Category: खबरें और राजनीति

  • 18 साल, 1 सवाल: निठारी के मासूमों का कातिल कौन?

    18 साल, 1 सवाल: निठारी के मासूमों का कातिल कौन?

    पंधेर–कोली दोनों बरी, इंसाफ की आखिरी उम्मीद भी खत्म?

    अगर दोनों निर्दोष हैं… तो आखिर उन बच्चों को किसने मारा? कौन है असली हत्यारा? क्या यही न्याय है?

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: सबूत नहीं, इसलिए रिहाई

    निठारी कांड (Nithari Kand) के मुख्य आरोपी सुरिंदर कोली (Surinder Koli) को सुप्रीम कोर्ट ने ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
    जस्टिस विक्रम नाथ ने आदेश दिया कि 18 साल पुराने इस केस में अभियोजन आरोप सिद्ध नहीं कर सका, इसलिए कोली को रिहा किया जाए।

    यह पहला मामला नहीं है जब सालों तक चले ट्रायल के बाद किसी आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया हो, लेकिन यह भारत के सबसे खौफनाक कांडों में से एक है—और यही इसे और डरावना बनाता है।

    2006: नोएडा के निठारी (Nithari) की गलियों में गायब होते बच्चे

    नोएडा सेक्टर-31 के पीछे बसे निठारी गांव (Nithari Village)में एक के बाद एक बच्चे लापता होने लगे।
    किसी को नहीं पता था कि यह गायब होना, भारत की सबसे भयानक क्राइम कहानियों (Crime Stories) में बदल जाएगा।

    बाद में एक नाले से बच्चों की हड्डियाँ मिलीं—और देश दहल उठा।
    जांच में नाम आया—

    • मोनिंदर सिंह पंधेर (Moninder Singh Pandher)– स्थानीय व्यवसायी

    • सुरिंदर कोली (Surinder Koli)– उसका घरेलू नौकर

    और फिर खुलने लगा 15 से अधिक प्रवासी परिवारों के लापता बच्चों का भयावह सच।

    कोली का स्वीकारोक्ति—या एक विवादित कबूलनामा?

    पूछताछ के दौरान कोली ने कथित तौर पर कहा—

    • वह बच्चों को मिठाई का लालच देकर लाता था

    • उनके साथ दुष्कर्म करता था

    • हत्या कर शव फेंक देता था

    कुछ आरोपों में तो यह भी कहा गया कि शवों के अंगों का उपयोग हुआ…
    यहां तक कि नरभक्षण (Cannibal) के दावे भी किए गए।

    लेकिन—
    ये सब कथित कबूलनामे और विवादित गवाहियों पर आधारित थे।
    न्यायालय में इनमें से बहुत कुछ टिक नहीं पाया।

    2009–2023: मौत की सजा से लेकर बरी होने तक का सफर

    निठारी कांड(Nithari Kand) में 13 बड़े केस दर्ज हुए।
    सीबीआई कोर्ट और निचली अदालतों ने कोली को लगातार कई मामलों में फांसी (Hang till Death) की सजा सुनाई।
    2014 में उसका ब्लैक वारंट भी जारी हो चुका था।

    • 8 सितंबर 2014 – फांसी दी जानी थी

    • ठीक 4 घंटे पहले – सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी

    2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मामलों में उसे बरी कर दिया।
    दो बाकी मामलों में अब सुप्रीम कोर्ट से भी रिहाई मिल गई।

    निठारी (Nithari): वह घर, जहां से आतंक की गंध उठी थी

    29 दिसंबर 2006
    पंधेर के घर के पीछे की नाली से 8 बच्चों के कंकाल मिले थे।
    यहीं से भयावह कहानी सामने आई:

    2005–2006 में दर्जनों बच्चियाँ और बच्चे गायब हुए—
    जिनमें से कई के शव इसी इलाके से बरामद हुए।

    यह मामला सिर्फ दरिंदगी का नहीं, बल्कि पुलिस की लापरवाही और जांच की विफलता का प्रतीक बन गया।

    पुलिस पर गंभीर सवाल: लापरवाही, भ्रष्टाचार(Corruption) और ढिलाई

    लापता बच्चों के परिजनों ने शुरू से कहा—

    • पुलिस ने शिकायतें गंभीरता से नहीं लीं

    • गायब बच्चों को ‘घर से भागे हुए’ बताकर मामला दबाया

    • कुछ अधिकारियों पर तो रिश्वत लेने के आरोप भी लगे

    • स्थानीय लोगों का दावा: शव हमें मिले, पुलिस ने क्रेडिट ले लिया

    पुलिस इतने वर्षों तक पीड़ितों की सटीक संख्या तक तय नहीं कर पाई।
    डीएनए टेस्ट ही एकमात्र आधार था।

    निठारी आज: दर्द, डर और अनुत्तरित सवालों का गांव

    निठारी (Nithari) की गलियों में आज भी एक सन्नाटा चलता है।
    जो लोग अपने बच्चों की यादों के साथ जी रहे हैं—
    उनके लिए यह फैसले नए ज़ख्म खोल देते हैं।

    नोएडा (Noida) सेक्टर-31 कोठी नंबर D-5, जो कभी डर का पता बन गई थी—
    अब और भी बड़ी पहेली बन गई है:
    अगर कोली और पंधेर निर्दोष हैं… तो असली हत्यारा कौन?

    2009 का पहला फैसला: मौत की सजा

    13 फरवरी 2009
    सीबीआई अदालत ने कोली और पंधेर दोनों को सजा-ए-मौत सुनाई।
    कोली के कबूलनामे को आधार बनाकर अदालत ने कहा था—

    • हत्या के बाद दुष्कर्म का प्रयास

    • शव के अंग काटे गए

    • और कथित नरभक्षण

    अदालत ने इसे सबसे घिनौना अपराध बताया था।

    फांसी से कुछ घंटे पहले मिला जीवन

    9 सितंबर 2014
    मेरठ जेल—
    फांसी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं।
    कोली को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था।

    रात 11:45 बजे सुप्रीम कोर्ट में अचानक विशेष सुनवाई बुलाई गई।
    वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने दलील दी कि मामले की दोबारा सुनवाई जरूरी है।

    ठीक रात 1 बजे से पहले, अदालत ने फैसला सुनाया—
    कोली की फांसी पर रोक।

    और आज—
    18 साल बाद—
    वह पूरी तरह बरी हो चुका है।

    सबसे बड़ा सवाल अब भी जिंदा है…

    निठारी के असली हत्यारे का क्या?

    18 साल बाद भी इंसाफ कहाँ है?

    क्या यह केस भारतीय जांच एजेंसियों की सबसे बड़ी नाकामी है?

  • दिल्ली फिर दहली: लाल किले के पास कार में धमाका – कई मौतें अनेकों घायल

    दिल्ली फिर दहली: लाल किले के पास कार में धमाका – कई मौतें अनेकों घायल

    10 नवम्बर 2025 दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast): लाल किले के पास कार में धमाका; जानिए राजधानी में बड़े आतंकी हमले कब-कब हुए और कितनी जाने गयीं

    दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन (Red Fort Metro Station) के पास एक कार में हुए भीषण धमाके से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि लाल मंदिर (Lal Mandir) के शीशे टूट गए और कई दुकानों को नुकसान पहुंचा। इस दुखद घटना में कई लोगों की मौत होने की सूचना है.

    धमाके के तुरंत बाद आसपास की दुकानों में आग लगने की भी खबरें आईं। विस्फोट का कंपन चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस इलाके तक महसूस किया गया. यह घटना दिल्ली की उस दुखद शृंखला को फिर से याद दिलाती है, जहां अतीत में कई आतंकी हमलों (Terrorist Attack)और धमाकों में अनगिनत लोगों ने अपनी जान गंवाई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

    दिल्ली में धमाकों की क्रोनोलॉजी

    25 मई 1996 – लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट बम विस्फोट कम-से-कम 16 लोगों की मृत्यु.
    1 अक्टूबर 1997 – सदर बाजार दो बम विस्फोट लगभग 30 घायल.
    10 अक्टूबर 1997 – शांतिवन, कौड़िया पुल और किंग्सवे कैंप तीन विस्फोट 1 की मृत्यु, लगभग 16 घायल.
    18 अक्टूबर 1997 – रानी बाग मार्केट जुड़वां विस्फोट 1 की मृत्यु, लगभग 23 घायल.
    26 अक्टूबर 1997 – करोल बाग मार्केट दो विस्फोट 1 मृत, लगभग 34 घायल.
    30 नवंबर 1997 – रेड फोर्ट (लाल किला) क्षेत्र जुड़वां विस्फोट 3 की मृत्यु, 70 घायल.
    30 दिसंबर 1997 – पंजाबी बाग के पास बस में विस्फोट 4 मरे, लगभग 30 घायल.
    27 फरवरी 2000 – पहाड़गंज विस्फोट 8 घायल.
    16 मार्च 2000 – सदर बाजार विस्फोट 7 घायल.
    18 जून 2000 – रेड फोर्ट (लाल किला) के निकट दो शक्तिशाली विस्फोट 2 की मृत्यु, लगभग दर्जनभर घायल.
    22 मई 2005 – लिबर्टी एवं सत्यं सिनेमा हॉल दो विस्फोट 1 की मृत्यु, लगभग 60 घायल.
    29 अक्तूबर 2005 – सरोजिनी नगर, पहाड़गंज व गोविंदपुरी तीन समन्वित विस्फोट लगभग 59-62 मरे, 100+ घायल.
    14 अप्रैल 2006 – जामा मस्जिद प्रांगण दो विस्फोट कम-से-कम 14 घायल.
    13 सितंबर 2008 – करोल बाग (गफ्फार मार्केट), कनॉट प्लेस व ग्रेटर कैलाश-I पांच समन्वित विस्फोट कम से कम 20-30 मरे, 90+ घायल.
    27 सितंबर 2008 – मेहरौली के फ्लावर मार्केट (सराय) विस्फोट 3 की मृत्यु, 23 घायल.
    25 मई 2011 – दिल्ली हाई कोर्ट पार्किंग विस्फोट कोई मृत्यु नहीं.

  • अनुनय सूद की मौत: मशहूर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर की जिंदगी और रहस्यमयी अंत की पूरी कहानी (संक्षेप में)

    अनुनय सूद की मौत: मशहूर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर की जिंदगी और रहस्यमयी अंत की पूरी कहानी (संक्षेप में)

    अनुनय सूद

    दुबई में रहने वाले भारत के प्रसिद्ध ट्रैवल इन्फ्लुएंसर और फोटोग्राफर अनुनय सूद (Anunay Sood) का 32 वर्ष की उम्र में अमेरिका के लास वेगास में निधन हो गया। इस खबर ने उनके लाखों फॉलोअर्स और फोटोग्राफी समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया।

    कैसे हुई मौत

    जानकारी के अनुसार, अनुनय सूद बुधवार को वीडियो शूट खत्म करने के बाद होटल में सोने गए, लेकिन सुबह नहीं उठे। जब उनकी टीम ने जगाने की कोशिश की तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।

    पारिवारिक पृष्ठभूमि

    अनुनय उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 12 के रहने वाले थे। पिता का नाम राहुल सूद और मां का नाम रितु सूद है। उनकी दो बड़ी बहनें रचिता और इशिता सूद दुबई में रहती हैं। अनुनय घर के सबसे छोटे और इकलौते बेटे थे। परिवार इस दुखद घटना से पूरी तरह टूट चुका है।

    निजी जीवन

    अनुनय की सगाई उनकी लंबे समय की प्रेमिका वृंदा शर्मा से हुई थी। दोनों की जोड़ी सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थी। उन्होंने दुनिया के 46 देशों की यात्रा की थी और उनका सपना सभी 195 देशों को घूमने का था।

    करियर और उपलब्धियां

    • इंस्टाग्राम पर 14 लाख से अधिक फॉलोअर्स, यूट्यूब पर 4 लाख सब्सक्राइबर्स

    • फोर्ब्स इंडिया टॉप 100 डिजिटल स्टार्स में तीन बार शामिल हुए (2022–2024)।

    • कई इंटरनेशनल टूरिज्म बोर्ड्स और ब्रांड्स (जैसे OPPO, Airtel) के साथ कोलैबरेशन किया।

    • उनके पास लक्ज़री कारों और प्रीमियम घड़ियों का शानदार कलेक्शन था।

    • अनुमानित नेटवर्थ ₹7 से ₹10 करोड़ के बीच थी।

    परिवार की अपील

    परिवार ने इंस्टाग्राम के ज़रिए संदेश जारी कर कहा —

    “गहरे दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि अनुनय अब हमारे बीच नहीं रहे। कृपया हमारे परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें और उन्हें अपनी प्रार्थनाओं में याद रखें।”

    अंतिम पोस्ट

    अनुनय की आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट लास वेगास की थी, जहां वे Concours at Wynn इवेंट में शामिल हुए थे — यह दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ कारों का शो है।

    निष्कर्ष

    सिर्फ 32 साल की उम्र में अनुनय सूद का इस तरह अचानक चले जाना सोशल मीडिया (Social Media)की चमकदार दुनिया के पीछे की नश्वरता की याद दिलाता है। वे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा थे, और उनकी यादें उनके शानदार ट्रैवल वीडियोज़ (Travel Videos)और फोटोग्राफी के रूप में हमेशा ज़िंदा रहेंगी।

  • परदादा ब्रह्मा, पिता विश्रवा मुनि  — फिर कैसे राक्षस बना रावण?

    परदादा ब्रह्मा, पिता विश्रवा मुनि — फिर कैसे राक्षस बना रावण?

    रामायण का सबसे रहस्यमय और चर्चित चरित्र — रावण, आज भी लोगों के मन में जिज्ञासा और चर्चा का विषय है।
    एक ओर वह अत्यंत ज्ञानी, शास्त्रों का पंडित और भगवान शिव का भक्त था,
    तो दूसरी ओर उसका नाम अहंकार, अधर्म और विनाश का प्रतीक बन गया।
    आख़िर ऐसा क्या हुआ कि ब्रह्मा के वंशज और ऋषि पुत्र होते हुए भी रावण ‘राक्षस’ कहलाया?

    रावण का जन्म और वंश परंपरा

    रावण का जन्म ऋषि विश्रवा और कैकेसी के घर हुआ था।
    विश्रवा, महर्षि पुलस्त्य के पुत्र थे — इसलिए रावण का वंश ब्राह्मण कुल का था।
    वहीं कैकेसी राक्षस कुल के राजा सुमाली की पुत्री थीं।
    इसलिए रावण के स्वभाव में दोनों संस्कार मिले —
    पिता से ज्ञान और तपस्या की विरासत, और माता से राक्षसी तेज़ व महत्वाकांक्षा।

    रावण का असली नाम और शिवभक्ति

    रावण का जन्म नाम था दशग्रीव या दशानन,
    जो उसके दस सिरों (ज्ञान, शक्ति और विद्या के प्रतीक) को दर्शाता था।
    किंवदंती है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उसने वर्षों तक कठोर तप किया।
    तपस्या में उसने अपने सिर एक-एक कर शिव को अर्पित कर दिए।
    जब शिव प्रसन्न हुए और उसे वरदान देकर पुनर्जीवित किया, तब उन्होंने कहा —

    “तू वह है जिसने रुद्र को भी रुला दिया — तू ‘रावण’ कहलाएगा।”

    ⚔️ ब्राह्मण से राक्षस बनने की यात्रा

    ज्ञान और शक्ति मिलने के बाद रावण ने ब्रह्मा से एक वरदान माँगा —
    कि उसे न कोई देवता, न दानव, न यक्ष, न गंधर्व मार सके।
    लेकिन उसने मनुष्य को तुच्छ समझकर उस सूची में शामिल नहीं किया।
    यही उसकी सबसे बड़ी भूल थी।

    शक्ति और वरदान ने रावण को अजेय बना दिया,
    पर उसी के साथ उसमें अहंकार का बीज भी अंकुरित हो गया।
    वह देवताओं, ऋषियों और यहाँ तक कि स्त्रियों तक का अपमान करने लगा।
    त्रिलोक पर उसका अत्याचार बढ़ता गया —
    और इसी अधर्म ने उसे ‘राक्षस’ बना दिया।

    रावण का पौराणिक रहस्य — जया-विजया की कथा

    पुराणों के अनुसार, रावण का जन्म केवल एक साधारण अवतार नहीं था।
    वह वास्तव में भगवान विष्णु के द्वारपाल जया का दूसरा जन्म था।
    सनकादिक ऋषियों के शाप से जया और विजय को तीन जन्मों तक असुर कुल में जन्म लेना पड़ा —

    • पहले जन्म में वे हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु,

    • दूसरे में रावण और कुंभकर्ण,

    • और तीसरे में शिशुपाल और दंतवक्र बने।

    हर जन्म में उन्हें भगवान विष्णु के ही अवतार के हाथों मृत्यु प्राप्त हुई —
    और इस तरह रावण की मृत्यु भी विष्णु के अवतार भगवान राम के हाथों निश्चित थी।

    रावण की कथा का संदेश

    रावण का जीवन यह सिखाता है कि ज्ञान और भक्ति के साथ यदि अहंकार जुड़ जाए,
    तो सबसे महान व्यक्ति भी विनाश के मार्ग पर चला जाता है।
    वह जितना विद्वान था, उतना ही अपने घमंड का शिकार भी हुआ।

    दशहरे के दिन जब रावण दहन किया जाता है,
    तो केवल उसका पुतला नहीं जलता —
    बल्कि वह अहंकार, अधर्म और अन्याय के अंत का प्रतीक बन जाता है।

  • दक्षिण चीन सागर में बड़ा हादसा: अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान आधे घंटे में क्रैश, सभी क्रू सुरक्षित

    दक्षिण चीन सागर में बड़ा हादसा: अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान आधे घंटे में क्रैश, सभी क्रू सुरक्षित

    अमेरिकी नौसेना के लिए रविवार का दिन काफी नाटकीय रहा। दक्षिण चीन सागर में नियमित अभियान के दौरान, विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज़ (USS Nimitz) से जुड़े एक हेलीकॉप्टर और एक लड़ाकू विमान, दोनों महज 30 मिनट के अंतराल में दुर्घटनाग्रस्त हो गए। नौसेना के पैसिफिक फ्लीट ने पुष्टि की है कि दोनों घटनाओं में शामिल सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है और वे स्थिर स्थिति में हैं।

    घटनाओं का क्रम
    यह दोनों हादसे उस वक्त हुए जब विमान “रूटीन ऑपरेशन” पर थे।

    हेलीकॉप्टर क्रैश: पहली घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2:45 बजे हुई, जब एक MH-60R सीहॉक (Seahawk) हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। बचाव दलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसमें सवार तीनों क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया।

    फाइटर जेट क्रैश: इसके ठीक 30 मिनट बाद, दोपहर 3:15 बजे, एक F/A-18F सुपर हॉर्नेट (Super Hornet) लड़ाकू विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के दोनों पायलट समय रहते इजेक्ट (eject) करने में कामयाब रहे और उन्हें भी पानी से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

    नौसेना ने इन दोनों असंबंधित हादसों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘खराब ईंधन’ की आशंका जताई
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन दो लगातार हादसों को “बहुत असामान्य” (very unusual) बताया है। उन्होंने “खराब ईंधन” (bad fuel) की समस्या की आशंका जताते हुए कहा कि इसकी जांच की जाएगी।

    रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र
    यह घटनाएं दक्षिण चीन सागर के उस रणनीतिक जलमार्ग में हुई हैं, जिसे वैश्विक संघर्ष का एक संभावित बिंदु (flashpoint) माना जाता है।

    चीन का दावा: चीन इस लगभग पूरे जलमार्ग पर अपना दावा करता है और अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के बावजूद, उसने यहां कई विवादित द्वीपों पर बड़े पैमाने पर सैन्य ठिकाने बना लिए हैं।

    अमेरिका की उपस्थिति: अमेरिका इस क्षेत्र में “नौवहन की स्वतंत्रता” (freedom of navigation) सुनिश्चित करने और चीन के क्षेत्रीय दावों को चुनौती देने के लिए नियमित रूप से अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखता है।

    विमानों और पोत से जुड़ी जानकारी
    F/A-18F सुपर हॉर्नेट: यह इस साल नौसेना द्वारा खोया गया कम से कम चौथा F/A-18 लड़ाकू विमान है। इस $60 मिलियन डॉलर के जेट के साथ पहले भी लाल सागर (Red Sea) और वर्जीनिया के पास हादसे हो चुके हैं।

    यूएसएस निमित्ज़: यह विमानवाहक पोत, जिससे ये दोनों विमान ऑपरेट कर रहे थे, दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोतों में से एक है। यह वर्तमान में सेवा में सबसे पुराना अमेरिकी विमानवाहक पोत है और यह इसकी अंतिम तैनाती है। इसे अगले साल सेवानिवृत्त (retire) किया जाना है।

  • लता मंगेशकर के निधन पर शोक की लहर, विभिन्न हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

    लता मंगेशकर के निधन पर शोक की लहर, विभिन्न हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

    नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न हस्तियों ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक प्रकट किया।

    मंगेशकर का रविवार को मुंबई स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया। 92 वर्षीय गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर प्रतीत समदानी और उनकी टीम उनका इलाज कर रही थी।

    जनवरी में मंगेशकर की तबीयत में सुधार हुआ था और वेंटिलेटर हटा दिया गया था लेकिन शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। मंगेशकर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद रविवार को उनका निधन हो गया।

    राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त किया।

    राष्ट्रपति कोविंद ने पार्श्व गायिका के साथ एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘लता जी का निधन मेरे लिए और दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए हृदयविदारक है। उनके गाए गीत भारत के सारतत्व और सुंदरता को प्रदर्शित करते हैं तथा पीढ़ियों ने इन्हें अपने अंतर्मन की अभिव्यक्ति के रूप में पाया है। भारत रत्न लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय हैं।’

    कोविंद ने उनसे मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि लता दीदी एक विलक्षण व्यक्तित्व थीं और उनके जैसे कलाकार सदियों में एक बार ही जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह जब भी लता दीदी से मिले, उन्हें गर्मजोशी से भरा पाया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भी मंगेशकर के साथ एक तस्वीर साझा की और कहा कि महान गायिका के निधन से ‘एक खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता।’

    मोदी ने कहा, ‘‘लता दीदी ने अपने गीतों के जरिए विभिन्न भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने दशकों से भारतीय फिल्म जगत में आए बदलावों को नजदीक से देखा। फिल्मों से परे, वह भारत के विकास के लिए हमेशा उत्साही रहीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थीं।’’

    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं अपना दुख शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। दयालु और सबकी परवाह करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं। उनके निधन से देश में एक खालीपन पैदा गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता। भावी पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति की पुरोधा के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मोहित करने की अद्वितीय क्षमता थी।’’

    मोदी ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे लता दीदी से हमेशा बहुत स्नेह मिला। मैं उनके साथ की गई बातों को हमेशा याद रखूंगा। मैं और देशवासी लता दीदी के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। मैंने उनके परिवार से बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। ओम शांति।’’

    उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘ भारतीय सिनेमा की सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी का निधन देश की और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति है।’’

    नायडू ने कहा, ‘‘ लता जी के निधन से आज भारत ने अपना वह स्वर खो दिया है जिसने हर अवसर पर राष्ट्र की भावना को भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी।’’

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके गीतों में देश की आशा और अभिलाषा झलकती थी। उन्होंने कहा कि लता जी का मधुर स्वर दशकों तक देश में फिल्म संगीत की पहचान रहा।

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शोक प्रकट करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ देश की शान और संगीत जगत की सिरमौर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।’’

    फिल्म जगत से अभिनेता अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री शबाना आज़मी, अभिनेता अक्षय कुमार, अजय देवगन और फिल्म निर्माता हंसल मेहता ने गायिका को श्रद्धांजलि दी।

    बच्चन ने कहा, ‘‘वह हमें छोड़कर चली गईं…सदियों की सबसे बेहतरीन आवाज खामोश हो गई…।’’

    वहीं, आजमी ने कहा, ‘‘उनकी आवाज ने हमारे जीवन को रोशन कर दिया, जब हम उदास होते हैं तो हमें उससे सांत्वना मिलती है, जब हम कमजोर होते हैं तो ताकत मिलती है।’’

    कुमार ने ट्वीट किया, ‘मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहे… और ऐसी आवाज को कोई कैसे भूल सकता है। लता मंगेशकर जी के निधन से गहरा दुख हुआ, मेरी संवेदना और प्रार्थनाएं।’

    देवगन ने लिखा, ‘एक महान हस्ती। मैं हमेशा उनके गीतों की विरासत को संजोकर रखूंगा। हम कितने भाग्यशाली हैं कि हम लता जी के गाने सुनकर बड़े हुए। ओम शांति। मंगेशकर परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’

    मेहता ने कहा कि भारतीय कोकिला की संगति में ‘स्वर्ग भी धन्य हो गया है।’

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘कोकिला चली गई है। स्वर्ग धन्य हो गया है। लता जी जैसा कोई दूजा नहीं होगा। ओम शांति।’

    क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने कहा, ‘महानतम भारतीयों में से एक शख्सियत ने आज हमें अलविदा कह दिया।’

    बायोकॉन की अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ ने भी ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की।

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘उनके निधन से हमारे जीवन में खामोशी सी पैदा हो गई है। ओम शांति।’

    स्वर सम्राज्ञी के रूप से जानी जाने वाली लता मंगेशकर ने पांच साल की उम्र से गायन का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उन्होंने 1942 में एक गायिका के रूप में अपना करियर शुरू किया था और सात दशकों से अधिक समय तक हिंदी, मराठी, तमिल, कन्नड़ और बंगाली समेत 36 भारतीय भाषाओं में लगभग 25,000 गीत गाए।

    उन्होंने ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’, ‘लग जा गले’, ‘मोहे पनघट पे’, ‘चलते चलते’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘अजीब दास्तां है’, ‘होठों में ऐसी बात’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘नीला आसमां सो गया’ और ‘पानी पानी रे’ जैसे कई गीतों को अपनी सुरीली आवाज देकर यादगार बना दिया।

    भारतीय सिनेमा के सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक मानी जाने वाली लता मंगेशकर को कई फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और कई अन्य भारतीय फिल्म पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें 2001 में भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न भी मिला था।

    लता मंगेशकर के निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा

    महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

    पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार

    अधिकारी ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को ब्रीच कैंडी अस्पताल से दोपहर करीब साढ़े बारह बजे दक्षिण मुंबई के पेडर रोड स्थित उनके प्रभु कुंज आवास ले जाया जाएगा।

    अधिकारी ने बताया कि इसके बाद इसे शिवाजी पार्क लाया जाएगा, जहां शाम करीब साढ़े छह बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    मंगेशकर की बहन उषा मंगेशकर और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि 92 वर्षीय गायिका के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके कारण रविवार सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि महान गायिका लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

    ठाकरे ने एक बयान में कहा कि लता मंगेशकर के निधन से एक गौरवशाली युग का अंत हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गायिका की सुरीली आवाज अमर रहेगी और उनके निधन की खबर सुनकर हर कोई दुखी है। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘वह हमारे बीच हमेशा मौजूद रहेंगी।’’

    उन्होंने कहा कि गायिका का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। ठाकरे ने कहा, ‘‘यह दुखद है कि लता मंगेशकर हमें छोड़कर चली गईं। वह मातृतुल्य थीं। उनकी आवाज ने सभी के जीवन में हर स्थिति को जीवंत कर दिया। उनकी आवाज ने भाषा, क्षेत्र, जाति, पंथ और धर्म की बाधाओं को तोड़ दिया।’’

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लता मंगेशकर के उनके परिवार के साथ मधुर संबंध थे। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें फोटोग्राफी का भी शौक था और उन्हें कैमरों तथा विभिन्न लेंस के बारे में अच्छी जानकारी थी। हम अक्सर फोटोग्राफी पर चर्चा करते थे और वह मुझे आशीर्वाद देने के लिए मेरी फोटो प्रदर्शनी में मौजूद रहती थीं। हाल में जब मैं अस्पताल में भर्ती था, तो उन्होंने मेरे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी।’’

    लता मंगेशकर की सुरीली आवाज हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी: राहुल गांधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरीली आवाज अमर है, जो उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।

    मंगेशकर का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। 92 वर्षीय गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।

    गांधी ने ट्वीट किया, ‘लता मंगेशकर जी के निधन की दुखद खबर मिली। उनकी आवाज कई दशकों तक भारत में सबसे प्रिय रही।’

    कांग्रेस नेता ने कहा, ‘उनकी सुरीली आवाज अमर है और उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी ट्विटर पर मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

    उन्होंने लिखा, ‘भारतीय संगीत की बगिया में सुरों को चुन-चुनकर सजाने वाली सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी के निधन का दुखद समाचार मिला। उनके निधन से भारतीय कला जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर लता जी को अपने श्री चरणों में स्थान दें और इस दुःख की घड़ी में परिजनों को कष्ट सहने का साहस प्रदान करें।’

    वाद्रा ने अपनी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ मंगेशकर की एक तस्वीर भी साझा की।

    ममता ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया, राज्य में सोमवार को आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की

    मशहूर गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके सम्मान में सोमवार को आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की।

    बनर्जी ने कहा कि वह मंगेशकर की आवाज से मंत्रमुग्ध थीं। उन्होंने इस बात का आभार व्यक्त किया कि मंगेशकर ने बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को स्नेह दिया।

    मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मैं देश की महान शख्सियत भारत रत्न लता मंगेशकर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके अरबों प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। वह सचमुच भारत की सुर कोकिला थीं।’’

    बनर्जी ने कहा, ‘‘दुनिया भर में उनके सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों की तरह, मैं भी उनकी आवाज और प्रस्तुतिकरण से मंत्रमुग्ध थी और मैं आभारी महसूस करती हूं कि उन्होंने बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को स्नेह दिया और संगीत की अपनी शानदार दुनिया के लिए अभिन्न माना।’’

    बाद में, बनर्जी ने एक बांग्ला समाचार चैनल को बताया कि राज्य सरकार मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए सोमवार को आधे दिन की छुट्टी घोषित करेगी।

    मंगेशकर (92) का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।

    जब भारतीय टीम की जीत के लिये लताजी ने रखा था व्रत …

    (मोना पार्थसारथी)

    क्रिकेट को लेकर लता मंगेशकर की दीवानगी जगजाहिर है और विश्वकप 2011 में पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की जीत के लिये उन्होने निर्जल व्रत रखा था ।

    भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई में निधन हो गया ।

    उन्होंने एक समय भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा था ,‘‘मैने पूरा मैच देखा और मैं काफी तनाव में थी ।’’

    उन्होंने कहा था ,‘‘ जब भारतीय टीम खेलती है तो मेरे घर में सभी का कुछ न कुछ टोटका होता है । मैंने , मीना और उषा ने सेमीफाइनल के दौरान कुछ खाया पिया नहीं । मैं लगातार भारत की जीत के लिये प्रार्थना कर रही थी और भारत की जीत के बाद ही हमने अन्न जल ग्रहण किया ।’’

    विश्व कप 1983 फाइनल को याद करते हुए उन्होंने कहा था ,‘‘मैं उस समय लंदन में ही थी और मैने कपिल देव और उनकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले डिनर के लिये बुलाया था । मैने उन्हें शुभकामनायें दी ।’’

    उन्होंने कहा ,‘‘ खिताब जीतने के बाद कपिल देव ने मुझे डिनर के लिये बुलाया था । मैने जाकर टीम को बधाई दी ।’’

    सचिन तेंदुलकर को वह अपना बेटा मानती थी और वह भी उन्हें मां सरस्वती कहते थे ।यह संयोग की है कि सरस्वती पूजा के अगले दिन ही भारत की सरस्वती का देवलोकगमन हुआ ।

    खेल जगत ने महान गायिका लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी

    क्रिकेटरों की अगुआई में खेल जगत ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया और उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी।

    देश के महान संगीत सितारों में शामिल लता (92) की बहन ऊषा मंगेशकर और उनका उपचार कर रहे डॉक्टरों के अनुसार रविवार को शहर के एक अस्पताल में कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनका निधन हो गया।

    दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने ट्वीट किया, ‘‘लता जी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुखी हूं। उनके मधुर गीतों ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों के दिलों को छुआ है। आपके सभी गीतों और यादों के लिए आपको धन्यवाद। परिवार और प्रियजनों को मेरी ओर से संवेदनाएं।’’

    भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘आपके संगीत ने हमारी आत्मा को छुआ और हमें खुश किया। लता मंगेशकर जी भगवान आपकी आत्मा को शांति दे। आपकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।’’

    भारत के टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा कि लता के निधन के साथ देश ने अपनी स्वर कोकिला को खो दिया।

    उन्होंने लिखा, ‘‘भारत ने आज अपनी स्वर कोकिला को खो दिया। इस मुश्किल समय में शोक मनाते हुए लता दीदी के परिवार के प्रति संवेदनाएं हैं। ओम शांति।’’

    महान स्पिनर अनिल कुंबले ने ट्वीट किया, ‘‘लता मंगेशकर के निधन पर संवेदनाएं। उनकी मधुर आवाज लोगों को प्रेरित करती रहेगी।’’

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के मौजूदा प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘‘भारत रत्न लता मंगेशकर दीदी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनकी आवाज और मधुर गीत अमर रहेंगे। उनके परिवार, मित्रों और दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति। ’’

    पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, ‘‘भारत की स्वर कोकिला, एक ऐसी आवाज जो गूंजती है और दुनिया भर के करोड़ों लोगों को खुशी देती थी, वह चली गई। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति तहेदिल से संवेदनाएं। ओम शांति।’’

    पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने लिखा, ‘‘महान लोग अनंत काल तक जीते हैं। कोई कभी दोबारा उनके जैसा नहीं होगा।’’

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने लिखा, ‘‘भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन से बेहद दुखी हूं। भारत के लिए बड़ा नुकसान। उनकी जादुई आवाज हमेशा अमर रहेगी। ओम शांति।’’

    भारतीय फुटबॉल टीम ने भी इस महान गायिका को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘‘हम भारत की स्वर कोकिला और दिवंगत गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताते हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’

    ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘ओम शांति।’’

    कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों ने लता दीदी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

    कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों ने रविवार को स्वर कोकिला लता मंगेशकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज देश ने एक महान हस्ती को खो दिया है।

    आरपी संजीव गोयनका समूह के चेयरमैन संजीव गोयनका ने कहा कि लता जी का संगीत आने वाले वर्षों में भी सभी को मंत्रमुग्ध करता रहेगा।

    आरपी गोयनका समूह के पास सबसे पुराने संगीत लेबल सारेगामा का स्वामित्व है।

    गोयनका ने कहा, ‘‘लता जी और मेरी मां आपस में बहनों की तरह थीं। वह हमारे परिवार के लिए एक सच्ची प्रेरणा थीं। हालांकि, आज वह नहीं हैं, लेकिन उनका संगीत वर्षों तक हमें उनकी याद दिलाता रहेगा। मेरा परिवार हमेशा उनके प्यार और स्नेह को याद रखेगा।’’

    लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनका काफी दिनों से वहां इलाज चल रहा था। 92 वर्षीय महान गायिका को जनवरी की शुरुआत में दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।

    प्रमुख उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने ट्वीट किया, ‘‘आप क्या कह सकते हैं जबकि आपकी आवाज चली गई …ओम शांति।

    अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि उनकी आवाज, आकर्षण और संगीत पीढ़ियों तक कायम रहेगा।

    अडाणी ने ट्वीट किया, ‘‘यदि किसी ने पूरे भारत का प्रतिनिधित्व किया है, तो वह लता दीदी ही थीं। दीदी ने 36 भाषाओं में गाया है। अरबों लोग उनको याद करेंगे।’’

    जैव प्रौद्योगिकी कंपनी बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने लता मंगेशकर को याद करते हुए उनका गाया गाना ‘तू जहां जहां चलेगा’ साझा किया।

    इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन एस एम वैद्य ने कहा कि आज देश की स्वर कोकिला की आवाज थम गई। उन्होंने कहा कि इस नुकसान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। लता जी ने आठ पीढ़ियों तक भारतीयों को मंत्रमुग्ध किया है और वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।

    अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी ने कहा कि यह काफी दुखी करने वाला दिन है। मैं इस महान भारतीय हस्ती के निधन में देश के साथ शोक में शामिल हूं।’’

    लता मंगेशकर को ‘मेलोडी क्वीन’ कहा जाता था। उन्होंने पांच साल की उम्र में गाने का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। गायिका के रूप में उनके करियर की शुरुआत 1942 में हुई थी। उन्होंने हिंदी, मराठी, तमिल, कन्नड़, बांग्ला सहित 36 भारतीय भाषाओं में गाने गाए हैं।

    लता मंगेशकर की आवाज का जादू हमेशा बरकरार रहेगा: पाकिस्तानी मंत्री

    (सज्जाद हुसैन)

    इस्लामाबाद, छह फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया है और उनकी आवाज का जादू हमेशा बरकरार रहेगा।

    मंगेशकर की बहन उषा मंगेशकर और उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि 92 वर्षीय गायिका के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके कारण रविवार सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया।

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ चीन के दौरे पर गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल चौधरी ने बीजिंग से उर्दू में शोक संदेश ट्वीट किया, ‘लता मंगेशकर के निधन से संगीत के एक युग का अंत हो गया। लता ने दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया और उनकी आवाज का जादू हमेशा बरकार रहेगा।’

    उन्होंने कहा, ‘जहां भी उर्दू बोली और समझी जाती है, वहां लता मंगेशकर को अलविदा कहने वालों का हुजूम है।’

    मंगेशकर के निधन की खबर ट्विटर पर ट्रेंड कर रही है और लगभग सभी टीवी चैनलों पर उनके निधन की खबर के साथ-साथ उनके सदाबहार गीत प्रसारित किये जा रहे हैं।

    पाकिस्तान के सरकारी टीवी पर भी मंगेशकर के निधन की खबर प्रसारित हुई, जो सीमा के इस ओर उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से प्रकाशित किया गया है.

  • भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया

    भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया

    पीटीआई-भाषा संवाददाता 13:23 HRS IST

    बालासोर, 20 जनवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को यहां ओडिशा के तट से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का सफल परीक्षण किया।

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक सूत्र ने बताया कि बेहतर नियंत्रण प्रणाली सहित अन्य नई तकनीकों से लैस इस मिसाइल को बृहस्पतिवार सुबह लगभग 10.45 बजे चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज के लॉन्च पैड-3 से प्रक्षेपित किया गया।

    सूत्र ने बताया कि परीक्षण के विस्तृत डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • आवृति चौधरी – मिस सुपरनैशनल के 12वें संस्करण में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी

    आवृति चौधरी – मिस सुपरनैशनल के 12वें संस्करण में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी

    जबलपुर की रहने वाली आवृति चौधरी (Aavriti Choudhary) ने फरबरी 2020 का लीवा मिस दिवा सुपरनैचरल (LIVA Miss Diva Supranational) का अवार्ड जीता था. छोटे से कसबे की आवृति अपनी आँखों में बड़े सपने लिए मुंबई में मॉडलिंग करने लगी. बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री और इवेंट मैनेजमेंट की डिप्लोमा धारक आवृति ने यह अवार्ड 60 सुंदरियों को पीछे छोड़कर प्राप्त किया.

    Avriti Chaudhari

     

    आवृति 21 अगस्त 2021 को होने वाली 12 वीं मिस सुपरनैशनल (12th Miss Supranational 2021) प्रतियोगिता में भारत की तरफ से हिस्सा ले रही हैं. हमारी तरफ से उनको बहुत बहुत शुभकामनाएं.

    आइये देखते हैं उनकी कुछ अनदेखी तस्वीरें.

    Avriti Chaudhari

    Avriti Chaudhari

    Avriti Chaudhari

    Avriti Chaudhari

    Avriti Chaudhari

    Image Credits: https://www.facebook.com/aavriti04

     

  • पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में नहीं बल्कि बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है

    पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में नहीं बल्कि बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है

    सबसे पहले तो प्रिय मालिक को देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की बहुत बहुत बधाई.

    पहलवान प्रिया मलिक के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बारे में बहुत सारे वायरल पोस्ट फैल रहे हैं। हाँ, ये सच है उसने स्वर्ण पदक जीता है लेकिन टोक्यो ओलंपिक में नहीं। हकीकत यह है कि प्रिया मलिक ने बुडापेस्ट में कैडेट वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है।

    मीराबाई चानू द्वारा महिला भारोत्तोलन वर्ग में टोक्यो ओलंपिक में भारत का पहला रजत पदक जीतने के बाद, सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हो गया है जिसमें दावा किया गया है कि पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता है।

    प्रिया मलिक को बधाई देने के लिए ट्विटर और फेसबुक जैसी विभिन्न सोशल मीडिया साइटों पर बहुत सारे लोग संदेश साझा कर रहे हैं, इन कैप्शन के साथ, “remember the name #PriyaMalik congratulations for winning gold in wrestling #Olympics #Cheer4India #Tokyo2020”

    विभिन्न एंटी-फेक न्यूज वेबसाइटों ने पाया है कि पहलवान प्रिया मलिक ने गुरुवार 22 जुलाई को बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में 73 किलोग्राम विश्व खिताब में स्वर्ण पदक जीता है। लेकिन टोक्यो ओलंपिक में भारत ने भारोत्तोलन में केवल एक रजत पदक जीता है।

    प्रिया मलिक ने 22 जुलाई को बेलारूस की पहलवान को हराकर 73 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता था।

    प्रिया मलिक हरियाणा के मोखरा गांव से हैं, जिसने कुश्ती में भारत की पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक को दिया है।

    भारत ने अब तक टोक्यो ओलंपिक में भारोत्तोलन में केवल एक रजत पदक जीता है। इसलिए, टोक्यो ओलंपिक में पहलवान प्रिया मलिक के स्वर्ण पदक जीतने का दावा करने वाला वायरल पोस्ट भ्रामक है।

  • टोक्यो ओलंपिक: मीराबाई चानू पर हुई धनवर्षा, सीएम बिरेन सिंह ने की एक करोड़ रुपये नकद देने की घोषणा

    टोक्यो ओलंपिक: मीराबाई चानू पर हुई धनवर्षा, सीएम बिरेन सिंह ने की एक करोड़ रुपये नकद देने की घोषणा

    मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने 49 किलोग्राम कैटेगिरी की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। वह भारत की तरफ से टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

    मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि टोक्यो ओलंपिक के दूसरे दिन रजत पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली सेखोम मीराबाई चानू को राज्य सरकार एक करोड़ रुपये की नकद राशि देगी। बता दें कि 49 किलोग्राम कैटेगिरी की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मीराबाई चानू ने रजत पदक अपने नाम किया। वह भारत की तरफ से टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

    मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने रजत पदक जीतने के लिए मीराबाई चानू को बधाई दी। सीएम ने कहा, ‘हम भारतीयों को आप पर गर्व है। मणिपुर राज्य के लोग 2020 टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों के पदक जीतने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।’ वहीं, मीराबाई ने पदक जीतने के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री से वीडियो कॉल पर बात करते हुए कहा, ‘यह भविष्य में और अधिक पदक जीतने की शुरुआत है। आगामी वर्षों में मैं स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करूंगी।’

    मुख्यमंत्री ने मीराबाई के साथ बातचीत में कहा, ‘मैंने बैठक में यह खबर दी कि मीराबाई चानू ने रजत पदक जीतकर ओलंपिक में भारत का खाता खोला है। यह खबर सुनने के बाद अमित शाह जी बहुत खुश हुए और माइक हाथ में लेकर उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गौरवशाली क्षण है।’ इस दौरान सीएम ने कहा, ‘अब आप रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में टिकट नहीं लेंगी। मैं आपके लिए एक विशेष पद आरक्षित कर रहा हूं। मैं शाम को केंद्रीय गृह मंत्री से मिल रहा हूं। मेरे पास आपके लिए एक सरप्राइज है।’

    Source: Amar Ujala