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  • प्रधानमंत्री ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दिया: राहुल

    प्रधानमंत्री ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दिया: राहुल

    नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने चीन के साथ सीमा पर गतिरोध को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath singh) की ओर से संसद के दोनों सदनों में दिए गए वक्तव्य की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया।

    उन्होंने यह आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री (Prime Minister) चीन के सामने झुक गए और उन्होंने सैनिकों की शहादत के साथ विश्वासघात किया है।

    कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल रक्षा मंत्री ने दोनों सदनों में बयान दिया। कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें स्पष्ट करने की जरूरत है। पहली बात यह है कि इस गतिरोध के शुरुआत से ही भारत का यह रुख रहा है कि अप्रैल, 2020 से पहले की यथास्थिति बहाल होनी चाहिए, लेकिन रक्षा मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि हम फिंगर 4 से फिंगर 3 तक आ गए।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने भारतीय सीमा चीन को क्यों दी? इसका जवाब प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को देना है। देपसांग इलाके में चीन हमारी सीमा के अंदर आया है। इस बारे में रक्षा मंत्री ने एक शब्द नहीं बोला।’’

    राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘ सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पवित्र जमीन चीन को दे दी है….उन्होंने भारत माता एक टुकड़ा चीन को दे दिया है।’’

    गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों को बताया कि चीन के साथ पैंगोंग झील के उत्तर एवं दक्षिण किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया है और भारत ने इस बातचीत में कुछ भी खोया नहीं है।

    सिंह ने कहा कि पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ सेनाओं के पीछे हटने का जो समझौता हुआ है, उसके अनुसार दोनों पक्ष अग्रिम तैनाती चरणबद्ध, समन्वय और सत्यापन के तरीके से हटाएंगे।

    उन्होंने यह भी बताया कि अब भी पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनाती तथा गश्ती के बारे में ‘‘कुछ लंबित मुद्दे’’ बचे हुए हैं जिन्हें आगे की बातचीत में रखा जाएगा।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • कृषि कानूनों पर गतिरोध दूर करने के लिए किसान संगठनों के साथ केंद्र की वार्ता

    कृषि कानूनों पर गतिरोध दूर करने के लिए किसान संगठनों के साथ केंद्र की वार्ता

    कृषि कानूनों पर एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों के संगठनों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच छठे दौर की वार्ता बुधवार दोपहर शुरू हुई।

    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेलवे, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश यहां विज्ञान भवन में 41 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर रहे हैं।

    कुछ दिनों के अंतराल के बाद दोनों पक्षों के बीच छठे दौर की वार्ता आरंभ हुई है। पिछली बैठक पांच दिसंबर को हुई थी।

    आंदोलन कर रहे किसान अपनी मांगों पर डटे हुए हैं कि केवल तीनों नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की प्रक्रिया और एमएसपी पर कानूनी गारंटी प्रदान करने समेत अन्य मुद्दों पर ही चर्चा होगी।

    केंद्र ने सितंबर में लागू तीनों नए कृषि कानूनों पर गतिरोध दूर करने के लिए ‘‘खुले मन’’ से ‘‘तार्किक समाधान’’ तक पहुंचने के लिए यूनियनों को 30 दिसंबर को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था।

    ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने मंगलवार को अपने पत्र में कहा था कि एजेंडा में तीनों विवादित कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी देने के विषय को शामिल करना चाहिए।

    छठे दौर की वार्ता नौ दिसंबर को ही होने वाली थी लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और यूनियन के कुछ नेताओं के बीच बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकलने पर बैठक रद्द कर दी गयी थी।

    शाह से मुलाकात के बाद सरकार ने किसान संगठनों को एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें नए कानून में सात-आठ संशोधन करने और एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने की बात कही थी। सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने से इनकार कर दिया था।

    कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से हजारों किसान राष्ट्रीय राजधानी की अलग-अलग सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में ज्यादातर पंजाब और हरियाणा के किसान हैं।

    सरकार ने कहा है कि इन कानूनों से कृषि क्षेत्र में सुधार होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी लेकिन प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को आशंका है कि नए कानूनों से एमएसपी और मंडी की व्यवस्था ‘कमजोर’ होगी और किसान बड़े कारोबारी घरानों पर आश्रित हो जाएंगे।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • सैमसंग ला रहा है दुनिया का पहला ‘पारदर्शी’ डिस्प्ले वाला फोन

    सैमसंग ला रहा है दुनिया का पहला ‘पारदर्शी’ डिस्प्ले वाला फोन

    Transparent Display Mobile

    स्मार्टफोन कंपनियां लगातार नए डिजाइन, लुक और फीचर्स के साथ फोन लॉन्च कर रही हैं। फोन के कैमरा से लेकर डिस्प्ले, डिजाइन और फीचर्स में बीते कुछ समय में काफी कुछ बदल गया है। अब सैमसंग भी इस रेस में शामिल होता नजर आ रहा है। कंपनी ने हाल ही में एक नया स्मार्टफोन पेटेंट कराया है जो फ्यूचरिस्टिक ट्रांसपेरेंट डिस्प्ले के साथ आता है। कंपनी ने यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट ऐंड ट्रेडमार्क ऑफिस (USPTO) में पेटेंट फाइल किया है।

    LetsGoDigital की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने यह पेटेंट सिर्फ तकनीकी आधार पर लिया है। फोन के बारे में अन्य डीटेल अभी सामने नहीं आई हैं। अगर सैमसंग यह फोन लाने में कामयाब रहता है तो यह अपनी तरह का पहला फोन होगा।

    Transparent Mobile Phone

    कंपनी ने हाल ही में अपना सबसे लंबी बैटरी वाला फोन गैलेक्सी M51 लॉन्च किया था। सैमसंग गैलेक्सी एम51 में उम्मीद के मुताबिक 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। बैटरी 25 वाट फास्ट चार्जिंग स्पीड सपॉर्ट करती है। फोन में पंच-होल डिजाइन डिस्प्ले है। इस स्मार्टफोन में 6.7 इंच इनफिनिटी-ओ कटआउट के साथ फुल एचडी+ सुपर एमोलेड+ डिस्प्ले है। हैंडसेट में ऑक्टा-कोर प्रोसेसर है। हैंडसेट में 6 जीबी रैम व 128 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज दी गई है। बता दें कि गैलेक्सी एम51 को सिर्फ एक वेरियंट में लॉन्च किया गया है। फोन की स्टोरेज को 512 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है।

    सैमसंग गैलेक्सी एम51 को भारत में सितंबर के दूसरे सप्ताह में लॉन्च किया जा सकता है। फोन की कीमत देश में 25 हजार रुपये से 30 हजार रुपये के बीच होने का पता चला है। सैमसंग इंडिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सैमसंग गैलेक्सी एम51 के टीजर जारी करना शुरू कर दिए हैं।

    Source: Navbharat Times

  • निजामुद्दीन मरकज के ‘छुपे’ जमातियों पर 10 हजार का इनाम घोषित

    निजामुद्दीन मरकज के ‘छुपे’ जमातियों पर 10 हजार का इनाम घोषित

    कानपुर (उप्र), 20 अप्रैल (भाषा) कानपुर में पिछले तीन दिनों के दौरान कोविड-19 संक्रमण के 60 से ज्यादा मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तबलीगी जमात के ‘छुपे’ हुए सदस्यों के बारे में सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये नकद इनाम का एलान किया है।

    कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने ‘छुपे’ बैठे तबलीगी जमातियों के बारे में सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम का एलान किया है। यह फैसला जिले में पिछले तीन दिन के दौरान कोविड-19 संक्रमण के 60 से ज्यादा मामले सामने आने के बाद लिया गया है।

    अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि तबलीगी जमात के कार्यक्रमों में शामिल होने के बावजूद कुछ जमाती अब भी छुपे हुए हैं। हमने उनसे बार—बार अपील की है कि वे आगे आयें और प्रशासन को अपनी विदेश यात्राओं, तबलीगी जमात कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी, खुद में कोरोना वायरस के लक्षणों वगैरह के बारे में बताएं। क्योंकि यह न सिर्फ उनकी जान का बल्कि खुद से जुड़े अन्य लोगों की जान का भी सवाल है।

    ये भी पढ़ें: चीन से भारत को 1.7 लाख पीपीई दान स्वरूप मिले

    उन्होंने कहा कि अगर जमाती खुद प्रशासन के सामने आते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। मगर यदि किसी अन्य स्रोत से उनके बारे में जानकारी मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।

    पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि कानपुर में पिछले तीन दिनों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है और संक्रमित व्यक्तियों की कुल तादाद 70 हो गयी है। लगभग सभी मामले या तो जमातियों के हैं, या फिर उनके सम्पर्क में आये लोगों के हैं।

    डिस्क्लेमर-यह आर्टिकल न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • मोदी की मेहनत पर पानी: इनके पास 4.7 करोड़ रुपये के नए नोट कहाँ से आये?

    मोदी की मेहनत पर पानी: इनके पास 4.7 करोड़ रुपये के नए नोट कहाँ से आये?

    जहां तक दावों का सवाल है तो प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री जेटली दोनों ने नोट बंदी की स्कीम भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद पर चोट करने के लिए की थी. इसमें सबसे ज्यादा सपोर्ट भी आम जनता ने किया था. और सबसे ज्यादा कष्ट भी आम जनता ही झेल रही है.

     

    पहले बैंकों के बाहर आम जनता पुराने नोट जमा कराने और नोट बदलने के लिए लाइन में लगी रही फिर अपने ही पैसे को बैंकों और एटीएम से दो-दो और चार-चार हजार करके निकालने के लिए अभी तक लाइन में लगी है.

     

    रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने तो यहां तक कहा है की पैसे की कोई कमी नहीं है और बैंक से 24000 प्रति सप्ताह और एटीएम से 5000 प्रति सप्ताह कैश निकाल सकते हैं.

     

    लेकिन सच्चाई सभी को मालूम है, ज्यादातर एटीएम में पैसा ही नहीं डाला जा रहा है, कुछ जगहों पर 2000 के नोट मिलने शुरू हुए हैं, 500 के नोट सिर्फ कुछ गिने चुने एटीएम से मिल रहे हैं. बैंकों की हालात तो और भी बदतर है. सीमित कैश और भारी भीड़ के चलते बहुत कम बैंक ही अपने ग्राहकों को प्रति सप्ताह 24000 रुपये दे पा रहे हैं. ज्यादातर बैंक अधिक से अधिक लोगों को सहूलियत पहुंचाने के लिए 4000 या 6000 रुपये प्रति दिन दे रहे हैं.

     

    ऐसे में आतंकवादियों के पास से आये दिन नए नोटों की गड्डियां मिलना व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाता है. रोज पुराने नोटों से ज्यादा नए नोटों की खेप पकडे जाने की खबरे सुनने में आ रही हैं.

     

    ताजा मामले में बेंगलुरु में दो लोगों के पास से करीब पांच करोड़ के नए नोट बरामद हुए हैं. इनकम टैक्स वालों में एक इंजिनियर और एक ठेकेदार को 4.7 करोड़ के नए नोटों और 30 लाख के पुराने नोटों के साथ गिरफ्तार किया है. यह अब तक की सबसे ज्यादा नए नोटों के रकम की बरामदगी है. इससे पहले निजामुद्दीन स्टेशन, दिल्ली से एक कार से 27 लाख के नए नोट बरामद हो चुके हैं. इसी तरह पंचकूला हरियाणा से 8 लाख के नए नोट बरामद हो चुके हैं.

     

    अब सवाल यह उठता है की इतनी मात्रा में नए नोट बैंको से बाहर कैसे आये. लोग एक-एक पाई को मोहताज हो रहे हैं और बैंककर्मियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचारी अपने काले धन को सफ़ेद करने में कामयाब हो रहे हैं.

     

    फोटो साभार: http://indianexpress.com/

  • दिन भर की खोजबीन: नोट बंदी के बाद क्या क्या हुआ?

    दिन भर की खोजबीन: नोट बंदी के बाद क्या क्या हुआ?

    ताजा खबर:

     

    नमक को लेकर अफवाह: मारपीट, कुछ जगह कीमत 200/- के पार:

    यूपी और दिल्ली में नोट बंद होने के बाद अफवाहों का बाजार गर्म रहा. शाम को अचानक अफवाह उडी की देश में नमक की कमी हो गयी है. इसका जिसको भी पता चला वो ही नमक खरीदने दौड़ पड़ा. इस वजह से कालाबाजारी करने वालों ने 200 से 400 रुपये तक नमक बेंच डाला. कानपुर में नमक को लेकर पथराव की सूचना मिली है. इस वजह से कई जगह बाजार बंद होने की खबरे हैं.

     

     

    १४ नवम्बर तक पुराने नोटों को चला सकते हैं:

    सरकार ने कैश की कमी को देखते हुए पुराने 1000 और 500 के नोटों को चलाने की 11 नवम्बर की सीमा को बढ़ाते हुए इसे 14 नवम्बर कर दिया है. बैंकों और एटीएम के बाहर भारी भीड़ और कैश की कमी को देखते हुए पुराने नोटों को हॉस्पिटल, पेट्रोल पम्प और हवाई अड्डे आदि जगहों पर 14 तारीख तक प्रयोग कर सकते हैं.

     

    इस समस्या को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देशभर में नैशनल हाईवे पर 14 नवम्बर तक टोल न लेने का फैसला किया है.

     

    एटीएम पर अभी कुछ दिन भीड़ रहेगी:

    अभी कुछ दिन तक एटीएम में कैश की कमी की समस्या रहेगी क्योंकि एटीएम में अभी तक 100, 500 और 1000 के तीन क्रेट होते थे. लेकिन अब 100, 500 और 2000 के क्रेट होंगे. इसलिए जब तक सॉफ्टवेयर और बाकी चीजें अपडेट नहीं हो जाती हैं तब तक ये समस्या रहेगी.

     

    नोट बंदी की वजह से हुई कुछ मौतें:

    गाजियाबाद के लोनी में 10 साल के बच्चे की अस्पताल न पहुँच पाने की वजह से मौत हो गयी.

    कानपूर के पनकी में एक युवक ने 2.5 करोड़ में अपनी जमीन का सौदा किया जिसमे बयाने के तौर पर 70 लाख रुपये 1000 और 500 के नोटों में मिले. लेकिन नोट बंद होने की खबर सुनकर उसे दिल का दौर पड़ा और उसकी मौत हो गयी.

     

    राहुल गाँधी ने लाइन में लगकर बदले 4000 रुपये.

    1000 और 500 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद मोदी के ट्विटर फॉलोवर में 3 लाख की कमी.