Author: Surendra Rajput

  • टोक्यो ओलंपिक: मीराबाई चानू पर हुई धनवर्षा, सीएम बिरेन सिंह ने की एक करोड़ रुपये नकद देने की घोषणा

    टोक्यो ओलंपिक: मीराबाई चानू पर हुई धनवर्षा, सीएम बिरेन सिंह ने की एक करोड़ रुपये नकद देने की घोषणा

    मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने 49 किलोग्राम कैटेगिरी की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। वह भारत की तरफ से टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

    मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि टोक्यो ओलंपिक के दूसरे दिन रजत पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली सेखोम मीराबाई चानू को राज्य सरकार एक करोड़ रुपये की नकद राशि देगी। बता दें कि 49 किलोग्राम कैटेगिरी की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मीराबाई चानू ने रजत पदक अपने नाम किया। वह भारत की तरफ से टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

    मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने रजत पदक जीतने के लिए मीराबाई चानू को बधाई दी। सीएम ने कहा, ‘हम भारतीयों को आप पर गर्व है। मणिपुर राज्य के लोग 2020 टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों के पदक जीतने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।’ वहीं, मीराबाई ने पदक जीतने के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री से वीडियो कॉल पर बात करते हुए कहा, ‘यह भविष्य में और अधिक पदक जीतने की शुरुआत है। आगामी वर्षों में मैं स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करूंगी।’

    मुख्यमंत्री ने मीराबाई के साथ बातचीत में कहा, ‘मैंने बैठक में यह खबर दी कि मीराबाई चानू ने रजत पदक जीतकर ओलंपिक में भारत का खाता खोला है। यह खबर सुनने के बाद अमित शाह जी बहुत खुश हुए और माइक हाथ में लेकर उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गौरवशाली क्षण है।’ इस दौरान सीएम ने कहा, ‘अब आप रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में टिकट नहीं लेंगी। मैं आपके लिए एक विशेष पद आरक्षित कर रहा हूं। मैं शाम को केंद्रीय गृह मंत्री से मिल रहा हूं। मेरे पास आपके लिए एक सरप्राइज है।’

    Source: Amar Ujala

  • कुंवारे लड़के इस मंदिर से चुरा ले जाते हैं माता पार्वती की मूर्ति को, साल में 1-2 महीने ही रह पाती हैं शिव जी के साथ

    कुंवारे लड़के इस मंदिर से चुरा ले जाते हैं माता पार्वती की मूर्ति को, साल में 1-2 महीने ही रह पाती हैं शिव जी के साथ

    माता पार्वती की मूर्ति चुराने का अजब कारण

    भारत में अनेक प्रकार की रीति रिवाज, परंपरा और मान्यताएं हैं। लेकिन राजस्थान में एक ऐसी मान्यता है कि जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बताते हैं जिसमें शादी के लिए लोग मंदिर से मूर्ति की चोरी करते हैं। मान्यता है कि जिन लड़कों की शादी में कोई परेशानी आ रही है या फिर कुंडली दोष है तो वह मंदिर से माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाए तो उसकी शादी हो जाती है।

    कमाल की बात तो यह है कि मूर्ति चोरी होने पर कोई पुलिस केस भी नहीं होता है। यूं तो शादी नहीं होने पर लोग भगवान और देवी-देवताओं की शरण में जाकर मन्नत मांगते हैं. लेकिन राजस्थान में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां लोग इसके लिए मूर्ति चुराकर भागने का अनोखा तरीका अपनाते हैं. मान्यता है कि इस मंदिर से मूर्ति चुराते ही युवक की जल्द ही शादी हो जाती है. फिलहाल, सावन के आने पहले ही इस मंदिर में देवी की एक मूर्ति गायब है. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी कुंवारे ने मूर्ति को घर में छुपा रखा है.

    आइए जानते हैं इस मंदिर और परंपरा के बारे में..

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    हो जाती है जल्द शादी

    यह अनोखा मंदिर राजस्थान के बूंदी जिले के हिंडोली कस्बे में स्थित है। यहां रामसागर झील किनारे रघुनाथ घाट मंदिर से अगर कोई कुंवारा लड़का माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाए तो उसकी शादी जल्द हो जाती है।

    महीनों गायब रहती हैं माता पार्वती

    यही कारण है कि कुंवारे लड़के रात में चुपचाप मूर्ति उठा ले जाते हैं। इसी कारण शिव मंदिर में रहते हैं और माता पार्वती महीने भर तक गायब रहती हैं। सालभर में मुश्किल से एक महीने के लिए मूर्ति मंदिर में रहती है। मंदिर में महादेव (शिवलिंग) के बगल में ही पार्वतीजी की मूर्ति स्थापित है। पर महादेव जोड़े के साथ कम ही नजर आते हैं, क्योंकि कुंवारे पहले से ताक में रहते हैं। फिलहाल, सावन के पहले से पार्वतीजी महादेव से बिछुड़ी हुई हैं। वे किसी कुंवारे के घर होम क्वारैंटाइन में हैं।

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    ऐसे में समय में भी ले गए मूर्ति

    आपको जानकर हैरानी होगी लॉकडाउन के समय में भी किसी ने मूर्ति को चुरा लिया है। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते इस बार अक्षय तृतीया जैसे मुहूर्त पर भी शादियां नहीं हुईं। अगर लॉकडाउन नहीं टूटा तो शादियां भी नहीं होंगी और जुलाई से चार महीने के लिए देव सो जाएंगे।

    सालभर होती रहती है मूर्ति चोरीइस स्थिति में उम्मीद कम ही है कि महादेव के पास माता पार्वती वापस आ पाएंगी। स्थानिय पुजारी ने बताया है कि इस मंदिर में सालभर ऐसा होता रहता है। बहुत ही कम समय होता है कि मंदिर में शिव और पार्वती एकसाथ दर्शन देते हैं।

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    नहीं होती पुलिस शिकायत

    पिछले 35 साल से मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा दे रहे रामबाबू पाराशर बताते हैं कि अब तक 15-20 बार पार्वतीजी की मूर्ति चोरी हो चुकी है। चुराने वालों की शादियां भी हो चुकी हैं। हमें चोरी का पता चल भी जाता है तो भी किसी को टोकते नहीं। चुराई हुई मूर्ति महीनों तक छिपाकर रख देते हैं और संयोग यह है कि सभी चुराने वाले कुंवारों की शादियों भी हो चुकी हैं। साथ ही इस परंपरा के तहत कोई भी पुलिस से शिकायत दर्ज नहीं करता।

    Shiv Parvati
    Shiv Parvati

    इस बार करना पड़ सकता है इंतजार

    मंदिर में मूर्ति चुराने का कार्य अधिकतर रात के समय अंधेरे में किया जाता है। शादी के बाद जब मूर्ति वापस मंदिर में आ जाती है, उसके बाद कोई दुसरा कुंवारा लड़का मूर्ति को चुरा ले जाता है। कतार में लगे कुंवारों को इस बार लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।”

     

    Source: https://navbharattimes.indiatimes.com/astro/photo/unmarried-boys-steal-the-murti-of-mata-parvati-from-this-temple-78508/6/

  • BSP सुप्रीमो के एक दांव से बढ़ी विपक्षी दलों की परेशानी, चलेगा ‘ब्राह्मण भाईचारा’ अभियान, दिलाएंगे 2007 की याद

    BSP सुप्रीमो के एक दांव से बढ़ी विपक्षी दलों की परेशानी, चलेगा ‘ब्राह्मण भाईचारा’ अभियान, दिलाएंगे 2007 की याद

    बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) बूथ स्तर पर ब्राह्मण वोटरों को साधने की तैयारी कर रही है। बीएसपी (BSP) बूथ स्तर पर ब्राह्मण भाईचारा अभियान की चलाने जा रही है। बीएसपी कार्यकर्ता ब्राह्मण परिवारों के घर-घर जाकर 2007 की याद दिलाएंगे। मायावती (Mayawati) के इस दांव ने विपक्षी पार्टियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    सुमित शर्मा, कानपुर
    यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ब्राह्मण वोट कार्ड (Brahmin Vote Card) चल कर विपक्षी पार्टियों को चारो खाने चित्त करने का प्लान बनाया है। बीएसपी को विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में सबसे से कमजोर पार्टी माना जा रहा था। बीएसपी ने अयोध्या में प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठ कर चुनावी शंखनाद करने के साथ ही विधानसभा चुनाव में जोरदार वापसी की है। वहीं बीएसपी कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा का संचार देखने को मिल रहा है। बीएसपी बूथ स्तर पर ब्राह्मण-भाईचारा अभियान की शुरूआत करने जा रही है।

    बीएसपी सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) को राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। बहुजन समाज पार्टी में मायावती के अलावा कोई दूसरा बड़ा चेहरा नहीं है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती के अड़ियल रवैए की वजह से सभी सहयोगी उनका साथ छोड़कर चले गए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर और लालजी वर्मा सरीखे नेता बसपा को बोझ लगने लगे थे। विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के निष्कासन का असर प्रदेश के समस्त जिलों में देखने को मिलने लगा था। पार्टी को जमीनी स्तर पर गहरा धक्का लगा है। लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती के एक दांव ने विरोधियों को चारो खाने चित्त करते हुए, पार्टी में नया जोश भर दिया है।

    बहन जी का संदेश देंगे
    बीएसपी नेता ने नाम नहीं खोलने की शर्त पर बताया कि कानपुर मंडल में 27 विधानसभा सीटें हैं। बीएसपी कार्यकर्ता बूथों में जाकर ब्राह्मण-भाईचार अभियान की शुरूआत करेंगे। बूथ स्तर पर ब्राह्मण परिवारों को बहनजी का संदेश देंगे। ब्राह्मणों का मान सम्मान सिर्फ बहुजन समाज पार्टी में है। बीजेपी, कांग्रेस, सपा समेत अन्य दलों ने सिर्फ ब्राह्मण वर्ग का इस्तेमाल किया है। बहुजन समाज और ब्राह्मण भाईचारा ही प्रदेश को विकास के पथ पर ले जा सकता है।

    2007 की दिलाएंगे याद
    उन्होंने बताया कि बूथ स्तर पर ब्राह्मण वोटरों के घर-घर जाकर, बीएसपी में ब्राह्मणों की भागीदारी के संबंध में बताएं। उन्हे 2007 के विधानसभा चुनाव की याद दिलाएंगे। 2007 में ब्राह्मण वोटरों के सहयोग से बीएसपी की सरकार बनी थी, बहनजी के कार्यकाल में प्रदेश का विकास चारो तरफ विकास हुआ था। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बहन जी पांचवी का बार मुख्यमंत्री बनना तय है। यूपी में बीजेपी की सरकार है, इस कार्यकाल में ब्राह्मणों को नजरंदाज किया।

    बेकसूर बेटी को बीएसपी दिलाएगी न्याय
    बिकरू कांड में बेकसूर खुशी दुबे (Khushi Dubey) को जेल में डाल दिया। खुशी पर गंभीर धाराओं में मुकदमें दर्ज किए गए। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) अपराधी था, तो उसे पकड़कर अदालत के सामने पेश करते। विकास दुबे समेत उसके 6 साथियों को एनकांउटर में मार दिया गया। यह ब्राह्मणों के साथ अत्याचार है। खुशी दुबे का केस अभी तक ब्राह्मणसभा लड़ रही थी। लेकिन अब बीएसपी खुशी दुबे का केस लड़ेगी।

    ब्राह्मण वोटरों को साधने में जुटी पार्टियां
    उत्तर प्रदेश में 16 फीसदी ब्राह्मण हैं, जो किसी भी राजनीतिक पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने का दम रखते हैं। बीएसपी सुप्रीमो ने मायावती को 2007 में ब्राह्मण वोट बैंक ने सत्ता तक पहुंचाया था। यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बहुत ही कम समय बचा है। एसपी, बीएसपी और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां इस बात को जानती हैं कि ब्राह्मण वोट बैंक एक बड़ा हिस्सा प्रदेश सरकार से नाराज है। इसका फायदा उठाते हुए सभी राजनीतिक दल ब्राह्मण वोटरों को साधने में जुटे हैं।

    Source: Navbharat Times

  • ये इमारतें देखकर हिल जाएंगे आप – दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब इमारतें

    ये इमारतें देखकर हिल जाएंगे आप – दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब इमारतें

    दुनिया का हर बड़ा शहर अपनी ऊंची-ऊँची इमारतों के लिए मशहूर है. लेकिन हम यहां आपके लिए लाये हैं देश और दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब इमारतें.
    इन्हें देखिये और मुस्कराइए की आप भारत में हैं.

    जूते के आकार का चर्च, ताइवान

    Amazing and Funny Buildings
    स्थानीय सरकार ने चिआई, ताइवान में सिंड्रेला के ऊँची एड़ी वाले जूते के आकार में 55 फीट ऊंची (16.8 मीटर) और 36 फीट चौड़ी (11 मीटर) कांच चर्च बनाया। चर्च के डिजाइन, जिसे 686,000 अमेरिकी डॉलर की लागत से दो महीने में बनाया गया था, स्थानीय महिला की कहानी से प्रेरित है, जिसकी शादी उसके पैरों के ख़राब होने के बाद तोड़ दी गयी थी। यह 8 फरवरी, 2016 को जनता के लिए खोला गया।

    स्टोन हाउस, पुर्तगाल

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    यह फ्लिंटस्टोन-प्रेरित घर 1 9 74 में चार अलग-अलग पत्थरों के साथ बनाया गया था। घर के भीतर बिजली के बिना, मकान मालिक मोमबत्ती की रोशनी का उपयोग करते हैं।

    अपसाइड डाउन हाउस, पोलैंड

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    Szymbark में शैक्षिक और क्षेत्रीय संवर्धन केंद्र के लिए बनाया गया, यह संरचना माउंट Wiezyca पर स्थित है।

    टॉयलेट हाउस, दक्षिण कोरिया

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    सियोल के दक्षिण में 24 मील (40 किमी) दक्षिण में सुवन में यह स्टील और कांच के शौचालय के आकार का घर है, जिसका स्वामित्व दक्षिण कोरियाई स्वच्छता कार्यकर्ता सिम जे-डक है और इसे वर्ल्ड टॉयलेट एसोसिएशन के लॉन्च के लिए बनाया गया था।

    हवाई जहाज घर, नाइजीरिया

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    अबूजा का घर अपनी पत्नी के लिए एक शहरी योजनाकार द्वारा डिजाइन किया गया था, जो बहुत यात्रा करना पसंद करती थी। वह एक हवाई जहाज जैसा कुछ बनाना चाहता था। नतीजा: एक डिज़ाइन दिखा रहा है जैसे एक एयरलाइनर घर के ऊपर उतरा है।

    शिप हाउस, क्रोएशिया

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    एक जहाज की तरह बनाया गया, यह घर सिस्ता वेलिका में स्थित है और एक बार एक संपन्न रेस्तरां था।

    कान्सास सिटी पब्लिक लाइब्रेरी, अमेरिका के सामुदायिक बुक्सहेल्फ

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    कान्सास सिटी डाउनटाउन की एक उल्लेखनीय और प्रसिद्ध विशेषता, सामुदायिक बुकशेल्फ़ में साइनबोर्ड माइलर से बने पुस्तक कताई शामिल हैं। बीस पुस्तक के शीर्षक का प्रतिनिधित्व किया गया है।

    क्यूब हाउस, नीदरलैंड्स

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    कलाकार पिट ब्लॉम ने रॉटरडैम और हेल्मंड में अभिनव घरों के इस संग्रह का निर्माण किया। इमारतों को इस विचार के आधार पर डिजाइन किया गया था कि प्रत्येक घर में पेड़ दर्शाया जाता है, और सभी घर एक साथ जंगल का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    दार अल-हाजर, यमन

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    दर अल-हाजर रॉक महल यमन की सबसे प्रतिष्ठित जगहों में से एक है। राजधानी साना से नौ मील (15 किमी) स्थित है और वादी धार की घाटी को देखकर एक संकीर्ण चट्टान शिखर पर उच्च बनाया गया है, यह यमन के पूर्व शासक इमाम याह्या मोहम्मद हामिद एड-दीन का ग्रीष्मकालीन महल था।

    बबल पैलेस, फ्रांस

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    ले पालाइस बुल्स, या द बबल पैलेस, फ्रांसीसी रिवेरा में थेउले-सुर-मेर में एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है, जो भूमध्य सागर को देखता है। फ्यूचरिस्टिक हवेली, घूर्णन वाले फर्श वाले गोलाकार कमरे, फ्रेंच-इतालवी फैशन डिजाइनर पियरे कार्डिन और वास्तुकार एंटी लोवाग द्वारा डिजाइन की गई है।

    वूडन स्काईस्क्रेपर्स, रूस

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    रूस के अर्खांगेलस्क में यह 144 फुट (43 मीटर) लकड़ी का घर लकड़ी के बने दुनिया में सबसे ऊंचा माना जाता है। स्थानीय उद्यमी और गैंगस्टर, निकोले सूटागिन ने जापान और नॉर्वे में लकड़ी के बने विभिन्न घरों से प्रेरित होने के बाद इस संरचना का निर्माण किया।

    मगरमच्छ घर, आइवरी कोस्ट

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    अजीब मुस्कुराते हुए सरीसृप संरचना मे खिड़कियां और बिस्तर है मगर अंदर से खोखला हैं। कलाकार मुसा कालो द्वारा डिजाइन किया गया, यह घर पूरी तरह से रहने योग्य है औरअबिजन पड़ोस का एक बड़ा आकर्षण है।

    कुंस्टहाउस ग्राज़, ऑस्ट्रिया

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    विश्व प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स पीटर कुक और कॉलिन फोरनियर द्वारा डिजाइन किया गया, संग्रहालय में पारदर्शी त्वचा और कम्प्यूटरीकृत प्रकाश व्यवस्था के साथ एक बायोमोर्फिक आकार है। ग्राज़, ऑस्ट्रिया का एक शानदार प्रतीक, यह दुनिया भर के आगंतुकों और कला प्रेमियों को आकर्षित करता है।

    एंटरप्राइज़, चीन

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    “स्टार ट्रेक” श्रृंखला के प्रशंसक लियू डीजियन ने प्रतिष्ठित यूएसएस एंटरप्राइज़ स्पेसशिप के आकार में अपनी कंपनी, नेटड्रैगन वेबसाइट्स का मुख्यालय बनाया।

    वॉल्ट डिज़्नी कॉन्सर्ट हॉल, अमेरिका

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    द्वारा डिजाइन किया गया था। यह लगभग 2,265 लोगों को समायोजित कर सकता है। संरचना में एक शास्त्रीय जूते बॉक्स है, जिसमें हॉल एक बड़े संगीत कार्यक्रम की विशेषता है।

    Atomium, Belgium/एटमियम, बेल्जियम

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    मूल रूप से 1 9 58 ब्रसेल्स वर्ल्ड मेले के लिए बनाया गया यह संरचना 335 फीट (102 मीटर) है, और इंजीनियर एंड्रे वाटरकीन और आर्किटेक्ट एंड्रे और जीन पोलाक द्वारा डिजाइन किया गया था। वर्तमान में इसे एक प्रदर्शनी हॉल के रूप में उपयोग किया जाता है और इसमें एक रेस्तरां भी है।

    क्रुक्ड हाउस, पोलैंड

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    2004 में निर्मित, यह इमारत रेजीडेंट वाणिज्यिक परिसर का हिस्सा है। डिज़ाइनर, स्ज़ोटान्स्सी और ज़ैलेस्की ने इस अनूठी संरचना को संकल्पना देते हुए परी कथाओं से अपनी प्रेरणा ली।

    डांसिंग हाउस, चेक रिपब्लिक

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    नेशनल-नेडरलैंड इमारत, जिसे डांसिंग हाउस उपनाम दिया गया था, आर्किटेक्ट्स Vlado Milunić और फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया था। इसका ऐतिहासिक महत्व है और 1 99 6 में निर्माण के लिए इसकी अवधारणा के बाद चार साल लग गए।

    रिप्लीज बिलीव इट और नॉट म्यूजियम, कनाडा

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    इस इमारत का डिजाइन मताधिकार का सुंदर प्रतीकात्मक है और यह विचित्र और अविश्वसनीय है।

    गुगेनहेम संग्रहालय, स्पेन

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    यह संग्रहालय वास्तुकार फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया था। गेहरी के मुताबिक इमारत के मुखौटे पर वक्र यादृच्छिक दिखने के लिए बनाए गए थे, और “प्रकाश पकड़ने के लिए डिजाइन किए गए थे।” संरचना की तरह, घरों में संग्रह अत्याधुनिक हैं।

    Source: https://bit.ly/3hQdMUW

    अभी तो बहुत कुछ बाकी है, देखते जाइये:

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    अब कुछ निराले घर हमारे देश के

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    बंटवारे में इतनी ही जगह मिली तो क्या करते.

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    काम जगह का अच्छा सदुपयोग.

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    इस आर्किटेक्ट को एक सलाम तो बनता है.

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    वाह क्या मुजस्सिमा बनाया है.

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    इस कारीगर के तो हाथ चूम लेने चाहिए.

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    रबर है तो ड्यूरेबल तो होगी ही.

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    अब हो जाए कुछ पानी की टंकियों की बात.

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    साभार: सभी इमेज गूगल के सौजन्य से.

  • जगन्नाथ मंदिर 25 जुलाई को जनता के लिए खुलेगा

    जगन्नाथ मंदिर 25 जुलाई को जनता के लिए खुलेगा

    पुरी, 16 जून (भाषा) पुरी का प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर 25 जुलाई को जनता के लिए खुलेगा। यह जानकारी प्राधिकारियों ने बुधवार को दी।

    मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने कहा कि यह निर्णय श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर 15 जून तक भक्तों के लिए बंद था, जिसे 25 जुलाई तक बढ़ा दिया गया।

    रथ यात्रा उत्सव पूरा होने के दो दिन बाद मंदिर जनता के लिए खुलेगा।

    भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ 23 जुलाई को नौ दिवसीय रथयात्रा उत्सव के बाद मंदिर लौटेंगे।

    उन्होंने कहा, ‘‘भक्तों को दो दिन बाद मंदिर में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा।’’

    कुमार ने कहा कि हालांकि, एसजेटीए 24 या 25 जुलाई को फिर से बैठक करेगा और मौजूदा स्थिति के आधार पर जनता को अनुमति देने पर फैसला करेगा।

    24 जून को स्नान यात्रा (स्नान उत्सव) और 12 जुलाई को रथ यात्रा राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार भक्तों के बिना, कोविड-19 दिशानिर्देशों के पालन के साथ आयोजित की जाएगी।

    कुमार ने कहा कि रथ यात्रा सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में सेवादारों की भागीदारी से होगी।

    उन्होंने कहा कि उत्सव में भाग लेने वाले सेवकों को टीकाकरण की दोनों खुराकों का प्रमाण पत्र या कोविड निगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

    जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि त्योहार के दौरान पुरी में निषेधाज्ञा लागू की जाएगी।

    एसजेटीए ने एक अलग बैठक में जगन्नाथ मंदिर में आठ दरवाजों पर चांदी की परत चढ़ाने के लिए दो समितियों का गठन करने का भी निर्णय लिया। उनमें से एक तकनीकी समिति होगी और दूसरी सेवादारों का प्रतिनिधित्व करेगी।

     

    कुमार ने कहा कि एक दानदाता चांदी प्रदान करेगा। कुमार ने कहा कि लगभग दो टन धातु का उपयोग होने की संभावना है।

    पीटीआई-भाषा संवाददाता

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म कई बार अश्लील सामग्री प्रसारित करते हैं: न्यायालय

    कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म कई बार अश्लील सामग्री प्रसारित करते हैं: न्यायालय

    उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘ओवर दी टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म’ पर कई बार किसी न किसी तरह की अश्लील सामग्री दिखाई जाती है और इस तरह के कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए एक तंत्र की आवश्यकता है।

    न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह सोशल मीडिया के नियमन संबंधी सरकार के हालिया दिशा-निर्देशों के बारे में शुक्रवार को जानकारी दें। इसी दिन अमेजन प्राइम की इंडिया प्रमुख अर्पणा पुरोहित की याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी।

    पीठ ने कहा, ‘‘संतुलन कायम करने की आवश्यकता है क्योंकि कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री भी दिखाई जा रही है।’’

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • UP Panchayat chunav 2021: पंचायत चुनाव में कितना कर सकेंगे खर्च? कितनी जमानत राशि, जानें हर डिटेल

    UP Panchayat chunav 2021: पंचायत चुनाव में कितना कर सकेंगे खर्च? कितनी जमानत राशि, जानें हर डिटेल

    उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election 2021) की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश में जिलेवार आरक्षण की लिस्ट ब्लॉक और जिला मुख्यालय पर चस्पा की जा रही है। वहीं फाइनल लिस्ट 15 मार्च को जारी होगी। इसके बाद ही राज्य चुनाव आयोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा।

    ऐसे में चुनाव की तैयारी में लगे भावी प्रधान समेत अन्य प्रत्याशी चुनाव खर्च का लेखा-जोखा जोड़ने में लगे हैं। चर्चा है कि ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव में 650 रुपये खर्च करने से लेकर 4500 रुपये प्रधान और दूसरे अन्य पदों के लिए खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं रिजर्व कटेगरी के प्रत्याशियों को इसमें भी फायदा मिलेगा।

    ग्राम पंचायत सदस्यके लिए इतना आएगा खर्च

    यूपी चुनाव आयोग के मुताबिक, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को सबसे कम खर्च करना पड़ेगा। इस पद के लिए 150 रुपये नामांकन पत्र और 500 रुपये की जमानत राशि देनी होगी। ऐसे में ग्राम पंचायत सदस्य के भावी उम्मीदवार को कुल 650 रुपये जमा करना होगा। वहीं चुनाव जीतने के लिए प्रचार में अधिकतम 10,000 रुपये खर्च कर सकता है।

    प्रधान के लिए इतना आएगा खर्च

    प्रधान पद के प्रत्याशी को नामांकन पत्र के लिए 300 रुपये देना होगा। वहीं 2000 रुपये जमानत राशि अदा करनी होगी। चुनाव बाद जमानत जब्त न होने की स्थिति में वापस लिया जा सकता है। यानी प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी करने वाले प्रत्याशी को 2300 रुपये का इंतजाम करना होगा। प्रधान को प्रचार अभियान में 75000 रुपये खर्च करना होगा।

    बीडीसी में लगेगी इतनी फीस

    क्षेत्र पंचायत सदस्य यानी बीडीसी पद के लिए ग्राम प्रधान की तरह ही पैसे का इंतजाम करना होगा। बीडीसी के लिए 300 रुपये नामांकन और 2000 रुपये की जमानत राशि देनी होगी। यानी कुल 23 सौ रुपये बीडीसी लड़ने के लिए जमा करना होगा। वहीं बीडीसी प्रत्याशी को चुनाव जीतने और प्रचार के लिए 75000 रुपये खर्च करना होगा।

    जिला पंचायत के लिए इतनी फीस

    जिला पंचायत सदस्य को 500 रुपये का नामांकन पत्र खरीदना होगा। वहीं 4000 रुपये बतौर जमानत राशि देनी होगी। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को कुल 4500 रुपये की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि एसटी-एससी, पिछड़ा अथवा महिला वर्ग को फीस में राहत मिलेगी। चुनाव प्रचार के दौरान जिला पंचायत सदस्य अधिकतम डेढ़ लाख खर्च कर सकते हैं।

     

    ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनावी खर्च

    ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अधिकतम दो लाख रुपये खर्च कर सकते हैं वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पाने के लिए उम्मीदवार 4 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं।

    आरक्षण लिस्ट जारी, ब्लॉक और जिला मुख्यालय पर चस्पा

    उत्तर प्रदेश शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण की सूची मंगलवार को जारी कर दी। चुनाव को लेकर महिला, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित और अनारक्षित सीटों के आवंटन की सूची का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। मंगलवार को यह इंतजार खत्म हो गया। पंचायत चुनाव, जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुख और पंचायत सदस्यों के पद पर होने वाले चुनाव के लिए आरक्षण की लिस्ट जारी की गई है।

    देखें आरक्षण का ब्योरा

    ब्लॉक प्रमुख आरक्षण सूची 2021

    अनारक्षित: 314
    महिला: 113
    ओबीसी: 223
    एससी: 171
    एसटी: 05
    कुल: 826

    ग्राम प्रधान आरक्षण सूची 2021

    पद अनारक्षित: 20,368
    महिला: 9,739
    ओबीसी: 15,712
    एससी: 12,045
    एसटी: 330
    कुल: 58,194

    जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण सूची 2021

    अनुसूचित जाति:

    कानपुर नगर , औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी , जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी , रायबरेली, मिर्जापुर जिला

    अनुसूचित जाति (स्त्री):

    शामली, बागपत , लखनऊ , कौशांबी , सीतापुर , हरदोई जिला

    अन्य पिछड़ा वर्ग (स्त्री):

    संभल, हापुड़, एटा , बरेली , कुशीनगर, वाराणसी, बदायूं

    अन्य पिछड़ा वर्ग:

    आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा, ललितपुर, अंबेडकर नगर, पीलीभीत , बस्ती, संतकबीरनगर , चंदौली , सहारनपुर , मुजफ्फरनगर

    स्त्रियों के लिए आरक्षित:

    कासगंज , फिरोजाबाद, मैनपुरी, मऊ, प्रतापगढ़ , कन्नौज, हमीरपुर , बहराइच, अमेठी , गाजीपुर , जौनपुर, सोनभद्र

    अनारक्षित:

    अलीगढ़ , हाथरस, आगरा , मथुरा , प्रयागराज , फतेहपुर, कानपुर देहात , गोरखपुर, देवरिया , महाराजगंज , गोंडा , बलरामपुर , श्रावस्ती , अयोध्या, सुल्तानपुर, शाहजहांपुर , सिद्धार्थनगर , मुरादाबाद , बिजनौर , रामपुर, अमरोहा , मेरठ , बुलंदशहर , गाजियाबाद , गौतमबुद्धनगर, उन्नाव, भदोही

    Source: Navbharat Times

  • दिशा रवि की गिरफ्तारी कानून के अनुरूप की गई: दिल्ली पुलिस प्रमुख

    दिशा रवि की गिरफ्तारी कानून के अनुरूप की गई: दिल्ली पुलिस प्रमुख

    पीटीआई-भाषा संवाददाता
    नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) दिल्ली के पुलिस आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी कानून के अनुरूप की गई है, जो ‘‘ 22 से 50 वर्ष की आयु के लोगों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता।’’

    श्रीवास्तव ने पत्रकारों से कहा कि यह गलत है जब लोग कहते हैं कि 22 वर्षीय कार्यकर्ता की गिरफ्तारी में चूक हुई।

    दिशा रवि को तीन कृषि कानूनों से संबंधित, किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी ‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में गत शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था।

    पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने ‘टेलीग्राम ऐप’ के जरिए जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को यह ‘टूलकिट’ भेजी थी और इस पर कार्रवाई के लिए ‘‘उन्हे मनाया था।’’

    दिल्ली पुलिस के प्रमुख ने कहा, ‘‘ दिशा रवि की गिरफ्तारी कानून के अनुरूप की गई है, जो 22 से 50 वर्षीय की आयु के लोगों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता।’’

    उन्होंने कहा कि दिशा रवि को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।

    दिल्ली पुलिस ने सोमवार को आरोप लगाया था कि रवि और मुम्बई की वकील निकिता जैकब और पुणे के इंजीनियर शांतनु ने ‘टूलकिट’ तैयार की और दूसरों के साथ इसे साझा करके भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की।

    पुलिस ने दावा किया है कि रवि के ‘टेलीग्राम’ अकाउंट से डेटा भी हटाया गया है।

    जैकब और शांतनु के खिलाफ भी गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • प्रधानमंत्री ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दिया: राहुल

    प्रधानमंत्री ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दिया: राहुल

    नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने चीन के साथ सीमा पर गतिरोध को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath singh) की ओर से संसद के दोनों सदनों में दिए गए वक्तव्य की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया।

    उन्होंने यह आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री (Prime Minister) चीन के सामने झुक गए और उन्होंने सैनिकों की शहादत के साथ विश्वासघात किया है।

    कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल रक्षा मंत्री ने दोनों सदनों में बयान दिया। कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें स्पष्ट करने की जरूरत है। पहली बात यह है कि इस गतिरोध के शुरुआत से ही भारत का यह रुख रहा है कि अप्रैल, 2020 से पहले की यथास्थिति बहाल होनी चाहिए, लेकिन रक्षा मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि हम फिंगर 4 से फिंगर 3 तक आ गए।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने भारतीय सीमा चीन को क्यों दी? इसका जवाब प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को देना है। देपसांग इलाके में चीन हमारी सीमा के अंदर आया है। इस बारे में रक्षा मंत्री ने एक शब्द नहीं बोला।’’

    राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘ सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पवित्र जमीन चीन को दे दी है….उन्होंने भारत माता एक टुकड़ा चीन को दे दिया है।’’

    गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों को बताया कि चीन के साथ पैंगोंग झील के उत्तर एवं दक्षिण किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया है और भारत ने इस बातचीत में कुछ भी खोया नहीं है।

    सिंह ने कहा कि पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ सेनाओं के पीछे हटने का जो समझौता हुआ है, उसके अनुसार दोनों पक्ष अग्रिम तैनाती चरणबद्ध, समन्वय और सत्यापन के तरीके से हटाएंगे।

    उन्होंने यह भी बताया कि अब भी पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनाती तथा गश्ती के बारे में ‘‘कुछ लंबित मुद्दे’’ बचे हुए हैं जिन्हें आगे की बातचीत में रखा जाएगा।

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.

  • म्यांमा में तख्तापलट करने वाले नेता ने लोगों से कहा : लोकतंत्र के लिए सेना से हाथ मिलाएं

    म्यांमा में तख्तापलट करने वाले नेता ने लोगों से कहा : लोकतंत्र के लिए सेना से हाथ मिलाएं

    यंगून, 12 फरवरी (एपी) म्यांमा (Myanmar) में तख्तापलट में शामिल एक नेता ने देश में ‘एकता दिवस’ के मौके पर शुक्रवार को लोगों से कहा कि अगर वे लोकतंत्र चाहते हैं तो उन्हें सेना के साथ मिलकर काम करना होगा। वहीं, देश के निर्वाचित नेताओं की रिहाई के लिए लोगों का प्रदर्शन भी जारी है।

    सीनियर जनरल मिन आंग लाइंग ने कहा, ‘‘मैं समूचे राष्ट्र से पूरी गंभीरता से अपील करता हूं कि लोकतंत्र को वास्तव में बहाल करने के लिए लोगों को सेना के साथ हाथ मिलाना चाहिए।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘अतीत की घटनाओं ने हमें सिखाया है कि सिर्फ राष्ट्रीय एकता ही देश को विघटन से रोकने और अखंडता एवं संप्रभुता बनाए रखने में कारगर है।’’

    सेना के कमांडर का यह संदेश शुक्रवार को ‘ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमा’ अखबार में प्रकाशित हुआ है। नए सैन्य शासन ने यह भी घोषणा की कि वह ‘एकता दिवस’ के मौके पर हजारों कैदियों को रिहा करेगी और अन्य कैदियों की सजा कम करेगी।

    मिन आंग लाइंग म्यांमा में एक फरवरी को हुए तख्तापलट में शामिल थे। सेना ने कहा कि उसे यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि सू ची की सरकार नवंबर में हुए चुनाव में धोखाधड़ी के आरोपों की उचित तरीके से जांच करने में नाकाम रही। हालांकि चुनाव आयोग ने कहा कि इन दावों की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं हैं।

    एपी सुरभि शाहिद शाहिद 1202 1312 यंगून

    Image Credits: News Nation

    डिसक्लेमर: यह आर्टिकल भाषा पीटीआई न्यूज फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है.