इंदौरः इंदौर की एमराल्ड इंटरनेशनल स्कूल में चल रही 51 वीं राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को विश्व की पहली रोबोट नागरिक सोफिया के साथ बातचीत का एक सेशन रखा गया था. फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से विश्व के प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की. सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है. सोफिया के अनुसार वह क्लाइमेट चेंज को लेकर सोशल मीडिया से भी जानकारी लेती रहती है.
सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है.
क्लाइमेट चेंज पर सोफिया ने कहा कि विश्व के सभी देशों की सरकारों को अपनी नीति और आइडियाज में दोनों में बदलाव लाने की आवश्यकता है. इंदौर में चल रही राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में रोबोट सोफिया के साथ एक सेशन रखा गया था, जिसमें फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से दुनिया में चल रहे प्रमुख मुद्दों पर बात की और सोफिया ने बड़ी ही संजीदगी के साथ इन सभी सवालों के जवाब भी दिए.
जब उत्तरा सिंह ने सोफिया से पूछा कि क्या उनमें फीलिंग्स हैं, तो सोफिया नाराज हो गई और उत्तरा से कहा की आप मेरी फिलिंग को हर्ट कर रही हैं. मेरी अंदर भी भावनाएं हैं. सोफिया से पूछा गया कि क्लाइमेंट चेंज के लिए सरकारों को अपनी नीति या आइडियाज में से किसे बदलना चाहिए तो सोफिया का कहना था की सरकारों को दोनों में बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि दोनों ही एक दूसरे पर प्रभाव डालते है.
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सोफिया से जब कहा गया की भारतीय लोग डांस काफी पसंद करते हैं, तो सोफिया ने बोला कि डांस तो मुझे भी पसंद है, लेकिन रोबोटिक. कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग देशों से आए बच्चों ने भी सोफिया से कई सवाल किए, जिसके सोफिया ने जवाब दिए. कॉन्फ्रेंस के इस सेशन का छात्रों के साथ उनके शिक्षकों ने भी खूब आनंद लिया.
यूएफओ(UFO) या एलियन(Aliens) से जुड़ी खबरें तो आपने कई बार पढ़ी होंगी। लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसी घटनाएं और बातें दुनियाभर में हुई हैं, जिनको लेकर काफी रहस्य बना। कुछ ऐसी रहस्यमय जगहें भी दुनिया में हैं जिनकी खासियतों के बारे में साइंस के पास भी कोई जवाब नहीं है है। आज हम आपको भारत की ऐसी ही कुछ रहस्यमय जगहें और घटनाओं के बारे में बता रहे हैं। इनको लेकर अब तक सवाल बने हुए हैं…
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जोधपुर के आकाश में तेज धमाका
18 दिसंबर, 2012 को जोधपुर के आकाश में एक अनोखी घटना घटी। जोधपुर(Jodhpur) के आकाश में एयरप्लेन क्रैश होने जैसी आवाज सुनाई दी। ऐसे लग रहा था जैसे कि कोई भयानक विस्फोट हुआ हो। लोग इस तेज आवाज से काफी परेशान हो गए थे।
बाद में यह साफ हो गया कि उस समय जोधपुर के आकाश में कोई प्लेन उड़ नहीं रहा था और न ही कोई विस्फोट हुआ था। जोधपुर में हुई घटना की चर्चा भारत के बाहर भी कई देशों में हुई थी।
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सम्राट अशोक की 9 रहस्यमय लोगों की सोसाइटी
इतिहास की रहस्यमय बातों में सम्राट अशोक की 9 लोगों की एक सोसायटी भी है। इसे The Nine Unknown के नाम से भी जाना जाता है।
सम्राट अशोक ने 273 ई.पू. में इस कथित शक्तिशाली लोगों की सोसाइटी की नींव रखी थी। इस सोसाइटी का निर्माण कलिंग के युद्ध में एक लाख से अधिक लोगों की मौत के बाद हुआ था।
कहा जाता है कि इन 9 लोगों के पास ऐसी सूचनाएं थीं, जो गलत हाथों में जाने पर खतरनाक हो सकती थीं। इनमें प्रोपेगंडा सहित माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित किताबें थी। कुछ किताबों के बारे में कहा जाता है कि इनमें एंटी ग्रेविटी और टाइम ट्रैवल के गुप्त सिद्धांत दर्ज थे। ये 9 लोग विश्व के कई स्थानों में फैले थे। सबसे आश्चर्य की बात है कि इनमें से कई विदेशी भी थे।
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लद्दाख का द कोंग्का ला दर्रा
लद्दाख का द कोंग्का ला दर्रा दुनिया के उन इलाकों में है, जिसके बारे में बहुत कम जानकारी मिल पाई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है- हिमालय का यह क्षेत्र बर्फीला और दुर्गम है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का दावा है कि यहां यूएफओ का दिखाई देना आम बात है। इन बातों को पहले अधिक महत्व नहीं दिया गया लेकिन जून 2006 में गूगल के सेटेलाइट से ली गई फोटो भी सामने आई जिसने लोगों को चौंका दिया।
यह भारत और चीन की सीमा पर स्थित है। यह क्षेत्र दोनों देशों के बीच सैन्य-विवाद का विषय बन चुका है। यह नो-मैन्स लैंड घोषित है। दोनों देश इस पर नजर रखते हैं लेकिन कोई भी देश इस क्षेत्र में पेट्रॉलिंग नहीं करता है।
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महिला का पुनर्जन्म
शांति देवी का जन्म 1930 में एक खुशहाल परिवार में दिल्ली में हुआ था। हालांकि, वह ज्यादा समय तक खुश नहीं रह सकी। जब वह चार साल की थी, तब से जिद्द करने लगी कि उसके माता-पिता कोई और हैं।
शांति देवी ने दावा किया कि एक बच्चे को जन्म देते समय उसकी मौत हो गई थी और अपने पति तथा परिवारजनों के बारे में काफी जानकारियां दी थी। शांति देवी के पिता ने उसके दावों के बारे में जब पता किया तो वे सारे सच निकले।
एक महिला का नाम लुडगी देवी था और बच्चे को जन्म देते समय उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोगों को सबसे अधिक आश्चर्य तब हुआ जब शांति देवी ने समय और शहर का नाम एकदम सटीक बताया। जब वह अपने पूर्वजन्म के पति से मिली तो उसने उसे पहचान लिया और अपने बच्चे को मां की तरह प्यार करने लगी।
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मैग्नेटिक हिल (Magnetic Hill, Himalaya, Ladakh)
हिमालय के लद्दाख (Ladakh) में आश्चर्यचकित करने वाली एक पहाड़ी है। कहा जाता है कि इस पहाड़ी में चुंबकीय गुण है।
अगर आप अपनी कार को न्यूट्रल करके इस सड़क पर खड़ा कर दें तो यह पहाड़ी पर 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नीचे की ओर चलने लगती है।
गाइड के अनुसार यह एक सुपरनेचुरल घटना है और इसे स्थानीय लोग हिमालयन वंडर कहते हैं।
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‘शापित गांव’ कुलधरा
राजस्थान के जैसलमेर(Jaisalmer) जिले में स्थित है कुलधरा गांव। 500 वर्ष पहले कुलधरा गांव में 1,500 परिवार रहा करते थे।
एक रात वे सभी गायब हो गए। लेकिन न तो इनके मारे जाने और न ही अपहरण होने की कोई जानकारी सामने आई। इस घटना के पीछे क्या कारण था, इसका पता आज तक नहीं लग सका।
लोग इस बारे में कई तरह के किस्से-कहानियां सुनाते हैं। पुरानी किंवदंती के अनुसार कुछ लोगों ने इस गांव पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश की थी। यह गांव आज भी वीरान पड़ा है।
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जुड़वां बच्चों का गांव (Village of Twins)
केरल का कोडिन्ही एक रहस्यमय गांव है। यहां जुड़वां बच्चों का जन्म होना आम बात है। इस गांव में लगभग 2,000 परिवार रहते हैं। कुछ साल पहले के सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां 250 जुड़वां बच्चे हैं। जबकि स्थानीय डॉक्टरों के मुताबिक यह संख्या असल में 350 तक हो सकती है।
प्रति वर्ष जुड़वां बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसके पीछे क्या कारण हैं, अभी तक कोई नहीं जान सका है। एक अनुमान के अनुसार, आमतौर पर भारत में प्रति 1000 बच्चों में 4 जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं। लेकिन कोडिन्ही में 1000 पर यह आंकड़ा काफी अधिक हो जाता है।
द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 2004 से 2009 के बीच यहां 120 जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ।
प्रकृति के कई रहस्य आज भी अनसुलझे हैं. वैज्ञानिकों ने कुछ रहस्यों से तो परदा हटा लिया है लेकिन दुनिया की कुछ रहस्यजनक चीजों पर से अभी तक परदा नहीं हटाया जा सका है. आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही पहेलियों के बारे में जो आज भी सभी के लिए अबूझ बनी हुई हैं.
द डांसिंग प्लेग ऑफ 1518
इसके बारे में पढ़कर ऐसा लगता है जैसे यह कोई कहानी हो. 1518 में गर्मी के दिनों में शहर स्ट्रासबर्ग में एक महिला ने सड़क पर भयानक तरीके से नाचना शुरू कर दिया था. दिन से रात हो जाती और रात से दिन पर उसका नाचना बंद नहीं होता. एक सप्ताह के भीतर ही 34 अन्य महिलाओं ने भी उसके साथ नाचना शुरू कर दिया. उन्हें देखकर ऐसा लगता था जैसे कि उनके अंदर किसी आत्मा का वास हो गया हो. नाचने की ना तो कोई वजह थी और ना ही कोई खास मौका. एक महीने के अंदर नाचने वाली महिलाओं की संख्या 400 पहुंच गई. धार्मिक पुरोहितों और लोगों को स्थिति पर नियंत्रण लाने के लिए बुलाया गया. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को भी बुलाया गया.
कई महिलाओं की हालत खराब होने लगी. यहां तक कि कई महिलाओं की नाचते-नाचते मौत हो गईं. इसके बाद उनके लिए लकड़ी के स्टेज बनाए गए और अलग से हॉल बनाए गए. लोगों का ऐसा मानना था कि डांस कर रही महिलाओं की स्थिति तभी सुधर पाएगी जब वे रात-दिन नाचेंगी. इस घटना के पीछे कई थ्योरी दी गई. जहर, एपिलेप्सी, सामूहिक मानसिक बीमारी कई वजहें बताई गईं और कई तरीके आजमाए गए लेकिन इस ऐतिहासिक घटना का आज तक संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है.
द एस एस ओरंग मेडान
जून 1947 में मलक्का की खाड़ी में व्यापारिक मार्ग से कई जहाज गुजर रहे थे. तभी एक एसओेएस संदेश पहुंचा, ‘जहाज के सभी क्रू सदस्यों की मौत हो गई है.’ नजदीक के जहाज सिग्नल का सोर्स पहचानते हुए उसकी तरफ बढ़े. सबसे नजदीक की मर्चेन्ट शिप ‘द सिल्वल स्टार’ सिग्नल की तरफ तेजी से पहुंची. ओरंग मेडान पर आते ही वे हैरान रह गए. क्रू के हर सदस्य की मौत हो चुकी थी. जहाज पर शव इधर-उधर बिखरे पड़े थे. कई लोगों की आंखें अब तक खुली हुई थीं और उनके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था. जहाज पर सवार कुत्ते की भी मौत हो गई थी.
बॉयलर रूम में शवों के नजदीक जाने पर क्रू सदस्यों को बहुत ठंड लगने लगी जबकि तापमान 110 डिग्री फॉरेनहाइट था. आश्यचर्यजनक बात यह रही कि किसी भी शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे. ‘द सिल्वर स्टार’ के क्रू सदस्यों ने वापस अपनी शिप पर जाने का फैसला किया. इससे पहले ही डेक के नीचे से धुआं निकलने लगा. एस एस ओरंग मेडान में विस्फोट होने से कुछ सेकेंड पहले ही वे किसी तरह अपनी शिप पर वापस पहुंच पाए. कुछ लोगों ने इस दुर्घटना के पीछे प्राकृतिक गैसों के बादल बनने का हवाला दिया. वहीं अधिकतर लोग इसके पीछे सुपरनैचुरल पावर को जिम्मेदार ठहराते हैं.
खिसकते हुए पत्थर, डेथ वैली, कैलिफोर्निया
डेथ वैली के नाम से कुख्यात इस जगह पर सैकड़ों पत्थर मौजूद हैं. इस सूखे मरुस्थल पर अलग-अलग वजन के ये पत्थर बड़े रहस्यमयी ढंग से मौजूद हैं. कुछ पत्थर ऐसे लगते हैं जैसे वे घिसटते हुए आगे बढ़ रहे हैं. उनके पीछे लंबी लकीर मौजूद है. यहां मौजूद नजारा कुछ ऐसा है कि आप देखकर हैरान हो जाएंगे. किसी इंसान या जानवर के जरिए इन पत्थरों को घसीटने के सबूत नजर नहीं आते क्योंकि वहां मौजूद मिट्टी बिना छेड़छाड़ दिखाई देती है. कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि भौगोलिक बदलाव या तूफान के चलते पत्थर कुछ इस तरह मौजूद हैं.
मिनेसोटा डेविल्स वॉटरफॉल
इस झरने को रहस्यमयी माना जाता है. इस झरने में दो धाराएं ऊपर से गिरती है. एक धारा तो सामान्य धाराओं की तरह बहती है पर दूसरी रहस्यमयी धारा एक छेद में गिरकर कहां गायब हो जाती है, यह गुत्थी आज तक नहीं सुलझ पाई है. हैरानी की बात यह है कि ‘द डेविल्स कैटल’ नाम के छेद में आधी नदी का पानी समा जाता है.
इजिप्ट के मंदिर में छिपाकर रखे गए जूते
पुरातत्वेत्ताओं को 2004 में खुदाई के दौरान एक अजीब चीज मिली. एक जार में उन्हें 7 जोड़ी जूते मिले. ये जूते बहुत ही अच्छी अवस्था में थे. दो जोड़ी जूते बच्चों के थे जबकि बाकी वयस्कों के. ऐसा कहा जाता है कि यह जार 2000 साल पहले जानबूझकर छिपा कर रखा गया था.
नाजका लाइन्स, नाजका रेगिस्तान, दक्षिणी पेरू
पेरू में मौजूद इस रेगिस्तानी सतह पर ऐसी आकृतियां बनी हुईं है, जो आपको चौंका सकती हैं. इनमें से कुछ इंसानों, पौधों और जानवरों की मालूम पड़ती हैं. इसके अलावा वहां सतह पर सीधी रेखाएं भी दिखलाई पड़ती हैं. माना जाता है कि ये रेखाएं 200 ईसा पूर्व से इसी तरह मौजूद हैं. ये लाइनें करीब 500 वर्ग किलोमीटर में फैली हैं. हेलीकॉप्टर की मदद से इन्हें और साफ-साफ देखा जा सकता है. इसके बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि यहां दूसरे ग्रह से आईं UFO उतरे थे, जिसके चलते सतह पर इतनी संरचनाएं बनी थीं.
आतंकी ठिकानों पर बम बरसाने वाले फाइटर प्लेन मिराज-2000 ने सेंट्रल मध्य कमान से उड़ान भरी थी। ग्वालियर एयरबेस पर मिराज-2000 और सुखोई का अड्डा है। चर्चा यह है कि पीओके जाने वाले विमानों को ईधन सप्लाई देने वाले विमान आगरा से गए थे।
सेंट्रल मध्य कमान में आगरा व ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन शामिल हैं। आगरा में एएन-32, आइएल-78 सहित अन्य विमान हैं। जबकि ग्वालियर एयरबेस में सुखोई, मिराज जैसे विमान हैं। आतंकी ठिकानों पर बम बरसाने के लिए फाइटर प्लेन मिराज की अहम भूमिका रही है। इधर आइएल-78 हवा में ईंधन भरने के काम आता है। एयर स्ट्राइक के लिए बालाकोट के लिए एक साथ कई प्लेन ने उड़ान भरी। इसके बाद भारत-पाक बार्डर पर तेल वाहक विमानों से हवा में ईंधन भरा गया। तब जाकर विमानों ने ठिकानों पर बम से हमला किया।
सोमवार-मंगलवार मध्य रात्रि आगरा एयरफोर्स स्टेशन से भी करीब चार-पांच विमानों ने उड़ान भरी। विमानों की गडग़ड़ाहट से खेरिया, अर्जुन नगर, शहीद नगर, केदारनगर, शाहगंज व उसके आसपास के क्षेत्रों में कई लोगों की नींद खुल गई। क्षेत्रीय निवासियों की मानें तो अन्य दिनों के मुकाबले बड़ी संख्या में विमान उड़े हैं। सभी ने एक के बाद एक उड़ान भरी है। इसी प्रकार वापसी भी हुई है। ताजनगरी के आसमान पर सुबह ढाई घंटे तक विमानों की आवाजाही रही। चूंकि यह अति गोपनीय कार्रवाई थी इसलिए एयरफोर्स अफसर अधिकारिक रूप से इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
मिराज की ‘शक्ति’ के पीछे बैटल क्राई:
आतंकी ठिकानों की तबाही की फुलप्रूफ प्लानिंग की गई थी। फाइटर प्लेन मिराज-2000 (Mirage 2000)को ‘शक्ति’ प्रदान करने वाला बैटल क्राई (आइएल-78 विमान ) है। यह तेलवाहक विमान है। जो हवा से हवा में फाइटर प्लेन को आसानी से ईंधन दे सकते हैं। इससे प्लेन लंबे समय तक उड़ान भर सकता है।
आगरा एयरफोर्स स्टेशन आइएल-78 विमानों का अड्डा है। भारतीय उप महाद्वीप में सबसे पहले यहीं पर तेलवाहक विमान आए थे। वर्ष 2003 में 78 स्क्वाड्रन का गठन किया गया था। फिर मिड एयर रिफ्यूलिंग स्क्वाड्रन (मार्स) बना। मार्स की खासियत यह है कि यह रात में भी विमानों को ईंधन दे सकता है। आतंकी ठिकानों को तबाह करने में अगर फाइटर प्लेन को ईंधन की जरूरत पड़ती तो ऐसे में मार्स को लगाया गया था। यह आगरा से भेजे गए थे। सूत्रों के अनुसार एक विमान एक साथ तीन फाइटर प्लेन को ईंधन देने की क्षमता रखता है।
यूं भरा जाता है ईंधन:
हवा से हवा में किसी विमान को ईंधन देना आसान नहीं होता है। आइएल-78 की रफ्तार के बराबर फाइटर प्लेन चलता है। फिर यह विमान के आसपास चक्कर लगाने लगता है। तेल वाहक विमान से एक नोजल फाइटर प्लेन की तरफ बढ़ती है। नोजल कुछ ही मिनट में टैंक को फुल कर देती है।
चंबल के बीहड़ में होता है ट्रायल:
आसमान में उड़ते हुए विमान को ईंधन देने का ट्रायल चंबल के बीहड़ में किया जाता है। हर दिन विमानों को तेल देते हुए देखा जा सकता है।
भारत-पाक बॉर्डर पर भरा गया तेल:
आतंकी ठिकानों पर तबाही मचाने से पूर्व फाइटर प्लेन मिराज को ईंधन दिया गया। यह ईंधन भारत-पाक बार्डर के आकाश में ही दिया गया। इसके लिए तेलवाहक विमानों का प्रयोग किया गया। सूत्रों के अनुसार फाइटर प्लेन द्वारा उड़ान भरने में सबसे अधिक तेल खर्च होता है। ठिकानों को तबाह करने से पूर्व बॉर्डर पर मिराज में तेल भरा गया। जिससे प्लेन देर तक बम वर्षा कर सुरक्षित वापस आ सकें।
कितना ताकतवर है फाइटर जेट मिराज?
पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत ने कार्रवाई की है. फाइटर जेट मिराज 2000 के जरिए पाकिस्तान पर 1000 किलो के बम गिराए गए हैं. अभियान में 12 मिराज 2000 का इस्तेमाल किया गया था.
आइए जानते हैं, कितना ताकतवर है भारत का मिराज 2000 जेट…
मिराज 2000 को फ्रांस के डसॉल्ट कंपनी ने बनाया है. यह मल्टीरोल एयरक्राफ्ट है. फ्रांस के एयर फोर्स में इसे 1984 में ही शामिल किया गया था. इस एयरक्राफ्ट में 9 प्वाइंट होते हैं जहां हथियार रखे जा सकते हैं.
ये एयरक्राफ्ट हाई फायरिंग गन से लेकर मिसाइल तक से लैस है. डबल सीटर और सिंगल सीटर, इसके दोनों वर्जन हैं. इसके दोनों विंग पर भी वीपन सिस्टम मौजूद होते हैं.
यह हवा से सीधे हवा में वार कर सकता है, साथ ही हवा से सीधे जमीन पर भी हमला कर सकता है. इस फाइटर जेट के एयर टू एयर मिसाइल सिस्टम का रेंज 60 किलोमीटर तक है.
एक ही समय में यह एयरक्राफ्ट 4 मिका मिसाइल, 2 मैजिक मिसाइल, 3 ड्रॉप टैंक्स के साथ लैस हो सकता है. मिराज 2000 लेजर गाइडेड बम भी गिरा सकता है.
आतंकी ठिकानों पर हमले में कितना नुकसान पहुंचा है, इसका अभी ठीक-ठीक आंकलन किया जाना बाकी है. कश्मीर में एलओसी पर तनाव की स्थिति हो रही है. एयरफोर्स बेस में हाई एक्टिविट देखी जा रही है.
मंगलवार तड़के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर लिखा, ‘भारतीय वायु सेना ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया. पाकिस्तान वायु सेना ने तुरंत कार्रवाई की. भारतीय विमान वापस चले गए.
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योगी सरकार ने विधानसभा में गुरुवार को यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया। आम चुनाव से पहले आए इस बजट में पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। 4.79 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट में 21,212 करोड़ की नई योजनाओं का ऐलान हुआ है। यह बजट वर्ष 2018-2019 के बजट के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक है। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के वादे के साथ काम कर रही है। हम भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने वंदे मातरम् कहकर अपना भाषण खत्म किया।
यूपी के बजट में पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक सौगातों की बारिश
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 1194 करोड़, गोरखपुर में मेट्रो
बुंदेलखंड में पाइप पेयजल परियोजना के लिए 3,000 करोड़
ग्रेटर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के लिए 800 करोड़ प्रस्तावित
यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट विधानसभा में पेश किया। आम चुनाव से पहले आए यूपी के इस बजट में पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। 4.79 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट में 21,212 करोड़ की नई योजनाओं का ऐलान हुआ है। बजट में पूर्वांचल के दो बड़े शहरों गोरखपुर और वाराणसी में मेट्रो के लिए घोषणाएं की गईं, वहीं बुंदेलखंड का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले झांसी शहर में भी मेट्रो के लिए बजट आवंटित हुआ है। इसके साथ ही लखनऊ के लिए भी योगी सरकार के बजट में कई सौगातें दी हैं।
Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath and Finance Minister Rajesh Agarwal with the budget briefcase. The state finance minster will table the budget today in UP Assembly. pic.twitter.com/PsiCOtcVnL— ANI UP (@ANINewsUP) 7 February 2019
यूपी सरकार ने गुरुवार को पेश बजट में कानपुर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज सहित सात जिलों को मेट्रो रेल का तोहफा दिया है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। बजट में कानपुर और आगरा मेट्रो रेल परियोजनायों के लिए 175-175 करोड़ रुपये प्रस्ताव किया गया है। बजट में वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज एवं झांसी में मेट्रो रेल परियोजनाओं के प्रारंभिक कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
पूर्वांचल पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 1194 करोड़, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 1,000 करोड़ रुपये। पावरलूम बुनकरों को रियायती दर पर बिजली मुहैया कराने के लिए 150 करोड़ का बजट। यूपी हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्स्टाइल्स ऐंड गारमेंट पॉलिसी के तहत 50 करोड़। विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़। वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में मेट्रो प्रॉजेक्ट के शुरुआती कार्य के लिए 150-150 करोड़ का इंतजाम। इलाहाबाद हाई कोर्ट में मल्टि लेवल पार्किंग के लिए 150 करोड़ का इंतजाम। वाराणसी में लहर तारा तालाब कबीर स्थल एवं गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर का सुदृढ़ीकरण किया जाना प्रस्तावित। वनटांगिया ग्रामों में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना हेतु 5 करोड़ की व्यवस्था। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ के लिए 63 लाख की व्यवस्था। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के लिए 21 करोड़ 51 लाख का इंतजाम। मिर्जापुर में इंजिनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 8 करोड़। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत गंगा तट से विश्वनाथ मंदिर तक सौन्दर्यीकरण के लिए 207 करोड़। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में वैदिक विज्ञान केन्द्र की स्थापना हेतु 16 करोड़ रुपये। प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम का विकास किया जाना प्रस्तावित। चंदौली की कनहर सिंचाई परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। मिर्जापुर की बाणसागर परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
बुंदेलखंड बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और पानी के संकट से जूझ रहे गांवों में पाइप पेयजल योजना के लिए 3,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 1,000 करोड़ रुपये, डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण में 500 करोड़ रुपये का बजट। विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ के बजट की व्यवस्था। झांसी में मेट्रो रेल परियोजना के शुरुआती कार्य के लिए 150 करोड़ रुपये का इंतजाम। बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए 2019-20 में 810 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के लिए 907 करोड़ रुपये का बजट। संजय गांधी पीजीआई में अलग-अलग कार्यों के लिए 854 करोड़ रुपये। डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए 396 करोड़ रुपये का प्रस्ताव। कैंसर संस्थान लखनऊ के विस्तार और विकास के लिए 248 करोड़ रुपये प्रस्तावित। माननीय अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ की स्थापना के लिए 50 करोड़। लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ में अटल सुशासन पीठ स्थापना हेतु 2 करोड़ रुपये। आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित 6 लेन एक्सप्रेस-वे (ग्रीनफील्ड) प्रॉजेक्ट के लिए 100 करोड़। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ की स्थापना के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था। बिजली पासी के किले का विकास प्रस्तावित।
मथुरा ब्रज तीर्थ में सुविधाओं के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। नई डेयरी की स्थापना के लिए 56 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। मथुरा-वृन्दावन के बीच ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए 8.38 करोड़। वृंदावन शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
अयोध्या अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए इस साल के बजट से 200 करोड़ प्रस्तावित। अयोध्या के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 101 करोड़ का बजट प्रस्ताव।
एनसीआर/नोएडा ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे एयरपोर्ट के लिए 800 करोड़ का बजट। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम प्रॉजेक्ट के लिए 400 करोड़।
कानपुर मेट्रो रेल प्रॉजेक्ट के शुरुआती काम के लिए 175 करोड़ रुपये का बजट आवंटित। माननीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में डीएवी कॉलेज, कानपुर में सेन्टर ऑफ एक्सिलेन्स की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था। हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (HBTU), कानपुर के लिए 11 करोड़।
World Wrestling Entertainment (WWE) is the professional wrestling TV show. It is privately controlled by media and the sports entertainment companies dealing with professional wrestling. The company was previously known as Titan sports. The wrestling is combined with a little bit of acting and theatre to make it more interesting.
WWE promotes under three brands: RAW, Smack Down, ECW. There are three main championships that are held: the heavy weight championship, WWE championship, and the ECW championship.
In 1980, Vincent Kennedy McMahon founded Titan Sports, Inc. the present WWE is lot different from the earlier version. WWE started Wrestle Mania, First time in 1985. From then to now, viewers wait for the event every year where big WWE stars wrestle for the championship belts. But as the time has changed the WWE too have changed a lot. It has now become bloody and abusive. Many players cheat to win the titles. Despite all this many WWE stars have earned a lot of name and fame and have promoted this new form of sports entertainment across the world.
The new generation stars are popular in every corner of the world. Some of the famous WWE stars of the current generation include John Cena, Batista, Randy Orton, triple H, Shawn Michael, Kevin Owens, Dean Ambrose, The Undertaker, AJ Styles, Roman Reigns, Brock Lesnar are a few to name. A lot more wrestlers are working hard to make the sport much more popular.
Each year, Forbes releases its list of highest paid actors and actresses. Take a look at the top 20 stars (actors and actresses combined) of 2018, along with their yearly earnings. The list has been compiled using their pretax earnings between June 1, 2017, to June 1, 2018, prior to deducting fees for their managers, agents and lawyers.
जेल का नाम लेते ही आपके सामने काली सलाखें, अंधेरा, खराब खाना जैसी चीजों का दृश्य आ जाता होगा. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में कई ऐसी जेलें हैं जो किसी होटल से कम नहीं हैं. आइए जानते हैं दुनिया की सबसे आरामदायक और सुख-सुविधाओं से लैस जेलों के बारे में।
1-बैस्टोय जेल, नॉर्वे
-बोस्टोय द्वीप पर स्थित इस जेल में 100 से ज्यादा कैदी रहते हैं.
इस जेल में कैदियों के लिए टेनिस, हॉर्सराइडिंग फिशिंग, सनबाथिंग, प्रिजन कॉम्प्लेक्स जैसी सुख-सुविधाएं मौजूद हैं.
बैस्टोय जेल, नॉर्वे को पहली इको-ह्यूमन प्रिजन बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
खेती करने के लिए फॉर्म और रहने के लिए कॉटेज, कई बार कैदी भूल ही जाते हैं कि वे जेल में हैं.
2-एचएमपी एटिवेल, स्कॉटलैंड
– यहां लगभग 700 कैदी रहते हैं. कैदियों को एक सामान्य जनजीवन जीने में सक्षम बनाने और एक अच्छा इंसान बनाने के लिए पूरी कोशिश की जाती है.
3-ओटैगो करेक्शन्स फैसिलिटी, न्यूजीलैंड
– इस जेल में सुरक्षा मानक कड़े हैं लेकिन कैदियों को सुख-सुविधाओं से लैस कमरे मिले हुए हैं.
न्यूजीलैंड की इस जेल में फार्मिंग, कुकिंग, लाइट इंजीनियरिंग जैसे कामों में दक्ष होने के लिए क्लासेज चलाई जाती है.
4- अरेंजुएज प्रिजन, स्पेन
– इस जेल में कैदियों को उनके बच्चों के साथ रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
5-जस्टिस सेंटर लेबेन, ऑस्ट्रिया
– यह नॉन-वायलेंट अपराधियों के लिए है. जस्टिस सेंटर में हर कैदी को सिंगल सेल में रखा जाता है जिसमें प्राइवेट बाथरूम, किचेन औऱ टीवी भी उपलब्ध कराया जाता है. कैदियों के लिए जिम, बास्केटबाल कोर्ट भी मौजूद है.
6- चैंप-डॉलन प्रिजन, स्विटजरलैंड
– कैदियों की भारी संख्या के लिए बदनाम रही कभी ये जेल आज कैदियों के लिए किसी अच्छे हॉस्टेल के कमरे से कम नहीं है.
7- जेवीए फुइसबटेल प्रिजन, जर्मनी
– हैम्बर्ग की इस जेल में भी कैदियों को बेड, काउच, प्राइवेट शावर और टायलेट जैसी सुविधाएं मिली हुई हैं. कैदियों के लिए लॉन्ड्री की मशीन और कॉन्फ्रेंस रूम भी है.
हैल्देन प्रिजन, नॉर्वे
– हैल्देन प्रिजन को ‘दुनिया की सबसे मानवीय जेल’ यूं ही नहीं कहा जाता है. यहां हर कैदी को प्राइवेसी है. कैदी टीवी शो, मूवी और वीडियो गेम्स एंजॉय करते हैं. जिम, म्यूजिक रिकॉर्डिंग फैसिलिटी समेत कई ऐसी सुविधाएं हैं जो शायद कई लोगों के लिए सपने से कम नहीं है.
Image and Content Source: https://aajtak.intoday.in/gallery/most-luxirious-prison-of-the-world-tpra-3-25313.html
आम तौर पर जब भी बेशुमार दौलत कमाने वालों की बात आती है, पहली तस्वीर करोबारियों की उभरती है। भारत समेत दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में यही धारणा है कि बिजनेस के जरिए ही लोग अरबों रुपए कमाते हैं। हालांकि दुनिया में कुछ ऐसे भी अपराधी हुए हैं, जिन्होंने इस विचार को गलत साबित कर दिया है। उन्होंने हत्या, फिरौती और स्मगलिंग जैसे कई गैरकानूनी कामों से इतनी बेशुमार दौलत कमाई, उनके दौर के कई अरबपति कारोबारी भी उनके सामने फीके पड़ गए। दुनिया में कुछ अपराधी ऐसे भी हुए हैं, जिनकी दौलत भारत के टॉप अमीरों से भी ज्यादा रही है।
बिजनेसमैन से भी ज्यादा कमाई दौलत
– इसमें कोलंबिया के ड्रग तस्कर पैब्लो एस्कोबार का भी नाम शामिल है।
– उसने 30 अरब डॉलर का एम्पायर खड़ा किया, जो भारत के मौजूदा दूसरे टॉप अमीर व्यक्ति अजीम प्रेमजी के 17.5 अरब डॉलर (फोर्ब्स के मुताबिक) से करीब 12.5 अरब डॉलर ज्यादा है।
-एस्कोबार को फोर्ब्स ने अपनी पहली बिलेनियर लिस्ट में भी जगह दी थी।
– खतरनाक अमीर अपराधियों की लिस्ट में मुंबई में 1993 के हमलों का आरोपी दाऊद इब्राहिम भी शामिल है।
– रोचक बात यह है कि इन खतरनाक महिला अपराधियों की लिस्ट में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं, जो जितनी खतरनाक थीं, उतनी ही अमीर थीं।
आइए जानते हैं दुनिया के कुछ ऐसे ही अपराधियों के बारे में, जिन्होंने क्राइम वर्ल्ड से बेशुमार पैसा बनाया।
Pablo Escobar
Emilio Carrillo Fence
Carlos Lehder
Dawood Ibrahim
José Gonzalo Rodríguez Gacha
Khun Sa
Orejuela Brothers (Gilberto and Miguel Rodriguez Orejuela)