पेश हैं कुछ पेंसिल ड्राइंग और स्केच



Art and Drawing by: Surendra Mohan Singh

पेश हैं कुछ पेंसिल ड्राइंग और स्केच



Art and Drawing by: Surendra Mohan Singh











































Source: https://www.msn.com/en-in/entertainment/hollywood/superheroes-on-and-off-duty/ss-AAudfGa

ब्रह्माण्ड का केंद्र, जैसा कि लोग कहते हैं, डाउनटाउन तुल्सा, ओक्लाहोमा,अमेरिका में एक छोटी सी कंक्रीट की वृत्ताकार जगह है जिसके चारो तरफ ईंटें बिछी हैं. वैसे तो इस जगह पर देखने लायक कुछ भी नहीं है, लेकिन हमें वहाँ देखने की जरूरत भी नहीं है.
यही तो पॉइंट की बात है.
दरअसल “Center of the Universe” यानी “ब्रह्माण्ड का केंद्र” एक रहस्यमय ध्वनिक घटना है जिसे कम ही लोग जानते हैं. अगर आप कंक्रीट के गोले के बीच में खड़े होकर कुछ भी बोलते हैं तो वह ध्वनि वापस प्रतिध्वनि या गूँज के रूप में कई बार सुनाई पड़ेगी और जितना तेज आपने बोला है उससे भी तेज. यह एक तरह से आपका एम्पलीफायर ईको चैंबर होगा जिसमे आप अपनी प्रतिध्वनि तो सुनते हैं लेकिन उस कंक्रीट के गोले से बाहर खड़े लोग आपकी कोई भी आवाज नहीं सुन पाएंगे और अगर कुछ सुनाई भी पड़ता है तो वो टूटी-फूटी आवाज होती है. इस छोटे से गोले के अंदर लाउडस्पीकर भी अपनी प्रतिध्वनि से फट सकता है लेकिन गोले से बाहर के लोगों को न के बराबर सुनाई देगा.
है न आश्चर्यजनक.

यहाँ पर भौतिकी के नियम काम नहीं करते हैं. बिलकुल साफ़ खुली हुई जगह में खड़े होकर भी आप एक साउंडप्रूफ कमरे में बंद होते हैं. कुछ लोगों ने इस पर रिसर्च भी की है लेकिन कोई ठोस वजह नहीं बता पाए.
Image Source: https://www.atlasobscura.com/places/the-center-of-the-universe

श्री गणेश जी (Shri Ganesh Ji) हिन्दू धर्म के मुख्य देवता हैं. कोई भी शुभ कार्य करने से पहले श्री गणेश जी की पूजा की जाती है इसलिए उन्हें प्रथम पूज्य भी कहा जाता है. श्री गणेश जी भगवन शंकर और माता पार्वती के पुत्र हैं. उनका वाहन डिंक नाम का चूहा है. हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहा जाता है.

श्री गणेश जी के दो विवाह हुए थे, उनकी पत्नियों के नाम रिद्धि और सिद्धि हैं. गणेश जी के दो पुत्र भी हुए जो शुभ और लाभ कहलाते हैं. गणेश जी के बड़े भाई का नाम कार्तिकेय और बहन का नाम अशोकसुन्दरी है.

श्री गणेश जी का जन्म भद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी के दिन माना जाता है. हर साल उनके जन्म की तिथि पर गणेशोत्सव का पर्व मनाया जाता है। जो 10 दिनों तक चलता है.























अगर आपको गणेश जी के ये वॉलपेपर अच्छे लगे हों तो इसे फेसबुक आदि पर शेयर जरूर करें.

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कौन नहीं जानता सलमान खान को. बॉलीवुड का यह भाई का 27 दिसम्बर 2017 को 52 वर्ष का हो गया. आज फिल्मे सलमान के नाम से चलती हैं. बड़े बड़े डायरेक्टर सलमान के दरवाजे पर अपनी फिल्मो में लेने के लिए खड़े हैं लेकिन सलमान को जो अच्छी लगे वो वही फिल्म करते हैं.
सलमान की नयी फिल्म “टाइगर जिन्दा है” बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाये हुए है। लेकिन, क्या आप यकीन करेंगे कि सलमान की कुछ ऐसी भी फ़िल्में रही हैं जो कभी सिनेमा हॉल तक पहुंची ही नहीं। यानी रिलीज़ ही नहीं हो पायी। आइये जानते हैं उनकी कुछ ऐसी ही फ़िल्मों के बारे में।
सलमान ख़ान अपने भाई अरबाज़ ख़ान के साथ पहली बार 1998 में आई फ़िल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ में दिखे थे। लेकिन, इन दोनों भाइयों की जोड़ी इस फ़िल्म से पहले ‘ऐ मेरे दोस्त’ नाम की एक फ़िल्म में आने वाली थी। फ़िल्म में सलमान-अरबाज़ के अलावा करिश्मा कपूर और दिव्या भारती लीड रोल में थे। इस फ़िल्म के एक गाने की भी रिकार्डिंग हो गयी थी। इससे पहले की काम आगे बढ़ता एक हादसे में दिव्या भारती की मौत हो गयी। फ़िल्म का काम वहीं रुक गया। बहरहाल, ‘ऐ मेरे दोस्त’ के लिए जिस गाने की रिकार्डिंग हुई थी वो सलमान की फ़िल्म ‘मंझधार’ का हिस्सा बनी।
सलमान ख़ान की एक और फ़िल्म जो डिब्बा बंद हो गयी उसका नाम है- ‘बुलंद’। इस फ़िल्म में सलमान के साथ सोमी अली लीड रोल निभा रही थीं। उस दौर में सलमान-सोमी अली के अफ़ेयर के ख़ूब चर्चे हुआ करते थे। निर्माता उनके बीच के रिलेशनशिप से जुड़ी ख़बरों को भुनाना चाहते थे। लेकिन, कहते हैं किसी अज्ञात कारणों से इस फ़िल्म का काम रोक दिया गया। यह फ़िल्म आधी से ज्यादा शूट कर ली गयी थी। फ़िल्म में काफी पैसा भी लगाया जा चुका था। लेकिन, अंततः फ़िल्म नहीं पूरी हो पायी।
सलमान के छोटे भाई सोहेल ख़ान ने सलमान ख़ान के साथ एक डायरेक्टर के रूप में ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘हेल्लो ब्रदर’ जैसी कामयाब फ़िल्में दी हैं। लेकिन, कम लोग ही जानते हैं कि सोहेल अपने भाई सलमान ख़ान के साथ एक और फ़िल्म करने वाले थे- ‘राम’। इस फ़िल्म के लिए अनिल कपूर और पूजा भट्ट को भी साइन कर लिया गया था। कुछ क्रिएटिव कारणों से पहले तो इस फ़िल्म को टाला गया। लेकिन, बाद में इस फ़िल्म को बनाने का आईडिया ही ड्राप करना पड़ा! जबकि फ़िल्म का काम शुरू हो चुका था।
‘चोरी मेरा नाम’ इस अजीबोगरीब नाम से भी सलमान की एक फ़िल्म बन रही थी। जिसमें सुनील शेट्टी, शिल्पा शेट्टी, काजोल जैसे बड़े नाम थे। यह फ़िल्म भी किसी कारण से नहीं बन पायी। फ़िल्म के लिए सलमान और सुनील शेट्टी के बीच फ़िल्माया गया एक स्टंट सीन बाद में एक कोल्ड ड्रिंक कम्पनी के विज्ञापन का हिस्सा बन गया।
सलमान ख़ान और संजय दत्त की फ़िल्म ‘दस’ भी सलमान के करियर की एक ऐसी फ़िल्म है जो कभी बन नहीं पायी। इस फ़िल्म का एक गीत ‘सुनो गौर से दुनिया वालों..’ आप सबने ज़रूर सुना होगा। डायरेक्टर मुकुल एस आनंद की अचानक हुई निधन से यह फ़िल्म पूरी नहीं हो सकी। हालांकि, फ़िल्म का म्युज़िक एल्बम 1999 में रिलीज़ किया गया था।
डेविड धवन ने सलमान ख़ान के साथ जुड़वा जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्म दी है। जबकि डेविड के फेवरेट एक्टर रहे हैं गोविंदा। डेविड धवन गोविंदा, सलमान और जैकी श्रॉफ के साथ ‘राजू, राजा, राम’ बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। लेकिन, इस हैवी स्टारकास्ट के साथ उस समय उन्हें इस फ़िल्म के लिए कोई फायनेंसर ही नहीं मिला और डेविड को अपनी प्लानिंग रोक देनी पड़ी। इसके बाद ही उन्होंने सलमान के साथ ‘जुड़वा’ बनायी।
‘जुड़वा’ में सलमान का डबल रोल था और यह फ़िल्म खूब चली थी। जुड़वा की कामयाबी के बाद अनीज बज़्मी सलमान के साथ ‘आंख मिचोली’ बनाना चाहते थे। लेकिन, सलमान उनदिनों काफी व्यस्त थे और जुड़वा के बाद वो दुबारा फिलहाल डबल रोल करने के मूड में नहीं थे। इसलिए इस फ़िल्म की प्लानिंग भी धरी ही रह गयी। बाद में, अनीज बज़्मी ने सलमान के साथ ‘नो इंट्री’ (2005) फ़िल्म बनायी।
डायरेक्टर केतन धवन ने फ़िल्म जलवा के लिए सलमान ख़ान के अलावा संजय दत्त और अरमान कोहली को साइन कर लिया था। इससे पहले की वो इस फ़िल्म को आगे बढ़ाते और वो थोड़े कंफ्यूज हो गए। उन्होंने इस फ़िल्म का आईडिया ड्राप कर दिया और इस फ़िल्म को छोड़ नए स्टारकास्ट के साथ एक फ़ैमिली फ़िल्म बनाने में जुट गए। गौरतलब है कि डेविड धवन ने सलमान के साथ ‘ये है जलवा’ नाम से साल 2002 में एक फ़िल्म बनायी। जिसमें, अमीषा पटेल, ऋषि कपूर, अनुपम खेर आदि एक्टर्स थे।
रवीना टंडन के साथ सलमान की एक फ़िल्म ‘सागर से गहरा प्यार’ भी कभी पाईपलाइन में थी। लेकिन, इस फ़िल्म की सिर्फ घोषणा ही हो सकी, कभी बन नहीं पायी।
‘सागर से गहरा प्यार’ की तरह ही सलमान की एक और फ़िल्म ‘हैंडसम’ भी एनाउंसमेंट के बाद डिब्बाबंद हो गयी। इस फ़िल्म में सलमान के साथ संगीता बिजलानी और नगमा को लिया गया था।
हाल के दिनों की बात करें तो अनीज बज्मी ‘नो इंट्री’ का सिक्वल ‘नो इंट्री में इंट्री’ बनाना चाहते थे। लेकिन, किन्हीं कारणों से उनकी यह योजना नाकामयाब रही। साल 2005 आते-आते सलमान का स्टारडम आसमान तक पहुंच चुका था और उसके बाद ऐसी किसी फ़िल्म की योजना बनी ही नहीं जो किसी वजह से अधूरी रह गयी हो। ज़ाहिर है सलमान ने समय के साथ यह सीख लिया है कि अब कैसी फ़िल्में करनी हैं और किन लोगों को हां बोलना है!
Article Source: https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-salman-khan-happy-birthday-special-about-his-ten-films-that-never-released-but-tiger-zinda-hai-17264291.html
Image Credits: indiatvnews.com
Indianexpress.com
http://www.bollywoodlife.com/
Amarujala.com
klimg.com

Traveling is the most relaxing and vibrant activity liked by almost every individual. Adventurous traveling is something that is little expensive and a bit dangerous. Here you will find some idea’s for small adventure activities that you can afford.

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For other option you can choose climbing. Search for place where you can find height to cross that sure to be adventurous. Mountaineering is exhilarating. Think how wonderful the experience it will be while climbing the famous mountain with ice-axe and crampons.

Traveling from monastery to monastery is spiritual yet adventurous or relaxing. Most of the monasteries allowed visitors staying on reasonable price. Buddhist places are beautiful and stirring to enjoy the cooler weather and other wilderness.
Source: http://extrime-adventure.blogspot.in/2011/05/adventure-travel-guide-direct-you.html
Image Credits: https://travels.kilroy.net, http://www.ancient-origins.net, http://khoobsurati.com

क्या आपने Catch 22 नियम के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आइये जानते हैं Catch 22 नियम के बारे में.
एक ऐसी परिस्थिति जिसका कोई हल नहीं निकलता. इसके नियम इस तरह विरोधाभाषी होते हैं की उनका हल असंभव होता है.
इसे एक उदहारण से समझते हैं:
एक लड़के को ट्रैफिक पुलिस वाले ने पकड़ लिया और उससे उसका ड्राइविंग लाइसेंस दिखने को कहा.
लड़के ने कहा: नहीं है.
पुलिस: लइसेंस है नहीं या बनवाया ही नहीं?
लड़का: बनवाया ही नहीं.
पुलिस: क्यों?
लड़का: लइसेंस बनवाने तो गया था लेकिन वो वोटर आईडी मांग रहे थे जोकि मेरे पास नहीं थी.
पुलिस: तो वोटर आईडी बनवा लेनी चाहिए.
लड़का: वोटर आईडी बनवाने गया था, लेकिन वो राशन कार्ड मांग रहे थे, वो मेरे पास नहीं है.
पुलिस: तो राशन कार्ड बनवा लो.
लड़का: राशन कार्ड बनवाने गया था, वो बैंक की पासबुक मांग रहे थे, लेकिन वो भी मेरे पास नहीं है.
पुलिस: तो इसमें क्या समस्या है, बैंक में अकाउंट खुलवा लो.
लड़का: बैंक में गया था लेकिन वो ड्राइविंग लइसेंस मांग रहे थे.
इस उदहारण में कुछ भी गलत नहीं है और इसका कोई भी हल भी नहीं है और यही परिस्थिति Catch – 22 कहलाती है.
दरअसल Catch – 22 एक उपन्यास है जिसे एक अमेरिकी लेखक जोसफ हेलर ने लिखा था. उन्होंने यह उपन्यास 1953 में लिखना शुरू किया था और 1961 में यह पब्लिश हुआ था. यह उपन्यास बीसवीं सदी के अच्छे उपन्यासों में शामिल है.
आइये Catch – 22 के कुछ और उदाहरण देखें, ये वास्तविक भी हैं और इन उदाहरणों को पढ़कर आपको हंसी भी आएगी, लेकिन ये गंभीर भी हैं.

और
अनुभव के लिए नौकरी चाहिए.
है न अद्भुत. अब आप ही बताइये इस परिस्थिति का क्या हल है?
इस नियम का यही नियम है की अगर नियम मानते हो तो कोई हल नहीं है, और अगर हल निकालने की कोशिश करते हो तो नियम टूट जाता है.
यह एक सजीव उदाहरण है, जब तक आपके पास पैसा है तब तक बैंक वाले लोन और क्रेडिट कार्ड लिए आपके पीछे घूमेंगे, और अगर आपके पास जॉब नहीं है और पैसे की जरूरत है तो न तो आपका लोन अप्रूव होगा और न ही क्रेडिट कार्ड अप्रूव होगा. और अगर पैसे की कमी से कभी लोन या क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भर पाए तो समझ लीजिये बैंक वाले आपसे लोन वसूलने के लिए पीछे ही पड़ जाएंगे.
अरे भाई अगर पैसे ही होते तो लोन या बिल सही समय पर नहीं चुका देते.

स्कूल में टीचर छात्र से:-
टीचर : होम वर्क क्यों नहीं किया ??
छात्र : सर बिजली नहीं थी।
टीचर : तो ममोमबत्ती जला लेते।
छात्र : सर माचिस नहीं थी।
टीचर : माचिस क्यों नहीं थी?
छात्र : पूजा घर में रखी थी।
टीचर : तो वहां से ले आते।
छात्र : नहाया हुआ नहीं था।
टीचर : नहाया क्यों नहीं था ?
छात्र : पानी नहीं था।
टीचर : पानी क्यों नहीं था ?
छात्र : मोटर नहीं चल रही थी।
टीचर : तो, मोटर क्यों नहीं चल रही थी ?
छात्र : सर यही तो पहले बताया था की लाइट नहीं थी।
अब आपको समझ आ गया होगा की ये सिर्फ जोक ही नहीं हैं बल्कि Catch 22 के नियम हैं जो असंभव कंडीशन को फॉलो करते हैं.
Read More about Catch 22: https://en.wikipedia.org/wiki/Catch-22_(logic)