Author: Surendra Rajput

  • मैं मुलायम सिंह यादव – चरखा दांव के खिलाडी की मूवी का टीजर लांच

    मैं मुलायम सिंह यादव – चरखा दांव के खिलाडी की मूवी का टीजर लांच

    जिन्दा कौमें पांच साल तक इन्तजार नहीं करतीं ” मुलायम सिंह यादव के गुरु डॉ. राम मनोहर लोहिया का यह वाक्य उनका जीवन मंत्र बन गया.

    इस मूल मन्त्र के चलते मुलायम सिंह देश के सबसे बड़े राजनीतिक नेताओं में से एक बने.

    मुलायम सिंह यादव, इटावा जिले के एक छोटे से गाँव सैफई में एक किसान के घर पैदा हुए और देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च नेता बनने के लिए मुश्किल परिस्थियों को कैसे अपने अनुकूल बनाया। एक बहुत ही गरीब पृष्ठभूमि से होने के कारण उनके पिता चाहते थे कि वह एक पहलवान बनें, लेकिन उन्हें कुछ बड़ा ही करना था।

    कुश्ती प्रतियोगिता में एक स्थानीय राजनीतिक नेता नाथूराम की नजर इस युवा लड़के पर पड़ी जब उसने अपने से आकर में दोगुने शरीर वाले पहलवानों को पटक दिया.

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    नाथूराम ने इस मजबूत इरादों वाले लड़के को देखा और उसे राजनीति में प्रवेश करने का पहला मौका दिया। नाथूराम ने करहल में एक अंग्रेजी शिक्षक के रूप में नौकरी करने में भी उनकी मदद की लेकिन उनका मुख्य ध्यान राजनीति ही रहा।

    यह उसकी किस्मत है कि उस समय के देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक डॉ. राम मनोहर लोहिया का उन्हें साथ मिला. किसानो, अल्पसंख्यकों और अन्य सामाजिक न्याय के मुद्दों की समानता के प्रति लोहिया के दृढ़ विश्वास ने मुलायम सिंह यादव को काफी प्रभावित किया.

    जिन्होंने उनके बाद के राजनीतिक कैरियर को एक दिशा प्रदान की. लोहिया के जीवन में आने के बाद भारत के पूर्व प्रधान मंत्री चौधरी चरण सिंह, जिनसे उन्होंने राजनीति की बारीकियां सीखीं

    और इसके बाद धीरे – धीरे मुलायम सिंह यादव यूपी की राजनीति में एक बड़ा नाम बन गए, वे चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक उत्तराधिकारी भी माने जाते थे. नाथूराम, राम मनोहर लोहिया और चौधरी चरण सिंह 3 ऐसे स्तंभ थे जिन्होंने मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक जीवन को तैयार किया और उन्हें आकार दिया.

    एक प्राथमिक विद्यालय में एक अंग्रेजी शिक्षक से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक, यह एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा है जो आपातकाल के समय 19 महीने तक जेल में रहा था. यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसे उस दिन गोली मार दी गई थी जब उसने अपना पहला चुनाव जीता था.

    यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने कुश्ती और दिग्गजों के बीच अपना रास्ता खुद बनाया. मुलायम सिंह यादव ने अपने पहलवानी के “चरखा दांव” जब राजनीति में चलाये तो अच्छे – अच्छे राजनीतिज्ञ धराशाही हो गए.

    जब पूंजीवाद और नौकरशाही राजनीति के मुख्य स्तंभ थे, तो उन्होंने आकर राजनितिक परिदृश्य बदला. उन्होंने गरीब पिछड़ों और किसानो की राजनीति शुरू की, और विकास की सड़के और पुलों से गाँवों को जोड़ दिया. यहीं से उन्होंने बड़े राजनीतिक दलों और बड़े नामों के खेल को बदल दिया.

    आलोचनाओं से परे यह एक गरीब किसान पुत्र की प्रेरक कहानी है जो राज्य ही नहीं बल्कि देश के सर्वोच्च नेताओं में शुमार हो गया.

    https://www.youtube.com/watch?v=ElNlKVmnTG0

  • कोरोना: सोशल डिस्टेंसिंग क्या है और क्यों है ज़रूरी? ये हैं लक्षण और बचाव

    कोरोना: सोशल डिस्टेंसिंग क्या है और क्यों है ज़रूरी? ये हैं लक्षण और बचाव

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के मकसद से सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर एडवाइज़री जारी की है.

    सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब होता है एक-दूसरे से दूर रहना ताकि संक्रमण के ख़तरे को कम किया जा सके.

    क्यों ज़रूरी है सोशल डिस्टेंसिंग?

    जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.

    कोरोना कैसे फैलता है?

    संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.

    ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

    कोरोना से कैसे बचें?

    इसी कारण कोरोना से बचने के लिए लोगों को एक जगह पर अधिक लोग इकट्ठा न होने देने, एक दूसरे से दूरी बनाए रख कर बात करने या फिर हाथ न मिलाने के लिए कहा जा रहा है.

    भारत सरकार द्वारा जारी सोशल डिसटेंसिंग एडवायज़री के अनुसार जहां-जहां अधिक लोगों के एक दूसरे के संपर्क में आने की संभावना है उस पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिए हैं.



    • सभी शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल, विश्वविद्यालय आदि), जिम, म्यूज़ियम, सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्रों, स्विमिंग पूल और थिएटरों को बंद रखने की सलाह दी है. छात्रों को घरों में रहने की सलाह दी गई और उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई करने को कहा गया है.
    • सरकार ने कहा है कि परीक्षाओं को स्थगित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल चल रही परीक्षाएं ये सुनिश्चित करके करवाई जाएं कि छात्रों के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी हो.
    • प्राइवेट क्षेत्र के संस्थान से कहा गया है कि हो सके तो अपने कर्मचारियों से घर से काम करवाएं.
    • संभव हो तो मिटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए करने पर ज़ोर दिया गया है. बहुत ज़रूरी ना हो तो बड़ी बैठकों को स्थगित करने या उनमें लोगों की संख्या को कम करने की बात की गई है.
    • रेस्त्रां को सलाह दी गई है कि वो हैंडवॉश प्रोटोकॉल का पालन करवाएं और जिन जगहों को लोग बार-बार छूते हैं उन्हें ठीक से साफ करते रहें. टेबल के बीच में कम से कम एक मीटर की दूरी रखें.
    • जो शादियां पहले से तय हैं, उनमें कम लोगों को बुलाया जाए और सभी तरह के गैर-ज़रूरी सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया जाए.
    • एक दूसरे से हाथ मिलाने और गले लगने से बचना चाहिए.
    • किसी भी तरह की गैर – ज़रूरी यात्रा ना करें और बस, ट्रेन, हवाई जहाज़ में यात्रा करते वक्त लोगों से दूरी बनाए रखना ज़रूरी है.
    • कमर्शियल एक्टिविटीज़ में लगे लोग ग्राहकों के साथ एक मीटर की दूरी बनाए रखें. साथ ही प्रशासन बाज़ारों में भीड़ कम करने के लिए कदम उठाएं.
    • सभी अस्पतालों को कोविड-19 से जुड़े ज़रूरी प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए. साथ ही परिवार, दोस्तों, बच्चों को अस्पताल में मरीज़ों के पास जाने न दें.
    • ऑनलाइन ऑडरिंग सर्विस में काम करने वालों को ख़ास तौर पर अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.



    कोरोना वायरस से पीड़ित होने के ये हैं लक्षण और बचाव

    कोरोना वायरस कोविड 19 क्या है और यह कैसे फैलता है? इससे बचने के लिए आप नियमित रूप से और अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोएं.

    कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

    इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है. इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है. बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है.

    वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पाँच दिन लगते हैं. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों में इसके लक्षण बहुत बाद में भी देखने को मिल सकते हैं.

    लक्षण कितने दिन में दिखते हैं?

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है. हालांकि कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि ये समय 24 दिनों तक का भी हो सकता है.

    कोरोना वायरस उन लोगों के शरीर से अधिक फैलता है जिनमें इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं. लेकिन कई जानकार मानते हैं कि व्यक्ति को बीमार करने से पहले भी ये वायरस फैल सकता है.

    बीमारी के शुरुआती लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे ही होते हैं जिससे कोई आसानी से भ्रमित हो सकता है.


    कितना घातक है कोरोना वायरस?

    कोरोना वायरस के संक्रमण के आँकड़ों की तुलना में मरने वालों की संख्या को देखा जाए तो ये बेहद कम हैं. हालांकि इन आंकड़ों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन आंकड़ों की मानें तो संक्रमण होने पर मृत्यु की दर केवल एक से दो फ़ीसदी हो सकती है.

    फ़िलहाल कई देशों में इससे संक्रमित हज़ारों लोगों का इलाज चल रहा है और मरने वालों का आँकड़ा बढ़ भी सकता है.

    कोरोना के आंकड़े

    56,000 संक्रमित लोगों के बारे में एकत्र की गई जानकारी आधारित विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक अध्ययन बताता है कि –

    6 फ़ीसदी लोग इस वायरस के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए. इनमें फेफड़े फेल होना, सेप्टिक शॉक, ऑर्गन फेल होना और मौत का जोखिम था.
    14 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के गंभीर लक्षण देखे गए. इनमें सांस लेने में दिक्क़त और जल्दी-जल्दी सांस लेने जैसी समस्या हुई.
    80 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के मामूली लक्षण देखे गए, जैसे बुखार और खांसी. कइयों में इसके कारण निमोनिया भी देखा गया.

    कोरोना से किसको है ज्यादा खतरा?

    कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बूढ़ों और पहले से ही सांस की बीमारी (अस्थमा) से परेशान लोगों, मधुमेह और हृदय रोग जैसी परेशानियों का सामना करने वालों के गंभीर रूप से बीमार होने की आशंका अधिक होती है.

    कोरोना वायरस का इलाज इस बात पर आधारित होता है कि मरीज़ के शरीर को सांस लेने में मदद की जाए और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए ताकि व्यक्ति का शरीर ख़ुद वायरस से लड़ने में सक्षम हो जाए.

    क्या कोरोना की वैक्सीन बन गयी है?

    कोरोना वायरस का टीका बनाने का काम अभी चल रहा है.

    अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो आपको कुछ दिनों के लिए ख़ुद को दूसरों से दूर रहने की सलाह दी जा सकती है.

    पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने कहा है कि जिन्हें लगता है कि वो संक्रमित हैं वो डॉक्टर, फार्मेसी या अस्पताल जाने से बचें और अपने इलाक़े में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी से फ़ोन पर या ऑनलाइन जानकारी लें.

    विदेश से लौटने वाले क्या करें?

    जो लोग दूसरे देशों की यात्रा कर के यूके लौटे हैं उन्हें सलाह दी गई है कि वो कुछ दिनों के लिए ख़ुद को दूसरों से अलग कर लें.

    दूसरे देशों ने भी इस वायरस से बचने के लिए अपने अपने देशों में स्कूल कॉलेज बंद करने और सर्वजनिक सभाएं रद्द करने जैसे क़दम उठाएं हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी लोगों के लिए एहतियात बरतने के तरीक़ों के बारे में जानकारी जारी की है.

    संक्रमण के लक्षण दिखने पर व्यक्ति को अपने स्थानीय स्वास्थ्य सेवा अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क करना चाहिए. जो लोग बीते दिनों कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं उनकी जांच की जाएगी.

    अस्पताल पहुंचने वाले सभी मरीज़ जिनमें फ्लू (सर्दी ज़ुकाम और सांस लेने में तकलीफ) के लक्षण हैं, स्वास्थ्य सेवा अधिकारी उनका परीक्षण करेंगे.

    परीक्षण के नतीजे आने तक आपको इंतज़ार करने और दूसरों से खुद को दूर रखने के लिए कहा जाएगा.


    कितनी तेज़ी से फैल रहा है कोरोना वायरस?

    रोज़ दुनिया भर में कोरोना वायरस के सैंकड़ों मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन ये भी माना जा रहा है कि अब भी कई मामले स्वास्थ्य एजेंसियों की नज़र से बच गए होंगे.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 123 देशों में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 596,350 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इसके कारण अब तक 27,343 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

    इस वायरस के संक्रमण के सबसे अधिक मामले चीन, इटली, ईरान और कोरिया में सामने आए हैं.

    Source: https://www.bbc.com/hindi/international-51863689
    https://www.bbc.com/hindi/india-51955829

  • कोरोना को क्यों रोना – घर बैठे बिना यात्रा किये  ये 13 वर्चुअल डेस्टिनेशन देखें

    कोरोना को क्यों रोना – घर बैठे बिना यात्रा किये ये 13 वर्चुअल डेस्टिनेशन देखें

    कोरोना वायरस की वजह से ख़बरें और सोशल मीडिया इसकी न्यूज से भर गयी हैं. इस वायरस की वजह से लोगों ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाना कम कर दिया है. सरकार ने भी इसके लिए सुरक्षा के काफी इंतजाम किये हैं और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है.

    तो घर पर बैठ कर क्या करें?

    तो आइये हम लाये हैं दुनिया के 13 वर्चुअल ट्रेवल डेस्टिनेशंस जो आपको इस तनाव भरे माहौल से कुछ राहत प्रदान करेंगे और साथ ही आपकी जानकारी भी बढ़ाएंगी.

    1. Virtual Tour of the Grand Canyon

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    Image Credit: Choice Hotels

    आप एक पुरातत्व आभासी दौरे पर 360 डिग्री तस्वीरों के माध्यम से ग्रैंड कैन्यन देख सकते हैं, प्रसिद्ध फैंटम रैंच में पृथ्वी के बदलाव को देख सकते हैं, या राफ्टिंग यात्रा पर कोलोराडो नदी में तैर सकते हैं।
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    2. Llamas at Machu Picchu

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    Image Credit: Condé Nast Traveller India

    15 वीं शताब्दी में निर्मित माचू पिचू, पेरू के एंडीज पहाड़ों में स्थित है। यहाँ की यात्रा के पहाड़ी दृश्यों, लामा दर्शन और पुराने खंडहरों के अवशेष आपको आश्चर्यजनक रूप से अचंभित कर देंगे.
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    3. Sistine Chapel in Italy

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    Image Credit: World Atlas

    वेटिकन सिटी में अपोस्टोलिक पैलेस में स्थित, सिस्टिन चैपल एक प्रसिद्ध है दर्शनीय स्थल है जिसका इंटीरियर देखने लायक है. सामान्यतः द सिस्टिन चैपल में भीड़ होती है, और सभी कलाकृतियों को देखना मुश्किल हो सकता है।
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    4. Jerusalem

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    Image Credit: UVA Today – University of Virginia

    यरूशलेम तीन धर्मों का घर है: यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम। यरूशलेम का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है इजरायल का हौली सेपल्चर चर्च. इस धार्मिक स्थल के बारे में कहा जाता है कि यहाँ पर यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था, यहीं पर यीशु की खाली कब्र स्थित है.
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    5. White House of Washington DC

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    Image Credit: Encyclopedia Britannica

    वाशिंगटन, डीसी, की यात्रा करने का यह सही समय नहीं है, लेकिन आप अभी भी व्हाइट हाउस का वर्चुअल टूर कर सकते हैं. व्हाइट हाउस स्टाफ कार्यालय जहां वेस्ट विंग के बगल में स्थित आइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन स्थित है, एंट्रेंस हॉल, क्रॉस हॉल, ईस्ट रूम, ग्रीन रूम, ब्लू रूम, रेड रूम, स्टेट डाइनिंग रूम, वर्मील रूम, चाइना रूम, ईस्ट गार्डन रूम और बहुत कुछ देखने का अवसर है।
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    6. Guggenheim Museum in New York

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    Image Credit: befreetour

    न्यूयॉर्क शहर का सोलोमन आर. गुगेनहाइम संग्रहालय देश के फ्रैंक लॉयड राइट के आर्किटेक्चर में से सबसे आश्चर्यजनक है। इसके इंटीरियर में सफेद सर्पाकार रैंप पर नीचे से ऊपर चलते हुए आप इसका आनंद उठा सकते हैं.
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    7. Smithsonian National Museum in Washington DC

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    Image Credit: DCist

    स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री दुनिया में सबसे अधिक देखे जाने वाले संस्थानों में से एक है जहाँ पर १२५ मिलियन से ज्यादा कलाकृतियां उपस्थित हैं.
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    8. Statue of Liberty and Ellis Island in New York

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    Image Credit: Encyclopedia Britannica

    यदि आप कभी भी न्यूयॉर्क शहर में नहीं गए हैं, तो लिबर्टी द्वीप पर स्थित स्टैचू ऑफ़ लिबर्टी आप जरूर देखना पसंद करेंगे.
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    Interactive tour: http://teacher.scholastic.com/activities/immigration/tour/

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    9. The Louvre in Paris

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    Image Credit: A Paris Guide

    यह म्यूजियम दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम है. यहाँ पर 35000 से ज्यादा कलाकृतियां हैं जिसमें लियोनार्डो दा विंची की मोनालिसा (Mona Lisa) की कलाकृति भी है.
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    10. England’s British Museum

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    Image Credit: Smithsonian Magazine

    रोसेटा स्टोन, ग्रीक फूलदान, मिस्र की ममियां, ईस्टर आइलैंड की मूर्ति, एज़्टेक डबल हेडेड सर्प मूर्तिकला, और कई अन्य कलाकृतियाँ, इस ब्रिटिश संग्रहालय के सबसे लोकप्रिय आकर्षणों में से हैं.
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    11. Rijksmuseum Museum in Amsterdam

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    Image Credit: Fabrique

    यह म्यूजियम एम्स्टर्डम में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला म्यूजियम है. कला के इस नमूने को वर्चुअल देखने के लिए यहाँ क्लिक करें: Rijksmuseum Museum Virtual Tour

    Read: चार धाम यात्रा

    12. Great Wall of China

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    Image Credit: My Modern Met

    ग्रेट वॉल ऑफ चाइना जो दुनिया की सबसे लम्बी दिवार है, पहाड़ों, जंगलों, जलाशयों और रेगिस्तान में होती हुई 13,000 मील तक फैली है। इसे बनाने में कई राजवंशों को सैकड़ों साल लग गए.
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    और आखिर में एक मेरी तरफ से

    13. Qutub Minar, Delhi, India

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    Image Credit: Holidify

    क़ुतुब मीनार के बारे में कौन नहीं जनता. यह दिल्ली के महरौली में स्थित ईंट से बानी दुनिया की सबसे ऊंची मीनार है. इसकी ऊँचाई 72.5 मीटर और व्यास 14.3 मीटर है.
    तो आइये इसका भी वर्चुअल टूर कर ही लेते हैं.

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    With thanks, article translated in Hindi from Tripsavvy

  • फिल्म्स टुडे और नाना नानी फाउंडेशन के ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स ने सितारों को दिया सम्मान

    फिल्म्स टुडे और नाना नानी फाउंडेशन के ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स ने सितारों को दिया सम्मान

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    अमीषा पटेल, उदित नारायण, धीरज कुमार, प्रेम चोपड़ा और अन्य ने ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स प्राप्त किया.

    नाना नानी फाउंडेशन के संस्थापक श्याम सिंघानिया और फिल्म टुडे के संस्थापक और संपादक राजेश श्रीवास्तव ने पहले ड्रीम अचीवर्स अवार्ड्स में फ़िल्मी सितारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया. महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी अवार्ड फंक्शन में मुख्य अतिथि थे.

    Dream Achievers Awards

    जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त मेजर जनरल), बोलके जिंगुबाई (सामाजिक कार्यकर्ता), ऋचा चड्डा (अभिनेत्री), पद्मश्री डॉ. सोमा घोष (शास्त्रीय गायक), शाहिदा गांगुली (एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, एसीपी), दीपक गुप्ता (कवि), पाखी हेगड़े ( अभिनेत्री), धीरज कुमार (अध्यक्ष क्रिएटिव आई लिमिटेड), वासु मंथेना (सामाजिक कार्यकर्ता), उदित नारायण, अमिशा पटेल, सुमित्रा पाटिल (उप आयुक्त जीएसटी), राजू कारिया, प्रेम चोपड़ा, डा सामंत सामाजिक कार्यकर्ता चुंबन विश्वविद्यालय, सिन्धुताई सपकाल (सामाजिक कार्यकर्ता), ब्रह्मानंद सिंह (निदेशक), संग्राम सिंह (भारतीय पहलवान और अभिनेता), ज्योतिका तंगरी (गायक), राम शंकर (गायक), हेमंत टांटिया (संयुक्त आयुक्त कस्टम), स्नेहा शंकर (गायक), सुरेंद्र पाल और अन्य ने इस पुरस्कार में भाग लिया.

    Dream Achievers Awards

    नाना नानी फाउंडेशन एक पब्लिक चैरिटी ट्रस्ट है जो मुंबई में नाना नानी पार्क का देखभाल करती है और सीनियर सिटीजन का भी ख्याल रखती है. फिल्म्स टुडे मैगज़ीन ने भी इस साल दस वर्ष पूरे कर लिये हैं.

    गैलरी देखें:

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  • दवाई की पत्ती पर लाल लकीर का क्या मतलब होता है? बिना डॉक्टर की सलाह के लाल लकीर वाली दवाई की पत्ती से दवाइयां न खायें

    दवाई की पत्ती पर लाल लकीर का क्या मतलब होता है? बिना डॉक्टर की सलाह के लाल लकीर वाली दवाई की पत्ती से दवाइयां न खायें

    अक्सर यह कहा जाता है कि दवाइयां बिना डॉक्टर के सलाह के नहीं लेनी चाहिए. अगर आप बीमार हैं या फिर आपको कोई सेहत से जुड़ी दिक्कत है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और उन्हीं कि बताई हुई दवाइयों का सेवन करें. बावजूद इस चेतावनी के कई मरीज या उनके परिजन टीवी या सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख बिना डॉक्टर की सलाह के मनमानी दवाइयां ले लेते हैं, जिससे आगे चलकर घातक परिणाम हो सकते हैं. लोगों की इसी आदत को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट की है, जिसमें बताया गया है कि किन दवाइयों को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं खाना चाहिए.

    इस पोस्ट में बताया गया है ‘ज़िम्मेदार बनें और बिना डॉक्टर की सलाह के लाल लकीर वाली दवाई की पत्ती से दवाइयां न खायें. आप ज़िम्मेदार, तो दवाई असरदार.

    वहीं, पोस्ट में डाली गई तस्वीर पर लिखा हुआ है ‘क्या आप जानते हैं? जिन दवाइयों की पत्ती पर लाल लकीर होती है उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना कभी नहीं लेना चाहिए. कुछ दवाइयों जैसे कि एंटीबायोटिक्स की पत्ती पर एक खड़ी लाल लकीर होती है. इसका अर्थ यह होता है कि इन दवाइयों को केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए. हमेशा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाई का पूरा कोर्स लें.’

    साथ ही आपको बता दें कि लाल लकीर वाली दवाइयों को मेडिकल स्टोर वाले भी बिना डॉक्टर की रिसिप्ट या रसीद के बेच नहीं सकते.

    तो आप अगली बार लाल लकीर वाली दवाइयों को बिना डॉक्टर के सलाह के ना लें. साथ ही, दूसरों को इस बात की जानकारी देकर जागरूक करें.

    Source: https://khabar.ndtv.com/news/lifestyle/medicine-with-red-line-on-the-strip-should-never-be-consumed-without-doctor-prescription-2120766

  • गुमनाम शायर – सुभान सैफी

    गुमनाम शायर – सुभान सैफी

    गुमनाम शायर – सुभान सैफी
    वैसे तो एक रेस्टॉरेंट के मालिक हैं और खाना बनाने में उनके हाथ का जादू चलता है.
    लेकिन उनकी शायरी के चर्चे भी आम हैं.

    देखें और पसंद करें:

  • दुनिया की पहली रोबोट नागरिक सोफिया भारत आई, बोली- मेरे अंदर भी भावनाएं हैं

    दुनिया की पहली रोबोट नागरिक सोफिया भारत आई, बोली- मेरे अंदर भी भावनाएं हैं

    इंदौरः इंदौर की एमराल्ड इंटरनेशनल स्कूल में चल रही 51 वीं राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शुक्रवार को विश्व की पहली रोबोट नागरिक सोफिया के साथ बातचीत का एक सेशन रखा गया था. फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से विश्व के प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की. सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है. सोफिया के अनुसार वह क्लाइमेट चेंज को लेकर सोशल मीडिया से भी जानकारी लेती रहती है.

    Sophia First Humanoid Robot Citizen in India

    सोफिया से पूछा गया की क्या वो क्लाइमेट चेंज को लेकर जागरूक हैं, तो सोफिया का कहना था कि वह ना सिर्फ इस मुद्दे पर जागरूक है बल्कि वो विश्व में जहां भी जाती है लोगों को जागरूक करने का प्रयास करती है.

     

    क्लाइमेट चेंज पर सोफिया ने कहा कि विश्व के सभी देशों की सरकारों को अपनी नीति और आइडियाज में दोनों में बदलाव लाने की आवश्यकता है. इंदौर में चल रही राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में रोबोट सोफिया के साथ एक सेशन रखा गया था, जिसमें फिल्म मेकर उत्तरा सिंह ने सोफिया से दुनिया में चल रहे प्रमुख मुद्दों पर बात की और सोफिया ने बड़ी ही संजीदगी के साथ इन सभी सवालों के जवाब भी दिए.

     

    वीडियो देखें:

    https://www.youtube.com/watch?v=el1Me3YF99w

     

    जब उत्तरा सिंह ने सोफिया से पूछा कि क्या उनमें फीलिंग्स हैं, तो सोफिया नाराज हो गई और उत्तरा से कहा की आप मेरी फिलिंग को हर्ट कर रही हैं. मेरी अंदर भी भावनाएं हैं. सोफिया से पूछा गया कि क्लाइमेंट चेंज के लिए सरकारों को अपनी नीति या आइडियाज में से किसे बदलना चाहिए तो सोफिया का कहना था की सरकारों को दोनों में बदलाव की आवश्यकता है क्योंकि दोनों ही एक दूसरे पर प्रभाव डालते है.

     

    वीडियो देखें:

     

    सोफिया से जब कहा गया की भारतीय लोग डांस काफी पसंद करते हैं, तो सोफिया ने बोला कि डांस तो मुझे भी पसंद है, लेकिन रोबोटिक. कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग देशों से आए बच्चों ने भी सोफिया से कई सवाल किए, जिसके सोफिया ने जवाब दिए. कॉन्फ्रेंस के इस सेशन का छात्रों के साथ उनके शिक्षकों ने भी खूब आनंद लिया.

     

    ये वीडियो भी देखें:

     

    Source: https://zeenews.india.com/hindi/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/sofia-worlds-first-robotic-citizen-arrived-in-indore-and-attended-international-conference-said-i-also-have-feelings/581484

  • भारत के 7 ऐसे रहस्य, जो अब भी हैं अनसुलझे, किसी के पास नहीं है कोई जवाब

    भारत के 7 ऐसे रहस्य, जो अब भी हैं अनसुलझे, किसी के पास नहीं है कोई जवाब

    यूएफओ(UFO) या एलियन(Aliens) से जुड़ी खबरें तो आपने कई बार पढ़ी होंगी। लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसी घटनाएं और बातें दुनियाभर में हुई हैं, जिनको लेकर काफी रहस्य बना। कुछ ऐसी रहस्यमय जगहें भी दुनिया में हैं जिनकी खासियतों के बारे में साइंस के पास भी कोई जवाब नहीं है है। आज हम आपको भारत की ऐसी ही कुछ रहस्यमय जगहें और घटनाओं के बारे में बता रहे हैं। इनको लेकर अब तक सवाल बने हुए हैं… 

    Image Credits: The Daily Beast
    1. जोधपुर के आकाश में तेज धमाका

    18 दिसंबर, 2012 को जोधपुर के आकाश में एक अनोखी घटना घटी। जोधपुर(Jodhpur) के आकाश में एयरप्लेन क्रैश होने जैसी आवाज सुनाई दी। ऐसे लग रहा था जैसे कि कोई भयानक विस्फोट हुआ हो। लोग इस तेज आवाज से काफी परेशान हो गए थे। 

    बाद में यह साफ हो गया कि उस समय जोधपुर के आकाश में कोई प्लेन उड़ नहीं रहा था और न ही कोई विस्फोट हुआ था। जोधपुर में हुई घटना की चर्चा भारत के बाहर भी कई देशों में हुई थी।

    Image Credits: Quora
    1. सम्राट अशोक की 9 रहस्यमय लोगों की सोसाइटी

    इतिहास की रहस्यमय बातों में सम्राट अशोक की 9 लोगों की एक सोसायटी भी है। इसे The Nine Unknown के नाम से भी जाना जाता है।

    सम्राट अशोक ने 273 ई.पू. में इस कथित शक्तिशाली लोगों की सोसाइटी की नींव रखी थी। इस सोसाइटी का निर्माण कलिंग के युद्ध में एक लाख से अधिक लोगों की मौत के बाद हुआ था।

    कहा जाता है कि इन 9 लोगों के पास ऐसी सूचनाएं थीं, जो गलत हाथों में जाने पर खतरनाक हो सकती थीं। इनमें प्रोपेगंडा सहित माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित किताबें थी। कुछ किताबों के बारे में कहा जाता है कि इनमें एंटी ग्रेविटी और टाइम ट्रैवल के गुप्त सिद्धांत दर्ज थे। ये 9 लोग विश्व के कई स्थानों में फैले थे। सबसे आश्चर्य की बात है कि इनमें से कई विदेशी भी थे।

    Image Credits: Malayala Manorama
    1. लद्दाख का द कोंग्का ला दर्रा

    लद्दाख का द कोंग्का ला दर्रा दुनिया के उन इलाकों में है, जिसके बारे में बहुत कम जानकारी मिल पाई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है- हिमालय का यह क्षेत्र बर्फीला और दुर्गम है। 

    स्थानीय लोगों और यात्रियों का दावा है कि यहां यूएफओ का दिखाई देना आम बात है। इन बातों को पहले अधिक महत्व नहीं दिया गया लेकिन जून 2006 में गूगल के सेटेलाइट से ली गई फोटो भी सामने आई जिसने लोगों को चौंका दिया।

    यह भारत और चीन की सीमा पर स्थित है। यह क्षेत्र दोनों देशों के बीच सैन्य-विवाद का विषय बन चुका है। यह नो-मैन्स लैंड घोषित है। दोनों देश इस पर नजर रखते हैं लेकिन कोई भी देश इस क्षेत्र में पेट्रॉलिंग नहीं करता है।

    Image Credits: Daily Express
    1. महिला का पुनर्जन्म

    शांति देवी का जन्म 1930 में एक खुशहाल परिवार में दिल्ली में हुआ था। हालांकि, वह ज्यादा समय तक खुश नहीं रह सकी। जब वह चार साल की थी, तब से जिद्द करने लगी कि उसके माता-पिता कोई और हैं।

    शांति देवी ने दावा किया कि एक बच्चे को जन्म देते समय उसकी मौत हो गई थी और अपने पति तथा परिवारजनों के बारे में काफी जानकारियां दी थी। शांति देवी के पिता ने उसके दावों के बारे में जब पता किया तो वे सारे सच निकले।

    एक महिला का नाम लुडगी देवी था और बच्चे को जन्म देते समय उसकी मौत हो गई थी। परिवार के लोगों को सबसे अधिक आश्चर्य तब हुआ जब शांति देवी ने समय और शहर का नाम एकदम सटीक बताया। जब वह अपने पूर्वजन्म के पति से मिली तो उसने उसे पहचान लिया और अपने बच्चे को मां की तरह प्यार करने लगी।

    Image Credits: Tripshelf
    1. मैग्नेटिक हिल (Magnetic Hill, Himalaya, Ladakh)

    हिमालय के लद्दाख (Ladakh) में आश्चर्यचकित करने वाली एक पहाड़ी है। कहा जाता है कि इस पहाड़ी में चुंबकीय गुण है।

    अगर आप अपनी कार को न्यूट्रल करके इस सड़क पर खड़ा कर दें तो यह पहाड़ी पर 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नीचे की ओर चलने लगती है।

    गाइड के अनुसार यह एक सुपरनेचुरल घटना है और इसे स्थानीय लोग हिमालयन वंडर कहते हैं।

    Image Credits: Quora
    1. ‘शापित गांव’ कुलधरा

    राजस्थान के जैसलमेर(Jaisalmer) जिले में स्थित है कुलधरा गांव। 500 वर्ष पहले कुलधरा गांव में 1,500 परिवार रहा करते थे।

    एक रात वे सभी गायब हो गए। लेकिन न तो इनके मारे जाने और न ही अपहरण होने की कोई जानकारी सामने आई। इस घटना के पीछे क्या कारण था, इसका पता आज तक नहीं लग सका।

    लोग इस बारे में कई तरह के किस्से-कहानियां सुनाते हैं। पुरानी किंवदंती के अनुसार कुछ लोगों ने इस गांव पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश की थी। यह गांव आज भी वीरान पड़ा है।

    Image Credits: Times of India
    1. जुड़वां बच्चों का गांव (Village of Twins)

    केरल का कोडिन्ही एक रहस्यमय गांव है। यहां जुड़वां बच्चों का जन्म होना आम बात है। इस गांव में लगभग 2,000 परिवार रहते हैं। कुछ साल पहले के सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां 250 जुड़वां बच्चे हैं। जबकि स्थानीय डॉक्टरों के मुताबिक यह संख्या असल में 350 तक हो सकती है।

    प्रति वर्ष जुड़वां बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसके पीछे क्या कारण हैं, अभी तक कोई नहीं जान सका है। एक अनुमान के अनुसार, आमतौर पर भारत में प्रति 1000 बच्चों में 4 जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं। लेकिन कोडिन्ही में 1000 पर यह आंकड़ा काफी अधिक हो जाता है।

    द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 2004 से 2009 के बीच यहां 120 जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ।

    Read: दुनिया के 6 रहस्य जिनके जवाब नहीं ढूंढ पाया विज्ञान

    Source: https://www.msn.com/hi-in/news/india/भारत-के-7-ऐसे-रहस्य-जो-अब-भी-हैं-अनसुलझे-किसी-के-पास-नहीं-है-कोई-जवाब/ss-AAFXq39?ocid=en-exp

  • घर में अक्सर महिलाओं से हो जाती हैं पैसे से जुड़ी ये 7 गलतियां

    घर में अक्सर महिलाओं से हो जाती हैं पैसे से जुड़ी ये 7 गलतियां

    अक्सर महिलाओं की ये समस्या होती है कि घर का खर्च ज्यादा हो रहा है और पैसों से जुड़ी बचत नहीं हो पा रही है। यहां निवेश (Investment) और बचत (Savings) की नहीं खर्च की बात हो रही है। घरों में आजकल की व्यस्त लाइफस्टाइल कुछ ऐसी हो गई है कि लोगों को ये समझ ही नहीं आता कि उनका इतना खर्च आखिर कैसे बढ़ गया है। ये सब कुछ पैसे से जुड़ी कुछ गलतियों के कारण होता है।
    Wealth Aware कंपनी की संस्थापक और एमडी तन्वी केजरीवाल गोयल हमें एक्सपर्ट फाइनेंशियल सलाह दे रही हैं। तन्वी जी के अनुसार अक्सर लोग पैसे से जुड़ी ये 7 गलतियां कर बैठते हैं। इसकी वजह से घर का बजट बनाने में भी मुश्किल होती है।

    1. पैसे के बारे में बात नहीं करना-

    आम तौर पर यही देखा जाता है कि पति और पत्नी एक दूसरे से इसके बारे में बात नहीं करते। पत्नी घर संभाल रही हो या फिर बाहर काम कर रही हो तो भी इसके बारे में बातें नहीं की जातीं। बच्चे अगर पढ़ने की उम्र में हैं या टीनएज हो गए हैं तो उन्हें भी अक्सर घर पर ये नहीं बताया जाता है कि निवेश और बचत की जरूरत क्या है। हफ्ते में कम से कम एक बार सभी को बैठकर घर और पैसे के खर्च से जुड़ी बातें करनी चाहिए। इससे वो खर्च भी सामने आ जाता है जिसका शायद अंदाजा भी नहीं होता। ये घर का बजट बनाने में भी मददगार साबित हो सकता है।

    2. पहले खर्च फिर जो बचा वो निवेश-

    हमारी भारतीय संस्कृति में एक आम कहावत है कि , ‘जितनी चादर है उतना ही पैर पसारो’। ये बहुत अच्छा कथन है, लेकिन इसे हमें थोड़ा सा बदलना होगा क्योंकि हम हमेशा जितना खर्च है उतना कर लो और उसके बाद जो बचा वो बचत। इससे समस्या ये होती है कि जरूरत से अधिक खर्च भी हो जाता है और बचत कम रह जाती है। इसे थोड़ा सा बदलने की जरूरत है और कमाई के बाद एक निश्चित बचत और उसके बाद जितना बचा उसे खर्च करना चाहिए। ये बजट आसानी से बन सकता है कि महीने में कितनी बचत की जा सकती है।

    Read: What is Credit Score?

    3. बचत और निवेश का अंतर न समझना-

    मान लीजिए आप हर महीने की आय में से कुछ पैसे बचा लेते हैं, लेकिन क्या इन पैसों को बचाने से सिर्फ काम हो जाता है? जी नहीं, बचत और निवेश में काफी अंतर है जिसे समझने की जरूरत है। पैसे ड्रॉअर में पड़े रहें या फिर वो बैंक के सेविंग्स अकाउंट में रखा है तो उससे हमारे भविष्य के लिए कोई फायदा हो रहा है? बिलकुल नहीं। तन्वी जी का कहना है कि उनके पास बहुत से लोग आते हैं और वो यहीं मात खा जाते हैं। उन्हें निवेश इस बारे में सोचकर करना चाहिए कि भविष्य में ये कितना रिटर्न देगा।

    4. अपनी बचत और निवेश को ऑटोमैटिक मोड पर नहीं डालना-

    बैंक की RD या FD जिसका ऑटोमैटिक पैसा कटता है वो ज्यादा सही है। भले ही बचत और निवेश का कोई भी मोड हो पैसा ऑटोमैटिक हर महीने कटना चाहिए। कारण ये है कि अगर बचत हर वक्त नहीं होगी तो हम उस कमाई को खर्च करने के लिए उत्सुक रहेंगे। अकाउंट में या जेब में ज्यादा पैसा होने का मतलब है कि उसे खर्च करने का लालच भी बढ़ जाएगा। अगर सैलरी आते ही एक अच्छे फाइनेंशियल एक्सपर्ट की मदद से पैसे निवेश कर देंगे तो हमारा भविष्य सुरक्षित होगा।

    5. अपने पैसे को अलग-अलग जगह न निवेश करना-

    पैसा है आपके पास तो क्या हर बार वो एक ही तरह से निवेश किया जाएगा? कई लोग सिर्फ FD बनाते रहते हैं, कुछ को पोस्ट ऑफिस की NSC अच्छी लगती है, लेकिन इसका सीधा सा मतलब ये होता है कि पैसे के साथ कोई एक्सपेरिमेंट नहीं किया जाता। कारण ये है कि अगर एक ही तरह से पैसा निवेश होगा तो खतरे की स्थिति में एक ही साथ उसके खर्च होने या फिर डूब जाने की गुंजाइश भी होती है।

    6. फाइनेंशियल भाषा से डरना और इसके कारण रिस्क न लेना-

    इंसान का दिमाग जो चीज़ समझ नहीं पाता वो उससे हमेशा डरता रहता है और ये बहुत आम घटना है कि लोग खुद को फाइनेंशियल भाषा सिखा नहीं पाते। ऐसे में उन्हें जानकारी न के बराबर रहती है। होता ये है कि ऐसी स्थिति में निवेश के समय हम बहुत ज्यादा सोच विचार में लग जाते हैं और कई बार डर के कारण रिस्क नहीं ले पाते। इससे बाद में नुकसान होने की गुंजाइश है।

    7. कर्ज को न समझना-

    बहुत से लोगों के पास होम लोन होता है, कार का लोन होता है, क्रेडिट कार्ड से खर्च होता है। अर्थव्यवस्था में कर्ज की दरें लगातार बढ़ती और घटती रहती है। ऐसे में हमारे कर्ज पर भी असर पड़ता है। किसी भी तरह के लोन को हमेशा फाइनेंशियल एक्सपर्ट से हर साल रिव्यू करवाना चाहिए। क्या पता ब्याज की दर इससे कम हो सके। इसी तरह से क्रेडिट कार्ड सबसे महंगा तरीका है ऐसे में कई बार वो बहुत महंगा पड़ जाता है। कोशिश करें कि हर वक्त क्रेडिट कार्ड निकालने से बचें।

    Source: https://www.msn.com/hi-in/money/topstories/expert-advice-घर-में-अक्सर-महिलाओं-से-हो-जाती-हैं-पैसे-से-जुड़ी-ये-7-गलतियां/ar-AAG66OA?ocid=en-exp

  • लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 – मोदी लहर में भाजपा मस्त विपक्ष हुआ पस्त

    लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 – मोदी लहर में भाजपा मस्त विपक्ष हुआ पस्त

    भाजपा+: 350

     

    कांग्रेस+: 83

     

    महागठबंधन: 15

     

    अन्य: 94




    लोकसभा चुनाव के नतीजे Lok Sabha Election 2019 Results:

    Status For 542 out of 542 Constituencies
    Party Won Leading Total
    Aam Aadmi Party 1 0 1
    AJSU Party 1 0 1
    All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam 1 0 1
    All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen 2 0 2
    All India Trinamool Congress 20 2 22
    All India United Democratic Front 1 0 1
    Bahujan Samaj Party 9 1 10
    Bharatiya Janata Party 294 9 303
    Biju Janata Dal 4 8 12
    Communist Party of India 2 0 2
    Communist Party of India (Marxist) 3 0 3
    Dravida Munnetra Kazhagam 23 0 23
    Indian National Congress 52 0 52
    Indian Union Muslim League 3 0 3
    Jammu & Kashmir National Conference 2 1 3
    Janata Dal (Secular) 1 0 1
    Janata Dal (United) 16 0 16
    Jharkhand Mukti Morcha 1 0 1
    Kerala Congress (M) 1 0 1
    Lok Jan Shakti Party 6 0 6
    Mizo National Front 1 0 1
    Naga Peoples Front 1 0 1
    National People’s Party 1 0 1
    Nationalist Congress Party 5 0 5
    Nationalist Democratic Progressive Party 1 0 1
    Revolutionary Socialist Party 1 0 1
    Samajwadi Party 5 0 5
    Shiromani Akali Dal 2 0 2
    Shivsena 18 0 18
    Sikkim Krantikari Morcha 1 0 1
    Telangana Rashtra Samithi 9 0 9
    Telugu Desam 3 0 3
    Yuvajana Sramika Rythu Congress Party 21 1 22
    Other 8 0 8

    रामपुर से सपा के उम्मीदवार आजम खान आगे

    मैनपुरी से मुलायम सिंह आगे
    आजमगढ़ से अखिलेश यादव आगे
    कन्नौज से डिंपल यादव आगे
    गोरखपुर से रविकिशन आगे
    लखनऊ से राजनाथ सिंह आगे
    मथुरा से हेमा मालिनी आगे
    उन्नाव से साक्षी महाराज आगे
    बरेली से संतोष गंगवार आगे
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी आगे
    कैसरगंज से बीजेपी के बृजभूषण शरण सिंह आगे
    सुल्तानपुर से बीजेपी की मेनका गांधी आगे
    बाराबंकी से बीजेपी के उपेंद्र रावत आगे
    मिर्जापुर से अपना दल की अनुप्रिया पटेल आगे
    बुलंदशहर में बीजेपी के भोला सिंह आगे
    फतेहपुर सीकरी से बीजेपी के राजकुमार चाहर आगे
    मछलीशहर से बीजेपी के वीपी सरोज आगे
    फतेहपुर से बीजेपी की निरंजन ज्योति आगे
    जौनपुर सीट से गठबंधन के श्याम सिंह यादव आगे
    आंवला से बीएसपी की रुचि वीरा आगे
    रायबरेली से सोनिया गांधी आगे
    लालगंज से बीएसपी की संगीता आजाद आगे
    मुरादाबाद से सपा के एसटी हसन आगेएटा सीट पर बीजेपी के राजवीर सिंह आगे
    कन्नौज से डिंपल यादव आगे
    फिरोजाबाद से शिवपाल सिंह यादव आगे
    गौतमबुद्ध नगर से भाजपा के महेश शर्मा आगे
    मथुरा से हेमा मालिनी आगे
    गाजियाबाद से भाजपा के वीके सिंह आगे
    बदायूं से सपा के धर्मेंद्र यादव आगे
    पीलीभत से वरुण गांधी आगे
    कैराना से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप कुमार आगे
    फर्रुखाबाद से बसपा के मनोज अग्रवाल आगे हैं
    अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फिर आगे
    बांदा से भाजपा के आरके सिंह पटेल आगे
    कौशाम्बी से सपा उम्मीदवार इंद्रजीत सरोज आगे
    वाराणसी से पीएम मोदी 11 हजार वोटों से आगे
    आजमगढ़ से अखिलेश यादव आगे
    पीलीभीत से बीजेपी के वरुण गांधी आगे
    चंदौली से बीजेपी के महेंद्रनाथ पांडेय आगे
    सहारनपुर से इमरान मसूद आगे
    रायबरेली से सोनिया गांधी आगे
    मैनपुरी से मुलायम सिंह आगे
    राहुल गाँधी अमेठी से पीछे.
    भोपाल से साध्वी प्रज्ञा आगे.
    गोरखपुर से रवि किशन आगे