Author: Surendra Rajput

  • दिल्ली फिर दहली: लाल किले के पास कार में धमाका – कई मौतें अनेकों घायल

    दिल्ली फिर दहली: लाल किले के पास कार में धमाका – कई मौतें अनेकों घायल

    10 नवम्बर 2025 दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast): लाल किले के पास कार में धमाका; जानिए राजधानी में बड़े आतंकी हमले कब-कब हुए और कितनी जाने गयीं

    दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन (Red Fort Metro Station) के पास एक कार में हुए भीषण धमाके से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि लाल मंदिर (Lal Mandir) के शीशे टूट गए और कई दुकानों को नुकसान पहुंचा। इस दुखद घटना में कई लोगों की मौत होने की सूचना है.

    धमाके के तुरंत बाद आसपास की दुकानों में आग लगने की भी खबरें आईं। विस्फोट का कंपन चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस इलाके तक महसूस किया गया. यह घटना दिल्ली की उस दुखद शृंखला को फिर से याद दिलाती है, जहां अतीत में कई आतंकी हमलों (Terrorist Attack)और धमाकों में अनगिनत लोगों ने अपनी जान गंवाई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

    दिल्ली में धमाकों की क्रोनोलॉजी

    25 मई 1996 – लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट बम विस्फोट कम-से-कम 16 लोगों की मृत्यु.
    1 अक्टूबर 1997 – सदर बाजार दो बम विस्फोट लगभग 30 घायल.
    10 अक्टूबर 1997 – शांतिवन, कौड़िया पुल और किंग्सवे कैंप तीन विस्फोट 1 की मृत्यु, लगभग 16 घायल.
    18 अक्टूबर 1997 – रानी बाग मार्केट जुड़वां विस्फोट 1 की मृत्यु, लगभग 23 घायल.
    26 अक्टूबर 1997 – करोल बाग मार्केट दो विस्फोट 1 मृत, लगभग 34 घायल.
    30 नवंबर 1997 – रेड फोर्ट (लाल किला) क्षेत्र जुड़वां विस्फोट 3 की मृत्यु, 70 घायल.
    30 दिसंबर 1997 – पंजाबी बाग के पास बस में विस्फोट 4 मरे, लगभग 30 घायल.
    27 फरवरी 2000 – पहाड़गंज विस्फोट 8 घायल.
    16 मार्च 2000 – सदर बाजार विस्फोट 7 घायल.
    18 जून 2000 – रेड फोर्ट (लाल किला) के निकट दो शक्तिशाली विस्फोट 2 की मृत्यु, लगभग दर्जनभर घायल.
    22 मई 2005 – लिबर्टी एवं सत्यं सिनेमा हॉल दो विस्फोट 1 की मृत्यु, लगभग 60 घायल.
    29 अक्तूबर 2005 – सरोजिनी नगर, पहाड़गंज व गोविंदपुरी तीन समन्वित विस्फोट लगभग 59-62 मरे, 100+ घायल.
    14 अप्रैल 2006 – जामा मस्जिद प्रांगण दो विस्फोट कम-से-कम 14 घायल.
    13 सितंबर 2008 – करोल बाग (गफ्फार मार्केट), कनॉट प्लेस व ग्रेटर कैलाश-I पांच समन्वित विस्फोट कम से कम 20-30 मरे, 90+ घायल.
    27 सितंबर 2008 – मेहरौली के फ्लावर मार्केट (सराय) विस्फोट 3 की मृत्यु, 23 घायल.
    25 मई 2011 – दिल्ली हाई कोर्ट पार्किंग विस्फोट कोई मृत्यु नहीं.

  • अनुनय सूद की मौत: मशहूर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर की जिंदगी और रहस्यमयी अंत की पूरी कहानी (संक्षेप में)

    अनुनय सूद की मौत: मशहूर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर की जिंदगी और रहस्यमयी अंत की पूरी कहानी (संक्षेप में)

    अनुनय सूद

    दुबई में रहने वाले भारत के प्रसिद्ध ट्रैवल इन्फ्लुएंसर और फोटोग्राफर अनुनय सूद (Anunay Sood) का 32 वर्ष की उम्र में अमेरिका के लास वेगास में निधन हो गया। इस खबर ने उनके लाखों फॉलोअर्स और फोटोग्राफी समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया।

    कैसे हुई मौत

    जानकारी के अनुसार, अनुनय सूद बुधवार को वीडियो शूट खत्म करने के बाद होटल में सोने गए, लेकिन सुबह नहीं उठे। जब उनकी टीम ने जगाने की कोशिश की तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।

    पारिवारिक पृष्ठभूमि

    अनुनय उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 12 के रहने वाले थे। पिता का नाम राहुल सूद और मां का नाम रितु सूद है। उनकी दो बड़ी बहनें रचिता और इशिता सूद दुबई में रहती हैं। अनुनय घर के सबसे छोटे और इकलौते बेटे थे। परिवार इस दुखद घटना से पूरी तरह टूट चुका है।

    निजी जीवन

    अनुनय की सगाई उनकी लंबे समय की प्रेमिका वृंदा शर्मा से हुई थी। दोनों की जोड़ी सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थी। उन्होंने दुनिया के 46 देशों की यात्रा की थी और उनका सपना सभी 195 देशों को घूमने का था।

    करियर और उपलब्धियां

    • इंस्टाग्राम पर 14 लाख से अधिक फॉलोअर्स, यूट्यूब पर 4 लाख सब्सक्राइबर्स

    • फोर्ब्स इंडिया टॉप 100 डिजिटल स्टार्स में तीन बार शामिल हुए (2022–2024)।

    • कई इंटरनेशनल टूरिज्म बोर्ड्स और ब्रांड्स (जैसे OPPO, Airtel) के साथ कोलैबरेशन किया।

    • उनके पास लक्ज़री कारों और प्रीमियम घड़ियों का शानदार कलेक्शन था।

    • अनुमानित नेटवर्थ ₹7 से ₹10 करोड़ के बीच थी।

    परिवार की अपील

    परिवार ने इंस्टाग्राम के ज़रिए संदेश जारी कर कहा —

    “गहरे दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि अनुनय अब हमारे बीच नहीं रहे। कृपया हमारे परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करें और उन्हें अपनी प्रार्थनाओं में याद रखें।”

    अंतिम पोस्ट

    अनुनय की आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट लास वेगास की थी, जहां वे Concours at Wynn इवेंट में शामिल हुए थे — यह दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ कारों का शो है।

    निष्कर्ष

    सिर्फ 32 साल की उम्र में अनुनय सूद का इस तरह अचानक चले जाना सोशल मीडिया (Social Media)की चमकदार दुनिया के पीछे की नश्वरता की याद दिलाता है। वे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा थे, और उनकी यादें उनके शानदार ट्रैवल वीडियोज़ (Travel Videos)और फोटोग्राफी के रूप में हमेशा ज़िंदा रहेंगी।

  • परदादा ब्रह्मा, पिता विश्रवा मुनि  — फिर कैसे राक्षस बना रावण?

    परदादा ब्रह्मा, पिता विश्रवा मुनि — फिर कैसे राक्षस बना रावण?

    रामायण का सबसे रहस्यमय और चर्चित चरित्र — रावण, आज भी लोगों के मन में जिज्ञासा और चर्चा का विषय है।
    एक ओर वह अत्यंत ज्ञानी, शास्त्रों का पंडित और भगवान शिव का भक्त था,
    तो दूसरी ओर उसका नाम अहंकार, अधर्म और विनाश का प्रतीक बन गया।
    आख़िर ऐसा क्या हुआ कि ब्रह्मा के वंशज और ऋषि पुत्र होते हुए भी रावण ‘राक्षस’ कहलाया?

    रावण का जन्म और वंश परंपरा

    रावण का जन्म ऋषि विश्रवा और कैकेसी के घर हुआ था।
    विश्रवा, महर्षि पुलस्त्य के पुत्र थे — इसलिए रावण का वंश ब्राह्मण कुल का था।
    वहीं कैकेसी राक्षस कुल के राजा सुमाली की पुत्री थीं।
    इसलिए रावण के स्वभाव में दोनों संस्कार मिले —
    पिता से ज्ञान और तपस्या की विरासत, और माता से राक्षसी तेज़ व महत्वाकांक्षा।

    रावण का असली नाम और शिवभक्ति

    रावण का जन्म नाम था दशग्रीव या दशानन,
    जो उसके दस सिरों (ज्ञान, शक्ति और विद्या के प्रतीक) को दर्शाता था।
    किंवदंती है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उसने वर्षों तक कठोर तप किया।
    तपस्या में उसने अपने सिर एक-एक कर शिव को अर्पित कर दिए।
    जब शिव प्रसन्न हुए और उसे वरदान देकर पुनर्जीवित किया, तब उन्होंने कहा —

    “तू वह है जिसने रुद्र को भी रुला दिया — तू ‘रावण’ कहलाएगा।”

    ⚔️ ब्राह्मण से राक्षस बनने की यात्रा

    ज्ञान और शक्ति मिलने के बाद रावण ने ब्रह्मा से एक वरदान माँगा —
    कि उसे न कोई देवता, न दानव, न यक्ष, न गंधर्व मार सके।
    लेकिन उसने मनुष्य को तुच्छ समझकर उस सूची में शामिल नहीं किया।
    यही उसकी सबसे बड़ी भूल थी।

    शक्ति और वरदान ने रावण को अजेय बना दिया,
    पर उसी के साथ उसमें अहंकार का बीज भी अंकुरित हो गया।
    वह देवताओं, ऋषियों और यहाँ तक कि स्त्रियों तक का अपमान करने लगा।
    त्रिलोक पर उसका अत्याचार बढ़ता गया —
    और इसी अधर्म ने उसे ‘राक्षस’ बना दिया।

    रावण का पौराणिक रहस्य — जया-विजया की कथा

    पुराणों के अनुसार, रावण का जन्म केवल एक साधारण अवतार नहीं था।
    वह वास्तव में भगवान विष्णु के द्वारपाल जया का दूसरा जन्म था।
    सनकादिक ऋषियों के शाप से जया और विजय को तीन जन्मों तक असुर कुल में जन्म लेना पड़ा —

    • पहले जन्म में वे हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु,

    • दूसरे में रावण और कुंभकर्ण,

    • और तीसरे में शिशुपाल और दंतवक्र बने।

    हर जन्म में उन्हें भगवान विष्णु के ही अवतार के हाथों मृत्यु प्राप्त हुई —
    और इस तरह रावण की मृत्यु भी विष्णु के अवतार भगवान राम के हाथों निश्चित थी।

    रावण की कथा का संदेश

    रावण का जीवन यह सिखाता है कि ज्ञान और भक्ति के साथ यदि अहंकार जुड़ जाए,
    तो सबसे महान व्यक्ति भी विनाश के मार्ग पर चला जाता है।
    वह जितना विद्वान था, उतना ही अपने घमंड का शिकार भी हुआ।

    दशहरे के दिन जब रावण दहन किया जाता है,
    तो केवल उसका पुतला नहीं जलता —
    बल्कि वह अहंकार, अधर्म और अन्याय के अंत का प्रतीक बन जाता है।

  • कहानी: “गायब होने वाला टिफ़िन” – सभी एपिसोड

    कहानी: “गायब होने वाला टिफ़िन” – सभी एपिसोड

    पार्ट 1 — “गायब होने वाला टिफ़िन”

    हर सुबह राजू ऑफिस पहुँचते ही सबसे पहले एक ही काम करता था — अपनी सीट पर बैठकर टिफ़िन को सावधानी से रखता, और सबको बोलता,
    “देख लेना भाई, आज कोई मेरा टिफ़िन नहीं चुराएगा!”

    पूरा ऑफिस जानता था कि राजू का टिफ़िन मिस्टीरियस तरीक़े से रोज़ गायब हो जाता है।
    कोई कैमरा लगवाओ, कोई गार्ड रखो — कुछ भी काम नहीं आया।

    इसलिए एक दिन राजू ने सस्पेंस फ़िल्म वाला प्लान बनाया।
    उसने टिफ़िन में आलू गोभी की सब्ज़ी में हरी मिर्च के बजाय हरी मिर्च का अचार भर दिया, और ऊपर से थोड़ी सी क्रीम डाल दी — ताकि दिखे स्वादिष्ट।

    दोपहर 1 बजे, जैसे ही राजू कैन्टीन पहुँचा — टिफ़िन गायब!
    राजू मुस्कुराया, बोला, “अब पकड़ में आएगा चोर!”

    थोड़ी देर बाद एक ज़ोरदार “आआआआहहह!!!” की आवाज़ आई।
    सभी भागे — और देखा कि बॉस पानी पीते-पीते चेहरा लाल किए खड़ा है।

    राजू बोला, “सर! आपको क्या हुआ?”
    बॉस बोला, “राजू… तेरी बीवी का बनाया खाना बहुत स्पाइसी है…”

    राजू हसते हुए बोला, “सर अभी तो मेरी शादी भी नहीं हुई है”

    सारा ऑफिस हँसी से लोटपोट हो गया।
    राजू के चेहरे पर डर और खुशी का मिक्स एक्सप्रेशन था।

    बॉस ने कहा, “आज प्रमोशन नहीं मिलेगा… लेकिन खाना अच्छा था।”

    सीख: कभी-कभी सस्पेंस प्लान बनाओ तो ध्यान रखना…
    चोर अगर बॉस निकला तो केस पलट भी सकता है!

    (more…)

  • दक्षिण चीन सागर में बड़ा हादसा: अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान आधे घंटे में क्रैश, सभी क्रू सुरक्षित

    दक्षिण चीन सागर में बड़ा हादसा: अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान आधे घंटे में क्रैश, सभी क्रू सुरक्षित

    अमेरिकी नौसेना के लिए रविवार का दिन काफी नाटकीय रहा। दक्षिण चीन सागर में नियमित अभियान के दौरान, विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज़ (USS Nimitz) से जुड़े एक हेलीकॉप्टर और एक लड़ाकू विमान, दोनों महज 30 मिनट के अंतराल में दुर्घटनाग्रस्त हो गए। नौसेना के पैसिफिक फ्लीट ने पुष्टि की है कि दोनों घटनाओं में शामिल सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है और वे स्थिर स्थिति में हैं।

    घटनाओं का क्रम
    यह दोनों हादसे उस वक्त हुए जब विमान “रूटीन ऑपरेशन” पर थे।

    हेलीकॉप्टर क्रैश: पहली घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2:45 बजे हुई, जब एक MH-60R सीहॉक (Seahawk) हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। बचाव दलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसमें सवार तीनों क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया।

    फाइटर जेट क्रैश: इसके ठीक 30 मिनट बाद, दोपहर 3:15 बजे, एक F/A-18F सुपर हॉर्नेट (Super Hornet) लड़ाकू विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के दोनों पायलट समय रहते इजेक्ट (eject) करने में कामयाब रहे और उन्हें भी पानी से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

    नौसेना ने इन दोनों असंबंधित हादसों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘खराब ईंधन’ की आशंका जताई
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन दो लगातार हादसों को “बहुत असामान्य” (very unusual) बताया है। उन्होंने “खराब ईंधन” (bad fuel) की समस्या की आशंका जताते हुए कहा कि इसकी जांच की जाएगी।

    रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र
    यह घटनाएं दक्षिण चीन सागर के उस रणनीतिक जलमार्ग में हुई हैं, जिसे वैश्विक संघर्ष का एक संभावित बिंदु (flashpoint) माना जाता है।

    चीन का दावा: चीन इस लगभग पूरे जलमार्ग पर अपना दावा करता है और अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के बावजूद, उसने यहां कई विवादित द्वीपों पर बड़े पैमाने पर सैन्य ठिकाने बना लिए हैं।

    अमेरिका की उपस्थिति: अमेरिका इस क्षेत्र में “नौवहन की स्वतंत्रता” (freedom of navigation) सुनिश्चित करने और चीन के क्षेत्रीय दावों को चुनौती देने के लिए नियमित रूप से अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखता है।

    विमानों और पोत से जुड़ी जानकारी
    F/A-18F सुपर हॉर्नेट: यह इस साल नौसेना द्वारा खोया गया कम से कम चौथा F/A-18 लड़ाकू विमान है। इस $60 मिलियन डॉलर के जेट के साथ पहले भी लाल सागर (Red Sea) और वर्जीनिया के पास हादसे हो चुके हैं।

    यूएसएस निमित्ज़: यह विमानवाहक पोत, जिससे ये दोनों विमान ऑपरेट कर रहे थे, दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोतों में से एक है। यह वर्तमान में सेवा में सबसे पुराना अमेरिकी विमानवाहक पोत है और यह इसकी अंतिम तैनाती है। इसे अगले साल सेवानिवृत्त (retire) किया जाना है।

  • लता मंगेशकर के निधन पर शोक की लहर, विभिन्न हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

    लता मंगेशकर के निधन पर शोक की लहर, विभिन्न हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

    नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न हस्तियों ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक प्रकट किया।

    मंगेशकर का रविवार को मुंबई स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया। 92 वर्षीय गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर प्रतीत समदानी और उनकी टीम उनका इलाज कर रही थी।

    जनवरी में मंगेशकर की तबीयत में सुधार हुआ था और वेंटिलेटर हटा दिया गया था लेकिन शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। मंगेशकर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद रविवार को उनका निधन हो गया।

    राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त किया।

    राष्ट्रपति कोविंद ने पार्श्व गायिका के साथ एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘लता जी का निधन मेरे लिए और दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए हृदयविदारक है। उनके गाए गीत भारत के सारतत्व और सुंदरता को प्रदर्शित करते हैं तथा पीढ़ियों ने इन्हें अपने अंतर्मन की अभिव्यक्ति के रूप में पाया है। भारत रत्न लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय हैं।’

    कोविंद ने उनसे मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि लता दीदी एक विलक्षण व्यक्तित्व थीं और उनके जैसे कलाकार सदियों में एक बार ही जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह जब भी लता दीदी से मिले, उन्हें गर्मजोशी से भरा पाया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भी मंगेशकर के साथ एक तस्वीर साझा की और कहा कि महान गायिका के निधन से ‘एक खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता।’

    मोदी ने कहा, ‘‘लता दीदी ने अपने गीतों के जरिए विभिन्न भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने दशकों से भारतीय फिल्म जगत में आए बदलावों को नजदीक से देखा। फिल्मों से परे, वह भारत के विकास के लिए हमेशा उत्साही रहीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थीं।’’

    प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं अपना दुख शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। दयालु और सबकी परवाह करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं। उनके निधन से देश में एक खालीपन पैदा गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता। भावी पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति की पुरोधा के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मोहित करने की अद्वितीय क्षमता थी।’’

    मोदी ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे लता दीदी से हमेशा बहुत स्नेह मिला। मैं उनके साथ की गई बातों को हमेशा याद रखूंगा। मैं और देशवासी लता दीदी के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। मैंने उनके परिवार से बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। ओम शांति।’’

    उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘ भारतीय सिनेमा की सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी का निधन देश की और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति है।’’

    नायडू ने कहा, ‘‘ लता जी के निधन से आज भारत ने अपना वह स्वर खो दिया है जिसने हर अवसर पर राष्ट्र की भावना को भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी।’’

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके गीतों में देश की आशा और अभिलाषा झलकती थी। उन्होंने कहा कि लता जी का मधुर स्वर दशकों तक देश में फिल्म संगीत की पहचान रहा।

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शोक प्रकट करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ देश की शान और संगीत जगत की सिरमौर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।’’

    फिल्म जगत से अभिनेता अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री शबाना आज़मी, अभिनेता अक्षय कुमार, अजय देवगन और फिल्म निर्माता हंसल मेहता ने गायिका को श्रद्धांजलि दी।

    बच्चन ने कहा, ‘‘वह हमें छोड़कर चली गईं…सदियों की सबसे बेहतरीन आवाज खामोश हो गई…।’’

    वहीं, आजमी ने कहा, ‘‘उनकी आवाज ने हमारे जीवन को रोशन कर दिया, जब हम उदास होते हैं तो हमें उससे सांत्वना मिलती है, जब हम कमजोर होते हैं तो ताकत मिलती है।’’

    कुमार ने ट्वीट किया, ‘मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहे… और ऐसी आवाज को कोई कैसे भूल सकता है। लता मंगेशकर जी के निधन से गहरा दुख हुआ, मेरी संवेदना और प्रार्थनाएं।’

    देवगन ने लिखा, ‘एक महान हस्ती। मैं हमेशा उनके गीतों की विरासत को संजोकर रखूंगा। हम कितने भाग्यशाली हैं कि हम लता जी के गाने सुनकर बड़े हुए। ओम शांति। मंगेशकर परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’

    मेहता ने कहा कि भारतीय कोकिला की संगति में ‘स्वर्ग भी धन्य हो गया है।’

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘कोकिला चली गई है। स्वर्ग धन्य हो गया है। लता जी जैसा कोई दूजा नहीं होगा। ओम शांति।’

    क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने कहा, ‘महानतम भारतीयों में से एक शख्सियत ने आज हमें अलविदा कह दिया।’

    बायोकॉन की अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ ने भी ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की।

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘उनके निधन से हमारे जीवन में खामोशी सी पैदा हो गई है। ओम शांति।’

    स्वर सम्राज्ञी के रूप से जानी जाने वाली लता मंगेशकर ने पांच साल की उम्र से गायन का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उन्होंने 1942 में एक गायिका के रूप में अपना करियर शुरू किया था और सात दशकों से अधिक समय तक हिंदी, मराठी, तमिल, कन्नड़ और बंगाली समेत 36 भारतीय भाषाओं में लगभग 25,000 गीत गाए।

    उन्होंने ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’, ‘लग जा गले’, ‘मोहे पनघट पे’, ‘चलते चलते’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘अजीब दास्तां है’, ‘होठों में ऐसी बात’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘नीला आसमां सो गया’ और ‘पानी पानी रे’ जैसे कई गीतों को अपनी सुरीली आवाज देकर यादगार बना दिया।

    भारतीय सिनेमा के सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक मानी जाने वाली लता मंगेशकर को कई फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और कई अन्य भारतीय फिल्म पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें 2001 में भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न भी मिला था।

    लता मंगेशकर के निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा

    महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

    पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार

    अधिकारी ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को ब्रीच कैंडी अस्पताल से दोपहर करीब साढ़े बारह बजे दक्षिण मुंबई के पेडर रोड स्थित उनके प्रभु कुंज आवास ले जाया जाएगा।

    अधिकारी ने बताया कि इसके बाद इसे शिवाजी पार्क लाया जाएगा, जहां शाम करीब साढ़े छह बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    मंगेशकर की बहन उषा मंगेशकर और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि 92 वर्षीय गायिका के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके कारण रविवार सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि महान गायिका लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

    ठाकरे ने एक बयान में कहा कि लता मंगेशकर के निधन से एक गौरवशाली युग का अंत हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गायिका की सुरीली आवाज अमर रहेगी और उनके निधन की खबर सुनकर हर कोई दुखी है। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘वह हमारे बीच हमेशा मौजूद रहेंगी।’’

    उन्होंने कहा कि गायिका का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। ठाकरे ने कहा, ‘‘यह दुखद है कि लता मंगेशकर हमें छोड़कर चली गईं। वह मातृतुल्य थीं। उनकी आवाज ने सभी के जीवन में हर स्थिति को जीवंत कर दिया। उनकी आवाज ने भाषा, क्षेत्र, जाति, पंथ और धर्म की बाधाओं को तोड़ दिया।’’

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लता मंगेशकर के उनके परिवार के साथ मधुर संबंध थे। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें फोटोग्राफी का भी शौक था और उन्हें कैमरों तथा विभिन्न लेंस के बारे में अच्छी जानकारी थी। हम अक्सर फोटोग्राफी पर चर्चा करते थे और वह मुझे आशीर्वाद देने के लिए मेरी फोटो प्रदर्शनी में मौजूद रहती थीं। हाल में जब मैं अस्पताल में भर्ती था, तो उन्होंने मेरे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी।’’

    लता मंगेशकर की सुरीली आवाज हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी: राहुल गांधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरीली आवाज अमर है, जो उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।

    मंगेशकर का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। 92 वर्षीय गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।

    गांधी ने ट्वीट किया, ‘लता मंगेशकर जी के निधन की दुखद खबर मिली। उनकी आवाज कई दशकों तक भारत में सबसे प्रिय रही।’

    कांग्रेस नेता ने कहा, ‘उनकी सुरीली आवाज अमर है और उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी ट्विटर पर मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

    उन्होंने लिखा, ‘भारतीय संगीत की बगिया में सुरों को चुन-चुनकर सजाने वाली सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी के निधन का दुखद समाचार मिला। उनके निधन से भारतीय कला जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर लता जी को अपने श्री चरणों में स्थान दें और इस दुःख की घड़ी में परिजनों को कष्ट सहने का साहस प्रदान करें।’

    वाद्रा ने अपनी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ मंगेशकर की एक तस्वीर भी साझा की।

    ममता ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया, राज्य में सोमवार को आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की

    मशहूर गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके सम्मान में सोमवार को आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की।

    बनर्जी ने कहा कि वह मंगेशकर की आवाज से मंत्रमुग्ध थीं। उन्होंने इस बात का आभार व्यक्त किया कि मंगेशकर ने बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को स्नेह दिया।

    मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मैं देश की महान शख्सियत भारत रत्न लता मंगेशकर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके अरबों प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। वह सचमुच भारत की सुर कोकिला थीं।’’

    बनर्जी ने कहा, ‘‘दुनिया भर में उनके सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों की तरह, मैं भी उनकी आवाज और प्रस्तुतिकरण से मंत्रमुग्ध थी और मैं आभारी महसूस करती हूं कि उन्होंने बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को स्नेह दिया और संगीत की अपनी शानदार दुनिया के लिए अभिन्न माना।’’

    बाद में, बनर्जी ने एक बांग्ला समाचार चैनल को बताया कि राज्य सरकार मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए सोमवार को आधे दिन की छुट्टी घोषित करेगी।

    मंगेशकर (92) का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।

    जब भारतीय टीम की जीत के लिये लताजी ने रखा था व्रत …

    (मोना पार्थसारथी)

    क्रिकेट को लेकर लता मंगेशकर की दीवानगी जगजाहिर है और विश्वकप 2011 में पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की जीत के लिये उन्होने निर्जल व्रत रखा था ।

    भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई में निधन हो गया ।

    उन्होंने एक समय भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा था ,‘‘मैने पूरा मैच देखा और मैं काफी तनाव में थी ।’’

    उन्होंने कहा था ,‘‘ जब भारतीय टीम खेलती है तो मेरे घर में सभी का कुछ न कुछ टोटका होता है । मैंने , मीना और उषा ने सेमीफाइनल के दौरान कुछ खाया पिया नहीं । मैं लगातार भारत की जीत के लिये प्रार्थना कर रही थी और भारत की जीत के बाद ही हमने अन्न जल ग्रहण किया ।’’

    विश्व कप 1983 फाइनल को याद करते हुए उन्होंने कहा था ,‘‘मैं उस समय लंदन में ही थी और मैने कपिल देव और उनकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले डिनर के लिये बुलाया था । मैने उन्हें शुभकामनायें दी ।’’

    उन्होंने कहा ,‘‘ खिताब जीतने के बाद कपिल देव ने मुझे डिनर के लिये बुलाया था । मैने जाकर टीम को बधाई दी ।’’

    सचिन तेंदुलकर को वह अपना बेटा मानती थी और वह भी उन्हें मां सरस्वती कहते थे ।यह संयोग की है कि सरस्वती पूजा के अगले दिन ही भारत की सरस्वती का देवलोकगमन हुआ ।

    खेल जगत ने महान गायिका लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी

    क्रिकेटरों की अगुआई में खेल जगत ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया और उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी।

    देश के महान संगीत सितारों में शामिल लता (92) की बहन ऊषा मंगेशकर और उनका उपचार कर रहे डॉक्टरों के अनुसार रविवार को शहर के एक अस्पताल में कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनका निधन हो गया।

    दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने ट्वीट किया, ‘‘लता जी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुखी हूं। उनके मधुर गीतों ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों के दिलों को छुआ है। आपके सभी गीतों और यादों के लिए आपको धन्यवाद। परिवार और प्रियजनों को मेरी ओर से संवेदनाएं।’’

    भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘आपके संगीत ने हमारी आत्मा को छुआ और हमें खुश किया। लता मंगेशकर जी भगवान आपकी आत्मा को शांति दे। आपकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।’’

    भारत के टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा कि लता के निधन के साथ देश ने अपनी स्वर कोकिला को खो दिया।

    उन्होंने लिखा, ‘‘भारत ने आज अपनी स्वर कोकिला को खो दिया। इस मुश्किल समय में शोक मनाते हुए लता दीदी के परिवार के प्रति संवेदनाएं हैं। ओम शांति।’’

    महान स्पिनर अनिल कुंबले ने ट्वीट किया, ‘‘लता मंगेशकर के निधन पर संवेदनाएं। उनकी मधुर आवाज लोगों को प्रेरित करती रहेगी।’’

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के मौजूदा प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, ‘‘भारत रत्न लता मंगेशकर दीदी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनकी आवाज और मधुर गीत अमर रहेंगे। उनके परिवार, मित्रों और दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति। ’’

    पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, ‘‘भारत की स्वर कोकिला, एक ऐसी आवाज जो गूंजती है और दुनिया भर के करोड़ों लोगों को खुशी देती थी, वह चली गई। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति तहेदिल से संवेदनाएं। ओम शांति।’’

    पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने लिखा, ‘‘महान लोग अनंत काल तक जीते हैं। कोई कभी दोबारा उनके जैसा नहीं होगा।’’

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने लिखा, ‘‘भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन से बेहद दुखी हूं। भारत के लिए बड़ा नुकसान। उनकी जादुई आवाज हमेशा अमर रहेगी। ओम शांति।’’

    भारतीय फुटबॉल टीम ने भी इस महान गायिका को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘‘हम भारत की स्वर कोकिला और दिवंगत गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताते हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। ’’

    ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘ओम शांति।’’

    कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों ने लता दीदी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

    कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों ने रविवार को स्वर कोकिला लता मंगेशकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज देश ने एक महान हस्ती को खो दिया है।

    आरपी संजीव गोयनका समूह के चेयरमैन संजीव गोयनका ने कहा कि लता जी का संगीत आने वाले वर्षों में भी सभी को मंत्रमुग्ध करता रहेगा।

    आरपी गोयनका समूह के पास सबसे पुराने संगीत लेबल सारेगामा का स्वामित्व है।

    गोयनका ने कहा, ‘‘लता जी और मेरी मां आपस में बहनों की तरह थीं। वह हमारे परिवार के लिए एक सच्ची प्रेरणा थीं। हालांकि, आज वह नहीं हैं, लेकिन उनका संगीत वर्षों तक हमें उनकी याद दिलाता रहेगा। मेरा परिवार हमेशा उनके प्यार और स्नेह को याद रखेगा।’’

    लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनका काफी दिनों से वहां इलाज चल रहा था। 92 वर्षीय महान गायिका को जनवरी की शुरुआत में दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।

    प्रमुख उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने ट्वीट किया, ‘‘आप क्या कह सकते हैं जबकि आपकी आवाज चली गई …ओम शांति।

    अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि उनकी आवाज, आकर्षण और संगीत पीढ़ियों तक कायम रहेगा।

    अडाणी ने ट्वीट किया, ‘‘यदि किसी ने पूरे भारत का प्रतिनिधित्व किया है, तो वह लता दीदी ही थीं। दीदी ने 36 भाषाओं में गाया है। अरबों लोग उनको याद करेंगे।’’

    जैव प्रौद्योगिकी कंपनी बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने लता मंगेशकर को याद करते हुए उनका गाया गाना ‘तू जहां जहां चलेगा’ साझा किया।

    इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन एस एम वैद्य ने कहा कि आज देश की स्वर कोकिला की आवाज थम गई। उन्होंने कहा कि इस नुकसान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। लता जी ने आठ पीढ़ियों तक भारतीयों को मंत्रमुग्ध किया है और वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।

    अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी ने कहा कि यह काफी दुखी करने वाला दिन है। मैं इस महान भारतीय हस्ती के निधन में देश के साथ शोक में शामिल हूं।’’

    लता मंगेशकर को ‘मेलोडी क्वीन’ कहा जाता था। उन्होंने पांच साल की उम्र में गाने का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। गायिका के रूप में उनके करियर की शुरुआत 1942 में हुई थी। उन्होंने हिंदी, मराठी, तमिल, कन्नड़, बांग्ला सहित 36 भारतीय भाषाओं में गाने गाए हैं।

    लता मंगेशकर की आवाज का जादू हमेशा बरकरार रहेगा: पाकिस्तानी मंत्री

    (सज्जाद हुसैन)

    इस्लामाबाद, छह फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया है और उनकी आवाज का जादू हमेशा बरकरार रहेगा।

    मंगेशकर की बहन उषा मंगेशकर और उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि 92 वर्षीय गायिका के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके कारण रविवार सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया।

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ चीन के दौरे पर गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल चौधरी ने बीजिंग से उर्दू में शोक संदेश ट्वीट किया, ‘लता मंगेशकर के निधन से संगीत के एक युग का अंत हो गया। लता ने दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया और उनकी आवाज का जादू हमेशा बरकार रहेगा।’

    उन्होंने कहा, ‘जहां भी उर्दू बोली और समझी जाती है, वहां लता मंगेशकर को अलविदा कहने वालों का हुजूम है।’

    मंगेशकर के निधन की खबर ट्विटर पर ट्रेंड कर रही है और लगभग सभी टीवी चैनलों पर उनके निधन की खबर के साथ-साथ उनके सदाबहार गीत प्रसारित किये जा रहे हैं।

    पाकिस्तान के सरकारी टीवी पर भी मंगेशकर के निधन की खबर प्रसारित हुई, जो सीमा के इस ओर उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से प्रकाशित किया गया है.

  • भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया

    भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया

    पीटीआई-भाषा संवाददाता 13:23 HRS IST

    बालासोर, 20 जनवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को यहां ओडिशा के तट से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का सफल परीक्षण किया।

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक सूत्र ने बताया कि बेहतर नियंत्रण प्रणाली सहित अन्य नई तकनीकों से लैस इस मिसाइल को बृहस्पतिवार सुबह लगभग 10.45 बजे चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज के लॉन्च पैड-3 से प्रक्षेपित किया गया।

    सूत्र ने बताया कि परीक्षण के विस्तृत डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • 10 पाकिस्तानी अभिनेत्रियाँ जो साड़ी में आपका दिल चुरा लेंगी

    10 पाकिस्तानी अभिनेत्रियाँ जो साड़ी में आपका दिल चुरा लेंगी

    साड़ी एक ऐसा आउटफिट है जिसमें आप कभी गलत नहीं हो सकतीं। साड़ी में हर महिला बहुत खूबसूरत लगती है, चाहे उसका पर्सनल स्टाइल कुछ भी हो। साड़ियों पर तब ध्यान जाता है जब हमारी पसंदीदा ऑन-स्क्रीन फ़िल्मी सुंदरियां इस खूबसूरती से लिपटी साडी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं। माहिरा खान, सबा कमर से लेकर महम आमिर और सबूर अली तक, यहां पाकिस्तानी अभिनेत्रियों की सूची है, जो साड़ी में आपका दिल चुरा लेंगी। आइए एक नजर डालते हैं..

    आयशा उमर (Ayesha Omar)

    Ayesha Omar in sari
    Credits: https://www.instagram.com/p/CPp1wsUjra8/

    आयशा उमर को साड़ी में भी लोग पसंद करते हैं। सेल्फ बीड्स और सेक्विन हैंडवर्क डिटेलिंग वाली यह आकर्षक आड़ू ऑर्गेना साड़ी निश्चित रूप से आपकी रातों की नींद हराम कर सकती है। स्लीवलेस ब्लाउज़ उनके कंधों को उभारता है। साड़ी पर सभी का ध्यान रखते हुए स्टाइल काफी अच्छा है। विशेष रूप से पंख वाले झुमके आयशा उमर पर बहुत ही अच्छे लग रहे हैं।

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    किरण हक (Kiran Haq)

    Kiran Haq in Sari
    Credits: https://www.instagram.com/p/COhPLJyNhY1/

    किरण हक अपने बेबाक फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। अभिनेत्री मस्टर्ड येलो टाई एन डाई साड़ी में निहारने वाली है। उन्होंने मैचिंग फुल स्लीव्स वाले ब्लाउज़ (Full Sleeves Blouse) के साथ अपनी स्मैशिंग समर ह्यू और प्योर सिल्क साड़ी को स्टाइल किया। उन्होंने अपने लुक को लॉन्ग नेकलेस और घड़ी से पूरा किया। उनके लुक ने उनके प्रशंसकों को ‘ओह-सो-गॉर्जियस’ वाली फीलिंग दी है।

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    माहिरा खान (Mahira Khan)

    Mahira Khan in Sari
    Credits: https://www.instagram.com/p/CMhLeCss3m4/

    OMG! क्या इस क्रीम सानिया मस्कतिया साड़ी में माहिरा खान बहुत खूबसूरत नहीं लग रही हैं? अगर कोई एक अभिनेत्री है जो पारंपरिक जड़ों को आधुनिक संस्कृति से जोड़ती है, तो वह माहिरा खान हैं। पल्लू के चारों ओर सॉफ्ट फ्लोरल मोटिफ्स और एन्हांस्ड गोटा वर्क से सजी इस डिजिटल प्रिंटेड ऑर्गेना साड़ी में वह बहुत ही आकर्षक लग रही हैं। साड़ी एक भारतीय क्लासिक है जिसमें एक सारांश और रोमांटिक खिंचाव है।

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    रामशा खान (Ramsha Khan)

    Ramsha Khan in Sari
    Credits: https://www.instagram.com/p/CQnkPHPHXPg/

    NASFF पुरस्कारों के लिए, रामशा खान ने मारियाना द्वारा डिज़ाइन एक काले रंग की ‘नाइटिंगेल’ साड़ी में दिखाई दी। पूरी तरह से लिपटी हुई साड़ी एक अचंभित करने वाली है जिसमें अपरंपरागत रेशम का मिश्रण है जो इसकी चिलमन को बढ़ाता है। पफी स्लीव्स और सिंपल स्टाइल के साथ रॉ सिल्क ब्लाउज़ इसे आपकी वार्डरोब के लिए एकदम सही पैक बनाता है।

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    सबा कमर (Saba Qamar)

    Saba Qamar in Sari
    Credits: https://www.instagram.com/p/CDdo1DfhIvD/

    अपनी एक्टिंग और ड्रेसिंग स्टाइल से सबको मदहोश करने वाली सबा कमर हम सबके दिलों की रानी हैं। साड़ी पहनने की प्रेरणा आप उनसे ले सकती हैं। नाजुक रूप से अलंकृत मोनोक्रोमैटिक ऑर्गेना साड़ी पहने सबा कमर बेहद ख़ूबसूरत लग रही हैं। इस सदी में एप्लिक पैचवर्क और आस्तीन पर अलंकरण है। उनके स्लीक पार्टेड बालों के साथ यह लुक कहर ढा रहा है। उनके इस लुक को काफी लोग पसंद कर रहे हैं और कई खास मौकों पर यह लुक देखा जा सकता है ।

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    महम आमिर (Maham Aamir)

    Maham Aamir in Sari
    Credits: https://www.instagram.com/p/CKq6–LlgDr/

    महम आमिर हमेशा से आकर्षक हैं और उनकी साड़ी पहनने की यह स्टाइल लोगों को बहुत पसंद आ रही है। वह इस लाल नेट साड़ी में कमाल लग रही है जिसमें फूलों के रेहम बंच हैं। जरदोजी का काम, भारतीय रेशमी बॉर्डर, और ब्रोकेड ब्लाउज, सभी मिलकर इसे एक उम्दा पोशाक बनाते हैं। उन्होंने सिग्नेचर रेड लिप्स के साथ स्टनिंग स्टेटमेंट इयररिंग्स की एक जोड़ी चुनी है। यह साड़ी उनकी स्टाइल और ऐश्वर्य को दर्शाती है।

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    सबूर एली (Saboor Aly)

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    जब आप कन्फ्यूज हो कि क्या पहना जाए तो काली साडी आप पहन सकती हैं। आप सबूर एली की शानदार ब्लैक नेट साड़ी पर व्यापक सुंदर फूलों के डिजाइन के साथ अपना लुक बदल सकते हैं। अपने लुक को उभारने के लिए, एली ने एक स्लीवलेस ब्लाउज़ (Sleeveless Blouse), एक जोड़ी एलिगेंट इयररिंग्स और एक घड़ी चुनी। अगर आपको काला पहनना पसंद है, तो एली का का साड़ी वाला यह लुक आपकी वार्डरॉब की सूची में अवश्य शामिल हो जाएगा।

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    कुबरा खान (Kubra Khan)

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    अपने बेमिसाल अभिनय कौशल की तरह ही कुबरा खान इस बेज साड़ी में बॉर्डर पर पोम्पोम लेस के साथ गारा कढ़ाई के काम में चमकती हुई दिख रही हैं। आपकी शादी के जश्न के लिए सर्वोत्कृष्ट शिफॉन साड़ी एकदम सही है। डेवी और मिनिमल मेकअप (Makeup) के साथ आप किसी भी पार्टी में जाने के लिए तैयार हो सकती हैं।

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    अरीबा हबीब (Areeba Habib)

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    Credits: https://www.instagram.com/p/COx6LbBg0bf/

    अरीबा हबीब की यह साड़ी देखकर कौन सी महिला सफेद साड़ी पहनने का विरोध कर सकती है? अरीबा हबीब जो मनोरंजन उद्योग के सबसे प्यारे चेहरों में से एक है, यह साबित करती है कि एक सुंदर कैमिलिया साड़ी को पहन कर एक स्त्री कितनी सुन्दर लग सकती है। बेहद खूबसूरती से बनी इस साड़ी में कॉटन नेट पर अच्छा काम किया गया है। एम्बेलिश्ड लेस एम्ब्रायडरी में बेहतरीन डिज़ाइन के साथ साड़ी सॉफ्ट और सोबर है। उन्होंने अपने लुक को पूरा करने के लिए मैचिंग ईयररिंग्स (Matching Earrings) का चुनाव किया।

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    सोन्या हुसैन (Sonya Hussyn)

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    Credits: https://www.instagram.com/p/CQtf9S9s42p/

    और, हम अपनी फैशन आइकॉन (Fashion Icon) सोन्या हुसैन को कैसे भूल सकते हैं? अपने मज़ेदार हंसमुख पक्ष को सामने लाते हुए, सोन्या ने कुछ भारी-भरकम पोशाकों को छोड़ने का फैसला किया क्योंकि उन्होंने इस फुकिया गुलाबी साड़ी (Pink Sari) में हल्के कपड़े पहने थे। अपने बाकी लुक को न्यूट्रल रखते हुए, हुसैन ने सिल्वर इयररिंग्स (Silver Earrings) के साथ अपने आउटफिट (Outfit) को पूरा किया। उस सर्वोत्कृष्ट देसी लुक (Desi Look) के लिए इस शिफॉन साड़ी के साथ आप अपने वॉर्डरोब को चमका सकती हैं।

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  • पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में नहीं बल्कि बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है

    पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में नहीं बल्कि बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है

    सबसे पहले तो प्रिय मालिक को देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की बहुत बहुत बधाई.

    पहलवान प्रिया मलिक के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बारे में बहुत सारे वायरल पोस्ट फैल रहे हैं। हाँ, ये सच है उसने स्वर्ण पदक जीता है लेकिन टोक्यो ओलंपिक में नहीं। हकीकत यह है कि प्रिया मलिक ने बुडापेस्ट में कैडेट वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है।

    मीराबाई चानू द्वारा महिला भारोत्तोलन वर्ग में टोक्यो ओलंपिक में भारत का पहला रजत पदक जीतने के बाद, सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हो गया है जिसमें दावा किया गया है कि पहलवान प्रिया मलिक ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता है।

    प्रिया मलिक को बधाई देने के लिए ट्विटर और फेसबुक जैसी विभिन्न सोशल मीडिया साइटों पर बहुत सारे लोग संदेश साझा कर रहे हैं, इन कैप्शन के साथ, “remember the name #PriyaMalik congratulations for winning gold in wrestling #Olympics #Cheer4India #Tokyo2020”

    विभिन्न एंटी-फेक न्यूज वेबसाइटों ने पाया है कि पहलवान प्रिया मलिक ने गुरुवार 22 जुलाई को बुडापेस्ट में कैडेट विश्व चैंपियनशिप में 73 किलोग्राम विश्व खिताब में स्वर्ण पदक जीता है। लेकिन टोक्यो ओलंपिक में भारत ने भारोत्तोलन में केवल एक रजत पदक जीता है।

    प्रिया मलिक ने 22 जुलाई को बेलारूस की पहलवान को हराकर 73 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता था।

    प्रिया मलिक हरियाणा के मोखरा गांव से हैं, जिसने कुश्ती में भारत की पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक को दिया है।

    भारत ने अब तक टोक्यो ओलंपिक में भारोत्तोलन में केवल एक रजत पदक जीता है। इसलिए, टोक्यो ओलंपिक में पहलवान प्रिया मलिक के स्वर्ण पदक जीतने का दावा करने वाला वायरल पोस्ट भ्रामक है।