कि इन 9 लोगों के पास ऐसी सूचनाएं थीं, जो गलत हाथों में जाने पर खतरनाक हो सकती थीं। इनमें प्रोपेगंडा सहित माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित किताबें थी। कुछ किताबों के बारे में कहा जाता है कि इनमें एंटी ग्रेविटी और टाइम ट्रैवल के गुप्त सिद्धांत दर्ज थे। ये 9 लोग विश्व के कई स्थानों में फैले थे। सबसे आश्चर्य की बात है कि इनमें से कई विदेशी भी थे।

    Image Credits: Malayala Manorama
    1. लद्दाख का द कोंग्का ला दर्रा

    लद्दाख का द कोंग्का ला दर्रा दुनिया के उन इलाकों में है, जिसके बारे में बहुत कम जानकारी मिल पाई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है- हिमालय का यह क्षेत्र बर्फीला और दुर्गम है। 

    स्थानीय लोगों और यात्रियों का दावा है कि यहां यूएफओ का दिखाई देना आम बात है। इन बातों को पहले अधिक महत्व नहीं दिया गया लेकिन जून 2006 में गूगल के सेटेलाइट से ली गई फोटो भी सामने आई जिसने लोगों को चौंका दिया।

    यह भारत और चीन की सीमा पर स्थित है। यह क्षेत्र दोनों देशों के बीच सैन्य-विवाद का विषय बन चुका है। यह नो-मैन्स लैंड घोषित है। दोनों देश इस पर नजर रखते हैं लेकिन कोई भी देश इस क्षेत्र में पेट्रॉलिंग नहीं करता है।

    Image Credits: Daily Express
    1. महिला का पुनर्जन्म

    शांति देवी का जन्म 1930 में एक खुशहाल परिवार में दिल्ली में हुआ था। हालांकि, वह ज्यादा समय तक खुश नहीं रह सकी। जब वह चार साल की थी, तब से जिद्द करने लगी कि उसके माता-पिता कोई और हैं।

    शांति देवी ने दावा किया कि एक बच्चे को जन्म देते समय उसकी मौत हो गई थी और अपने पति तथा परिवारजनों के बारे में काफी जानकारियां दी थी। शांति देवी के पिता ने उसके दावों के बारे में जब पता किया तो वे सारे सच निकले।

    एक महिला का नाम लुडगी देवी था और बच्चे को जन्म देते समय उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोगों को सबसे अधिक आश्चर्य तब हुआ जब शांति देवी ने समय और शहर का नाम एकदम सटीक बताया। जब वह अपने पूर्वजन्म के पति से मिली तो उसने उसे पहचान लिया और अपने बच्चे को मां की तरह प्यार करने लगी।

    Image Credits: Tripshelf
    1. मैग्नेटिक हिल (Magnetic Hill, Himalaya, Ladakh)

    हिमालय के लद्दाख (Ladakh) में आश्चर्यचकित करने वाली एक पहाड़ी है। कहा जाता है कि इस पहाड़ी में चुंबकीय गुण है।

    अगर आप अपनी कार को न्यूट्रल करके इस सड़क पर खड़ा कर दें तो यह पहाड़ी पर 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नीचे की ओर चलने लगती है।

    गाइड के अनुसार यह एक सुपरनेचुरल घटना है और इसे स्थानीय लोग हिमालयन वंडर कहते हैं।

    Image Credits: Quora
    1. ‘शापित गांव’ कुलधरा

    राजस्थान के जैसलमेर(Jaisalmer) जिले में स्थित है कुलधरा गांव। 500 वर्ष पहले कुलधरा गांव में 1,500 परिवार रहा करते थे।

    एक रात वे सभी गायब हो गए। लेकिन न तो इनके मारे जाने और न ही अपहरण होने की कोई जानकारी सामने आई। इस घटना के पीछे क्या कारण था, इसका पता आज तक नहीं लग सका।

    लोग इस बारे में कई तरह के किस्से-कहानियां सुनाते हैं। पुरानी किंवदंती के अनुसार कुछ लोगों ने इस गांव पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश की थी। यह गांव आज भी वीरान पड़ा है।

    Image Credits: Times of India
    1. जुड़वां बच्चों का गांव (Village of Twins)

    केरल का कोडिन्ही एक रहस्यमय गांव है। यहां जुड़वां बच्चों का जन्म होना आम बात है। इस गांव में लगभग 2,000 परिवार रहते हैं। कुछ साल पहले के सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां 250 जुड़वां बच्चे हैं। जबकि स्थानीय डॉक्टरों के मुताबिक यह संख्या असल में 350 तक हो सकती है।

    प्रति वर्ष जुड़वां बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसके पीछे क्या कारण हैं, अभी तक कोई नहीं जान सका है। एक अनुमान के अनुसार, आमतौर पर भारत में प्रति 1000 बच्चों में 4 जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं। लेकिन कोडिन्ही में 1000 पर यह आंकड़ा काफी अधिक हो जाता है।

    द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 2004 से 2009 के बीच यहां 120 जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ।

    Read: दुनिया के 6 रहस्य जिनके जवाब नहीं ढूंढ पाया विज्ञान

    Source: https://www.msn.com/hi-in/news/india/भारत-के-7-ऐसे-रहस्य-जो-अब-भी-हैं-अनसुलझे-किसी-के-पास-नहीं-है-कोई-जवाब/ss-AAFXq39?ocid=en-exp

  • दुनिया के 6 रहस्य जिनके जवाब नहीं ढूंढ पाया विज्ञान

    दुनिया के 6 रहस्य जिनके जवाब नहीं ढूंढ पाया विज्ञान

    प्रकृति के कई रहस्य आज भी अनसुलझे हैं. वैज्ञानिकों ने कुछ रहस्यों से तो परदा हटा लिया है लेकिन दुनिया की कुछ रहस्यजनक चीजों पर से अभी तक परदा नहीं हटाया जा सका है. आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही पहेलियों के बारे में जो आज भी सभी के लिए अबूझ बनी हुई हैं.

    Unsolved Mysteries

    1. द डांसिंग प्लेग ऑफ 1518

    इसके बारे में पढ़कर ऐसा लगता है जैसे यह कोई कहानी हो. 1518 में गर्मी के दिनों में शहर स्ट्रासबर्ग में एक महिला ने सड़क पर भयानक तरीके से नाचना शुरू कर दिया था. दिन से रात हो जाती और रात से दिन पर उसका नाचना बंद नहीं होता. एक सप्ताह के भीतर ही 34 अन्य महिलाओं ने भी उसके साथ नाचना शुरू कर दिया. उन्हें देखकर ऐसा लगता था जैसे कि उनके अंदर किसी आत्मा का वास हो गया हो. नाचने की ना तो कोई वजह थी और ना ही कोई खास मौका. एक महीने के अंदर नाचने वाली महिलाओं की संख्या 400 पहुंच गई. धार्मिक पुरोहितों और लोगों को स्थिति पर नियंत्रण लाने के लिए बुलाया गया. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को भी बुलाया गया. 

    कई महिलाओं की हालत खराब होने लगी. यहां तक कि कई महिलाओं की नाचते-नाचते मौत हो गईं. इसके बाद उनके लिए लकड़ी के स्टेज बनाए गए और अलग से हॉल बनाए गए. लोगों का ऐसा मानना था कि डांस कर रही महिलाओं की स्थिति तभी सुधर पाएगी जब वे रात-दिन नाचेंगी. इस घटना के पीछे कई थ्योरी दी गई. जहर, एपिलेप्सी, सामूहिक मानसिक बीमारी कई वजहें बताई गईं और कई तरीके आजमाए गए लेकिन इस ऐतिहासिक घटना का आज तक संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है.

    Unsolved Mysteries

    1. द एस एस ओरंग मेडान

    जून 1947 में मलक्का की खाड़ी में व्यापारिक मार्ग से कई जहाज गुजर रहे थे. तभी एक एसओेएस संदेश पहुंचा, ‘जहाज के सभी क्रू सदस्यों की मौत हो गई है.’ नजदीक के जहाज सिग्नल का सोर्स पहचानते हुए उसकी तरफ बढ़े. सबसे नजदीक की मर्चेन्ट शिप ‘द सिल्वल स्टार’ सिग्नल की तरफ तेजी से पहुंची. ओरंग मेडान पर आते ही वे हैरान रह गए. क्रू के हर सदस्य की मौत हो चुकी थी. जहाज पर शव इधर-उधर बिखरे पड़े थे. कई लोगों की आंखें अब तक खुली हुई थीं और उनके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था. जहाज पर सवार कुत्ते की भी मौत हो गई थी. 

    बॉयलर रूम में शवों के नजदीक जाने पर क्रू सदस्यों को बहुत ठंड लगने लगी जबकि तापमान 110 डिग्री फॉरेनहाइट था. आश्यचर्यजनक बात यह रही कि किसी भी शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे. ‘द सिल्वर स्टार’ के क्रू सदस्यों ने वापस अपनी शिप पर जाने का फैसला किया. इससे पहले ही डेक के नीचे से धुआं निकलने लगा. एस एस ओरंग मेडान में विस्फोट होने से कुछ सेकेंड पहले ही वे किसी तरह अपनी शिप पर वापस पहुंच पाए. कुछ लोगों ने इस दुर्घटना के पीछे प्राकृतिक गैसों के बादल बनने का हवाला दिया. वहीं अधिकतर लोग इसके पीछे सुपरनैचुरल पावर को जिम्मेदार ठहराते हैं.

    Unsolved Mysteries

    1. खिसकते हुए पत्थर, डेथ वैली, कैलिफोर्निया

    डेथ वैली के नाम से कुख्यात इस जगह पर सैकड़ों पत्थर मौजूद हैं. इस सूखे मरुस्थल पर अलग-अलग वजन के ये पत्थर बड़े रहस्यमयी ढंग से मौजूद हैं. कुछ पत्थर ऐसे लगते हैं जैसे वे घिसटते हुए आगे बढ़ रहे हैं. उनके पीछे लंबी लकीर मौजूद है. यहां मौजूद नजारा कुछ ऐसा है कि आप देखकर हैरान हो जाएंगे. किसी इंसान या जानवर के जरिए इन पत्थरों को घसीटने के सबूत नजर नहीं आते क्योंकि वहां मौजूद मिट्टी बिना छेड़छाड़ दिखाई देती है. कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि भौगोलिक बदलाव या तूफान के चलते पत्थर कुछ इस तरह मौजूद हैं.

    Unsolved Mysteries

    1. मिनेसोटा डेविल्स वॉटरफॉल

    इस झरने को रहस्यमयी माना जाता है. इस झरने में दो धाराएं ऊपर से गिरती है. एक धारा तो सामान्य धाराओं की तरह बहती है पर दूसरी रहस्यमयी धारा एक छेद में गिरकर कहां गायब हो जाती है, यह गुत्थी आज तक नहीं सुलझ पाई है. हैरानी की बात यह है कि ‘द डेविल्स कैटल’ नाम के छेद में आधी नदी का पानी समा जाता है.

    Unsolved Mysteries

    1. इजिप्ट के मंदिर में छिपाकर रखे गए जूते

    पुरातत्वेत्ताओं को 2004 में खुदाई के दौरान एक अजीब चीज मिली. एक जार में उन्हें 7 जोड़ी जूते मिले. ये जूते बहुत ही अच्छी अवस्था में थे. दो जोड़ी जूते बच्चों के थे जबकि बाकी वयस्कों के. ऐसा कहा जाता है कि यह जार 2000 साल पहले जानबूझकर छिपा कर रखा गया था.

    Unsolved Mysteries

    1. नाजका लाइन्स, नाजका रेगिस्तान, दक्षिणी पेरू

    पेरू में मौजूद इस रेगिस्तानी सतह पर ऐसी आकृतियां बनी हुईं है, जो आपको चौंका सकती हैं. इनमें से कुछ इंसानों, पौधों और जानवरों की मालूम पड़ती हैं. इसके अलावा वहां सतह पर सीधी रेखाएं भी दिखलाई पड़ती हैं. माना जाता है कि ये रेखाएं 200 ईसा पूर्व से इसी तरह मौजूद हैं. ये लाइनें करीब 500 वर्ग किलोमीटर में फैली हैं. हेलीकॉप्टर की मदद से इन्हें और साफ‍-साफ देखा जा सकता है. इसके बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि यहां दूसरे ग्रह से आईं UFO उतरे थे, जिसके चलते सतह पर इतनी संरचनाएं बनी थीं.

     

    Source: https://www.msn.com/hi-in/news/india/दुनिया-के-5-रहस्य-जिनके-जवाब-नहीं-ढूंढ-पाया-विज्ञान/ss-AAGSMMa?ocid=en-exp#image=1

  • लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 – मोदी लहर में भाजपा मस्त विपक्ष हुआ पस्त

    लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 – मोदी लहर में भाजपा मस्त विपक्ष हुआ पस्त

    भाजपा+: 350

     

    कांग्रेस+: 83

     

    महागठबंधन: 15

     

    अन्य: 94




    लोकसभा चुनाव के नतीजे Lok Sabha Election 2019 Results:

    Status For 542 out of 542 Constituencies
    Party Won Leading Total
    Aam Aadmi Party 1 0 1
    AJSU Party 1 0 1
    All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam 1 0 1
    All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen 2 0 2
    All India Trinamool Congress 20 2 22
    All India United Democratic Front 1 0 1
    Bahujan Samaj Party 9 1 10
    Bharatiya Janata Party 294 9 303
    Biju Janata Dal 4 8 12
    Communist Party of India 2 0 2
    Communist Party of India (Marxist) 3 0 3
    Dravida Munnetra Kazhagam 23 0 23
    Indian National Congress 52 0 52
    Indian Union Muslim League 3 0 3
    Jammu & Kashmir National Conference 2 1 3
    Janata Dal (Secular) 1 0 1
    Janata Dal (United) 16 0 16
    Jharkhand Mukti Morcha 1 0 1
    Kerala Congress (M) 1 0 1
    Lok Jan Shakti Party 6 0 6
    Mizo National Front 1 0 1
    Naga Peoples Front 1 0 1
    National People’s Party 1 0 1
    Nationalist Congress Party 5 0 5
    Nationalist Democratic Progressive Party 1 0 1
    Revolutionary Socialist Party 1 0 1
    Samajwadi Party 5 0 5
    Shiromani Akali Dal 2 0 2
    Shivsena 18 0 18
    Sikkim Krantikari Morcha 1 0 1
    Telangana Rashtra Samithi 9 0 9
    Telugu Desam 3 0 3
    Yuvajana Sramika Rythu Congress Party 21 1 22
    Other 8 0 8

    रामपुर से सपा के उम्मीदवार आजम खान आगे

    मैनपुरी से मुलायम सिंह आगे
    आजमगढ़ से अखिलेश यादव आगे
    कन्नौज से डिंपल यादव आगे
    गोरखपुर से रविकिशन आगे
    लखनऊ से राजनाथ सिंह आगे
    मथुरा से हेमा मालिनी आगे
    उन्नाव से साक्षी महाराज आगे
    बरेली से संतोष गंगवार आगे
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी आगे
    कैसरगंज से बीजेपी के बृजभूषण शरण सिंह आगे
    सुल्तानपुर से बीजेपी की मेनका गांधी आगे
    बाराबंकी से बीजेपी के उपेंद्र रावत आगे
    मिर्जापुर से अपना दल की अनुप्रिया पटेल आगे
    बुलंदशहर में बीजेपी के भोला सिंह आगे
    फतेहपुर सीकरी से बीजेपी के राजकुमार चाहर आगे
    मछलीशहर से बीजेपी के वीपी सरोज आगे
    फतेहपुर से बीजेपी की निरंजन ज्योति आगे
    जौनपुर सीट से गठबंधन के श्याम सिंह यादव आगे
    आंवला से बीएसपी की रुचि वीरा आगे
    रायबरेली से सोनिया गांधी आगे
    लालगंज से बीएसपी की संगीता आजाद आगे
    मुरादाबाद से सपा के एसटी हसन आगेएटा सीट पर बीजेपी के राजवीर सिंह आगे
    कन्नौज से डिंपल यादव आगे
    फिरोजाबाद से शिवपाल सिंह यादव आगे
    गौतमबुद्ध नगर से भाजपा के महेश शर्मा आगे
    मथुरा से हेमा मालिनी आगे
    गाजियाबाद से भाजपा के वीके सिंह आगे
    बदायूं से सपा के धर्मेंद्र यादव आगे
    पीलीभत से वरुण गांधी आगे
    कैराना से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप कुमार आगे
    फर्रुखाबाद से बसपा के मनोज अग्रवाल आगे हैं
    अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फिर आगे
    बांदा से भाजपा के आरके सिंह पटेल आगे
    कौशाम्बी से सपा उम्मीदवार इंद्रजीत सरोज आगे
    वाराणसी से पीएम मोदी 11 हजार वोटों से आगे
    आजमगढ़ से अखिलेश यादव आगे
    पीलीभीत से बीजेपी के वरुण गांधी आगे
    चंदौली से बीजेपी के महेंद्रनाथ पांडेय आगे
    सहारनपुर से इमरान मसूद आगे
    रायबरेली से सोनिया गांधी आगे
    मैनपुरी से मुलायम सिंह आगे
    राहुल गाँधी अमेठी से पीछे.
    भोपाल से साध्वी प्रज्ञा आगे.
    गोरखपुर से रवि किशन आगे